>>: सड़क़ पर बारात से जाम, कानफोडू डीजे कर रहे आचार संहिता का खुलेआम उल्लंघन

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छतरपुर. शहर की सडक़ों पर अब चलना मुश्किल हो गया है। सडक़ किनारे पसरे दुकानदारों के अतिक्रमण, जगह-जगह लग रहे हाट बाजारों की परेशानियों से जहां दिन भर जाम लगता है तो वहीं रात के वक्त बिना पार्किंग के विवाह घरों के कारण पूरा हाइवे जाम हो जाता है। विवाह घरों में पार्किंग न होने के कारण जहां वाहन हाइवे पर खड़े कर दिए जाते हैं तो वहीं सडक़ पर बेफि क्र होकर नाचती बारातें भी घंटों तक हाइवे को जाम रखती हैं। इतनी ही नहीं कानफोडू डीजे रात 10 बजे के बाद भी धडल्ले से बजाए जा रहे हैं। प्रशासन के नोटिस पर भी विवाह घर के संचालकों के कान पर जूं नहीं रेंगी और यह अवैधानिक विवाह घर बेरोकटोक संचालित हैं।

हर साल बढ़ रहे विवाह घर
शहर में हर वर्ष विवाह घरों की संख्या बढ़ती जा रही है और मुख्य सडक़ों के साथ ही गलियों में भी विवाद घर व गार्डन संचालित हो रहे हैं। जहां पर न तो वाहनों को खडा करने के लिए पार्किंग है और न ही कचरा आदि का प्रबंधन किया जा रहा है। ऐसे में विवाद घर व गार्डन को बीते वर्षों में नोटिस देकर विभिन्न व्यवस्थाएं करने के लिए कहा था और नियमों की अनदेखी पाए जाने पर कारवाई करने की बात कही गई थी। लेकिन इसके बाद न तो कार्रवाई की गई और न ही सुधर हो सका। छतरपुर शहर में 45 विवाह घर नियम विरूद्ध संचालित किए जा रहे हैं। इनमें से केवल एक का पंजीयन हैं, कुछ में पार्किंग की व्यवस्था है। बाकी सभी मनमाने तरीके से संचालित विवाह घरों पर प्रशासन की कार्रवाई मात्र नोटिस थमाने तक ही सीमित है। जिसका फायदा उठाकर विवाह घरों के संचालक टैक्स दिए बिना मोटी कमाई करने में जुटे हैं।

बारात निकलने से लगा जाम

तीन साल पहले जारी किया था आदेश, पालन अभी तक नहीं
तीन वर्ष पहले एसडीएम सहित अधिकारियों की चर्चा के बाद एसडीएम की ओर से जारी नोटिस में लिखा था कि शहर के सागर रोड, महोबा रोड, नौगांव रोड, सटई रोड, देरी रोड, जवाहर रोड, पठापुर रोड सहित उस दौरान शहर के अंदर 45 विवाह गार्डन मौजूद थे। शहर के 43 मैरिज गार्डन में वाहन पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने पर एसडीएम ने लिखा था कि निर्माण स्वीकृति के बिना इस सभी मैरिज गार्डन का निर्माण कर संचालन किया जा रहा है। इसलिए 24 घंटे के अंदर सभी मैरिज गार्डन संचालक दस्तावेजों सहित अपना-अपना जवाब प्रस्तुत करें। समय पर जवाब प्रस्तुत न करने पर संचालित विवाह घर को सील करने के साथ ही अन्य कार्रवाई की जाएगी। लेकिन तीन साल बीतने के बाद किसी पर भी कार्रवाई की आंच नहीं आई।

इनको थमाए गए थे नोटिस, न हुए प्रबंध न कार्रवाई
बीते 2018, 2019 व 2021 में विवाह घरों और गार्डनों के मामले में नगर पालिका, एसडीएम और यातायात पुलिस ने विवाह घरों के संचालकों के साथ बैठकें की और नियमों का पाठ पढाया लेकिन किसी भी एक न सुनी, जिसके बाद सभी के नाम पर नोटिस दिए थे। जिसमें हरी वाटिका, मिलाप गार्डन, शिवांश पैलेस, सैफरान लॉन, इंपीरियल मैरिज गार्डन, दद्दू मैरिज हाउस, श्रीराम मंडपम, ला केपिटल मैरिज हाऊस, जैन मंडपम, गुलाब मैरिज हाऊस, गणेश मंडपम, पुरुषोत्तम मैरिज हाऊस, अभियंत मैरिज गार्डन, बंधन मैरिज हाऊस, वासुदेव कृष्ण वाटिका, गजराज पैलेस, साक्षी मैरिज हाउस, सिद्धि मैरिज गार्डन, रायल मैरिज गार्डन, मधुवन मैरिज गार्डन, विराज मैरिज गार्डन, श्रीकृष्णा वाटिका, शहनाई गार्डन, कल्याण मंडपम, संस्कार वाटिका, सिटी सेंटर गार्डन, आशीर्वाद मंडपम, रीजेंसी मैरिज गार्डन, शांति मैरिज हाउस, रामराजा मैरिज हाउस, महाराजा पैलेस, अमर मंडपम, वृंदावन गार्डन, नंदीबाला मैरिज गार्डन, वैद्य वाटिका, न्यू परिणय वाटिका, उत्सव धाम, शिव वाटिका, सिद्धि विनायक, ज्योति मैरिज गार्डन, सेंगर वाटिका और सिद्ध गनेश मैरिज हाउस सहित छतरपुर के 50 से अधिक और करीब 25 से अधिक नौगांव प्रशासन द्वारा नौगांव के मैरिज हाउस संचालकों के नाम पर जारी किए थे। नोटिस में जिन प्रविधानों व मानकों का पालन करने का उल्लेख किया गया था इनमें से किसी भी विवाह घर ने मानकों को पूरा नहीं किया है। वहीं अधिकारियों द्वारा इन पर कोई ठोस कार्रवाई भी नहीं हो सकी।

इनका कहना है
शहर में संचालित मैरिज गार्डनों की नगरपालिका अधिकारियों को भेजकर जांच कराई जाएगी। नोटिस दिया जाएगा, फिर भी व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो जुर्माना लगाया जाएगा।
माधुरी शर्मा, सीएमओ, नगरपालिका

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