>>: Digest for April 18, 2021

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Table of Contents

कटनी. विजयराघवगढ़ क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक स्टोन क्रेशर प्लांट संचालित हैं। इन प्लांटों में सरकार के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ रहीं हैं। इनकी मनमानी पर रोक लगाने वाले अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे। क्रेशर प्लांट संचालन के लिए सरकार के नियम निर्धारित है लेकिन नियम का पालन नहीं किया जाता। बता दें कि विजयराघवगढ़ तहसील क्षेत्र के नन्हवारा ग्राम में कैमोर झुकेही मार्ग से मात्र सौ मीटर की दूरी पर लगा यह क्रेशर प्लांट वहां बसी बस्ती के लोगों के लिए बीमारी की देन बना है। प्रदूषण विभाग के नियमों को ताक पर रखकर प्लांअ चल रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि इस क्रेशर प्लांट में न तो बाउंड्रीवाल है और नाही पेड़-पौधे, पानी का छिड़काव भी नहीं होता। फिर भी यह क्रेशर नियमों को ताक पर रखकर अफसरों के आशीर्वाद से चल रहा है। इसी क्रेशर के पास गौ शाला भी बनी हुई है। प्रदूषण इतना कि रोड से निकलने वाले वाहन तक नहीं दिखते। दोपहिरया वाहन चालक व राहगीर धूल के कड़ आंख में आने से कई बार भिड़ भिड़ जाते हैं। वहीं पास में बस्ती के लोग क्रेशन के प्रदूषण से त्रस्त हो चुके हैं, लेकिन क्रेशर संचालक अपनी मनमानी पर उतारू है।
क्रेशर प्लांट से उड़ेने वाली धूल डस्ट से आसपास रहने वाले ग्रामीणों को प्रदूषण से बचाने का कोई इंतजाम नही किया जा रहा। बता दें कि क्रेशर संचालको द्वारा लाइसेंस लेने के लिए नियम का पालन करने की लिखित अनुमति दी जाती है, इसके बावजूद नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। तहसील क्षेत्र के रसूखदारों के आधा दर्जन क्रेशर प्लांट संचालित हैं। कई संचालक शासन की ओर से निर्धारित मानकों का पालन नहीं करते हैं, जिसकी सजा ग्रामीण भुगत रहे हैं। ग्रामीणों ने क्रेशर से उड़ रही धूल को बंद कराने प्रशासन से मांग की है।

ग्रामीणों को सिलिकोसस का खतरा
क्रेशर प्लांट तीन से चार किमी के आवासीय क्षेत्र को प्रभावित करता है। पत्थर खदानों में काम करने वाले मजदूर और आसपास रहने वाले लोगों में शत प्रतिशत सिलिकोसिस होने की संभावना रहती है। इसके अलावा ये करीब एक किमी क्षेत्र की खेती को भी गंभीर रूप से नष्ट करते हैं। इनके आसपास की जमीन बंजर हो जाती है नियमानुसार मशीनों को कबर्ड करने के साथ पानी का छिड़काव नही किया जाता जिससे किसानों की जमीन बंजर हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि क्रेशर प्लांट के कारण आसपास क्षेत्र में हमेशा 24 घंटे धूल उड़ती है। ग्रामीणों ने कहा कि खजिन, प्रदूषण, स्थानीय प्रशासन को निगरानी रखना चाहिए, लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा।

इनका कहना है
यदि के्रेशर संचालन में नियमों का पालन नहीं किया जाता तो तत्काल इसकी जांच कराएंगे। मनमानी पर संचालक के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई होगी। क्षेत्र के हर क्रेशर संचालक व अन्य कारोबारियों को मानकों का पालन करना होगा।
जितेंद्र पटेल, तहसीलदार, विजयराघवगढ़।

कटनी. गरीब तबके के लोगों को सरकार के पीएम आवास सुविधा का लाभ पाने महीनों का इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसा ही एक मामला जनपद पंचायत बहोरीबंद की ग्राम पंचायत बुधनवारा का सामने आया है। जहां पीएम आवास की सुविधा मिलने पर घर बनाने पहली किश्त की राशि आने का इंतजार हितग्राही कर रहे हैं। हितग्राही जल्द से जल्द आवास बन जाये इसके लिए अपने स्वयं आशियाना तोड़ दिए हैं, लेकिन अभी तक राशि नहीं आने से हितग्राही परेशान होने लगे हंै। ग्राम पंचायत बुधनवारा के पीएम आवास हितग्राही मीरा बाई काछी, कल्लू बाई लोधी, ओमकार लोधी, अजमेर सिंह, रमेश काछी, हलीमन बी, रमेश साहू ने बताया कि ग्राम पंचायत बुधनवारा को वर्ष 2021-22 के लिए 110 पीएम आवास का लक्ष्य मिला है।
लक्ष्य आवंटन के बाद ग्राम पंचायत के सरपंच, ग्राम रोजगार सहायक व सुपरवाइजर के द्वारा सत्यापन प्रक्रिया भी पूर्ण कर ली गई है, लेकिन सत्यापन के बाद चयनित सूची पूर्ण कर जनपद नहीं भेजी जा रही है। मिले लक्ष्य में अपने अपने लोगों का चयन करने सरपंच व सुपरवाइजर की आपसी खींचतान मची हुई है। जिस कारण ग्राम के अन्य पात्र हितग्राही परेशान हो रहे है। आवास योजना की पहली किश्त की राशि अब तक हितग्राहियों के खाता में जमा नहीं की गई है। राशि खाते में नहीं आने से हितग्राही काफी परेशान है और किश्त की राशि आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे है। ग्रीष्मकालीन समय चल रहा है दो माह बाद बारिश का दौर शुरू हो जाएगा। यदि समय रहते आवास नही बने तो फिर ब?ी परेशानी सामने आ जाएगी।

आवास के लिए तोड़ दिए मकान
हितग्राही बेबी बाई पति बिनोद काछी व छोटी बाई पति श्यामलाल राजपाल ने बताया कि हमारा नाम पीएम आवास सूची में था। ग्राम पंचायत के सुपरवाइजर, सरपंच व ग्राम रोजगार सहायक के द्वारा पात्रता सूची में नाम के बाद सत्यापन करने घर भी आए थे। जिसमें सत्यापन के बाद पात्र भी पाए गए साथ ही सभी आवश्यक दस्तावेज भी जमा कर दिये गए। अब पीएम आवास योजना का घर बनाने स्वयं का घर भी तोड़ दिया गया है, लेकिन पहली किश्त की राशि न आने से आवास का कार्य शुरू नहीं हो पा रहा। घर टूट जाने के बाद वैसे भी रहने के लिए समुचित व्यवस्था नही है और दूसरी ओर कर्मचारियों के द्वारा परेशानी बढ़ाई जा रही है। जब इस संबंध मे जनपद के अधिकारियों को शिकायत की गई तो यह कह दिया गया कि अभी आपकी पंचायत से चयनित सूची नही आई है कैसे राशि का एफटीओ कर दें। गौरतलब है कि वर्ष 2020-21 के लिए बहोरीबंद जनपद को 4292 पीएम आवासों का लक्ष्य मिला है। 3500 से अधिक हितग्राहियों को पहली किश्त की राशि जारी कर दी गई है। अन्य ग्राम पंचायतों में पहली किश्त की राशि हितग्राहियों को मिल जाने के बाद आवास का कार्य भी शुरू कर दिया गया ओर दूसरी किश्त की भी कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

इनका कहना है
ग्राम पंचायत बुधनवारा में पीएम योजना में सुपरवाइजर, सरपंच व ग्राम रोजगार सहायक के द्वारा लापरवाही बरती जा रही है, जिस कारण योजना के लाभ से पात्र हितग्राहियों को राशि जारी नहीं हो पाई। जिला पंचायत सीइओ को शिकायत दर्ज कराई गई है।
अखिलेश वर्मा बीसी, पीएम आवास योजना बहोरीबंद।

कटनी. वैश्विक महामारी की दूसरी लहर से समाज में भय का माहौल निर्मित हो गया है। इसकी मुख्य वजह है लोगों के चारो तरफ कोविड के कारण मिल रहे खराब संदेश हैं। लोग भयभीत हो गए हैं। यह वक्त डरने, भयभीत होने का नहीं बल्कि पूरी सकारात्मक ताकत के साथ महामारी से लडऩे का है। शासन-प्रशासन द्वारा तय गाइड लाइन का पालन करते हुए हमें अपनी सुरक्षा खुद करनी है, क्योंकि अब लोगों की सुरक्षा व्यवस्था महकमा व प्रशासन के बूते की बात नहीं रहे गई है। संपूर्ण लॉकउाउन के बाद भी महामारी की चैन जिले में नहीं टूट रही। हर दिन रिकॉर्ड मरीज सामने आ रहे हैं। गौर करने वाली बात तो यह है कि स्वास्थ सुविधाओं और व्यवस्थाओं में इजाफा जैसा कुछ भी नजर नहीं आ रही। सोशल मीडिया में चलने वाले संदेशों से लोग और डर रहे हैं। ऐसे में वक्त है लोगों को सकारात्मक संबल देने का और लोगों को संक्रमण से बचाने का। जिला चिकित्सालय से सेवानिवृत्त सीएस डॉ. एसके शर्मा ने कहा कि इस बार कोरोना संक्रमण से कोई कोना नहीं बचा है। इस लिए सावधानी बहुत जरूरी है। युवाओं में सजगता बेहद जरूरी है, सावधानी और समझदारी बेहद आवश्यक है। पिछली बार 60 प्लस ज्यादा थे, इस बार युवाओं को भी संक्रमित तेजी से कर रहा है। लोग बहुत आवश्क होने पर ही निकलें, मास्क लगाए, सामाजिक दूरी का पालन करें। लोग सोशल मीडिया में सकारात्क संदेश जारी करें। घर पर लोग गर्म पानी से कुल्ला व हल्दी-नमक के गरारे करते रहें। मल्टीविटामिन, जिंक, बी-काम्पलेक्स, विटामिन सी एम्युनिटी के लिए लेते रहें। सुबह-शाम भांप आवश्य रूप से लेकि, ताकि वायरस घातक न हो। बुखार तेजी से आ रहा है। अब 10 दिनों तक असर रह रहा है। तीसरे-चौथे दिन सीटी स्कैन में कम संक्रमण दिखता है, बाद में बढ़ जाता है। ऑक्सीजन लेवल 95 से कम होने पर ही अस्पताल जाएं। शासन द्वारा तय उपचार का प्रोटोकाल अवश्य पालन करें।

एकसाल बाद भी बेपरवाही
तिलक कॉलेज की प्रोफेसर चित्रा प्रभात ने कहा कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ कि जब महामारी आई हो। इस फेज से निपटने के लिए मेडीटेशन और अध्यात्म की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए। जरुरत से ज्यादा सोशल मीडिया का उपयोग न करें। लोगों को खुद को संयमित रखना होगा। इस देश को अपनी संस्कृति को नहीं भूलना चाहिए। सरकार ने एक साल तक लोगों को सिखाया, इसके बाद भी बेपरवाही हो रही है। अपने ही घरों में रहकर समाज को बचाने प्रयास करें। बहुत ज्यादा घृणा न करें, संक्रमित से दूरी न बनाएं। तनाव को कम करने के लिए प्रयास करना होगा। सुबह प्राणायाम करें। धैर्य बनाकर रखना है। जो समय आया है वह जाएगा, पीड़ादायक समय है, इसमें सभी को अंतरमन को शुद्ध करना होगा। सोशल मीडिया, अच्छी डाक्यूमेंट्री देखें, पुस्तकें पढ़ें, बेवजह के संदेशों से बचें। खुद को नियमित करें। अवसाद तभी आते हैं जब समाज में घटना व विपरीत स्थिति निर्मित होती हैं, संयम बेहद आवश्यक है। अस्पताल जाने की नौबत कम आए इसमें घर के मुखियों को बदलाव लाना होगा। अब एकबार फिर घर-घर टेस्टिंग होना आवश्यक है।

कटनी. ढीमरखेड़ा पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर बड़ी मात्रा में गांजा जप्त किया है। आरोपियों करते हुए गिरफ्तार करते ट्रक को जप्त कर लिया है। पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने बताया कि ढीमरखेड़ा पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी ट्रक क्रमांक एमएच 40 बीजी 9619 ढीमरखेड़ा की ओर जा रहा है, उससे गांजा की तस्करी हो रही है। मुखबिर की सूचना पर तत्काल ढीमरखेड़ा थाना प्रभारी अर्चना सिंह ने टीम गठित की। इसमें उपनिरीक्षक विष्णु शंकर जयसवाल, राजकुमार अहिरवार, आरक्षक पंकज सिंह, साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक नीरज दुबे, आरक्षक प्रशांत एवं सत्येंद्र को मौके के लिए रवाना किया गया। ग्राम पौड़ी रोड पर पहुंचकर नाकाबंदी की गई। जांच के दौरान उक्त ट्रक की घेराबंदी करते हुए सिमरिया ठिर्री पुल के पास तलाशी के दौरान संतोष यादव (50) निवासी सिंधी कैंप झिन्ना मोहल्ला हनुमानताल जबलपुर एवं रवि पटेल (38) निवासी उर्दूआ बघेली थाना पनागर के कब्जे से 45 किलो गांजा एवं 3000 रुपये नगद जब्त किए गए। आरोपियों के कब्जे से अवैध मादक पदार्थ मिलने पर उनके विरुद्ध धारा एनडीपीएस एक्ट का प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेजे गए । आरोपियों ने पूछताछ में गांजा उड़ीसा से खरीदकर विलायतकला बड़वारा क्षेत्र में बेचने की जानकारी दी।

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