>>: बागेश्वर धाम में परिवार से बिछड़ी मानसिक रुप से कमजोर युवती को परिजनो से मिलाया

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छतरपुर. निर्वाना आश्रय गृह में रह रही युवती के परिजन मिल गए हैं। खोई हुई बहन पाकर युवती की बहन व भाइयों के आंख से आंसू छलक उठे। पिता की मौत के सदमें में मानसिक रुप से कमजोर हो गई युवती 9 मार्च को परिजनों से बागेश्वर धाम में बिछड़ गई थी।

9 मार्च 2023 की रात लगभग 8 बजे बमीठा थाना पुलिस द्वारा एक लावारिस मानसिक विछिप्त बालिका को बाल कल्याण समिति, छतरपुर के आदेश पर आश्रय हेतु निर्वाना फाउण्डेशन संस्था में लाया गया था। पुलिस के बताए अनुसार इस बालिका की सूचना बागेश्वर धाम के स्थानीय लोगो द्वारा 9 मार्च 2023 की दोपहर को थाना बमीठा को दी गयी थी, जानकारी मिलने के बाद थाना बमीठा द्वारा राधा तिवारी को बागेश्वर धाम के हलिपैड के पास की झाडिय़ों में से शाम के लगभग 6 बजे बरामद किया गया था। वह शायद बागेश्वर धाम में अपने परिवार जानो से बिछड़ गई थी। बहुत पूछताछ करने के बाद भी राधा को अपने नाम के अलावा और कुछ भी याद नहीं था। कुछ दिन बाद बहुत पूछने पर राधा ने बताया कि वह रीवा, मध्य प्रदेश की रहने वाली है और उसके गांव का नाम मकर्वत है। इधर 15 मार्च 2024 की शाम को थाना बमीठा से फोन आया की राधा तिवारी के परिवार वाले उसे खोजते खोजते थाना में आए है।

राधा को विदाई देते निर्वाना के संचालक संजय सिंह

उसके बाद राधा की बड़ी बहन सुमन तिवारी, भांजी रीना मिश्रा, चचेरे बड़े भाई विष्णु प्रसाद तिवारी, भतीजा प्रांशु तिवारी आदि सभी लोग राधा को घर पर ले जाने के लिए निर्वाना फाउण्डेशन संस्था पहुंचे। राधा के परिवार जनों को मिलकर सारी कहानी जानने और सारे कागज देखने के बाद यह पता चला की राधा तिवारी (सोनाली) की उम्र अभी 19 वर्ष है। राधा ग्राम मकर्वत, रीवा, मध्यप्रदेश की रहने वाली है, उसने अपनी आठवीं कक्षा 2019 में पास की थी और नवमीं कक्षा के दौरान उसके पिता का बीमारी की वजह से देहांत हो गया था और दौरान लॉकडाउन होने के कारण राधा अपनी नवमी कक्षा की परीक्षा नहीं दे पाई थी। पिता से अत्यधिक लगाव एवं प्रेम होने के कारण राधा के दिमाग पर बहुत ज्यादा गहरा सदमा पंहुचा था, जिस वजह से पिता की मृत्यु के दस - ग्यारह महीने के पश्चात राधा की मानसिक स्तिथि बहुत ज्यादा बिगडऩे लगी थी। राधा के परिवार वालो को किसी ने बागेश्वर धाम के बारे में बताया और वह लोग राधा को लेकर 7 मार्च 2024 को बागेश्वर धाम आ गए थे। धाम पर 8 मार्च को सामूहिक कन्या विवाह के कार्यक्रम के दौरान रात को लगभग 11.30 बजे खाना खाने के बाद राधा अपनी बड़ी बहन और भांजी से लाखो की भीड़ होने के कारण बिछड़ गई थी।

बड़ी बहन से मिलकर छलक उठे आंसू
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