>>: Digest for August 12, 2021

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भोपाल . श्रावण शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि दांपत्य व प्रेम संबंधों के लिए बहुत खास दिन है। इस दिन अखंड सौभाग्य की कामनापूर्ति के लिए भगवान शिव-पार्वती की उपासना की जाती है। ज्योतिर्विद पंडित सोमेश परसाई के अनुसार हरियाली तीज पर सुहागिनें अटल सुहाग और कन्याएं सुयोग्य वर प्राप्ति के लिए भगवान शिव-पार्वती की पूजा करती हैं।

इस बार 11 अगस्त बुधवार को हरियाली तीज है. तीज पर शिव योग होने से शिव की स्तुति-आराधना विशेष पुण्यकारी होगी। तृतीया तिथि जया तिथि मानी गई है जिसका तात्पर्य हरियाली से भी है। यह तीज प्रकृति की पूजा का पर्व भी है। धरती की हरियाली देखकर खुशी होती है। इस दिन सोलह श्रृंगार कर महिलाएं पूजन करती हैं, झूले झूलती हैं। लोक गीत गाकर खुशियां मनाई जाती हैं।

उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान एवं मप्र के कुछ क्षेत्रों में यह तीज खासतौर पर मनाई जाती है। तीज का पौराणिक धार्मिक महत्त्व रहा है। इस दिन परंपरागत रूप से माता पार्वती की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस श्रावण शुक्ल तृतीया (तीज) के दिन देवी पार्वती ने वर्षों की तपस्या साधना के बाद भगवान शिव को प्राप्त किया था।

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पार्वतीजी ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए सावन माह में व्रत रखा। देवी की तपस्या से प्रसन्न हो भगवान शिव ने उन्हें अपनी वामांगी होने का आशीर्वाद प्रदान किया। इसी कारण से विवाहित महिलाएं इस व्रत को अपने सुखी विवाहित जीवन की कामना के लिए करती हैं। इस दिन स्त्रियां मां पार्वती का पूजन एवं आह्वान करती हैं। तीज पर मेहंदी लगाने का विशेष महत्त्व है।

माता पार्वती शिवजी से अनन्य प्रेम करती थीं और पतिरूप में उन्हें केवल वे ही स्वीकार थे। घर-परिवार-समाज-संसार का विरोध सहते हुए भी वे शिव को प्राप्त करने के लिए कठिन तप करती रहीं और अंतत: शिवप्रिया बनीं भी। उमा-शंकर का यह प्रेम और फिर विवाह सभी प्रेमी-प्रेमिकाओं के लिए आदर्श है। यही कारण है कि हरियाली तीज प्रेमियों का भी पर्व है।

अपने प्रेम को प्राप्त करने के लिए इस दिन शिव पूजा जरूर करनी चाहिए। बिल्व पत्र अर्पित करें, जलाभिषेक करें। फिर ओमकार मंत्र ऊं नम: शिवाय का जाप करें। जितना ज्यादा जाप करेंगे उतना ही अधिक लाभ मिलेगा। सौभाग्य का यह व्रत इस बार शिव योग में पड़ा है जोकि बहुत उत्तम माना जाता है।

भोपाल. भोपाल चेम्बर ऑफ कॉमर्स के 29 अगस्त को होने वाले चुनाव की राजधानी के व्यापार जगत में तैयारी तेज हो गई है। चुनाव को लेकर कुछ कड़े नियम तय किए गए है। उन्हीं सदस्यों को वोट डालने का अधिकार मिलेगा जिन्होंने सदस्यता या गतिविधि शुल्क जमा कर दी है।

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चेम्बर ऑफ कॉमर्स राजधानी के व्यापारियों की बड़ी संस्था है, जिसमें 3600 से ज्यादा सदस्य हैं, लेकिन मतदान का अधिकार 1962 को है। चुनाव अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2015 तक सदस्या शुल्क 200 रुपए प्रति वर्ष प्रति सदस्य था, लेकिन 2017 में संस्था की एजीएम में इस राशि को बढ़ाकर 600 रुपए प्रति वर्ष प्रति सदस्य कर दिया गया। राशि जमा कराने के लिए मार्च 2021 तक सभी सदस्यों को पत्र भेजकर सदस्य बनने का मौका दिया गया, लेकिन इसके बावजूद कई लोग ऐसे है, जिन्होंने निर्धारित तारीख तक शुल्क जमा नहीं किया, लिहाजा उन्हें मतदान का अधिकार नहीं होगा।

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बढ़ती गई चुनाव की तारीख
संस्था के चुनाव हर तीन वर्ष में होते हैं। पिछला चुनाव 2015 में हुआ था। इसके बाद 2018 में चुनाव होना था, जो लगातार आगे बढ़ता गया। अब 29 अगस्त को चुनाव होंगे। संस्था में अधिसूचना जारी होने तक ललित जैन अध्यक्ष थे। इसके पहले दो पैनलों ने चुनाव लड़ा था लेकिन इस बार तीन पैनल मैदान में अपना भाग्य आजमाने जा रही है। हालांकि जानकारों का यह भी कहना है कि एक-एक सदस्य दो से तीन पद पर चुनाव के लिए खड़े हुए है, इसलिए संभवत: दो पैनलों के बीच ही मुकाबला होगा। हालांकि 17 अगस्त तक नाम वापसी के बाद स्थिति साफ हो सकेगी।

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चेम्बर के कार्यलयीन सचिव मुकेश सेन ने बताया कि भोपाल चेम्बर ऑफ कॉमर्स के चुनाव 29 अगस्त को लैंडमार्क गार्डन में होने वाले चुनाव में उन्ही सदस्यों को मतदान करने का अधिकार होगा जिन्होंने गतिविधि शुल्क जमा की है। शुल्क जममा नहीं करने वाले संस्था के सदस्य तो रहेंगे पर मतदान नहीं करेंगे।

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भोपाल. सावन मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया को हरियाली तीज मनाई जाती है। इसे श्रावणी तीज या कजली तीज के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि हरियाली तीज के दिन ही भगवान शिव ने माता पार्वती की तपस्या से प्रसन्न होकर उन्हें पत्नी रूप में पसंद किया था। यही कारण है कि मनपसंद वर की प्राप्ति के लिए कन्याएं हरियाली तीज का व्रत करती हैं। सुहागन महिलाओं के लिए तो यह व्रत बहुत शुभ माना जाता है।

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ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर बताते हैं कि जो भी यह व्रत करता है उसे सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इस व्रत को करने वाली कन्याओं, महिलाओं को भगवान शिव मनोवांछित फल का आशीर्वाद देते हैं। हरियाली तीज के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। हरियाली तीज के दिन महिलाएं श्रृंगार करती हैं और निर्जला व्रत रखती हैं।

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ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई के मुताबिक इस पर्व में हरे रंग का विशेष महत्व है। यही कारण है कि इस दिन हरे कपड़े, हरी चुनरी, हरा लहरिया, हरी चूड़ी पहनने का रिवाज भी है। व्रत रखकर विधि-विधान से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करके हरियाली तीज की कथा सुनें। बाद में जरूरतमंदों को यथाशक्ति दान दें। विवाह बंधन में बंधने के इच्छुक प्रेमी—प्रेमिका के लिए यह व्रत बहुत फलदायी है।

मां को रिक्शे पर लेकर तीर्थ कराने निकल पड़ा बेटा

सौभाग्य और प्रेम का यह व्रत इस बार शिव योग में पड़ा है जोकि बहुत उत्तम माना जाता है। अपने प्रेम को प्राप्त करने के लिए इस दिन शिव पूजा जरूर करनी चाहिए। हरियाली तीज पर व्रत रखकर विधिविधान से शिवपूजन करें, शिवलिंग पर बिल्व पत्र अर्पित करें, जलाभिषेक करें। फिर ओमकार मंत्र ऊं नम: शिवाय का जाप करें। ओमकार मंत्र का जितना ज्यादा जाप करेंगे उतना ही अधिक लाभ मिलेगा।

भोपाल। देश की सरकारी तेल कंपनियों (Oil PSUs) ने आज भी पेट्रोल-डीजल के दाम (Petrol-Diesel Price) में कोई बदलाव नहीं किया है। लगातार 25वें दिन पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर हैं। इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल (Crude Oil) के दाम औंधे मुह गिर गए हैं। पिछले मई से अब तक में 4 फीसदी की गिरावट आई है।

जानिए क्या है भोपाल का रेट

लगातार बढ़ रहे पेट्रोल-डीजल के दाम के बाद अब थोड़ी राहत मिली है। आज 11 अगस्त को राजधानी भोपाल में पेट्रोल 110.20 रुपये लीटर और डीजल 98.67 रुपये लीटर के करीब बिक रहा है। बता दें कि मध्यप्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, ओडिशा, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में पेट्रोल का भाव 100 रुपये पार हो चुका है। इसके अलावा महानगरों में मुंबई, हैदराबाद और बंगलूरू में पेट्रोल पहले ही 100 रुपये प्रति लीटर के आंकड़े को पार कर चुका है।

Petrol and diesel prices: पेट्रोल-डीजल के दाम 21वें स्थिर

जानिए बाकी राजधानियों के हाल

दिल्ली में पेट्रोल का दाम 101.84 रुपये जबकि डीजल का दाम 89.87 रुपये प्रति लीटर है। मुंबई में पेट्रोल की कीमत 107.83 रुपये व डीजल की कीमत 97.45 रुपये प्रति लीटर है। कोलकाता में पेट्रोल का दाम 102.08 रुपये जबकि डीजल का दाम 93.02 रुपये लीटर है। वहीं चेन्नई में भी पेट्रोल 100 के पार है यहां पेट्रोल 102.49 रुपये लीटर है तो डीजल 94.39 रुपये लीटर है।

रोज सुबह 6 बजे कीमतों में होता है बदलाव

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव रोजाना सुबह 6 बजे होता है। सुबह 6 बजे से ही नई दरें लागू हो जाती हैं। पेट्रोल व डीजल के दाम में एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और अन्य चीजें जोड़ने के बाद इसका दाम लगभग दोगुना हो जाता है। विदेशी मुद्रा दरों के साथ अंतर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतें क्या हैं, इस आधार पर रोज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है।

एक मैसेज से जानिए आज के दाम

अगर आप घर बैठे पेट्रोल के भाव जानना चाहते हैं तो आप भी अपने मोबाइल से एक एसएमएस भेजकर अपने शहर के भावों को पता कर सकते हैं। इंडियन ऑयल के पंपों के दाम के लिए RSP के साथ अपने शहर का कोड टाइप कर 9224992249 नंबर पर SMS भेज दें। शहर का कोड आईओसीएल (iocl) की वेबसाइट पर भी देख सकते हैं। इनके अलावा BPCL के पंपों पर जाने वाले कस्टमर RSP लिखकर 9223112222 और एचपीसीएल के ग्राहक HPPrice लिख कर 9222201122 नंबर पर भेजकर भाव पता कर सकते हैं।

 

भोपाल। राजाभोज एयरपोर्ट (raja bhoj Airport) पर बुधवार को एक बार फिर हड़कंप मच गया। अहमदाबाद जा रहे एक यात्री के बैग से 15 जिंदा कारतूस मिले हैं। सीआइएसएफ ने यात्री को गांधी नगर पुलिस के हवाले कर दिया है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है।

 

मध्यप्रदेश के जबलपुर के रहने वाले 56 वर्षीय अजय खंडेलवाल बिजनेसमैन है। वे राजाभोज एयरपोर्ट से इंडिगो विमान से अहमदाबाद जाने वाले थे। तभी सिक्युरिटी जांच (security checking) के दौरान उनके बैग में 15 जिंदा कारतूस देखकर सीआइएसएफ के जवानों में हड़कंप मच गया। तत्काल अजय खंडेलवाल को हिरासत में ले लिया गया। सीआइएसएफ के सब इंस्पेक्टर कुलदीप की नजर में यह कारतूस आ गए थे। गांधीनगर पुलिस को सौंप दिया गया है, जहां खंडेलवाल से पूछताछ की जा रही है।

 

बिजनेसमैन खंडेलवाल ने जब रिवॉल्वर का लाइसेंस दिखाया तो वो एक्सपायर हो चुका था। उसके कारतूस को जब्त कर लिया गया। खंडेलवाल का कहना था कि बैग में कई माह से कारतूस रखे थे, जो एयरपोर्ट पर आने से पहले देख नहीं सके और कारतूस साथ में आ गए थे।

 

गौरतलब है कि स्वतंत्रता दिवस से पहले पहले ही सुरक्षा एजेंसिया सतर्क है। राजधानी भोपाल समेत कई जिलों में प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर जांच बढ़ा दी है।

ग्राहक संतुष्टि में पिछड़ा राजाभोज एयरपोर्ट, जारी हुई कस्टमर सेटिस्फेक्शन रैंकिंग

 

  • पहले भी कई बार पकड़ाए जिंदा कारतूस
  • 12 जनवरी 2018
    मुंबई जाने की तैयारी कर रहे मनीष व्यास नामक युवक के बैग से जिंदा कारतूस बरामद हुए थे। जैसे ही वे चेकइन कर रहे थे तो स्केनर ने बैग पकड़ लिया। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत मनीष को हिरासत में ले लिया और गांधीनगर पुलिस के हवाले कर दिया। हालांकि बाद में बंदूक का लाइसेंस दिखाने पर उन्हें रिहा कर दिया गया। लेकिन तब तक उनकी फ्लाइट छूट गई थी।


    फ्लाइट में जाने से पहले पकड़ाई दिग्गज नेता की पत्नी, बैग में मिला खतरनाक सामान

 

 

 

  • 29 नवंबर 2016
    भोपाल का रहने वाला 30 वर्षीय उमेर उद्दीन मुंबई के रास्ते अमेरिका की उड़ान भरने वाला था। वह जब एयरइंडिया की उड़ान से मुंबई के लिए चेकइन कर रहा था इसी दौरान उसके बैग में स्कैनर ने जिंदा कारतूस होने का संकेत दिया। वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उसे जाने नहीं दिया और गांधीनगर पुलिस को मामला सौंप दिया। फिलहाल पुलिस उमर से पूछताछ कर रही है। आरोपी के परिजन उसे छुड़ाने के लिए गांधीनगर थाने पर पहुंच गए थे।

    भोपाल एयरपोर्ट पर मिले 20 जिंदा कारतूस, सुरक्षा एजेंसियों में मचा हड़कंप

 

  • 26 जून 2016
    राजा भोज एयरपोर्ट पर एक युवक के बैग में से 30 कारतूस मिले थे। सिविल लाइन निवासी सईद सैफ अली जेट की उड़ान से मुंबई जाने की तैयारी कर रहा था। चैकिंग के दौरान उसके बैग से प्वाइंट 22 बोर के 19 खाली और 11 जिंदा कारतूस पाए गए थे। सैफ ने यह कारतूस उसके भाई फैजल अली के बताए थे। उसके पास लाइसेंसी बंदूक है और कारतूस गलती से उसके बैग में आ गए थे।

    भोपाल एयरपोर्ट पर मचा हड़कंप, जिंदा कारतूस समेत व्यक्ति हिरासत में

 

  • 5 मार्च 2010
    रायपुर निवासी आदित्य वर्धन पाटनी के पास से भी जिंदा कारतूस मिलने से एयरपोर्ट पर हड़कंप मच गया था। वे मुंबई में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी का कर्मचारी है। वे भी सुबह जेट की उड़ान से मुंबई जा रहे थे। सीआईएसएफ के जवानों ने जब उसके बैग की तलाशी ली तो 32 बोर का जिंदा कारतूस मिला। आदित्य के पास शस्त्र लाइसेंस भी नहीं था। आदित्य गंजबासौदा में अपने रिश्तेदार के यहां आया था। उसने बताया था कि रिश्तेदार के पास लाइसेंस है और कारतूस उन्हीं के हैं, जो मेरे बैग में गलती से आ गए।

 

भोपाल। अगर आपके पास पुराना आधार कार्ड है पर जन्मतिथि के सामने सिर्फ आपका बर्थ ईयर लिखा है तो उसे अपडेट कराने की जरूरत नहीं है। वह बिल्कुल सही है। जानकारी के लिए बता दें कि दरअसल पुराने आधार कार्ड में सिर्फ बर्थ ईयर लिखा हुआ आता था। वहीं अब नए आधार कार्ड में पूरी जन्मतिथि लिखी होती थी। नए फॉर्मेट में आधार कार्ड लेने के लिए या तो आप आधार कार्ड की ऑफिशियल बेवसाइट से अपने आधार का नया प्रिंट ऑर्डर कर सकते हैं। आप आधार कार्ड की ऑफिशियल बेवसाइट s://eaadhaar.uidai.gov.in/#/ से इसे डाउनलोड भी कर सकते हैं।

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बता दें कि जिन लोगों के आधार कार्ड 2011 और 12 में बने हैं उनमें से 95 फीसदी लोगों के आधार कार्ड में जन्मतिथि की जगह जन्म वर्ष अंकित है। ऐसे लोगों को यदि डेट ऑफ बर्थ की जरूरत है तो वे अपने आधार में यह अपडेट नहीं करें बल्कि यूआईडीएआई की वेबसाइट पर जाकर उसे डाउनलोड कर लें। राजधानी में ऐसे कई लोग सेंटरों पर पहुंचकर ऑफलाइन या ऑनलाइन डेट ऑफ बर्थ अपडेट करा रहे हैं।

कई लोगों की डेट ऑफ बर्थ में अंकों की गलती है तो उससे उन्हें दोबारा अपडेट कराना पड़ रहा है। वेबसाइट से आधार डाउनलोड कर लें। यूआईडीएआई के डाटा के हिसाब से डाउनलोड करने पर जन्म तिथि डिस्प्ले हो जाएगी।


Aadhaar card को डाउनलोड करने की प्रक्रिया

– UIDAI की बेवसाइट पर 'My Aadhaar' सेक्शन में 'डाउनलोड आधार' पर क्लिक करें
– 'डाउनलोड आधार' पर क्लिक करने के बाद आप एक नए पेज https://eaadhaar.uidai.gov.in/#/ पर पहुंच जाएंगे।
– यहां सबसे पहले आधार नंबर, इनरॉलमेंट आईडी या वर्चुअल आईडी, जो आपको उपलब्ध हो गई हो उस ऑप्शन पर क्लिक करें।
– निर्धारित स्‍पेस में आधार नंबर या इनरॉलमेंट नंबर या वर्चुअल आईडी डालें।
– उसके बाद जरूरी डिटेल्‍स जैसे नाम, पिन कोड, सिक्योरिटी कोड आदि डालना है।
– इसके बाद आप OTP रिक्वेस्ट भेजें और पाए हुए ओटीपी को निर्धारित स्पेस में डालें।
– OTP को निर्धारित स्‍पेस में डालने के बाद 'डाउनलोड आधार' पर क्लिक करें। इसके बाद आपके आधार की ई-कॉपी डाउनलोड हो जाएगी।

भोपाल. रख-रखाव नहीं होने से प्रदेश की दस सड़कों की हालत खराब हो गई। ऐसा तब है, जब इन सड़कों की मरम्मत के नाम पर कंपनियां लोगों से पैसे वसूल रही थीं। इस लापरवाही के चलते मप्र रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPRDC) ने एसएएल ग्रुप और रैमकी कंपनी को टर्मिनेट कर दिया है। चार सड़कों की देखरेख करने वाली कंपनियों को नोटिस दिया गया है।

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एसएएल ग्रुप एक साल से 5 सड़कों के रख-रखाव करने से पीछे हट रहा है। इस लापरवाही पर हाल ही में एमपीआरडीसी ने कंपनी द्वारा पांच सड़कों पर वसूले जा रहे टोल को सस्पेंड कर दिया। इसके अलावा रैमकी को भी टर्मिनेट किया गया है, यह सीहोर-इछावर की सड़क का रख-रखाव कर रही थी।

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बसूली नहीं होने की दी दलील
कंपनियां कुछ सड़कों के रख- रखाव और टोल से छुटकारा चाहरही हैं। कंपनियों ने मरम्मत पर लगने वाली राशि के अनुसार वसूली नहीं होने की दलीलें एमपीआरडीसी को दी हैं। कंपनियां चाह रही हैं कि एमपीआरडीसी अनुबंध के अनुसार राशि वसूलने के बाद जिम्मेदारी से मुक्त कर दे।

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भोपाल बाइपास के टोल की होगी नीलामी
भोपाल बाइपास रोड के टोल की भी नीलामी की जाएगी। एमपीआरडीसी ने एक साल पहले इस सड़क के ठेकेदार को सस्पेंड किया था। तब से इस रोड के रख-रखाव का काम एमपीआरडीसी खुद कर रहा है और इसके दले में टोल टैक्स की भी वसूल कर रहा है।

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पीछा छूड़ा रहीं कंपनियां
एसएएल ग्रुप की सागर-दमोह, दमोह-जबलपुर, महू-घाटाबिल्लौद, बीना-खिमलासा-मालथौन और भिंड मियोना-गोपालपुर की सड़कें हैं। वही रैमकी कम्पनी की सीहोर-इछावर सड़क हैं। इन सड़कों से कम्पनियां जिनमें लेवड़-मानपुर, इंदौर-उज्जैन, बीना-कुरवाई-सिरोंज और लखनादौन-घंसौर पीछा छुड़ाना चाहती हैं। प्रदेश में चार अन्य सडकों की भी मरम्मत नहीं हो रही है। संबंधित ठेकेदारों को करने के लिए एक माह का समय दिया गया है।

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भोपाल। बेरोजगारी और महंगाई के खिलाफ मुख्यमंत्री निवास को घेरने जा रहे युवा कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से निकलते ही रोक लिया गया। इस दौरान कई कार्यकर्ता घायल हुए हैं, वहीं पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह के कपड़े फाड़े गए। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं में झड़प भी हुई। युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास भी इस प्रदर्शन में शामिल होने आए थे। उनके साथ ही कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह और विधायक कुणाल चौधरी समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।

 

कांग्रेस ने लगाया आरोप

प्रदेश कांग्रेस ने आरोप लगाया कि युवाओं के प्रदर्शन पर शिवराज की बर्बरता, शिवराज ने युवाओं पर लाठियां बरसाई, वॉटर कैनन का उपयोग किया और लोकतांत्रिक तरीक़े से प्रदर्शन कर रहे युवाओं को लहूलुहान कर दिया। शिवराज जी, ये क्रूरता आपके अंत की इबारत लिख रही है।

 

जयवर्धन बोले- जनता के कपड़े फाड़े

कांग्रेस विधायक जयवर्धन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमारे युवाओं को मारा गया है। कार्यकर्ताओं के खून का एक-एक बूंद जो यहां गिर रहा है, वो प्रदेश की जनता को समर्पित है। यह शिवराज सरकार की तानाशाही है, वो कुछ भी कर ले, कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा। आज के समय जनता परेशान है, आक्रोशित है, गूंगी-बहरी शिवराज सिंह की सरकार असंवेदनशील हो चुकी है। मेरे कपड़े फाड़े गए। यह प्रदेश की जनता के लिए फाड़े गए हैं। हमारा संघर्ष जारी रहेगा।

 

प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवासन ने कहा कि महंगाई बढ़ती जा रही है, कोरोनाकाल में भी हर चीज महंगी हो गई है। पेट्रोल पंप का नाम भी बदलकर वसूली केंद्र कर देना चाहिए। लोग पेट्रोल के साथ ही टैक्स भरने जा रहे हैं।

 

 

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और क्या बोले श्रीनिवासन

मध्यप्रदेश की विधानसभा का सत्र डेढ़ दिन में ही खत्म होने पर श्रीनिवासन ने कहा कि विधानसभा सत्र चलाना चाहिए थी, लेकिन डेढ़ दिन में ही सत्र खत्म हो गया। बेरोजगारी और महंगाई पर भी चर्चा नहीं होना चाहिए थी। अब परा देश युवा, कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी की तरफ देख रहा है।

-कोरोनाकाल में जनता ने सरकार का स्वास्थ्य सिस्टम देखा है। समय पर पलंग और आक्सीजन और इंजेक्शन तक नहीं मिल पाए। सरकार के पास विकास का कोई रोडमैप भी नहीं है।

 

कई कार्यकर्ता गिरफ्तार

कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों को जबरन घसीटकर नियंत्रित किया गया। जबरन बस में बैठाया गया। कुछ महिला कार्यकर्ताओं के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया।इस दौरान महला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं रहीं। इस दौरान पुलिस ने करीब 250 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया। सभी को दूर ले जाकर छोड़ दिया गया।

भोपाल। सोना खरीदना चाहते हैं या फिर सोने में निवेश करना चाहते हैं तो ये वक्त बिल्कुल सही है। जी हां सोना चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट जारी है। सोने की कीमतों में आ रही तेज गिरावट के इस दौर में निवेशकों के बीच हलचल का माहौल है। MCX पर सोने का अक्टूबर वायदा अब 46,000 रुपये प्रति 10 ग्राम का लेवल भी तोड़ चुका है। हालांकि कल सोना पूर दिन एक अच्छी मजबूती के साथ कारोबार कर रहा था, लेकिन आखिरी घंटों में ये 46,000 के नीचे फिसल गया।

जानिए भोपाल में सोने का रेट

वहीं मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सोने-चांदी के भाव में बड़ा बदलाव हुआ। भोपाल के सर्राफा बाजार में 11 अगस्त को 24 कैरेट 10 ग्राम सोने का भाव 47,650 रुपए रहा। भोपाल में 22 कैरेट सोने का भाव 44,530 रुपए चल रहा है। इंदौर में इस वक्त 10 ग्राम सोने का भाव 46,770 रुपए हैं। वहीं 22 कैरेट 10 ग्राम सोने की कीमत 44,550 रुपए हैं।

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ऐसे करें सोने की शुद्धता की पहचान

24 कैरेट शुद्ध सोने पर 999 लिखा होता है
22 कैरेट की ज्वेलरी पर 916 लिखा होता है
21 कैरेट सोने की पहचान 875 लिखा होना
18 कैरेट की ज्वेलरी पर 750 लिखा होता है
14 कैरट ज्वेलरी पर 585 लिखा होता है

मिस्ड कॉल से जानें भाव

22 कैरेट और 18 कैरेट गोल्ड जूलरी के खुदरा रेट जानने के लिए 8955664433 पर मिस्ड कॉल दे सकते हैं. कुछ ही देर में एसएमएस के जरिए आपको रेट पता चल जाएंगे।


- निगम आयुक्त के.वी.एस.चौधरी ने सीवेज संबंधी कार्यों का निरीक्षण कर दिए निर्देश
भेपाल. निगम आयुक्त के.वी.एस.चौधरी ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण कर सीवेज संबंधी कार्यों का जायजा लिया और मोतिया तालाब एवं नवाब सिद्दीक हसन खां तालाब, ताज कालोनी के चारों ओर की बस्तियों में सीवेज पाईप लाईन बिछाने के कार्य को 10 दिवस में पूर्ण करने के निर्देश दिए साथ ही चेतावनी भी दी कि समय सीमा में कार्य पूर्ण न होने पर पेनाल्टी लगाने की कार्यवाही की जाएगी। चौधरी ने नव बहार सब्जी मण्डी क्षेत्र में सीवेज पाईप लाईन बिछाने के कार्य की गति बढ़ाकर कार्य को शीघ्र पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया साथ ही होशंगाबाद रोड क्षेत्र में सीवेज पाईप लाईन बिछाने व रेस्टोरेशन के कार्य से संलग्न थिंक गैस व अंकिता फर्म के प्रतिनिधियों को मानक स्तर की गुणवत्ता के साथ तीव्र गति से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अपर आयुक्त पवन सिंह सहित निगम के अन्य अधिकारी मौजूद थे।
निगम आयुक्त के.वी.एस.चौधरी ने बुधवार को मोतिया तालाब, सिद्दीक हसन खां तालाब के आसपास की बस्तियों, ताज कालोनी, नव बहार सब्जी मण्डी, होशंगाबाद रोड, आशिमा मॉल, सी-21 मॉल आदि क्षेत्रों में सीवेज पाईप लाईनों को व्यवस्थित करने व नवीन पाईप लाईन बिछाने तथा रेस्टोरेशन आदि के कार्यों का जायजा लिया और कार्यों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्राप्त की। निगम आयुक्त चौधरी ने मोतिया तालाब एवं नवाब सिद्दीक हसन खां तालाब के आसपास की बस्तियों एवं ताज कालोनी में सीवेज लाईनों को व्यवस्थित करने एवं आवश्यकतानुसार नवीन पाईप लाईन डालने के कार्य को 10 दिवस में अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। निगम आयुक्त चौधरी ने चेतावनी भी दी कि यदि उक्त कार्य नियत समय में पूर्ण नहीं किए जाते तो संबंधित एजेंसियों के विरूद्ध पेनाल्टी लगाने की कार्यवाही की जाएगी। निगम आयुक्त चौधरी ने नव बहार सब्जी मण्डी में सीवेज लाईन एवं रेस्टोरेशन संबंधी कार्यों का निरीक्षण करते हुए पाईप लाईन बिछाने व रेस्टोरेशन का कार्य मानक स्तर की गुणवत्ता के साथ शीघ्रता से करने के सख्त निर्देश दिए। श्री चौधरी ने होशंगाबाद रोड स्थित आशिमा मॉल से मिसरोद तक डाली जा रही पाईप लाईन का निरीक्षण करते हुए इस क्षेत्र में कार्य कर रही थिंक गैस व अंकिता फर्म के प्रतिनिधियों को अपने-अपने कार्य क्षेत्र में मानक स्तर की गुणवत्ता के साथ पाईप लाईन बिछाने व रेस्टोरेशन संबंधी कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

भोपाल :सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में देश में मध्यप्रदेश में सबसे सस्ती सौर ऊर्जा का रिकॉर्ड आज नीमच सोलर परियोजना के लिये हुई बिडिंग में ध्वस्त हो गया। गत 19 जुलाई को शाजापुर सोलर प्लांट के लिये हुई बिडिंग में प्राप्त 2 रुपये 33 पैसे प्रति यूनिट का रिकॉर्ड तोड़ते हुए आज नीमच सोलर पार्क के लिये बिडिंग न्यूनतम टैरिफ 2 रुपये 14 पैसे प्रति यूनिट पर समाप्त हुई। न्यूनतम ऑफर के आधार पर नीमच सोलर पार्क की 160 मेगावॉट की यूनिट-1 दो रुपये 149 पैसा और 170 मेगावॉट की यूनिट-2 दो रुपये 14 पैसा के लिये टाटा पॉवर की टीपी सौर्या लिमिटेड का चयन किया गया। वहीं 170 मेगावॉट की यूनिट-3 के लिये 2 रुपये 15 पैसे प्रति यूनिट दर के लिये दुबई की अल जोमेह एनर्जी एण्ड वॉटर कम्पनी को चुना गया।

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री हरदीप सिंह डंग ने बताया कि नीमच प्लांट के लिये बुधवार को हुई बिडिंग में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की 15 कम्पनियों ने भाग लिया। इनमें अवाडा एनर्जी प्रायवेट लिमिटेड, एनएचडीसी, अज्योर पॉवर इण्डिया, एसीएमई सोलर होर्डिंग प्रायवेट लिमिटेड, गेल (इण्डिया), टोरेंट पॉवर, टीपी सौर्या, अयाना रिन्यूबल पॉवर, एनटीपीसी, स्प्रिंग अक्षय ऊर्जा प्रायवेट लिमिटेड, बीमपाव एनर्जी और एबीआरईएल एसपीवी 2 लिमिटेड शामिल हैं। डंग ने बताया कि यह परियोजना लगभग एक हजार हेक्टेयर भूमि पर 1750 करोड़ के निजी निवेश से स्थापित की जायेगी। परियोजना से मार्च-2023 तक विद्युत उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित है। परियोजना स्थापना के दौरान लगभग 2500 और परियोजना संचालन में लगभग 500 लोगों को रोजगार मिलेगा।

डंग ने इसके लिये विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों का लगातार रुझान बढ़ रहा है। इसका कारण निवेशकों को समय पर शत-प्रतिशत भुगतान, भूमि की आसान उपलब्धता और उन्हें दी जाने वाली सुविधाएँ हैं। सोलर प्लांट बंजर भूमि पर स्थापित किये जा रहे हैं। इससे बेकार पड़ी भूमि का भी सदुपयोग बढ़ेगा। सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने नीतिगत नवाचारों से अपनी एक अलग पहचान बनाई है।

jitendra.chourasiya@भोपाल। प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी कहलाने वाला इंदौर शहर फिर सिरमौर बना है। अब इंदौर को वॉटर-प्लस अवार्ड मिला है। देश में सिर्फ तीन शहरों को यह दर्जा मिला है। इसमें इंदौर के अलावा सूरत और दिल्ली शामिल हैं। यह दर्जा सीवेज वॉटर ट्रीटमेंट में सबसे बेहतर प्रबंधन के लिए मिला है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने इस पर ट्वीट करके बधाई दी है। साथ ही लिखा है कि इससे इंदौर शहर देश में स्वच्छता और काम की मिसाल बनेगा।
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नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने बताया कि स्वच्छ भारत सर्वेक्षण में इंदौर को वॉटर प्लस का पुरस्कार मिला है। इस स्वच्छ भारत सर्वेक्षण की इस श्रेणी के पुरस्कार के लिए देश के कुल 84 शहरों ने आवेदन किया था। केंद्र सरकार के दल ने इनमें से 33 शहरों की व्यवस्थाओं का मौके पर ही गहन निरीक्षण करने के बाद इंदौर सहित गुजरात और दिल्ली को बुधवार को विजेता घोषित किया है।
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इसलिए मिला अवार्ड-
इस अवार्ड के साथ इंदौर अब सीवेज वाटर के बेहतर प्रबंधन वाले शहरों में शामिल हो गया है। मंत्री सिंह के मुताबिक यह उपलब्धि जिन बिंदुओं के आधार पर मिली है, उनमें सीवेज के पानी और मल अपशिष्ट का सुरक्षित निष्पादन तथा ट्रीटेड (उपचारित) पानी की री-सायक्लिंग कर उसे फिर उपयोग के लायक बनाना प्रमुख हैं। केंद्रीय दल ने इंदौर को नाले, गटर की मशीनों से प्रभावी तथा सुरक्षित सफाई और मल निकासी एवं नालियों की सफाई हेतु वाहनों की समुचित मात्रा एवं व्यवस्था में भी सफल पाया। इसके साथ ही पर्यावरण समाधान वाले एसटीपी से पर्याप्त सफल कार्य के चलते भी इंदौर को यह पुरस्कार दिया गया है। दल ने इंदौर को नाला सफाई तथा एसटीपी के संचालन तथा रखरखाव में शत-प्रतिशत सफल पाया। उसने यह भी पाया कि इंदौर सीवेज की सफाई, पानी के जमाव को हटाने, पानी का रिसाव रोकने तथा संबंधित शिकायतों के प्रभावी और तुरंत निराकरण में सफलता प्राप्त करने वाले प्रमुख शहरों में अग्रणी है।
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भोपाल। सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले से ऐसे नेताओं को झटका लगा है, जिन पर क्रिमिनल केस दर्ज है। इन नेताओं को अब यह भी चिंता सताने लगी है कि आजीवन चुनाव लड़ने की पाबंदी न लग जाए। क्योंकि ऐसी ही एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। इसी याचिका के तहत सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जिन सांसद और विधायकों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण चल रहे है, उनके प्रकरण वापिस नहीं लिए जा सकते। इसके लिए हाईकोर्ट से मंजूरी लेना अनिवार्य होगा।

 

मध्यप्रदेश में ऐसे कितने नेता हैं, जिन पर आपराधिक प्रकरण दर्ज है...। पेश है patrika.com की एक रिपोर्ट...।

 

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मध्यप्रदेश में एक बार फिर उपचुनाव की सुगबुगाहट हो रही है। मध्यप्रदेश में भी भाजपा-कांग्रेस और बसपा के कई नेता ऐसे हैं जिन पर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। जबकि मध्यप्रदेश से चुनकर गए सांसदों के ऊपर भी प्रकरण दर्ज हैं। पिछले चुनावों के दिए गए शपथ पत्र के मुताबिक 41 प्रतिशत मंत्री-विधायक ऐसे हैं जिन पर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।


चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक सभी दलों में दागी नेता है। वर्तमान विधानसभा में ही 41 फीसदी विधायकों पर क्रिमिनल केस रजिस्टर्ड हैं। कुछ माह पहले ही हाईकोर्ट ने विधायकों और सांसदों पर लंबित क्रिमिनल केस को लेकर जानकारी मांगी थी। चुनाव आयोग ने जो रिपोर्ट सौंपी थी उसके मुताबिक मध्यप्रदेश में 41 प्रतिशत जनप्रतिनिधि दागी थे। उपचुनाव के बाद इसमें और भी परिवर्तन हुआ है।

 

डेढ़ साल पहले जिन 27 विधायकों की सदस्यता खत्म हुई उनमें 10 विधायकों पर क्रिमिनल केस दर्ज थे। इनमें तुलसी सिलावट, इमरती देवी, प्रद्युम्न सिंह तोमर, तुलसीराम सिलावट, एंदल सिंह कंसाना, गिर्राज दंडोतिया, रणवीर जाटव, मुन्नालाल गोयल, सुरेश धाकड़, जजपाल सिंह जज्जी, रघुराज सिंह कंसाना शामिल हैं। यह सभी नेता कांग्रेस पार्टी छोड़कर भाजपा में चले गए थे, जबकि इनमें से तुलसी सिलावट, इमरती देवी, ऐंदल सिंह कंसाना, प्रद्युम्न सिंह तोमर, गिर्राज डण्डौतिया और सुरेश धाकड़ को मंत्री भी बनाया गया।

  • यह हैं भाजपा के दागी नेता

कमल पटेल (कृषि मंत्री), मोहन यादव (उच्च शिक्षा मंत्री), ऊषा ठाकुर (संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री), ओमप्रकाश सखलेचा (मंत्री), पूर्व मंत्री पारस जैन, पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ल, विधायक संजय पाठक, सुरेंद्र पटवा, गौरीशंकर बिसेन एवं विधायक रामेश्वर शर्मा। यह सभी विधानसभा के सदस्य हैं।

  • यह है कांग्रेस के दागी नेता

कमलनाथ सरकार में गृहमंत्री रहे बाला बच्चन, उच्च शिक्षा मंत्री रहे जीतू पटवारी, कुणाल चौधरी, जयवर्धन सिंह, कमलेश्वर पटेल, लाखन सिंह यादव, नर्मदा प्रसाद प्रजापति, पीसी शर्मा, सुखदेव पांसे, विक्रम सिंह नातीराजा पर भी क्रिमिनल केस दर्ज हैं। यह सभी लगातार विधायक चुने जा रहे हैं। इनके अलावा ऐसे विधायको पर भी केस दर्ज हैं जो पहली बार विधायक बने हैं।

 

  • इन दिग्गजों पर भी केस

मध्यप्रदेश से राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह और धर्मेंद्र प्रधान पर भी क्रिमिनल केस रजिस्टर्ड हैं।

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  • एक नजर
  • क्रिमिनल केस वाले विधायक- 94
  • क्रिमिनल केस वाले विधायकों पर प्रतिशत- 41 प्रति.
  • गंभीर क्रिमिनल केस वाले विधायक-47
  • गंभीर केस वाले विधायकों का प्रतिशत- 20 प्रति.

 

  • सबसे अधिक केस वाले विधायक
विधायक पार्टी चुनाव क्षेत्र केस

सुरेंद्र पटवा

भाजपा भोजपुर 26
पीसी शर्मा कांग्रेस भोपाल दक्षिण पश्चिम 14
जीतेंद्र पटवारी कांग्रेस राउ 11
अजय सिंह कुशवाह कांग्रेस सुमावली 11
विपिन वानखेड़े कांग्रेस आगर 11
ठा. सुरेंद्र सिंह नवल कांग्रेस बुरहानपुर 9
कुणाल चौधरी कांग्रेस कालापीपल 9
मुन्नालाल गोयल कांग्रेस ग्वालियर-पूर्व 7
प्रद्युम्न सिंह तोमर भाजपा ग्वालियर 7
संजय यादव कांग्रेस बरगी 5
संजीव सिंह बसपा भिंड 5
गिर्राज दंडोतिया भाजपा दिमनी 5
जसमंत कांग्रेस करेरा 5
महेश परमार कांग्रेस तराना 4
राकेश गिरी भाजपा टीकमगढ़ 4

 

 

  • तीन प्रकरण वाले विधायक
विधायक पार्टी चुनाव क्षेत्र केस
विनय सक्सेना कांग्रेस जबलपुर उत्तर 3
जालम सिंह पटेल भाजपा नरसिंहपुर 3
दीपक सक्सेना कांग्रेस छिंदवाड़ा 3
घ्यामश्याम सिंह कांग्रेस सेंधवा 3

 

  • दो प्रकरण वाले विधायक

पंचीलाल मेदा, सुनीता पटेल, रणवीर जाटव, बीरेंद्र रघुवंशी, सुखदेव पांसे, दिलीप गुर्जर , सुनील उइके, कमल पटेल, आकाश विजयवर्गीय, लखन घनघोरिया, बैजनाथ कुशवाह, सिद्धार्थ कुशवाह, कांतिलाल भूरिया, जयपाल सिंह, इंदर सिंह परमार।

 

  • इन विधायकों पर 1-1 प्रकरण दर्ज है

इमरती देवी, आरिफ मसूद, अर्जुन सिंह काकोडिया, राजेंद्र शुक्ल, देवेंद्र वर्मा, निलय विनोद डागा, लखन सिंह यादव, राजेश कुमार, गोपाल सिह चौहान, हर्ष यादव, विशाल जगदीश पटेल, एनपी प्रजापति, उषा ठाकुर, रामेश्वर शर्मा, तरुण भनोत, हरिशंकर खटिक, ओपी सकलेचा, प्रदीप लारिया, दिलीप सिंह परिहार, अशोक मर्सकोले, राम डोंगरे, राज्यवर्धन सिंह, सुरेद्र सिंह बघेल, हरि सिंह सप्रे, अनिरुद्ध मारू, डा. हीरालाल अलाव, प्रदीप पटेल, राघुराज सिंह कंसाना, संदीप जायसवाल, शैलेंद्र जैन, हर्ष विजय गेहलोत, तुलसीराम सिलावट, प्रताप ग्रेवाल, विजय चौरे, दिनेश राय मुनमुन, प्रेमशंकर वर्मा, बाबूलाल कांग्रेस, कमलेश्वर इंद्रजीत कुमार, एदल सिह कंसाना , संजय शर्मा, पारस जैन, मोहन यादव, संजय पाठक।



  • उपचुनाव में जीते उम्मीदवार

कमलेश जाटव, महेंद्र सिंह सिसौदिया, रामचंद्र दांगी, सुरेश राजे, अजय टंडन, मेवाराम जाटव, प्रगीलाल जाटव, ओपीएस भदौरिया और राकेश मवाई पर एक-एक प्रकरण दर्ज है।


पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलकर राजा भोज इंटरनेशनल एयरपोर्ट से रीवा के लिए सीधी उड़ान की मांग की है। इससे पहले सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर अनेक बार भोपाल एयरपोर्ट से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं अन्य राज्यों के शहरों के लिए सीधी उड़ान की मांग कर चुकी हैं। सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के विमानन मंत्री बनने के बाद उम्मीद की जा रही थी कि भोपाल एयरपोर्ट से रायपुर, रीवा प्रयागराज सहित अन्य शहरों के लिए सस्ती उड़ान सेवा शुरू होगी लेकिन फिलहाल मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे के अलावा भोपाल से फ्लाइट उपलब्ध नहीं है। अन्य शहरों के लिए जाने वाले यात्रियों को भोपाल एयरपोर्ट से फ्लाइट लेकर पहले इन शहरों तक जाना होता है उसके बाद फ्लाइट बदलकर उन्हें आगे की यात्रा करनी पड़ती है। भारी समान, बुजुर्ग सदस्यों एवं बच्चों के साथ सफर करने वाले परिवारों को कनेक्टिंग फ्लाइट फैसिलिटी पसंद नहीं आती है जिसके चलते ऐसे यात्री निजी वाहन से इंदौर पहुंचकर देवी अहिल्या बाई एयरपोर्ट से सीधी उड़ान सेवा का लाभ लेते हैं। भोपाल एयरपोर्ट से नई उड़ान सेवा शुरू नहीं करने के पीछे एविएशन कंपनियों का स्पष्ट कहना है कि उन्हें यहां यात्रियों की कम संख्या का सामना करना पड़ता है जिसके चलते एक बार फ्लाइट शेड्यूल होने के बाद इसे निरस्त करने की स्थिति बनने लगती है। फ्लाईबिग कंपनी ने ऐसे ही एक मामले में उड़ान सेवा की शुरुआत की थी और 1 सप्ताह के अंदर ही इसे बंद भी कर दिया था। राजाभोज इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान संख्या में इजाफा करने के लिए सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने केंद्रीय विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मिलकर चर्चा करने की बात कही है।

अनुदान देने की कोई योजना नहीं

पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलकर भोपाल एयरपोर्ट से रीवा के लिए सीधी उड़ान सेवा शुरू करने एवं संबंधित प्राइवेट एयरलाइन कंपनी को अनुदान देने का प्रस्ताव दिया है। मध्य प्रदेश सरकार इससे पहले भी वायबिलिटी गैप फंडिंग यानी हवाई कंपनी को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए योजना बना चुकी है। पूर्व प्रमुख सचिव विमानन हरिरंजन राव के समय होटल नूर सभा में एयर इंडिया, इंडिगो, विस्तारा, जेट, सहित कई बड़ी प्राइवेट एयरलाइन कंपनियों की बैठक में नई उड़ान शुरू करने की योजना बनी थी लेकिन कंपनियां बाद में पीछे हट गईं।

वर्जन...
मुख्यमंत्री कार्यालय ने भोपाल एयरपोर्ट से संचालित उड़ानों के विषय पर जानकारी ली है। अन्य सुविधाओं के बारे में भी प्रस्ताव दिया गया है।

केएल अग्रवाल, डायरेक्टर राजा भोज एयरपोर्ट भोपाल

भोपाल/ 'जब मर जाऊं, तो मेरी अलग पहचान लिख देना, लहु से मेरी पेशानी पर हिंदुस्तान लिख देना', इसमें कोई शक नहीं कि, ये कलाम किसी देश भक्त का नहीं होगा। कहते हैं... शायरी, जिंदगी की ज़बान होती है। इस जिंदगी के कई रंग होते हैं और हर रंग जब एक साथ नज़र आए, तो उसे राहत इंदौरी कहना गलत नहीं होगा। जी हां, हम बात हिंदुस्तान के उसी शायर की कर रहे हैं, जिसने अपने कलाम से सालों तक हर उम्र के लोगों के दिलों पर राज किया है। एक ऐसा कलमकार जिसकी शायरी ने पूरी दुनिया पर हुकूमत की। आज यानी 11 अगस्त को उन्हें दुनिया से गुज़रे एक साल बीत चुका है। इस मौके पर हम आपको बता रहे हैं उनकी जिंदगी से जुड़ी कुछ अहम बातें, जिन्हें अब तक बहुत कम लोग ही जानते हैं।


11 अगस्त 2020 को आंखों से ओझल हुआ शायरी की सितारा

पिछली साल आज ही के दिन शायरी, अदब और साहित्य का एक दमदमाता सितारा हमारी नजरों से ओझल हो गया। राहत इंदौरा भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं। लेकिन, ये बात कोई नहीं नकार सकता कि, शायरी की महफिल हमेशा उन्हीं के कलाम से शुरु होगी। इसी तरह अब हर चाहने वाले के दिल में राहत साहब जिस तरह ज़िंदा थे उसी तरह ज़िंदा रहेंगे।

 

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राहत इंदौरी को चित्रकारी का उस्ताद भी कहा गया

1 जनवरी 1950 को कपड़ा मिल के कर्मचारी रफ्तुल्लाह कुरैशी और मकबूल उन निसां बेगम के घर में पैदा होने वाले राहत इंदौरी को बचपन से पेंटिंग का काफी शौक था। घर के माली हालात ठीक न होने पर उन्होंने अपने जीवन के शुरुआती दिनों के शौक को ही अपने जीवन यापन का जरिया बनाया और शहर में एक साइन-चित्रकार के रूप में 10 साल से भी कम उम्र में काम करना शुरू कर दिया। शायरी के बेताज बादशाह कहे जाने वाले राहत इंदौरी अपने बचपन के दिनों में ही चित्रकारी के भी उस्ताद रह चुके थे। उन्होंने बहुत कम उम्र में ही साइन-चित्रकारी के क्षेत्र में अपना नाम बना लिया था।


पेंटिंग से शायरी का सफर

राहत इंदौरी को जानने वाले पुराने लोगों का कहना है कि, ग्राहक राहत साहब के बनाए साइन बोर्ड को खरीदने के लिये महीनों पहले से ही बुकिंग करा देते थे। यानी उन पेंटिंग्स को पाने में लोगों को महीनों का इंतज़ार तक करना पड़ता था। पेंट ब्रश थामने वाले राहत ने जब कलम उठाई तब एक नया इतिहास लिख दिया। मुशायरे और कवि सम्मेलन की दुनिया में अपनी कई रातों को आबाद करने वाले राहत इंदौरी धीरे-धीरे शायर बन गए।

 

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बॉलीवुड से भी गहरा नाता

बॉलीवुड की दुनिया में भी राहत इंदौरी के गानों की रौशनी फैली। बॉलीवुड की 11 से अधिक फिल्मों में उनके लिखे गाने इस्तेमाल किये गए। रात क्या मांगे एक सितारा (फिल्म- खुद्दार), दिल को हज़ार बार रोका (फ़िल्म- मर्डर), एम बोले तो मास्टर मैं मास्टर (फ़िल्म- मुन्नाभाई एमबीबीएस), धुंआ धुंआ (फ़िल्म- मिशन कश्मीर), ये रिश्ता क्या कहलाता है (फ़िल्म- मीनाक्षी), चोरी-चोरी जब नज़रें मिलीं (फ़िल्म- करीब) जैसे कई गाने राहत इंदौर द्वारा ही लिखे गए हैं।

 

कलेक्ट्रेट कार्यालय में बेरोजगार युवाओं का प्रददर्शन- देखें Video

भोपाल। एनजीटी ने नगर निगम और एमपीपीसीबी को भोपाल की डेयरियों का प्रबंधन तय गाइडलाइन और नियमों के अनुसार करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ट्रिब्यूनल द्वारा पहले जारी की गई गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं। इसमें डेयरियों को शहर से बाहर शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए थे। एमपीपीसीबी को डेयरियों और उनके डिस्चार्ज का नियमित परीक्षण करने और गड़बड़ी पाए जाने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। दस से ज्यादा पशुओं वाली डेयरियों और गौशालाओं को एमपीपीसीबी से कंसेंट लेना भी अनिवार्य किया गया है।

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल सेंट्रल जोन बेंच ने वर्ष 2015 में लगाई गई सुशील शर्मा की याचिका पर बुधवार को अंतिम आदेश जारी कर दिया है। इसमें सीपीसीबी की गाइडलाइन के अनुसार दस से ज्यादा पशुओं वाली गौशालाओं और डेयरियों को वायु और जल प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम के तहत राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से कंसेंट या अनुमति लेना अनिवार्य किया गया है। एमपीपीसीबी को निर्देशित किया गया है कि जो डेयरियां अनुपचारित पानी जलस्रोतों या खुले में बहा रही हैं उसकी जांच की जाए। इसमें गड़बड़ी पाए जाने पर पीसीबी तत्काल उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कर सकता है। हालांकि एनजीटी ने डेयरियों की शिफ्टिंग के बारे में स्पष्ट तौर पर कुछ नहीं कहा है सिर्फ इतना ही कहा गया है कि ट्रिब्यूनल द्वारा पहले इस संबंध में जारी की गई गाइडलाइन का पालन किया जाए।

चार साल में भी नहीं हो पाई शिफ्टिंग

एनजीटी ने सुशील शर्मा की याचिका पर वर्ष 2017 में सभी डेयरियों को राजधानी के बाहर शिफ्ट करने का आदेश दिया था। ननि द्वारा पेश जवाब में बताया गया था कि शहर में 765 डेयरियां चल रही हैं। एनजीटी द्वारा लगातार पूछताछ के बाद नगर निगम ने परवलिया, अरवलिया, कालापानी, ग्राम दीपड़ी, तूमड़ा, मुगालिया कोट और फतेहपुर डोबरा में शिफ्टिंग के लिए जगह चिन्हित की थी। लेकिन अभी तक यह शिफ्टिंग नहीं हो पाई है।

भोपाल। तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाने वाले अतिथि विद्वान शासन की नीतियों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। दरअसल, वर्ष 2017 में उच्च शिक्षा विभाग के अतिथि विद्वानों को प्रतिदिन 1500 रुपए व न्यूनतम 30 हजार रुपए का मासिक मानदेय देने का प्रावधान सरकार ने किया है। लेकिन प्रदेशभर के पॉलिटेक्निक व इंजीनियरिंग कॉलेजों में अभी 400 रुपए प्रति पीरियड के हिसाब से सेवाएं ली जा रही हैं। वहीं शैक्षणिक कार्य नहीं होने के कारण 15 जुलाई से इनके पास कोई कार्य नहीं है। यानी यह बेरोजगार हैं। इनके द्वारा लगातार मांग की जा रही है लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। इसके बाद अब यह अलग तरीके से अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।

इसका विरोध दर्ज कराने यह लाल स्याही से पोस्टकार्ड में अपनी मांग जिम्मेदारों को भेज रहे हैं। फिक्स मानदेय और 12 महीने का कार्य मांगा जा रहा है। प्रांतीय तकनीकी अतिथि एवं संविदा प्राध्यापक महासंघ के उपाध्यक्ष डॉ. आशीष खरे का कहना है कि एआईसीटीई की योग्यता हासिल करने के बाद भी उन्हें हर साल करीब 7 महीने ही काम मिलता है। इसमें भी एक पीरियड का 400 रुपए मानदेय दिया जाता है। एक महीने में मुश्किल से 10 हजार रुपए उन्हें मिलते हैं। इसलिए हम पोस्टकार्ड लिखकर शासन का ध्यान आकर्षित करना चाह रहे हैं।

वर्जन...
तकनीकी शैक्षणिक संस्थाओं पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग कॉलेजों में अतिथि विद्वानों को मजदूर से भी कम मानदेय मिल रहा है। इसलिए यह मांग रखी गई है कि शासन तकनीकी शिक्षा के अतिथि विद्वानों के हितों में जल्द निर्णय ले।

- देवांश जैन, प्रदेशाध्यक्ष, अतिथि एवं संविदा प्राध्यापक संघ

भोपाल। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में सत्र 2021-22 में प्रवेश के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया आयोजित की जा रही है। स्नातक में रजिस्ट्रेशन कराने का गुरुवार को अंतिम दिन है। स्नातक में करीब 3.25 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। 2.75 लाख विद्यार्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन हो चुका है। सत्यापन की प्रक्रिया 14 अगस्त तक चलेगी। एडमिशन संबंधी अधिक जानकारी ई-प्रवेश पोर्टल द्धह्लह्लश्चह्य://द्गश्चह्म्ड्ड1द्गह्यद्ध.द्वश्चशठ्ठद्यद्बठ्ठद्ग.द्दश1.द्बठ्ठ/ से प्राप्त की जा सकती है।

दूसरे चरण में 28 अगस्त से होंगे रजिस्ट्रेशन --

- 28 अगस्त से 3 सितंबर तक- अपंजीकृत विद्यार्थी रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे
- 29 अगस्त से 5 सितंबर तक- दस्तावेजों का सत्यापन होगा

- 10 सितंबर को - सीट आवंटन होगी
- 10 से 14 सितंबर तक - फीस जमा कर प्रवेश लेना होगा

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इंजीनियरिंग डिप्लोमा में प्रवेश के लिए दो दिन में हुए 2427 रजिस्ट्रेशन

तकनीकी शिक्षा विभाग ने इंजीनियरिंग डिप्लोमा बी. फार्मेसी, डी.फार्मेसी के अलावा अन्य कोर्सेस में प्रवेश के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू कर दी है। पहले चरण के अंतर्गत 10 अगस्त से अब तक बी./डी.फार्मेसी में 640 विद्यार्थी रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। इसमें रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख 1 सितंबर है।
वहीं दो दिन में इंजीनियरिंग डिप्लोमा में 2427 विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन करा लिया है। इसमें पहले चरण में 24 अगस्त तक रजिस्ट्रेशन होंगे।

इन कोर्स में यह स्थिति ...
बीएचएमसीटी में 9, अंबेडकर योजनांतर्गत 51, एकलव्य योजनांतर्गत 52, नॉन पीटीटी में 195, आईआईएमबीए में 5,आईआईएमसीए में 3 ओर डीफार्म में 46 रजिस्ट्रेशन हुए हैं।

भोपाल/ मध्य प्रदेश की तरह राजधानी भोपाल में भी अब कोरोना की रफ्तार थम गई है। ऐसे में कोरोना संक्रमण से सतर्कता के मद्देनजर लंबे अरसे से बंद पड़े कोचिंग संस्थानों को खोलने की अनुमति जिला प्रशासन की और से दे दी गई है।

 

पढ़ें ये खास खबर- साइन बोर्ड पेंट करते करते बन गए देश-दुनिया के मशहूर शायर, जानिये राहत इंदौरी से जुड़े खास किस्से



50% क्षमता के साथ खोल सकेंगे कोचिंग क्लास

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कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अविनाश लवानिया ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिये हैं। हालांकि, इस दौरान जिले में कोचिंग संस्थान संचालकों को उपलब्ध क्षमता के अधिकतम 50 फीसदी ही छात्रों की उपलब्धि के के साथ कोचिंग क्लासेज को संचालित करना होगा।

 

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नियमों का करना होगा पालन

कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि, राज्य शासन द्वारा 23 जुलाई 2021 को जारी आदेश में उल्लेखित शर्तों एवं कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन किए जाने की शर्तों पर जिले में कोचिंग संस्थान उपलब्ध क्षमता के अधिकतम 50 फीसदी सीमा के साथ संचालित किये जा सकेंगे।

 

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भोपाल। किसी भी कारण से बीच में पढ़ाई छोड़ चुके विधायकों को उच्च शिक्षा का मौका मिल रहा है। मध्यप्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय ने इन्हें यह मौका दिया है। विश्वविद्यालय ने विधानसभा को एक प्रस्ताव भेजा है जिसके तहत उन्हें उच्च शिक्षा देने की बात कही गई है। विधानसभा को यह प्रस्ताव पसंद आया है। विधायकों को भी इसकी जानकारी दी गई है। जिससे उच्च शिक्षा से वंचित रहे विधायक शिक्षा ग्रहण कर सकें और राज्य की विधानसभा और ज्यादा शिक्षित हो सके।

भोज मुक्त विश्वविद्यालय ने विधानसभा को भेजे प्रस्ताव में कहा है कि प्रदेश का यह एक मात्र विश्वविद्यालय है जहां दूरस्थ माध्यम से विद्यार्थी उच्च शिक्षा ग्रहण कर सकते हैं। विद्यार्थी रोजगार में संलग्न रहते हुए भी अपना अध्ययन इस संस्थान से पूरी कर सकता है। इस विश्वविद्यालय का क्षेत्राधिकार पूरा मध्यप्रदेश है। प्रदेश के भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सतना, सागर, उज्जैन, छिंदवाड़ा, होशंगाबाद में क्षेत्रीय केन्द्र हैं, जबकि बड़वानी में उपक्षेत्रीय के्रन्द्र स्थापित है।

यह है प्रस्ताव -
विश्वविद्यालय ने अपनी पृष्ठभूमि बताते हुए कहा है कि विधायक यदि अपनी शैक्षणिक योग्यता में वृद्धि करना चाहते हैं तो इस विश्वविद्यालय के माध्यम से कर सकते हैं। यह विश्वविद्यालय के लिए गौरव की बात होगी। विश्वविद्यालय में सामान्य स्नातक, स्नातकोत्त डिग्री कोर्स के साथ प्रोफेशनल कोर्स भी हैं। विद्यार्थी किसी भी विषय में यहां से अध्ययन कर डिग्री हासिल कर सकता है।

पिछले बार की तुलना में ज्यादा शिक्षित है विधायक -

मध्यप्रदेश की मौजूदा 15वीं विधानसभा के विधायकों 14वीं विधानसभा की तुलना में ज्यादा शिक्षित हैं। यह बात भी सही है कि वर्तमान विधानसभा में एक दर्जन विधायक ऐसे हैं जिन्हें या तो सिर्फ अक्षर ज्ञान है या फिर वे प्राइमरी तक शिक्षित हैं। ग्रेज्युएक विधायकों की संख्या सर्वाधक है। कुल 96 ग्रेज्युएट में से 40 विधायक तो ऐसे हैं जिनके पास प्रोफेशनल डिग्री है। तीन विधायक डॉक्टरेट हैं।

विधायकों की शिक्षा एक नजर में -
शिक्षित - 5

पांचवीं पास - 7
8वी पास - 7

10वीं पास - 13
12वीं पास - 37

स्नातक - 96
स्नातकोत्तर - 56

डॉक्टरेट - 3
अन्य - 3

कोरोनाकाल में कक्षाएं नहीं लग रही है, ऐसे में भोज विश्वविद्यालय का प्रस्ताव बेहतर है। विधायकों को इसकी जानकारी दे दी गई है। विधायक इसके माध्यम से उच्च शिक्षा ग्रहण कर सकते हैं।

- एपी सिंह, प्रमुख सचिव विधानसभा मप्र
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भोपाल. राजधानी का ट्रैफिक सुधारने के लिए पुलिस समय-समय पर प्रयोग करती रही लेकिन इसके सफल परिणाम नहीं मिले। पूर्व आईजी जयदीप प्रसाद ने वाहन चेकिंग से लोगों को निजात दिलाने के लिए येलो कार्ड सुविधा शुरू करवाई थी। वाहन चालकों को पुलिस कंट्रोल रूम आकर अपने सभी दस्तावेज दिखाने के बाद यह कार्ड उपलब्ध कराया जा रहा था। चेकिंग पॉइंट पर इस कार्ड को दिखाने वाले वाहन चालकों को बगैर रोक टोक गुजरने दिया जाता था। इसके बाद बगैर हेलमेट एवं नो पार्किंग में वाहन खड़ा करने वाले वाहन चालकों से निपटने के लिए ट्रैफिक पुलिस को चालानी अधिकार दिए। हाल ही में वाहन उठाए जाने के दौरान सब इंस्पेक्टर श्रीराम दुबे पर हुए जानलेवा हमले के बाद अब इस व्यवस्था को भी बंद कर दिया गया। ट्रैफिक पुलिस के अधिकारों में कटौती किए जाने का आदेश जारी होने के दूसरे दिन बुधवार को शहर के पुलिस चेकिंग पॉइंट पर कुछ ऐसा नजारा रहा कि पॉइंट पर पुलिस वाले खड़े रहे और बगैर हेलमेट वाहन चालक धड़ल्ले से बगैर रोक टोक फर्राटा गुजरते रहे।

ट्रैफिक पुलिस की कागज, लाइसेंस एवं अन्य दस्तावेज चेकिंग बंद किए जाने के बाद शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को स्मार्ट सिटी कंपनी के इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से सुधारने का दावा किया गया है। स्मार्ट सिटी कंपनी ने 18 करोड रुपए की लागत से इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट सिस्टम के नाम पर शहर के प्रमुख चौक चौराहों पर हाई रेजोल्यूशन कैमरे लगाए हैं। इन कैमरों के माध्यम से तीन सवारी, बगैर हेलमेट एवं तेज रफ्तार वाहन चालकों की पहचान की जाती है एवं रजिस्टर्ड पोस्टल एड्रेस पर चालान भेजकर राशि ट्रैफिक थाने में जमा करवाई जाती है। राशि जमा नहीं करवाने वाले वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस को क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी के माध्यम से निरस्त कराने का दावा भी किया जाता है।

इन जगहों पर लगाए हैं कै मरे
बोर्ड ऑफिस चौराहा, लिंक रोड-1, लिंक रोड-2, लिंक रोड-3, पिपलानी चौराहा, रोशनपुरा चौराहा, बोर्ड ऑफिस चौराहा, गणेश मंदिर चौराहा, खानूगांव, वीआईपी रोड, भेल चौराहा, बागसेवनिया थाने के पास, कोर्ट चौराहा, डिपो जंक्शन, बाणगंगा, चेतक ब्रिज तिराहा समेत 24 स्थानों पर कैमरे लगाए गए हैं।

आइटीएमएस में भी खामी
इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम में भोपाल में रजिस्टर्ड वाहनों के पते दर्ज करवाए गए हैं। दूसरे जिलों के वाहनों के पते सिस्टम में नहीं है। इस प्रकार भोपाल के बाहर रजिस्टर्ड गाडिय़ों पर चालानी कार्रवाई करने में दिक्कतें आती हैं।

यातायात नियमों का पालन कराने के लिए सभी अधिकार सुरक्षित हैं। पेपर चैकिंग के नाम पर अनावश्यक वाहनों की कतारें नहीं लगाई जाएंगी। आईटीएमएस से भी चालान किए जाएंगे।
संदीप दीक्षित, एएसपी, ट्रैफिक

भोपाल. आमतौर पर रक्षाबंधन के दिन भद्रा की स्थिति बनती है, इसलिए राखी बांधने के लिए भद्रा समाप्ति का इंतजार करना पड़ता है, लेकिन इस बार रक्षाबंधन पर्व में भद्रा आड़े नहीं आएगी। रक्षाबंधन पर सूर्योदय के पहले ही भद्रा की समाप्ति हो जाएगी, इसलिए पूरा दिन राखी बांधने के लिए श्रेष्ठ रहेगा। इसी के साथ इस दिन ग्रह नक्षत्रों के मेल से कई शुभ संयोग भी विद्यमान रहेंगे।

रक्षाबंधन 22 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन बहने अपने भाइयों को राखी बांधेगी और रक्षा का वचन लेगी। शहर में रक्षाबंधन की तैयारियां शुरू हो गई है। पूर्णिमा होने के कारण अक्सर रक्षाबंधन पर भद्रा का साया रहता है। कई बार सुबह से दोपहर बाद तक भद्रा की स्थिति रहती है, भद्रा की समाप्ति के बाद ही राखी बांधी जाती है। इस बार भद्रा 22 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त में 5 बजकर 19 मिनट पर ही समाप्त हो जाएगी। इसलिए सूर्योदय से लेकर पूरा दिन राखी बांधने के लिए शुभ रहेगा।

दो शुभ योग
ज्योतिष मठ संस्थान के पं. विनोद गौतम के अनुसार रक्षाबंधन के दिन दो शुभ योग विद्यमान रहेंगे। सुबह से शाम तक मातंग योग रहेगा और दोपहर 12 बजे तक शोभन योग का संयोग भी रहेगा।

पूरा दिन शुभ
ब्रह्म ज्योतिष संस्थान के पं. जगदीश शर्मा ने बताया कि भद्रा इस दिन सूर्योदय के पहले ही खत्म हो जाएगी, इसलिए पूरा दिन ही राखी बांधने के लिए श्रेष्ठ है। इस दिन शोभन योग भी रहेगा। इसी प्रकार धनिष्ठा नक्षत्र रहेगा। पं. शर्मा के अनुसार वैसे तो राखी बांधने के लिए पूरा दिन शुभ है लेकिन शाम 4:30 से 6 बजे तक राहुकाल है। इसलिए राहु काल में रक्षा सूत्र बांधने से बचें।

सजने लगे राखी के बाजार
हर साल रक्षाबंधन के एक माह पहले ही बाजारों में राखियों की दुकाने सज जाती थी, लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण के कारण देर से दुकाने सज रही है। बाजारों में राखियों के स्टॉल लगने लगे हैं, लेकिन फिलहाल खरीदारी कमजोर है, लेकिन व्यापारियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में ग्राहकी जोर पकड़ेगी। पुराने शहर के थोक दुकानों से राखी की बिक्री धीरे-धीरे शुरू हो गई है, वहीं नए शहर के बाजारों में भी धीरे-धीरे दुकानदार स्टाल लगाने लगे हैं।

भोपाल. बारिश में गड्ढों भरी सड़कों के लिए जिम्मेदार अफसरों की ठेकेदारों पर मेहरबानी ही सबसे बड़ी वजह है। एक साल में दोनों कंपनियों को रेस्टोरेशन की समय सीमा आठ बार बढ़ाई गई। यदि कड़ी कार्रवाई होती या सुरक्षा निधि जब्त कर अन्य से रेस्टोरेशन कराते तो पूरा शहर बारिश के बीच यूं गड्ढों में नहीं उलझता। शहर में सीवेज लाइन का काम अंकिता कंस्ट्रक्शन कर रही है, जबकि पानी की लाइन का ठेका टाटा कंपनी को दिया हुआ है।
अफसर, बोले, जल्द रेस्टोरेशन होगा
जब सड़कों पर गड्ढों और कीचड़ से लोग परेशान हो गए। घर से निकलना मुश्किल हो गया तब निगम के अफसर गड्ढों की पड़ताल को निकले। निगमायुक्त केवीएस चौधरी का कहना है कि सभी जगह रेस्टोरेशन का काम चल रहा है। इसके लिए निगम- एजेंसी मिलकर काम कर रही है।

ये है स्थिति
जेके रोड गड्ढों से भरा है। इसे पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर आदर्श मार्ग बनाना चाहते थे। इस पर 10 करोड़ रुपए से अधिक खर्च हुए हैं।
सुभाष ब्रिज के पास पीडब्ल्यूडी व मेट्रो कंपनी के साथ नगर निगम द्वारा पाइप लाइन का काम जारी है, लेकिन अंडरब्रिज के साथ सुभाष ब्रिज के पास जिंसी की ओर सड़क गड्ढों से भरा है।
भेल के सामने मुख्यमार्ग के साथ पास की कॉलोनियों की एप्रोच रोड गड्ढों से भरी है। भेल के सामने रोज 50 हजार से अधिक लोग गड्ढों भरी सड़कों से गुजरते हैं।
कोलार सस्ता भंडार के राजहर्ष कॉलोनी के नम्रता नगर में डेढ़ साल पहले सीवेज लाइन के लिए खुदाई हुई थी। मिट्टी से गड्ढा भरा था, अब रिमझिम बारिश में पूरी मिट्टी करीब डेढ़ फीट तक कीचड़ में बदल गई।
होशंगाबाद रोड पर रेस्टोरेशन कराने के निर्देश
मो तिया तालाब, नवाब सिद्दीक हसन खां तालाब, ताज कॉलोनी के चारों ओर बस्तियों में सीवेज पाइप लाइन बिछाने के काम 10 दिन में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। निगमायुक्त केवीएस चौधरी ने यहां बुधवार को निरीक्षण कर ये समय सीमा तय की। चौधरी ने नव बहार सब्जी मंडी क्षेत्र में सीवेज पाइप लाइन बिछाने के काम की गति बढ़ाने, होशंगाबाद रोड क्षेत्र में सीवेज पाइप लाइन बिछाने व रेस्टोरेशन के काम करने थिंक गैस व अंकिता फ र्म के प्रतिनिधियों से कहा है। इन्हें यहां मानक स्तर की गुणवत्ता के साथ जल्द काम पूरा करने के निर्देश दिए। चौधरी ने बुधवार को होशंगाबाद रोड, आशिमा मॉल, आदि क्षेत्रों में सीवेज पाइप लाइन संबंधी कामों का जायजा लिया।

भोपाल. कोहेफिजा क्षेत्र में मौजूद प्राइवेट मेयो हॉस्पिटल के संचालक डॉक्टर एके जायसवाल ने अस्पताल में पोस्ट कोरोना की वजह से बीमार 22 वर्षीय एक युवती से जांच के दौरान जबरदस्ती करने का प्रयास किया। 22 वर्षीय पीडि़त युवती ने थाने पहुंचकर मेयो हॉस्पिटल के संचालक डॉ. एके जायसवाल के खिलाफ छेड़छाड़ एवं जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज कराया है। कोहेफिजा पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई है।

पीडि़त युवती ने पुलिस को बताया कि वह आठ अगस्त को अस्पताल में इलाज कराने के लिए गई थी। एक महिला डॉक्टर से जांच कराने के बाद मौके पर डॉ. एके जायसवाल खुद आ गए। डॉ. जायसवाल युवती को अपने साथ डायलिसिस रूम में लेकर गए और वहां जांच करने का नाटक करने लगे। वहां गलत तरीके से पकडऩे का प्रयास किया। विरोध किया तो डॉक्टर ने मारपीट करते जान से मारने की धमकी भी दी।

डॉक्टर को नोटिस देकर बुलाएंगे
कोहेफिजा थाना प्रभारी अनिल बाजपेई ने बताया कि यह मामला गिरफ्तारी का नहीं है। इस मामले में डॉक्टर को नोटिस देकर बुलाया जाएगा। मामला दर्ज करने के बाद विवेचना की जा रही है।

दुकान में बंद कर मासूम के साथ व्यापारी ने की जबरदस्ती
कोतवाली इलाके में कपड़े की दुकान चलाने वाले खानूगांव निवासी मंसूर खान ने दुकान पर स्कार्फ खरीदने आई 10 साल की बच्ची को दुकान के अंदर बंधक बना लिया और जबरदस्ती की। बच्ची ने मंसूर का विरोध किया, तो उसने मारपीट भी की। बीती रात 11 बजे हुई घटना के वक्त मौके से कोतवाली पुलिस पेट्रोलिंग टीम गुजर रही थी।

बच्ची की चीख पुकार सुनकर पुलिस ने शटर में डंडे मारे तो अंदर से बच्ची की आवाज तेज हो गई। आरोपी मंसूर को धमकाने और डराने के बाद उसने दुकान का शटर खोला जिसके बाद बच्ची रोते हुए बाहर आई और पुलिस को पूरी घटना बताई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

टीआई कोतवाली शाहनवाज खान ने बताया कि पीडि़ता के पिता का निधन हो चुका है। मां अलग रह रही है। मंगलवार रात बच्ची नदीम रोड में स्कार्फ खरीदने आई हुई थी। खानूगांव निवासी 30 वर्षीय मंसूर ने उसे स्कार्फ दिखाने के बहाने दुकान के अंदर बुला लिया। दुकान के अंदर जाते ही आरोपी ने शटर बंद कर लिया।

भोपाल. प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों से ३500 एमबीबीएस डॉक्टर तैयार होते हैंं। ये सभी मप्र मेडिकल काउंसिल (एमपीएमसी) में रजिस्ट्रेशन भी कराते हैं, लेकिन इनमें आधे ज्वॉइन ही नहीं करते। बीते साल कोरोना काल में प्रदेश में करीब २१०० पदों पर भर्तियां निकाली गईं, लेकिन महज ९०० डॉक्टर ही ज्वॉइन करने पहुंचे। इनमें से भी कुछ ज्वॉनिंग के बाद छोड़ गए।

दरअसल निजी कॉलेजों में एमबीबीएस के लिए ५० लाख सालाना फ ीस भरने के बाद यह डॉक्टर निजी क्षेत्रों में काम करना चाहते हैं। यही स्थिति सरकारी मेडिकल कॉलेज से निकलने वाले डॉक्टरों की है। ये भी निजी अस्पतालों मंे काम करना ज्यादा बेहतर समझते हैं, यही कारण है कि गांवों में सरकारी डॉक्टर नहीं हैं।
मालूम हो कि प्रदेश में १३ सरकारी और नौ निजी मेडिकल कॉलेज हैं जहां ३४८५ एमबीबीएस सीट हैं।

जब तक सरकारी संस्थानों में व्यवस्थाएं ठीक नहीं होंगी कोई यहां काम नहीं करना चाहेगा। स्वास्थ्य विभाग में वेतन विसंगति, प्रमोशन के नियम सहित तमाम दिक्कतें सालों से चली आ रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों मंे हालात और भी खराब है। इन सब समस्याओं के बाद सरकारी अस्पतालों में भीड़ और असुरक्षा। जब तक आदर्श स्थिति तैयार नहीं होती तब तक यही हालात रहेंगे।
डॉ. एसके सक्सेना, पूर्व अधीक्षक जेपी अस्पताल

हम लगातार डॉक्टरों की भर्ती का प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों की स्थिति भी सुधर गई है। अब तो डॉक्टर भी आ रहे हैं। कोरोना काल मंे डॉक्टरों के साथ अस्पतालों में सुविधाओं का भी विकास हुआ है।

डॉ.़ प्रभुराम चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री मप्र

निजी कॉलेजों में एक करोड़ रुपए फीस
1. सरकारी कॉलेज सामान्य सीट : 50000 टयूशन फ ीस, 3000 कॉशन मनी, 10000 हॉस्टल फीस, 1000 स्टूडेंट वेलफेयर, 10000 सिक्युरिटी डिपोजिट(प्रतिवर्ष)

2. सरकारी कॉलेज एनआरआइ फीस : 12000 डॉलर टयूशन फ ीस, 3000 डॉलर कॉशन मनी, 10000 रुपए हॉस्टल फीस, 100 डॉलर स्टूडेंट वेलफेयर, 1000 डॉलर सिक्युरिटी डिपोजिट(प्रतिवर्ष)
3. निजी मेडिकल कॉलेज सामान्य फीस : 8 से 11 लाख रुपए प्रति वर्ष, पांच लाख हॉस्टल, मेस और बस, तीन लाख अन्य

4. निजी मेडिकल कॉलेज एनआरआई फीस : 35 से 40 लाख रुपए प्रति वर्ष

कुल सरकारी मेडिकल कॉलेज-13
एमबीबीएस की सीटें- 2035
सरकारी डेंटल कॉलेज- 1
बीडीएस की सीटें- 63
निजी मेडिकल कॉलेज- 9
एमबीबीएस की सीटें- 1450

जावदेश्वर गांव के रास्ते ने बचाई कई जिंदगी
श्योपुर. मानपुर क्षेत्र के मेवाड़ा, कोटरा, शंकरपुर समेत कई गांवों में बाढ़ से हुई तबाही के निशान नौ दिन बाद भी ग्रामीणों को डरा रहे हैं। दो अगस्त को आई बाढ़ से सुबह चार बजे सीप नदी का पानी घुसने लगा। देखते ही देखते घुटने तक पानी पहुंच गया। मेवाड़ा गांव को पानी ने दोनों ओर से घेर लिया। ऐसे में यहां से बचकर निकलने के दो रास्ते बंद थे। ग्रामीण जावदेश्वर गांव के रास्ते की तरफ भागे। रास्ता खुला होने से 1200 ग्रामीण सुरक्षित स्थान तक पहुंच सके। ग्रामीणों के मुताबिक ये रास्ता नहीं होता तो जान बचाना मुश्किल होता। वापस आए तो तबाही देख सभी की आंखें भर आईं।
अंबाह: 400 घरों की बस्ती में डूब गए थे आधे मकान
अंबाह (मुरैना). बाढ़ का पानी कम होने से चंबल किनारे बस कछपुरा गांव के लोगों ने राहत की सांस ली है। अब परेशानियां दूसरी हैं। कछपुरा के निवासियों को तीन साल में दूसरी बार बाढ़ की विभीषिका झेलनी पड़ी है। इस बार आई बाढ़ से अधिकतर घर डूब गए थे, जिससे गृहस्थी का सामान बर्बाद हो गया। अब पीडि़तों के सामने भविष्य की चिंता है। बाढ़ पीडि़त तिरपाल से आड़ कर सडक़ किनारे रहने को मजबूर हैं। खेती केअलावा ग्रामीण मजदूरी कर जीवन यापन करते हैं। बाढ़ से फसलें बर्बाद हो गई हैं।

भोपाल. शहर में कई दिनों से अधिकतर जगहों पर टोस्ट ठेले पर रख दिख जाते हैं। इनकी क्वालिटी कैसी है, ये किस तरह की सामग्री से बनाए जा रहे हैं, इसमें मिलाया जाने वाला एमसीबी पाउडर मापदंडों पर कितना खरा उतर रहा है। इसको लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने जांच अभियान चला रखा है।

बुधवार को गोल्डन बेकरी और ओमनी कंफेक्शनरी पर टीम ने लाइसेंस की जांच के साथ मैदा, तेल और एमसीबी पाउडर के सैम्पल लिए। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अरुणेश पटेल ने बताया कि टोस्ट जमीन पर रखे मिलने पर गोल्डन बेकरी के संचालक को फटकार लगाई और मौके पर ही नोटिस जारी किया गया। सभी को जांच के लिए खाद्य एवं औषधि की प्रयोगशाला में भेजा गया है। ईंटखेड़ी स्थित फैक्ट्री में ब्रेड व टोस्ट बनाने के लिए उपयोग होने वाला मैदा नियमानुसार प्लेटफॉर्म पर नहीं रखा था।

एयरपोर्ट पर जबलपुर के व्यापारी के सामान में मिले 15 कारतूस
राजभोज एयरपोर्ट पर बुधवार सुबह जबलपुर के व्यापारी अजय खंडेलवाल से सीआइएसएफ ने 15 कारतूस बरामद किए हैं। जांच में खंडेलवाल ने बताया कि उनके पास लायसेंसी रिवॉल्वर है, जिसके लिए उन्होंने कारतूस खरीदे थे। रिवॉल्वर का लायसेंस भी एक्सपायरी पाया गया। सीआइएसएफ डिप्टी कमाडेंट मान ङ्क्षसह ने मामला गांधी नगर पुलिस को सौंप दिया।

एसआइ सीआइएसएफ सुधीर चौधरी ने बताया कि भोपाल से अहमदाबाद जा रहे यात्री के पास से जवानों ने 15 कारतूस बरामद किए। जवानों ने जबलपुर निवासी 56 साल के अजय खंडेलवाल को हिरासत में लिया और उनसे पूछताछ शुरू की। उन्हें बुधवार सुबह इंडिगो की फ्लाइट से अहमदाबाद जाना था।

चैकिंग के दौरान सब इंस्पेक्टर कुलदीप ने उनके बैग में 15 कारतूस पकड़े थे। सीआइएसएफ की पूछताछ में अजय ने बताया कि बैग में धोखे से कारतूस आ गए। अजय का कहना था कि बैग में महीनों पहले कारतूस रखे थे। एयरपोर्ट आने से पहले उन्होंने बैग की चैकिंग नहीं की और कारतूस बैग में रखे रह गए।

भोपाल. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने डेयरियों का प्रबंधन तय गाइडलाइन और नियमों के अनुसार करने के निर्देश नगर निगम और एमपीपीसीबी को दिए हैं। एनजीटी की सेंट्रल जोन बेंच ने वर्ष 2015 में लगी सुशील शर्मा की याचिका पर बुधवार को अंतिम आदेश जारी किया। आदेश में गाइडलाइन के अनुसार 10 से ज्यादा पशु वाली गौशालाओं और डेयरियों को वायु और जल प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम में राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से कंसेंट या अनुमति अनिवार्य है। एमपीपीसीबी को निर्देशित किया है कि जो डेयरियां अनुपचारित पानी जलस्रोतों या खुले में बहा रही हैं उसकी जांच की जाए। गड़बड़ी पर पीसीबी कार्रवाई कर सकता है। एनजीटी ने डेयरियों की शिफ्टिंग के बारे में कहा है कि ट्रिब्यूनल द्वारा पहले जारी की गई गाइडलाइन का पालन किया जाए।

4 साल में शिफ्टिंग नहीं

एनजीटी ने वर्ष 2017 में सभी डेयरियों को राजधानी के बाहर शिफ्ट करने का आदेश दिया था। नगर निगम द्वारा पेश जवाब में बताया गया था कि शहर में 765 डेयरियां चल रही हैं। एनजीटी द्वारा लगातार पूछताछ के बाद नगर निगम ने परवलिया, अरवलिया, कालापानी, ग्राम दीपड़ी, तूमड़ा, मुगालिया कोट और फतेहपुर डोबरा में शिफ्टिंग के लिए जगह चिन्हित की थी। लेकिन अभी तक यह शिफ्टिंग नहीं हो पाई है।

सीपीसीबी की गाइडलाइन
डेयरी फार्म व गौशाला शहर व गांव की सीमा से दूर हो। आवासीय क्षेत्र, स्कूल और अस्पताल से कम से कम 100 मीटर दूर होना चाहिए।
डेयरी व गौशाला नदी, तालाब या जलस्रोतों के वेटलैंड से 200 मीटर दूर हो। पास में ढाई मीटर एरिया में ग्रीनबेल्ट होना चाहिए।
डेयरियों से अनट्रीटेड वेस्ट बाहर न निकले, ये नालों, नदियों या सीवेज लाइन में न डालें।
गोबर को कंपोस्टिंग, वर्मी कंपोस्टिंग, बायोगैस, गौकाष्ठ में उपयोग करना चाहिए।
डेयरी संचालक गोबर निश्चित अंतराल पर नियमित रूप से साफ करें, डेयरी परिसर और आसपास प्रतिदिन सेनीटाइज्ड करें और चूना डालें।
वेस्ट पानी ट्रीट करके ही बाहर निकालें। व्यक्तिगत या सामूहिक ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करें।
यहां का पानी भूजल को दूषित नहीं करे। इसके लिए डेयरियों के शेड में प्रॉपर फ्लोरिंग के साथ वेस्ट वाटर कलेक्शन सिस्टम होना चाहिए। पशुओं की सुरक्षा के लिए फर्श चिकना भी नहीं होना चाहिए।

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