>>: नवाचार: जिले के 27 सरकारी स्कूलों में लगेंगी नर्सरी की कक्षाएं

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कटनी. खेल-खेल में बाल्यकाल में बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि पैदा करने व मुख्य धारा से जोडऩे के लिए निजी स्कूलों में एलकेजी, यूकेजी, नर्सरी, केजी-1, केजी-2 की पढ़ाई होती है। यह पढ़ाई दो साल के बच्चों से लेकर पांच साल के बच्चों को कराई जा रही है। यह सिस्टम अभी सिर्फ प्राइवेट स्कूलों में चल रहा था, लेकिन अब सरकारी स्कूलों में निजी स्कूलों की तर्ज पर नर्सरी से केजी-2 तक की कक्षाओं का संचालन होगा। बच्चों को नर्सरी, केजी-वन और केजी-2 की कक्षाओं में शिक्षा दी जाएगी और उसके बाद वे कक्षा पहली में पहुंचेंगे। इसके लिए जिले के 27 सरकारी स्कूल शिक्षा विभाग ने चयनित किए हैं। शैक्षणिक सत्र 2024-25 याने कि इसी सत्र से नर्सरी कक्षाएं प्रारंभ की जाएंगी। चयनित स्कूलों में पढ़ाने के लिए दूसरे स्कूलों के अतिरिक्त शिक्षकों को लगाया जाएगा और उसकी प्रक्रिया भी जिले में शिक्षा विभाग ने प्रारंभ कर दी है।

ये स्कूल हें शामिल
जिले में इस योजना के तहत 27 स्कूलों का चयन किया गया है, वे हाईस्कूल स्तर के हैं, जिनमें कक्षाओं का संचालन होगा। जनपद शिक्षा केन्द्र ढीमरखेड़ा के शासकीय हाईस्कूल बिचपुरा, गनियारी, गोपालपुर, झिर्री, मझगवां, पिंडरई और पिपरिया सहलावन, विजयराघवगढ़ क्षेत्र के शासकीय हाइस्कूल खलवारा बाजार, मुहांस नंबर-एक, सुरमा, चपना, चरी और नवीन रजरवारा स्कूल, रीठी जनपद क्षेत्र के वसुधा, घुड़हरी, करहिया, पटौंहा, बड़वारा ब्लाक के बिचपुरा, नवीन बुजबुजा, नवीन लुरमी व कुआं, बहोरीबंद विकासखंड के पौंडी, खम्हरिया, पाकर व सलैया फाटक, कटनी विकासखंड के चाका व देवराखुर्द स्कूल शामिल हैं।

शिक्षकों की होगी व्यवस्था
राज्य शिक्षा केंद्र से जारी निर्देश व चयनित स्कूलों की सूची के बाद संबंधित स्कूलों के क्षेत्रों में नर्सरी स्तर के बच्चों को चिन्हित करने का कार्य भी प्रारंभ किया गया है। जिसमें नर्सरी कक्षाओं के लिए तीन से चार वर्ष, केजी-वन के लिए चार से पांच और केजी-2 के लिए पांच से छह वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को चिन्हित करते हुए कक्षाओं में भर्ती कराया जाएगा और उनको पूर्व प्राथमिक शिक्षा प्रदान की जाएगी। जिले में इन कक्षाओं की शुरूआत 15 जून से होनी है और इसके लिए चयनित स्कूल में ही दो कक्षों में नर्सरी से केजी-2 तक की कक्षाएं संचालित कराई जाएंगी। पूर्व प्राथमिक कक्षाओं में बच्चों को अध्ययन कराने के लिए आसपास के स्कूलों में अतिरिक्त रूप से पदस्थ ऐसे शिक्षक, जो 52 वर्ष से कम आयु के हों और बच्चों के साथ गतिविधियां कराने में रूचि रखते हों उनका चयन किया जाएगा। इसके अलावा महिला शिक्षक व पूर्व प्राथमिक शिक्षा में डिप्लोमा वाले शिक्षकों को भी प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया जाएगा।

कुछ स्कूलों में ही पहल
राज्य शिक्षा केन्द्र ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश के पांच जिलों का चयन विभाग ने किया करते हुए सबसे पहले केजी-वन, केजी-2 तक कक्षाओं का संचालन प्रारंभ किया था। जिसमें भोपाल, छिंदवाड़ा, सिहोर, सागर एवं शहडोल जिले को शामिल किया गया था। राज्य शिक्षा केन्द्र ने अब इस साल से उन पांच जिलों में केजी-वन व केजी-2 के साथ ही नर्सरी कक्षाओं का भी संचालन होगा और उसके साथ ही प्रदेश के सभी जिलों के कुछ स्कूलों को भी योजना में शामिल किया गया है, जिसमें कटनी भी शामिल है।

वर्जन
राज्य शिक्षा केन्द्र से प्राप्त निर्देशों के अनुसार जिले के 27 स्कूलों का इस योजना के लिए चयन किया गया। स्कूलों में नर्सरी, केजी-1, केजी-2 कक्षाओं का संचालन शुरू कराया गया। स्कूलों में कक्षाओं के संचालन को लेकर प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। बच्चों को चिन्हित करने के साथ ही जिला शिक्षा ििअधकारी कार्यालय से शिक्षकों की व्यवस्था को लेकर पत्राचार किया गया है। कक्षाएं 15 जून से प्रारंभ करानी हैं।
केके डेहरिया, डीपीसी।

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