>>: Digest for August 07, 2021

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भोपाल. पुराने शहर निवासी तीन फर्जी पत्रकार शहरयार खान, मोहम्मद उवेश एवं जावेद खान ने गोविंदपुरा थाना अंतर्गत रचना नगर में रहने वाले बिल्डर अनिल भार्गव पर 10 लाख रुपए की अड़ीबाजी करने का प्रयास किया। खुद को पत्रकार बताते हुए तीनों आरोपी बिल्डर के रचना नगर स्थित बंगले पर पहुंच गए। तीनों ने बिल्डर को डराने धमकाने के साथ कहा कि हमें पता चल गया है तुम्हारे घर में चार करोड रुपए नकद रखे हैं। चुपचाप हमें दस लाख रुपए दे दो नहीं तो आयकर विभाग में सूचना देकर छापा पड़वा देंगे। इससे तुम्हारा धंधा चौपट करा देंगे। बिल्डर अनिल भार्गव ने तीनों आरोपियों की धमकी को नजरअंदाज करते हुए उन्हें फौरन अपने बंगले से बाहर निकल जाने की चेतावनी दी।

10 लाख नहीं तो दस हजार ही दे दो...
मामला बनता नहीं दिखा तो आरोपी दस लाख से दस हजार तक आ गए। बिल्डर ने इस पर नाराजगी जताई जिसके बाद तीनों आरोपी भड़क गए भार्गव पर हमला कर दिया। मारपीट के दौरान अनिल भार्गव के सीने एवं सिर में चोट भी आई है। चिल्लाने की आवाज सुनकर भार्गव का बेटा अंकुर, पड़ोसी शंकर एवं ड्राइवर ने घर के अंदर आकर बीच-बचाव किया। सभी ने मिलकर तीनों आरोपियों को पकड़कर एक कमरे में बंद कर दिया और गोविंदपुरा पुलिस को सूचना दे दी। गोविंदपुरा पुलिस ने तीनों गिरफ्तार किया। तीनों ब्लैक मेलिंग व मारपीट का मामला दर्ज किया। आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।

फेसबुक आइडी हैक कर युवती को कर रहा था ब्लैकमेल
मिसरोद थाना अंतर्गत स्थानीय निवासी राहुल झा के खिलाफ एक युवती ने ब्लैकमेलिंग का प्रकरण दर्ज करवाया है।
पीडि़त युवती ने पुलिस को बताया कि आरोपी राहुल ने उसका फेसबुक आईडी हैक कर लिया
है और फेसबुक पर फोटो निकालकर उसे एडिट कर प्रताडि़त करने का प्रयास कर रहा है। पुलिस ने आरोपी राहुल के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। युवती ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से ही उसकी राहुल झा से जान पहचान हुई थी। बाद में दोनों चैटिंग करने लगे थे। एक दिन राहुल ने बताया कि उसने सोशल मीडिया अकाउंट को हैक कर लिया है और कुछ फोटो निकाल कर उन्हें एडिट किया है। फोटो दिखाने के बाद जब युवती ने आपत्ति जताई तो प्रताडि़त करने लगा और मिलने के लिए दबाव बनाने लगा।

उधारी में ट्रैक्टर खरीदा, पैसे मांगे तो दी धमकी
मिसरोद थाना अंतर्गत ट्रैक्टर शोरूम के मालिक राम लखन सिंह ने अपने परिचित मुकेश जाटव के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया है। पीडि़त ने बताया कि उन्होंने जान पहचान के चलते मुकेश जाटव को 5.60 लाख कीमत का ट्रैक्टर बेचा था। उधारी में ट्रैक्टर लेकर किस्तों में राशि जमा करने की बात कही थी। लंबे समय तक जब किस्त नहीं चुकाई तो व्यापारी द्वारा रुपए की मांग की गई। मुकेश ने न ट्रैक्टर लौटाया न रुपए दिए। दबाव बनाने पर उसने धमकी देना शुरू कर दिया।

भोपाल. सरकार के सभी विभागों का ट्यूटर, फेसबुक, वाट्सऐप, इंस्ट्राग्राम अकाउंट होगा। इससे विभागों के आला अफसर मंत्री और सरकार की छवि को चमकाने का काम करेंगे। इस मीडिया से विभाग हर दिन एक बड़ी उपलब्धि के साथ ही सरकार और मंत्रियों के संदेश सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने का काम करेगा। उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने का काम अधिकारियों के साथ कर्मचारी भी करेंगे।

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सरकार का मानना है विभागों के अच्छे काम, उपलब्धि व जनहितैषी योजनाओं का प्रचार-प्रसार बराबर नहीं हो पा रहा है। सरकार और विभिन्‍न विभाग प्रचार-प्रसार करने में करोड़ों रुपए खर्च करते हैं। विभागों के हर दिन, हर माह किए गए अच्छे कार्यों को इस मीडिया में अपलोड किया जाएगा। सफलता की कहानी, अधिकारियों, कर्मचारियों के बेहतर प्रयास को भी लोगों तक पहुंचाया जाएगा।

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सरकार के रोज जारी होने वाले आदेश, निर्देश और निर्णय से लोगों को अवगत करने के लिए भी इस प्लेटफार्म का उपयोग किया जाएगा। सरकार ने सभी विभाग को सोशल मीडिया अकाउंट बनाने व इसके उपयोग के संबंध में दिशा-निर्देश दिए हैं। काम आइटी सेल को दिया जा रहा है। बताया जाता है कि कुछ विभागों ने अपने यहां आइटी सेल के साथ सोशल मीडिया सेल भी बना दिया है।

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मंत्रियों की उपलब्धि पर फोकस
बताया जाता है कि सुप्रीम कोर्ट ने शासकीय विज्ञापन में मंत्रियों की फोटो लगाने पर रोक लगा दी है। विज्ञापनों में सिर्फ प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की फोटो लगती है। इसके चलते विभागों के प्रचार-प्रसार में मंत्रियों के चेहरे नहीं दिख पाते हैं। अब मंत्री इस मीडिया के जरिए अपनी उपलब्धि और संदेश जन-जन तक पहुंचा सकेंगे। इसके माध्यम से विज्ञापन का प्रचार-प्रसार भी कर सकेंगे। मंत्री अपने विभाग से जुड़े भाषण, कार्यक्रम, संदेश और योजनाओं को लोगों तक पहुंचा सकेंगे।

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प्रवीन श्रीवास्तव

भोपाल. नर्सिंग कॉलेजों के रजिस्ट्रेशन के नाम पर बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। शहर में जिन कॉलेजों की मान्यता दी गई है, उनमें कइयों के पते फर्जी हैं। छोटी क्लीनिक के नाम पर कॉलेजों का रजिस्ट्रेशन किया गया है तो कहीं कॉलेज के पते पर खाली मकान और दुकानें चल रही हैं। स्वयं के न्यूनतम 100 बिस्तर के अस्पताल की शर्त के कारण जिले में फर्जी अस्पतालों की बाढ़ आ गई है।

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नर्सिंग कॉलेज संचालक और बाबुओं की मिलीभगत से बिना अस्पताल के ही कॉलेजों को मान्यता मिल गई।सीएमएचओ कार्यालय ने भी फर्जी कागजों के आधार पर मान्यता दे दी। नर्सिंग काउंसिल के अनुसार शहर में 90 कॉलेज रजिस्टर्ड हैं। सीएमएचओ भोपाल डॉ. प्रभाकर तिवारी का कहना है कि जब लायसेंस दिए गए होंगे, तब इंफ्रास्ट्रक्चर, उपकरण, स्टाफ की जानकारी ली गई होगी। यदि अस्पताल नहीं हैं तो हम इसे चेक कराकर कार्रवाई करेंगे।

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9 हजार बेड होने चाहिए
चिकित्सा शिक्षा विभाग के नए नियमों के तहत कॉलेज संचालक को स्वयं का 100 बिस्तर का अस्पताल होना चाहिए। ऐसे में शहर में 90 नर्सिंग कॉलेजों पर 9000 बिस्तर होना चाहिए। वहीं कोरोना की दूसरी लहर में सैकड़ों मरीजों ने अस्पताल में बेड न होने की वजह से सड़कों पर ही दम तोड़ दिया। दरअसल नसिंग कॉलेज दूसरे निजी अस्पतालों से गठजोड़ कर बिस्तर अपने नाम पर दर्शाने का खेल करते हैं।

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इन कॉलेज में क्या मिला
1. ग्रीनपार्क कॉलोनी के पते पर दुकान और रहवासी कॉम्पलेक्स चल रहा था।
2. हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में दो मंजिला मकान था, जिसमें नीचे क्लीनिक और ऊपर घर था।
3. भारती कॉलेज का तो पते के नाम पर सिर्फ गांव का नाम है।
4. सैमरा कलां जैसे पतों पर भी कोई नर्सिंग कॉलेज नहीं मिला।

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भोपाल. मध्यप्रदेश में बाढ़ से व्यापक तबाही मची है हालांकि कुछ प्रभावित जिलों में नदियों में पानी घट गया है। जिस सिंध के रौद्र रूप के कारण ग्वालियर-चंबल अंचल बर्बाद हो गया, वह अब उतार पर है लेकिन चंबल नदी से खतरा बरकरार है. चंबल में बाढ़ से भिंड और मुरैना जिलों में हालात खराब बने हुए हैं। यहां रेस्क्यू चल रहा है। NDRF, SDRF की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे हुए हैं।

Datia Live बारिश का कहर- सिंध नदी पर बने कई पुल ढहे

इधर मौसम विभाग ने प्रदेश के 6 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है लेकिन राहत की बात यह है कि इनमें बाढ़ प्रभावित जिले शामिल नहीं हैं। गुरुवार को सीएम शिवराजसिंह चौहान ने कुछ प्रभावित इलाकों का दौरा कर सरकारी मदद का एलान किया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के पांच जिले— शिवपुरी, दतिया, भिंड, श्योपुर और ग्वालियर बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित हैं. प्रदेश में रेल सेवाएं पूरी तरह से बहाल हो गई हैं हालांकि कुछ ट्रेन केंसिल की गई हैं.

महुअर नदी उफनी, टापू पर फंस गए लोग

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इन जिलों में करीब 500 गांव पूरी तरह से डूब गए हैं। इन गांवों में रहनेवाले करीब 55 हजार लोग बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। बाढ़ प्रभावित 16 हजार लोग अभी कैंपों में रह रहे हैं। इनके लिए 126 राहत कैंप बनाए गए हैं। करीब 31 हजार लोगों को रेस्क्यू कर बचाया गया है। सरकार के अनुसार भिंड में सिंध नदी का जलस्तर घट रहा है पर चंबल का जलस्तर बढ़ा है।

श्याेपुर में जल सैलाब, कई लोग बहे, प्रसूताओं का किया रेस्क्यू

बाढ़ से शिवपुरी सर्वाधिक प्रभावित हुआ है। यहां के 309 गांव की 16 हजार से ज्यादा की आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है। कृषि विभाग के उप संचालक यूएस तोमर के अनुसार जिले के 125 गांव की 4500 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल नष्ट हो गई है। यह प्रारंभिक अनुमान है हालांकि लोगों का कहना है कि जिले में करीब 50 प्रतिशत फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है।

नर्मदा और शिवना नदियां उफनाईं, जारी किया अलर्ट

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सिंध नदी पर बने 4 पुल टूटने से दतिया जिले के कई हिस्सों का संपर्क टूटा हुआ है। श्योपुर में पार्वती नदी के साथ ही कूनो और क्वारी भी उतर चुकी हैं. यहां रेस्क्यू खत्म हो चुका है। यहां पर रेस्क्यू कर सर्वाधिक 8 हजार लोगों की जान बचाई गई थी। यहां का अधिकांश हिस्सा बाढ़ में घिर गया था और सेना बुलाना पड़ी थी। राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चालू किया गया तब जाकर हालात सुधरे थे.

कूनो नदी उफनी, पुल डूबा, कई जिलों से कटा संपर्क

इधर शुक्रवार सुबह 6 बजे भिंड के उदी घाट पर चंबल नदी का जलस्तर 128.45 मीटर रिकार्ड किया गया जबकि खतरे का स्तर 122 मीटर है. भिंड के ही मेहदा घाट पर सुबह 7:0 बजे सिंध नदी का स्तर 14.20 मीटर मापा गया है।

भोपाल. भीषण दुर्घटना या हादसे में कई बार शव इतने क्षत-विक्षत हो जाते हैं कि पहचान तक मुश्किल हो जाता है। इन शवों की जांच न हो पाने से कई बार अपराध की असल वजह सामने नहीं आ पाती है। लेकिन अब भोपाल एम्स में की गई एक रिसर्च की मदद से शरीर की छोटी सी हड्डी से न केवल मृतक के महिला या पुरुष होने की जानकारी मिलेगी, बल्कि उसकी कद-काठी और उम्र का भी सटीक पता लगाया जा सकेगा।

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पसलियों की हड्‌डी पर शोध
एम्स के मेडिकोलीगल डिपार्टमेंट के पीजी छात्र डॉ. श्रवण जेएस ने इस शोध में सफलता पाई है। डॉ. श्रवण ने बताया कि इसके लिए 125 महिला और 125 पुरुष मरीजों के चेस्ट सीटी स्कैन पर रिसर्च किया गया। इसमें पसलियों को जोड़ने वाली हड्डी (स्टर्नम) को सात भागों में बांट कर उसका माप लिया गया। करीब दो साल तक इन सीटी स्कैन का अध्ययन करने के बाद पता चला कि सात हिस्सों में से तीन हिस्से ऐसे थे, जो महिला और पुरुष में अलग अलग नाप के थे। स्टर्नम की जांच थ्रीडी इमेज बनाकर की गई।

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गर्दन की हड्डियों पर भी शोध
एम्स की डॉ. रासा अनवर भी स्पाइनल कॉर्ड के गर्दन के हिस्से (सर्वाइकल वर्टीब्रा) पर शोध कर रही हैं। इससे शरीर की जानकारी मिल सकेगी। अगले दो साल में अटॉप्सी के दौरान 100 से ज्यादा शवों का एक्स-रे कर सर्वाइकल वर्टीब्ना की लंबाई, चौड़ाई और मोटाई के आधार पर शोध किया जाएगा।

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भोपाल एम्स मेडिकोलीगल विभाग की एचओडी, डॉ. अरनीत अरोरा ने बताया कि इस रिसर्च से ऐसे मामलों में खासा फायदा होगा, जिसमें सबूत के तौर पर सिर्फ कंकाल मिलते हैं। कंकाल मिलने पर उसके महिला या पुरुष होने के साथ ही अब उसके उम्र और अन्य विशेषताओं की जानकारी भी मिल जाएगी।

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भोपाल. नगर निगम भोपाल के अतिक्रमण अधिकारी नासिर खानपर महिला ने मारपीट और मोबाइल पर तीन तलाक का मैसेज भेजने का मामला दर्ज कराया है। कोहेफिजा थाना में उसने मोबाइल पर नासिर द्वारा भेजे गए संदेश भी दिखाए। थाना प्रभारी अनिल बाजपेई ने बताया कि त्तीन तलाक का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

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पीड़िता के मुताबिक पति से विवाद के बाद वह तीन बच्चों के साथ अलग रह रही थी। एक महीने पहले उसका संपर्क नासिर खान हुआ था। नासिर ने नगर निगम में पक्की नौकरी लगवाने का झांसा देकर शोषण किया। नौकरी नहीं लगी तो महिला ने थाने में शिकायत की बात कही तब नासिर ने उससे निकाह कर लिया। महिला के मुताबिक वह दूसरे धर्म की है। नासिर ने नाम बदलकर उससे शादी की थी। महिला ने आरोप लगाया है कि नासिर प्रमोशन के लिए उसे निगम के अधिकारी के पास भेजने का प्रयास कर रहा था। इनकार करने पर विवाद हुआ। नासिर की यह चौथी शादी है इससे पहले वह तीन शादियां कर चुका है।

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5 लाख मांग रही थी
नगर निगम अतिक्रमण प्रभारी नासिर खान ने सफाई देते हुए कहा कि महिला लुटेरी दुल्हन है। वह पांच से छह शादियां कर चुकी है। मुझसे भी पांच लाख रुपए.मांग रही थी। पहले भी एक-दो लाख मांग चुकी है। मैं इसके झांसे में आया और यह स्थिति बनी। मेरे पास सबूत हैं। सही जगह पर बताउंगा।

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भोपाल. राज्य शासन ने राजधानी से सटे बाघ भ्रमण क्षेत्र चंदनपुरा की 238.141 हेक्टेयर भूमि को संरक्षित वन क्षेत्र (protected forest area) घोषित कर दिया है। इसमें छावनी गांव की 79.117 हेक्टेयर भूमि भी शामिल है। शासन ने इस संबंध में गुरुवार को अधिसूचना जारी कर दी है।

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यह राजस्व भूमि में थी, इसमें छोटे-बड़े झाड़ का जंगल है, इसके बाद भी यहां 26 रसूखदारों के फार्म हाउस, कारोबार और आवासीय प्लाट हैं। अब इस भूमि पर होटल-रिजॉर्ट एवं अन्य व्यावसायिक केंद्र नहीं खोले जा सकेंगे, बल्कि पौधरोपण कर इसे जंगल बनाया जाएगा। बताया जाता है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने फरवरी 2020 को इस क्षेत्र को संरक्षित घोषित करने के निर्देश दिए थे।

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जनजाति संग्रहालय एवं पुरातत्व संग्रहालय की बदले वन विभाग को चंदनपुरा में दी गई 357.780 हेक्टेयर राजस्व भूमि और उससे सटे क्षेत्र की जमीन को रसूखदारों ने खरीद थी। इनमें नेता, बड़े अधिकारी, बिल्डर और उद्योगपति शामिल हैं, जो बंगले बनाने के साथ विभिन्‍न व्यवसायिक केंद्र भी खोलना चाहते थे। जबकि इस क्षेत्र में एक दर्जन से ज्यादा बाघों का आना-जाना लगातार बना रहता है। इसे लेकर भोपाल के नूर मोहम्मद ने एनजीटी में याचिका लगाई थी। उन्होंने इस क्षेत्र को बाघों के लिए संरक्षित क्षेत्र घोषित करने की मांग की थी। मामले की सुनवाई करते हुए एनजीटी ने 6 फरवरी 2020 को इस भूमि को संरक्षित बन घोषित करने के निर्देश दिए थे।

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सीएस की अध्यक्षता में बनानी थी समिति
एनजीटी ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन करने को कहा था, जिसे क्षेत्र का दौरा कर वस्तु स्थिति बताना थी। इस बीच केंद्रीय वन मंत्रालय के अधिकारियों के एक दल ने क्षेत्र का दौरा किया व इसे संरक्षित वन क्षेत्र घोषित करने के पक्ष में लिखा। भोपाल वनवृत्त के मुख्य वनसंरक्षक ने मई 2021 में इस भूमि को संरक्षित बन घोषित करने का प्रस्ताव वन मुख्यालय को भेजा था।

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देश दुनिया में यूं तो महादेव के कई मंदिर हैं, इनमें से जहां कुछ साल भर खुलते हैं तो कुछ चंद महीने। लेकिन, मध्यप्रदेश में महादेव का एक मंदिर ऐसा भी है जो केवल महाशिवरात्रि पर ही खुलता है।

दरअसल मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में एक काफी पुराना भगवान शिव का मंदिर है, प्राचीन सोमश्वर महादेव मंदिर के नाम से प्रसिद्ध ये मंदिर रायसेन के प्राचीन दुर्ग परिसर के एक ऊंचे पहाड़ पर स्थित है। यहां भगवान सोमेश्वर महादेव के दर्शन काफी दुर्लभ माने जाते हैं।

इस मंदिर की सबसे खास बात ये है कि इसके पट वर्ष में सिर्फ एक बार महाशिवरात्रि पर ही खुलते हैं। सुबह 6:00 बजे से लेकर शाम को 6:00 बजे तक प्रशासनिक अधिकारियों और पुरातत्व विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में मंदिर के ताले केवल 12 घंटे के लिए खोले जाते हैं। यानि इस दिन भी सूर्याेदय के समय मंदिर के दरवाजे खोने के पश्चात सूर्यास्त के बाद इन्हें बंद कर दिया जाता है।

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इसके अलावा कुछ भक्त यहां साल भर आते हैं, लेकिन इस दौरान मंदिर का ताला बंद रहता है।ऐसे में भक्त गेट के बाहर से ही बाबा सोमेश्वर की पूजा करने आते हैं और मन्नत मांग कर मंदिर के लोहे के दरवाजे पर ये भक्त कलावा और कपड़ा बांध जाते हैं। इसके बाद मनोकामना पूरी होने पर फिर ये भक्त इस कपड़े को खोलने भी आते हैं।

इस शिव मंदिर में बने शिवलिंग की ये अद्भुत बात है कि सूर्य की किरणें जब इस शिवलिंग पर पड़ती हैं तो यह सोने सा दमक उठता है। वहीं श्रावण मास में श्रद्धालुओं को जलाभिषेक के लिए यहां अलग से व्यवस्था की जाती है। इस दौरान लोहे की जाली लगाकर भगवान शिव के दूर से ही दर्शन कराए जाते हैं और पाइप के जरिये शिवलिंग पर जल अर्पित किया जाता है।

विवाद के बाद लगाया ताला
स्थानीय लोगों के मुताबिक सोमेश्वर महादेव मंदिर अतिप्राचीन है। मंदिर को लेकर कुछ विवाद थे। इसी कारण पुरातत्व विभाग ने इस मंदिर में ताला लगा दिया। इसके बाद वर्ष 1974 में तत्कालीन सीएम प्रकाश चंद्र सेठी खुद मंदिर का ताला खोलने आए थे।

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Pushya Nakshatra 2019 shub Muhurat

उन्होंने महाशिवरात्रि के दिन ताला खोलकर महादेव का पूजन किया। तब से महाशिवरात्रि पर ही मंदिर के पट खोले जाते हैं।

पैदल ही पहाड़ी चढ़कर आते हैं हजारों श्रद्धालु
भगवान सोमेश्वर का यह मंदिर रायसेन सहित आसपास के जिलों के लोगों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। कई श्रद्धालु पैदल ही पहाड़ी चढ़कर यहां आते हैं। पाइप के जरिये भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक तक करते हैं। महाशिवरात्रि पर यहां हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।

महाशिवरात्रि पर मेला
महाशिवरात्रि पर सुबह से मंदिर में भक्तों का मेला लगता है। जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचकर भगवान शिव की पूजा अर्चना करते हैं। वहीं कुछ भक्त तो बचपन से ही यहां हर साल आ रहे हैं।

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भोपाल। सरकारी तेल कंपनियों की ओर से लगातार आज 20वें दिन भी पेट्रोल-डीजल (Petrol-Diesel) के दामों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। पिछले महीने में 17 जुलाई के बाद से डीजल की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ था। इस दिन पेट्रोल की कीमत 29 से 30 पैसे तक बढ़ी थी। इसके बाद से पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़े हैं।

जानिए क्या है भोपाल का रेट

लगातार बढ़ रहे पेट्रोल-डीजल के दाम के बाद अब थोड़ी राहत मिली है। आज 6 अगस्त को राजधानी भोपाल में पेट्रोल 110.20 रुपये लीटर और डीजल 98.67 रुपये लीटर के करीब बिक रहा है। बता दें कि मध्यप्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, ओडिशा, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में पेट्रोल का भाव 100 रुपये पार हो चुका है। इसके अलावा महानगरों में मुंबई, हैदराबाद और बंगलूरू में पेट्रोल पहले ही 100 रुपये प्रति लीटर के आंकड़े को पार कर चुका है।

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जानिए बाकी राजधानियों के हाल

आज दिल्ली में पेट्रोल का दाम 101.84 रुपये जबकि डीजल का दाम 89.87 रुपये प्रति लीटर है। मुंबई में पेट्रोल की कीमत 107.83 रुपये व डीजल की कीमत 97.45 रुपये प्रति लीटर है। कोलकाता में पेट्रोल का दाम 102.08 रुपये जबकि डीजल का दाम 93.02 रुपये लीटर है। वहीं चेन्नई में भी पेट्रोल 100 के पार है यहां पेट्रोल 102.49 रुपये लीटर है तो डीजल 94.39 रुपये लीटर है।

रोज सुबह 6 बजे कीमतों में होता है बदलाव

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव रोजाना सुबह 6 बजे होता है। सुबह 6 बजे से ही नई दरें लागू हो जाती हैं। पेट्रोल व डीजल के दाम में एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और अन्य चीजें जोड़ने के बाद इसका दाम लगभग दोगुना हो जाता है। विदेशी मुद्रा दरों के साथ अंतर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतें क्या हैं, इस आधार पर रोज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है।

एक मैसेज से जानिए आज के दाम

अगर आप घर बैठे पेट्रोल के भाव जानना चाहते हैं तो आप भी अपने मोबाइल से एक एसएमएस भेजकर अपने शहर के भावों को पता कर सकते हैं। इंडियन ऑयल के पंपों के दाम के लिए RSP के साथ अपने शहर का कोड टाइप कर 9224992249 नंबर पर SMS भेज दें। शहर का कोड आईओसीएल (iocl) की वेबसाइट पर भी देख सकते हैं। इनके अलावा BPCL के पंपों पर जाने वाले कस्टमर RSP लिखकर 9223112222 और एचपीसीएल के ग्राहक HPPrice लिख कर 9222201122 नंबर पर भेजकर भाव पता कर सकते हैं।

भोपाल. राजाभोज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर चार अगस्त को एयर इंडिया की पुणे से भोपाल फ्लाइट में आए एक यात्री का जेवर एवं नगद राशि से भरा बैग छूट गया था, जिसे एयरपोर्ट प्रबंधन वापस सौंपा।
जानकारी के अनुसार यात्री को जब बैग नहीं मिला तो उसने इसकी सूचना एयरपोर्ट प्रबंधन एवं सीआइएसएफ को दी। परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग देखकर सीआइएसएफ कर्मचारियों ने संबंधित व्यक्ति की पहचान कर ली। टैक्सी ड्राइवर का पूरा ब्योरा दर्ज था, जिसके बाद संबंधित ड्राइवर से संपर्क किया गया। ड्राइवर ने बताया कि पैसेंजर ने धोखे से बैग गाड़ी में ही छोड़ दिया था, जिसे लेकर वह वापस एयरपोर्ट आ रहा है। गुरुवार को यात्री को एयरपोर्ट पर बुलाकर बैग उसके सुपुर्द कर दिया गया। एयरपोर्ट डायरेक्टर केएल अग्रवाल ने बताया कि यात्री की अपील पर उसकी निजी जानकारियां सार्वजनिक नहीं की गई हैं। इस मामले में टैक्सी ड्राइवर और एयरपोर्ट प्रबंधन की भूमिका काफी सराहनीय रही।

भोपाल. मिसरोद थाना अंतर्गत स्थानीय निवासी राहुल झा के खिलाफ एक युवती ने ब्लैकमेलिंग का प्रकरण दर्ज करवाया है। पीडि़त युवती ने पुलिस को बताया कि आरोपी राहुल ने उसका फेसबुक आईडी हैक कर लिया है और फेसबुक पर फोटो निकालकर उसे एडिट कर प्रताडि़त करने का प्रयास कर रहा है। पुलिस ने आरोपी राहुल के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। युवती ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से ही उसकी राहुल झा से जान पहचान हुई थी। बाद में दोनों चैटिंग करने लगे थे। एक दिन राहुल ने बताया कि उसने सोशल मीडिया अकाउंट को हैक कर लिया है और कुछ फोटो निकाल कर उन्हें एडिट किया है। फोटो दिखाने के बाद जब युवती ने आपत्ति जताई तो प्रताडि़त करने लगा और मिलने के लिए दबाव बनाने लगा। पुलिस अब इस मामले की जांच में जुट गई है। उसक कहना है कि जल्द ही हम आरोपी तक पहुंच जाएंगे।

भोपाल. व्यापाम का नाम बदलने के बाद भी उसकी कार्यप्रणाली बदलती दिखाई नहीं दे रही है। प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ट (पीइबी) द्वारा किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग मप्र के अंतर्गत ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (Rural Agricultural Extension Officer) एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी (Senior Agricultural Development Officer) के 863 पदों पर आयोजित की गई भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी की जांच पूरी हो चुकी है।

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सूत्रों के मुताबिक जांच में गड़बड़ी पाई गई है। ऐसे में पीईबी द्वारा 6 माह पहले आयोजित कराई गई ग्रुप-2, सबग्रुप 4 की परीक्षा के रिजल्ट 6 महीने बाद भी जारी नहीं किए जा रहे हैं। ऐसे में परीक्षा देने वाले उम्मीदवार परेशान है। यही नहीं आगामी भर्ती परीक्षाओं पर भी ब्रेक लग गया है। अब इस जांच का परीक्षण कराया जा रहा है। इसके बाद आगे कार्रवाई हो सकेगी। इसके बाद ही पीइबी की आगामी परीक्षाओं के आयोजन पर लगा ब्रेक हट सकेगा।

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इसलिए लगा रिजल्ट और परीक्षा पर ब्रेक
किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के लिए आयोजित भर्ती परीक्षा कराने वाली एजेंसी ने ही ग्रुप-2 सबग्रुप 4 की परीक्षा-2020 का आयोजन कराया है। लेकिन कृषि विभाग की परीक्षा से एजेंसी की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। यदि गड़बड़ी में परीक्षा एजेंसी व इससे जुड़े लोगों की संलिप्तता पाई जाती है तो दूसरी एजेंसी को परीक्षा का कार्य सौंपना पड़ेगा। ऐसे में आगामी परीक्षाएं भी इसी एजेंसी से कराने से परहेज किया जा रहा है।

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एक ही क्षेत्र के 10 उम्मीदवार मेरिट में
10-11 फरवरी 2021 को किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के लिए भर्ती परीक्षा-2020 आयोजित की गई। 17 फरवरी को सफल उम्मीदवारों की संभावित लिस्ट जारी की गई। उम्मीदवारों ने आरोप लगाया था कि ग्वालियर चंबल क्षेत्र के ही 10 उम्मीदवारों को मेरिट सूची में स्थान मिला है। एक जैसे नंबर मिले थे। इसमें से 9 उम्मीदवार एक ही जाति के थे। वहीं बीएससी एग्रीकल्चर शासकीय कृषि कॉलेज ग्वालियर से की है। इसके बाद पीईबी के चेयरमैन केके सिंह के नेतृत्व में जांच कराई गई।

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ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारीभर्ती परीक्षा रदूद होगी या नहीं, इस मामले में पीईबी डायरेक्टर का कहना है कि अभी कुछ कहा नहीं जा सकता। पीईवी डायरेक्टर ने बताया कि जांच रिपोर्ट का परीक्षण किया जा रहा है। परीक्षण के बाद ही इस प्रकरण को सार्वजनिक किया जा सकता है। इस प्रकरण का निवारण होने के बाद ही रिजल्ट जारी किए जाएंगे।

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भोपाल. प्रदेश के 200 से अधिक छात्रों का मध्याह भोजन तैयार करने वाले 2549 स्कूलों में बायोगैस संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। खाना पकाने पारम्परिक ईंधनों पर निर्भरता कम करने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के तहत वर्ष 2021-22 में 9500 बायोगैस संयंत्र लगाने का लक्ष्य निर्धाता किया गया है।

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आवश्यकता एवं मांग के अनुसार सामुदायिक, सामूहिक एवं व्यक्तिगत बायोगैस संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। खाना पकाने रसोई को स्वच्छ व धुआं-रहित बनाने प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में गैल्बनाइजिंग ऑर्गेनिक बायो एग्रो रिसोर्सेस (गोबर धन) परियोजना के तहत बायोगैस संयंत्र निर्माण किया जा रहा है।

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कोविड के दौरान विद्यालय बंद थे। इसलिए प्रत्येक जिले में कम से कम एक गौशाला में तथा 5 से 10 घरों के बीच 20 से 25 सामूहिक बायोगैस संयंत्र लगाए जा रहे हैं। बायोगैस संयंत्रों को बढ़ावा देने के लिए जन- भागीदारी एवं सामाजिक व्यवहार परिवर्तन के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। इस कार्य में शासकीय एजेंसी के रूप में ऊर्जा विकास निगम तथा एमपी एग्रो से सहयोग लिया जा रहा है।

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आरटीई में बच्चों के प्रवेश की दूसरी लॉटरी 14 को

शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के अन्तर्गत सत्र 2021-22 में नि:शुल्क प्रवेश की प्रथम चरण की प्रवेश प्रक्रिया उपरांत गैरअनुदान मान्यता प्राप्त अशासकीय स्कूलों में शेष रिक्त सीटों पर द्वितीय चरण की प्रवेश प्रक्रिया 4 अगस्त से प्रारंभ हो रही है। संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र धनराजू एस ने बताया कि पंजीकृत आवेदक 4 से 11 अगस्त तक स्कूल की च्वाइस को अपडेट कर सकेंगे। ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से 14 अगस्त को स्कूल का आवंटन किया जाएगा। आवंटित स्कूल में16 से 25 अगस्त 2021 तक बच्चे प्रवेश प्राप्त कर सकेंगे। संबंधित स्कूल को 25 अगस्त तक एडमिशन रिपोर्टिंग देनी होगी। इस संबंध में सभी जिलों के कलेक्टर और परियोजना समन्वयकों को निर्देश जारी किए गये है।

भोपाल. ग्वालियर अंचल में पांच दिन से लगातार बारिश और नदियों के उफान के बाद कई जगहों पर अब जनजीवन सामान्य होने की दिशा में बढ़ रहा है। शिवपुरी में पांचवें दिन भी रुक-रुक कर बारिश होती रही। चंबल, क्वारी और सिंध नदी का जलस्तर नीचे खिसका है। शिवपुरी शहर सहित जिले में करीब 900 लोग बाढ़ में फंसे रहे, जिनको एनडीआरएफ, एसडीआरएफ व सेना के जवानों सहित पुलिस और प्रशासन की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाल कर राहत शिविरो में पहुंचाया है।

सेना के आधा दर्जन हेलिकॉप्टर बचाव कार्य में तीन दिन से लगे हैं। 53 लोगों को गुरुवार को एयरलिफ्ट व शेष को अन्य साधनों से पानी में से निकाला गया। सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए लोग जब अपने घर वापस पहुंच रहे हैं तो उन्हें सब कुछ तबाह ही मिल रहा है। जिले में बाढ़ से तीन सैकड़ा किसानों की फसलें, एक सैकड़ा लोगों के मकान टूटने, पुलिया, सडक़ें आदि टूटने व सामान खराब होने से करीब 100 करोड़ रुपए का नुकसान आंका जा रहा है। पानी के तेज बहाव में लगभग 300 किसानों की फसल बर्बाद हो गई। बाढ़ के कारण जिले मे 11 लोगों की जान भी गई है।

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तालाब फूटने वाला है, घरों से चले जाएं
शिवपुरी शहर में स्थित प्राचीन मनियर तालाब ओवरफ्लो हो गया है। गुरुवार की दोपहर 3 बजे एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर एनाउंसमेंट कर दिया कि तीन घंटे में आप लोग अपने घर से निकलकर मानस भवन में पहुंच जाएं, तालाब फूटने वाला है। अगर लोग बस्ती खाली नहीं करते तो फोर्स से खाली कराई जाएगी।

श्योपुर में शहर के 50 फीसदी से ज्यादा इलाकों के साथ ही बड़ौदा, विजयपुर, कराहल, वीरपुर, मानपुर क्षेत्र के दर्जनों गांवों में भारी नुकसान हुआ है। बारिश थमने के बाद सीप, कुनो, क्वारी, अहेली नदियां तो शांत हो गई, लेकिन पार्वती और चंबल नदी उफान पर है। पार्वती का जलस्तर खातीली पुल के ऊपर रहने के कारण श्योपुर-कोटा मार्ग लगातार चौथे दिन भी बंद रहा।

गांव तो दूर शहर में भी प्रशासन की मदद नहीं पहुंच पाई है, जिससे लोग सडक़ों पर लोग बार-बार जाम लगा रहे हैं। शहर के मालियों के मोहल्ले में कलेक्टर और एसपी को आक्रोशित लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा। लोगों ने कलेक्टर राकेश श्रीवास्तव व एसपी संपत उपाध्याय के साथ झूमाझटकी कर दी। कलेक्टर की गाड़ी का शीशा फोड़ दिया। दोनों को भागकर जाना पड़ा।

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान गुरुवार को डबरा-भितरवार में बाढग़्रस्त इलाकों में पहुंचे। पीडि़तों से कहा कि जिनके घर टूट गए हैं, ढह गए है और बह गए हैं उन सभी के सरकार मकान बनवाएगी। किसी को भी चिंता करने की जरूरत नहीं है। चांदपुर वार्ड क्र. 28 में बाढ़ प्रभावित गांव का दौरा करने पहुंचे मुख्यमंत्री ने ट्रॉली पर खड़े होकर कलेक्टर को तत्काल सर्वे कराने के निर्देश दिए। हालांकि कई ग्रामीण नखुश थे। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री केवल कुछ क्षेत्रों को देखकर चले गए। उनके साथ प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट थे।

इधर भिण्ड जिले के सिंध नदी के तटवर्ती गांवों में बाढ़ की स्थिति अभी भी है। एनडीआरएफ और आर्मी जवानों के अलावा एसडीआरएफ और होमगार्ड के जवान रेस्क्यू कर रहे हैं अभी तक 200 से ज्यादा गांव से करीब 5000 से अधिक लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। लहार क्षेत्र के मड़ोरी निवसाई में ३ रात और 2 दिन से टापू पर पानी से चारों ओर फंसे रहे 3 दर्जन से ज्यादा परिवारों ने अंधेरे का सामना किया।

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धर, रौन क्षेत्र के मेहदा गांव में करीब 400 लोग एक बिहार के टीले पर पिछले 3 दिन से वक्त गुजार रहे हैं। ऐसे में जो खाने का सामान अब खत्म हो गया है। उमरी सर्कल अंतर्गत चुनाई, डोनिया पुरा खीरा श्यामपुरा और जखमोली के अलावा दाह का पुरा में करीब डेढ़ हजार लोगों के फंसे होने की सूचना है।

मुरैना में चंबल नदी का जलस्तर अब घटकर 143. 70 मीटर पर आ गया है। सुबह 144. 70 मीटर था। वही क्वारी का भी जलस्तर गिर गया है। प्रशासन का दावा है कि 68 गांवों से 4596 लोगों को रेस्क्यू करके निकाला जा चुका है। अधिकांश गांवों से लोग अपने संसाधनों से निकल आए हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आर्मी के जवानों ने मोर्चा संभाल रखा है। दो दिन से मंदिर पर फंसे बाबा को निकाल लिया है, इसके लिए दो किमी तक नाव को सिर पर रखकर ले जाना पड़ा।

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दतिया में कई गांवों में मवेशी लापता हो गए हैं. सनकुआ घाट पर सिंध नदी का पानी 25 फीट नीचे तक आया है। नदी का जलस्तर गिरने से गांवों में भरा पानी भी कम हो गया है। बाढ़ में फंसे सभी लोगों को गुरुवार को ही रेस्क्यू कर निकाल लिया था। वर्तमान में किसी भी व्यक्ति के बाढ़ में फंसे होने की जानकारी नहीं है। बाढ़ के बाद कई गांवों में अनेक मवेशी लापता हैं।

भोपाल। कोरोना की तीसरी लहर को लेकर मप्र में केस बढ़ने लगे हैं। लेकिन भोपाल सुरक्षित है, यहां अभी दो-तीन केस ही आ रहे है। लोगों को समय पर दूसरी डोज मिले इसके लिए रफ्तार बढ़ाने के निर्देश बीते दिन नगरीय विकास एवं आवास और जिले के प्रभारी मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने दिए थे। बता दें कि सरकारी स्कूल करोंद चौराहा, फॉरेस्ट गेस्ट हाउस चार इमली और रशीदिया स्कूल बरखेड़ी में आज यानी छह अगस्त से शुरू होने वाले सातों दिन सुबह 9 से रात 9 बजे तक वैक्सीनेशन सेंटर अब 9 अगस्त यानी सोमवार से शुरू किए जाएंगे।

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दरअसल शनिवार को अत्र उत्सव होने की वजह से इसकी तारीख आगे बढ़ा दी गई है। अपर कलेक्टर संदीप केरकेट्टा ने बताया कि कामकाजी लोगों के लिए तीन सेंटरों पर सातों दिन सुबह 9 से रात 9 बजे तक वैक्सीनेशन सेंटर खोले जा रहे हैं। इन सेंटरों पर कोवैक्सीन और कोविशील्ड के फर्स्ट और सेकंड डोज लगाए जा सकेंगे। यहां पर ऑन स्पॉट रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी रखी गई है। जिससे कामकाज से जुड़े लोग यहां पर वैक्सीन लगवा सकते हैं।

ये है कोरोना के आकड़े

वहीं बात कोरोना के आकड़े की करें तो मध्यप्रदेश में कोरोना के 11 नए मरीज मिलने और 13 के स्वस्थ्य हो जाने के बाद 1523 सक्रिय मरीज हैं, जिनका इलाज किया जा रहा है। हैल्थ बुलेटिन के अनुसार पिछले चौबीस घंटों के दौरान 72,284 सैंपलों की जांच की गयी, जिसमें कोरोना के 11 नए मरीज सामने आए हैं। सबसे अधिक चार नए मरीज सागर में मिले। इसके अलावा भोपाल, छतरपुर, डिंडोरी, होशंगाबाद, इंदौर, कटनी और सिवनी में एक-एक मरीज मिले हैं। इसी के साथ संक्रमण दर 0.01 प्रतिशत दर्ज की गयी है।

हर रोज होने वाले ग्रहों के परिवर्तनों का असर ज्योतिष के अनुसार हर राशि पर होता है। इसी कारण हर दिन स्थिति में बदलाव देखने को मिलता है, यानि कल यदि किसी राशि का दिन शुभ था तो ये जरूरी नहीं कि आज भी उसका दिन शुभ होगा मुमकिन है आज किसी ऐसी राशि के लिए विशेष दिन हो, जिसका कल का दिन काफी संघर्षों में बीता हो। ज्योतिष के जानकारों के अनुसार भी ग्रहों के परिवर्तनों के आधर पर ही हर दिन सभी 12 राशियों का फलादेश बदल जाता है। और हर दिन का यही फलादेश दैनिक राशिफल कहलाता है।

आइये समझते हैं कि ज्योतिष चंदन श्यामनारायण व्यास के मुताबिक शनिवार Saturday, 07 अगस्त 2021 का दिन आपके लिए कैसा रहेगा?

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: Aries Daily Horoscope 07 August 2021 आज का मेष राशिफल
व्यापार में लाभदायी अनुबंध होंगे। अधीनस्थों के मध्य आपका महत्व कम होगा। घर परिवार में बूजुर्गों के स्वास्थ की चिंता रहेगी। नए वस्त्र आभूषण की प्राप्ति सम्भव है। घर-परिवार की परेशानी से दुख होगा।

: Taurus Daily Horoscope 07 August 2021 आज का वृषभ राशिफल
कार्यक्षेत्र में बाधाएं आने के बीच भूल करने से विरोधी बढ़ेंगे। आर्थिक मामले सुलझाने में लगे रहेंगे। वाहन सुख की संभावना हे। यात्रा सम्भव है। व्यर्थ विवादों से दूर रहें।

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Gemini Daily Horoscope 07 August 2021 आज का मिथुन राशिफल
अपने क्रोध पर नियंत्रण रखें। अपने रहस्य दूसरों को न बताएं अन्यथा मुसीबत आ सकती है। दांपत्य सुख में कमी आएगी। व्यर्थ समय नष्ट न करें। खर्चों में कमी करने का प्रयत्न करें। मांगलिक उत्सवों में शामिल होने के अवसर आएंगे।

Cancer Daily Horoscope 07 August 2021 आज का कर्क राशिफल
नौकरी में कार्य की प्रशंसा के योग हैं। राजनीति में नए संबंधों के प्रति सतर्क रहना होगा। विरोधी परास्त होंगे। सुख वृद्धि एवं पारिवारिक उन्नति होगी। आजीविका के नए रास्ते खुलेंगे।

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Leo Daily Horoscope 07 August 2021 आज का सिंह राशिफल
अल्प परिश्रम से ही लाभ होगा। रुका कार्य होने से हर्ष होगा। बोलचाल में विशेष ध्यान दें। मित्रों से सहयोग लेना पड़ेगा। नए विचार, योजना पर चर्चा संभव है। आपसी संबंधों को महत्व दें।

Virgo Daily Horoscope 07 August 2021 आज का कन्या राशिफल
जीवन में नई उड़ान भरने का समय आया है,इसका लाभ लें। आप के व्यवहार से सहकर्मी खुश होंगे। परिजनों से भेंट होगी। अनायास खर्च हो सकता है। समाजिक कार्यक्रमों में भाग ले सकेंगे।

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Libra Daily Horoscope 07 August 2021 आज का तुला राशिफल
बैंक के वित्तीय सहयोग से व्यापार में विस्तार होगा। पुराना रुका पैसा मिलेगा। समाज में प्रतिष्ठा मिलेगी।
— नए दोस्त बनेंगे। किसी अनजान पर विश्वास करने की भूल न करें। परिवार के कार्यक्रमों में व्यस्तता रहेगी।

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Scorpio Daily Horoscope 07 August 2021 आज का वृश्चिक राशिफल
जिन्हें आप अपना मानते थे आज वे ही आपका विरोधी करेंगे। अतिरिक्त आय का स्रोत मिलने से आय बढ़ेगी। मांगलिक कार्यक्रम में भाग लेंगे। कार्य में परिवार का पूर्ण सहयोग रहेगा।

Sagittarius Daily Horoscope 07 August 2021 आज का धनु राशिफल
नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। अचानक धन लाभ हो सकता है। जोखिम के कार्यो से बचें। सामाजिक कद बढ़ेगा। राजनीतिक प्रभाव से सप्लाई का आदेश मिलेगा। पारिवारिक समस्याएं सूझ-बूझ से निपटाएं।

Capricorn Daily Horoscope 07 August 2021 आज का मकर राशिफल
संतान के कॅरियर में आ रहे उतार चढाव से तनाव रहेंगा। धन लाभ के अवसर आएंगे। व्यापार में उन्नति होगी। नई योजनाओं का सूत्रपात होगा। निवेश में वृद्धि होगी। रचनात्मक रुचि बढ़ेगी।

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Aquarius Daily Horoscope 07 August 2021 आज का कुंभ राशिफल
व्यापार अच्छा चलेगा। इच्छित कार्य पूर्ण होंगे। सामाजिक कार्यों में रुचि लेंगे। रिश्तेदारों से भेंट होगी। खान-पान में सावधानी रखें पेट सम्बंधित तकलीफ हो सकती हे। जमीन जायदाद के कार्यों में अटकलें आ सकती हैं।

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Pisces Daily Horoscope 07 August 2021 आज का मीन राशिफल
अपने प्रयासों से उन्नति पथ प्रशस्त करेंगे। आय से अधिक व्यय न करें। भौतिक सुख के साधन मिलेंगे। दूसरों से बिना कारण नहीं उलझें। अपनी आदतो को सुधारें। अध्ययन के लिए विदेश जाना पड़ सकता है। दूसरों की ख़ुशी के लिए परेशान होना पड़ेगा।

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भोपाल। विदेश मंत्री, मुख्यमंत्री और मध्यप्रदेश के विदिशा से सांसद रही सुषमा स्वराज को शायद ही कोई भूल सकता है। वे अपने संबोधन से विरोधियों को भी सम्मोहित कर लेती थीं। उनके प्रखर भाषणों में कटाक्ष और आरोप लगाने की ऐसी मर्यादा थी कि आज भी उनके भाषणों को याद किया जाता है। वे 25 साल की कम उम्र में भारत की सबसे कम उम्र की कैबिनेट मंत्री बन गई थीं। निधन से कुछ समय पहले वे प्रधानमंत्री के कद तक भी पहुंच गई थीं। हरियाणा के अंबाला में 14 फरवरी 1952 में जन्मी सुषमा का निधन 6 अगस्त को हो गया था। तब वे विदिशा से सांसद थीं।

 

'एक किस्सा' सीरिज के अंतर्गत patrik.com पर प्रस्तुत है सुषमा स्वराज से जुड़े दिलचस्प पांच किस्से, जिसे लोग याद करते हैं...।

 

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  • पहला किस्सा-

जब भारत समेत 48 देशों के नागरिकों को बचाया

बात उस समय की है जब सुषमा भारत की विदेश मंत्री बनाई गई थी। 2015 के दौरान जब यमन में युद्ध जैसे हालात बन गए थे और यमन सरकार और विद्रोहियों में जंग छिड़ गई थी। उन हालातों में हजारों भारतीय जिंदगी और मौत के बीच फंस गए थे। वहां फंसे भारतीयों ने भारत सरकार से मदद मांगी। ऐसे में एक संदेश मिलते ही सुषमा सक्रिय हो गई और दिन-रात अपने लोगों को बचाने के काम में जुट गईं। उसी रात प्लानिंग हुई और ऑपरेशन 'राहत' बनाया गया। सुषमा ने विदेश राज्यमंत्री एवं पूर्व आर्मी चीफ वीके सिंह को यमन भेजा। भारतीय वायुसेना के विमानों ने उस देश की जमीन पर कदम रखा और अपने 4640 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया। इसके अलावा 48 देशों के दो हजार नागरिक भी वहां फंसे थे, उन्हें भी भारतीय वायुसेना की मदद से एयरलिफ्ट किया गया। इतनी बड़ी संख्या में किया गया रेस्क्यू ऑपरेशन आज भी दुनियाभर में याद किया जाता है।

 

पाकिस्तान में फंस गया था यह भारतीय

मुंबई निवासी हामिद अंसारी कथित तौर पर ऑनलाइन दोस्त बनी लड़की से मिलने 2012 में अफगानिस्तान के रास्ते पाकिस्तान चले गए थे। बाद में बगैर वीजा के उन्हें गिरफ्तार कर लिया। सजा पूरी होने के तीन साल बाद भी उसकी रिहाई नहीं होने की खबर जब सुषमा कोलगी तो सुषमा ने पहल की और 18 दिसंबर 2018 को आजाद करवा लिया। इसके बाद हामीद के माता-पिता विदेश मंत्रालय में सुषमा से मिलने आए, जहां अंसारी की मां ने कहा 'मेरी मैडम महान'।

 

मूक-बधिर लड़की को असली मां मिल गई

-ऐसा ही मदद का किस्सा मूकबधिर बच्ची गीता का है, जो भटकते हुए पाकिस्तान की बार्डर में चले गई थी। वहां उसे ईदी फाउंडेशन में पहुंचा दिया गया था। जब पाकिस्तान से गीता की खबर आई तो विदेश मंत्री रहते हुए सुषमा स्वराज ने कहा था कि वो मेरी बेटी है और मैं उस भारत लाउंगी और उसके मात-पिता से मिलवाउंगी। गीता सुषमा स्वराज की जीते जी भारत आ गई, लेकिन उसकी असली मां से मिलने का सपना एक माह पहले ही पूरा हो चुका है। गीता को भारत लाना और असली मां से मिलने का श्रेय भी सुषमा को जाता है।

 

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  • दूसरा किस्सा-

सिर मुंडाकर पहनूंगी सफेद साड़ी

चुनावों का दौर था, कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए ने भाजपा के एनडीए गठबंधन को हरा दिया था। उस समय कांग्रेस की प्रमुख सोनिया गांधी सरकार का नेतृत्व करने वाली थीं। तब भाजपा सोनिया को प्रधानमंत्री नहीं बनने देने की बात पर अड़ गई थी। जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे थे, विदेशी का मुद्दा सभी तरफ छा गया था। तब सुषमा स्वराज के एक बयान ने काफी सुर्खियां बटौरी थीं। तब स्वराज ने कहा था कि "संसद सदस्य बनकर अगर संसद में जाकर बैठती हूं तो हर हालत में मुझे उन्हें माननीय प्रधानमंत्री जी कहकर संबोधित करना होगा, जो मुझे गंवारा नहीं होगा। सुषमा ने यह भी ऐलान कर दिया था कि यदि सोनिया गांधी पीएम बन जाती हैं तो मैं सिर मुंडा कर सफेद साड़ी पहनूंगी, भिक्षुणी की तरह जमीन पर सोएंगी और सूखे चने खाकर गुजारा करूंगी। सुषमा का यह बयान आज भी राजनीतिक लोगों में चर्चा का केंद्र बन जाता है।

 

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  • तीसरा किस्सा-

जब चुनाव के लिए कन्नड़ भाषा सीख ली

बात चुनाव की थी, सुषमा स्वराज को कर्नाटक के बेल्लारी से चुनाव लड़ाने की तैयारी थी, ऐसे में हिन्दी और अंग्रेजी की प्रखर वक्ता को स्थानीय भाषा की समस्या थी। इस बीच समय निकालकर उन्होंने कन्नड़ भाषा सीखी। कांग्रेस के गढ़ वाली इस सीट पर सोनिया गाधी की जीत पक्की थी। लेकिन, सुषमा ने उन्हें कड़ी चुनौती देने के लिए केवल 30 दिनों में ही कन्नड़ भाषा सीख ली। इस बीच वे चुनाव प्रचार में धाराप्रवाह कन्नड़ में भाषण देने लगी थीं। स्वराज ने सोनिया के खिलाफ विदेशी मूल पर मुद्दा उठाते हुए विदेशी 'बहू और देसी बेटी' का नारा दिया था। हालाकि सुषमा 56 हजार से अधिक वोटों से चुनाव हार गई थीं। लेकिन, उनके एक बयान से वे सभी का दिल जीत कर चले गई, जिसमें उन्होंने कहा था कि भले ही वो हार गईं, लेकिन संघर्ष उनके नाम रहा।

 

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  • चौथा किस्सा-

हरियाणा की लड़की ने किया प्रेम विवाह

1975 में हरियाणा जैसे राज्य में प्रेम विवाह जैसा कदम उठाना सोचना भी मुश्किल था। उस समय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सुषमा और स्वराज कौशल की पहली मुलाकात पंजाब यूनिवर्सिटी में लॉ डिपार्टमेंट में पढ़ाई के दौरान हुई थी। चंडीगढ़ में साथ-साथ पढ़ाई के दौरान दोनों ने विवाह का फैसला कर लिया। उनकी शादी 13 जुलाई 1975 को हुई थी। बताया जाता है कि उन्हें दोनों ही परिवारों को मनाने के लिए काफी मशक्कत करना पड़ी थी खासकर हरियाणा की सुषमा स्वराज के परिवार में। सुषमा ने यहां भी साहस दिखाया और शादी कर ली। बाद में स्वराज कौशल भारतीय राजनीतिज्ञ बने और सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ वकील भी बने। छह साल तक राज्यसभा सांसद रहते हुए वे मिजोरम के राज्यपाल भी रहे।

 

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  • पांचवां किस्सा-

चुनाव नहीं लड़ने के फैसले पति को हुई ज्यादा खुशी

मध्यप्रदेश के विदिशा से सांसद रही सुषमा स्वराज ने जब पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान यह घोषणा की थी। इसके बाद सबसे अधिक खुशी उनके पति स्वराज कौशल को हुई। उन्होंने तत्काल ही ट्वीट कर कहा था कि चुनाव नहीं लड़ने के आपके फैसले के लिए धन्यवाद। मुझे याद है एक समय मिल्खा सिंह को भी रुकना पड़ा था। यह दौड़ 1977 से शुरू हुई थी। इसे अब 41 वर्ष हो गए हैं। आप अब तक 11 चुनाव लड़ चुकी हैं। दो बार 1991 और 2004 में चुनाव नहीं लड़ा। क्योंकि पार्टी ने आपको नहीं उतारा। मैं 46 वर्षों से आपके पीछे भाग रहा हूं। अब मैं 19 वर्ष का नहीं हूं। थैंक्यू मैडम।

पुण्य तिथि पर सीएम ने दी श्रद्धांजलि

पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की पुण्य तिथि पर शुक्रवार को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें याद किया है। इस मौके पर इन नेताओं ने उनके कुछ विचार भी साझा किए हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा है कि राष्ट्र एवं समाज की उन्नति के लिए जीवन की अंतिम सांस तक कार्य करने वाली, आदरणीय बहन सुषमा स्वराज जी की पुण्यतिथि पर उनके चरणों में नमन करता हूं। दीदी, आपके मंगल विचारों की पुण्य ज्योत सदैव जनसेवा के पथ को आलोकित कर राष्ट्र व समाज सेवा के लिए हमें प्रेरित करती रहेगी।

भोपाल. मध्यप्रदेश की सरकार एक बार फिर यूपी की योगी सरकार की राह पर चलती नजर आ रही है। इस बार शिवराज सरकार मध्य प्रदेश में यूपी की योगी सरकार की ही तरह संगठित अपराध (Organize Crime) को रोकने के लिए गैंगस्टर एक्ट (Gangster Act) लाने की तैयारी में हैं। प्रदेश के गृह और विधि विभाग के अफसरों को इस एक्ट का ड्राफ्ट बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। बता दें कि इससे पहले लव जिहाद के खिलाफ कानून बनाने के लिए योगी आदित्यनाथ की घोषणा के बाद ही शिवराज ने इसे मध्य प्रदेश में लागू करने का ऐलान किया था।

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गृह मंत्री ने दिए एक्ट के जल्द लागू होने के संकेत
मध्यप्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने एक कार्यक्रम के दौरान प्रदेश में जल्द ही गैंगस्टर एक्ट को लागू करने के संकेत दिए हैं। भोपाल में पुलिस के नवनिर्मित आवासों के लोकार्पण कार्यक्रम में पहुंचे गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा से जब मीडिया ने गैंगस्टर एक्ट के बारे में मीडिया ने सवाल किया तो उन्होंने कहा कि प्रदेश में संगठित गिरोह को खत्म करने का काम सरकार ने किया है। प्रदेश में कोई भी संगठित गिरोह नहीं है फिर भी पुलिस की नजर ऐसे गिरोह पर बनी हुई है। उन्होंने आगे कहा कि अपराधियों पर नकेल कसने के लिए ऐसे कानून की जरुरत होती है इसलिए इस पर लगातार काम किया जा रहा है।

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ऐसा हो सकता है कानून
बता दें कि गैंगस्टर एक्ट को उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र में लागू किया जा चुका है। बताया जा रहा है कि मध्यप्रदेश में बनने वाला गैंगस्टर एक्ट यूपी के गुंडा नियंत्रण अधिनियम 2021 की तरह हो सकता है साथ ही इसमें महाराष्ट्र के महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट के भी कुछ प्रावधान शामिल किए जा सकते हैं। जानकारी के मुताबिक इस एक्ट के बनने के बाद प्रदेश में अवैध, मानव तस्करी, नकली दवा, मनी लॉन्ड्रिंग,मिलावटी शराब,गोहत्या, बंधुआ मजदूरी,जाली नोट, अवैध हथियारों का निर्माण-व्यापार और अवैध खनन जैसे संगठित अपराधों पर सख्त जा का प्रावधान होगा। ये भी उम्मीद है कि प्रदेश सरकार नवंबर-दिसंबर में होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र में इसका मसौदा विधानसभा में पेश करे।

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हिंदू कैलेंडर के छठें माह यानि भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की तृतीया को कजरी/ कजली तीज आती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कृष्ण जन्माष्टमी से 5 दिन पहले व रक्षाबंधन के 3 दिन बाद आने वाली इस तीज को कजली तीज,सातुड़ी तीज, कजरी तीज के नाम से भी जाना जाता है।

ऐसे में इस साल यानि 2021 में बुधवार, 25 अगस्त 2021 को कजरी/ कजली तीज पर्व मनाया जाएगा। इस दिन तीज माता की सवारी पालकी को सजाकर निकाली जाती है। वहीं सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र व कुंवारी कन्याएं अच्छे पति की कामना के लिए इस दिन का व्रत करती हैं। इसके अलावा नीम की पूजा का भी इस दिन विधान है।

कजली तीज के शुभ मुहूर्त :
इस बार कजरी तीज की यह तृतीया तिथि बुधवार, 24 अगस्त 2021, को 16:05 बजे से लग रही है। वहीं यह तिथि गुरुवार,25 अगस्त 2021 को शाम 16.18 बजे तक रहेगी।

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ऐसे में इस बार यह पर्व गुरुवार, 25 अगस्त 2021 को मनाया जाएगा। वहीं इस दिन सुबह 05:57 बजे धृति योग बन रहा है। जिसे वैदिक ज्योतिष शास्त्र में बेहद खास माना जाता है। मान्यता के अनुसार इस दौरान किए जाने वाले कार्य सफल होते हैं।

मान्यता के अनुसार, कजरी तीज के दिन ने भगवान शिव को पाने के लिए माता पार्वती व्रत किया था। कहा जाता है कि मां पार्वती की कठोर तपस्या के बाद ही उन्हें भोलेनाथ प्राप्त हुए थे।

कजरी तीज: सुहागिनें इस दिन क्या करें?
: इस दिन मिट्टी से बनाएं भगवान शंकर और माता पार्वती की प्रतिमा फिर इसकी पूजा करें।
: इस दिन चावल, चना,गेहूं, मेवे व घी से ही मिष्ठान बनाएं।
: सुहागिन महिलाएं इस दिन श्रृंगार का दान अवश्य करें। कहा जाता है कि अखंड सौभाग्यवती होने का वरदान पाने के लिए ऐसा किया जाता है।
: इस दिन का व्रत सुहागिन स्त्रियों के लिए का श्रृंगार के बिना अधूरा माना जाता है।
: भगवान शिव और माता पार्वती के अलावा भगवान विष्णु का भी कजरी तीज के दिन पूजा करनी चाहिए।

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: सुहागिन महिलाओं के द्वारा कजरी तीज को मायके या मामा के यहां मनाने की परंपरा है।
: इस दिन हाथ में मेहंदी अवश्य लगानी चाहिए, नहीं तो यह व्रत अधूरा जाता है।
: कजरी तीज पूजा के बाद बड़े बुजूर्गों का आशीर्वाद अवश्य लें।
: महिलाएं अपने पति की इस दिन हर बात मानें।

कजरी तीज व्रत में एक समय आहार करने के बाद दिन भर कुछ नहीं खाया जाता है। फिर नीमड़ी माता की पूजा करके नीमड़ी माता की कहानी सुनी जाती है। चांद निकलने पर चांद की पूजा की जाती है और अर्घ्य देने के बाद बड़ों के चरणस्पर्श किए जाते हैं। इसके बाद सत्तू के व्यंजन से व्रत खोला जाता है।

गर्भवती स्त्री इस व्रत के दौरान फलाहार कर सकती हैं। यदि चांद उदय होते नहीं दिख पाए तो चांद निकलने का समय टालकर आसमान की ओर अर्घ्य देकर व्रत खोल सकते हैं।

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भोपाल. खेल में उनका killer instinct दिखाई दिया था। ब्रिटेन के खिलाफ 2-0 से पिछड़ने के बाद भी वे नर्वस नहीं हुई थी बल्कि दोगुने उत्साह से हमले करने में जुट गई थीं। गुरजीत कौर के लगातार दो गोलों के बाद वंदना कटारिया ने गोल दागकर टीम को लीड दिला भी दी। इसपर भी जब टीम अंतत: हार गई तो वंदना की आंखों से आंसू छलक ही पड़े।

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टोक्यो ओलिंपिक में शुक्रवार को एक बार फिर भारतीय महिला हॉकी टीम ने गजब का प्रदर्शन किया। हालांकि टीम ग्रेट ब्रिटेन से हार गई और ब्रांज मेडल जीतने से भी चूक गईं पर टीम ने सभी का दिल जीत लिया। ब्रिटेन को 2-0 की बढ़त मिल चुकी थी पर भारतीय टीम ने 4 मिनट में 3 गोल कर बाजी पलट दी थी। एमपी में हाकी के गुर सीखनेवाली टीम की स्टार फारवर्ड वंदना कटारिया ने इस मैच में भी कमाल कर दिखाया था।

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ताबड़तोड़ हमले कर वंदना ने 29वें मिनट में आखिरकार गोल दाग ही दिया। वंदना के इस गोल के साथ ही टीम इंडिया को 3-2 की बढ़त मिल गई। बाद में ब्रिटेन ने 4-3 से मैच जीत जरूर लिया पर मैच में अपने दमदार प्रदर्शन से वंदना ने अपनी काबिलियत फिर साबित कर दिखाई। टोक्यो ओलिंपिक में वे पूरे रंग में दिखाई दीं।

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भारतीय महिला हॉकी टीम को इस मुकाम तक लाने में वंदना कटारिया का सबसे अहम रोल रहा है. ओलिंपिक में उन्होंने कुल चार गोल दागे और टीम को सेमी फाइनल तक पहुंचाने में अपना योगदान दिया। अफ्रीका के खिलाफ बनाई गई उनकी हैट्रिक तो ओलिंपिक इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गई है। यही वो मैच था जिसने इंडिया को ढीलीढाली टीम की इमेज से उबारकर बुलंदियों पर पहुंचा दिया था।

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वंदना के साथ ही इस टीम में तीन अन्य ग्वालियर गर्ल्स भी थीं जिन्होंने अपने प्रदर्शन से भारतीय महिला हॉकी टीम को नई उंचाई प्रदान की है। पी सुशीला चानू, रीना खोखर और मोनिका मलिक भी इंडियन टीम में शामिल थी। ये सभी ग्वालियर स्थित मध्यप्रदेश महिला हॉकी अकादमी में प्रशिक्षण ले चुकी हैं. यहां कोच परमजीतसिंह ने इनका हुनर तराशा था।

Jyotish: आज के दौर में धन को ही दूसरा देवता माना जाता है। ऐसे में हर व्यक्ति जल्द से जल्द धन पाकर अमीर होना चाहता है। जिसके चलते वह कई तरह के मार्ग भी अपनाता है। इनमें से जहां कुछ उचित तो कुछ अनुचित भी माने जाते हैं। लेकिन, धन की लालसा कई बार तो व्यक्ति के उचित व अनुचित विवेक को तक शून्य कर देती है।

वहीं ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ऐसे अनेक संकेत हैं जो घर में धन आने से पहले मिलने लगते हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में हम उन संकेतों को पहचान नहीं पाते। जिसका हमें बाद में नुकसान के रूप में फल भी भोगना पड़ता है।

जानकारों के अनुसार जो शुभ संकेत मिलते हैं उनसे यह पता चलता है कि आपके घर में माता लक्ष्मीजी का आगमन होने वाला है साथ ही आपको अपार धन भी मिलेगा।

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कुल मिलाकर आप इसे अच्छे समय का संकेत भी मान सकते हैं, लेकिन इसे पहचानना आसान नहीं होता। पंडित सुनील शर्मा के मुताबिक ज्योतिष के अनुसार माता लक्ष्मी के आगमन से पहले जो संकेत मिलते हैं, वे इस प्रकार हैं:

: यदि आपको अपने घर के बाहर काफी दिन से देवी मां लक्ष्मी का वाहन उल्लू दिखा रहा हो तो ये आपके घर पर माता लक्ष्मी के आगमन संकेत माना जाता है। जिससे आपको अपार धन मिलेगा।

: घर में काले रंग की चिंटियां अचानक आकर झुंड़ में कुछ खाने लगे तो माना जाता है कि लक्ष्मीजी आपके घर आने वाली हैं, जिसके चलते आपको काफी धन मिलने वाला है।

: घर में किसी चिड़िया द्वावा घोंसला बनाना काफी शुभ माना जात है। इसका अर्थ ये मना जाता है कि जल्द ही आपके घर में देवी लक्ष्मी का आने वाली है।

: इसके अलावा सोते में झाडू, उल्लू, घड़ा, बंसी, हाथी, नेवला, शंख, छिपकली, तारा, सांप, गुलाब आदि का दिखाना भी धन प्राप्ति के संकेत माने जाते हैं।

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: घर अचानक तीन छिपकलियों का एक ही स्थान पर दिखाना काफी शुभ माना जाता है। इसे महालक्ष्मीजी के आगमन का संकेत भी कहते है। यह भी माना जाता है कि यदि इस दौरान छिपकलियां एक दूसरे का पीछा कर रही होती हैं तो इसका अर्थ घर की उन्नति के संकेत से जोड़ा जाता है। वहीं तुलसी के पौधे के आसपास दीपावली के दिन छिपकली का दिखाना काफी शुभ माना जाता है। मान्यता के अनुसार अपार धन मिलने का संकेत होता है।

: घर से बाहर जाते समय यदि रास्ते में कोई कुत्ता अपने मुंह में खाने वाली कोई शाकाहारी चीज़ या रोटी लाता हुआ दिखाई देता है तो यह संकेत धनलाभ का माना जाता है।

: वहीं पुरुषों के दाहिनी हथेली में लगातार खुजली को भी धन प्राप्ति के शुभ संकेत से जोड़कर देखा जाता है।

: सुबह उठते ही शंख की आवाज सुनाई देना भी देवी लक्ष्मी के आने का संकेत मानी जाती है।

: वहीं घर से बाहर जाते समय गन्ना दिखाना भी धन प्राप्ति का संकेत माना जाता है।

: यदि आपको सुबह-सुबह घर से बाहर निकलते ही लगातार कई दिनों कोई झाडू लगाता दिखाई दे तो इसका अर्थ ये माना जाता है कि आप बहुत जल्द धनवान होने वाले हैं।

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भोपाल। Khel Ratna award केंद्र सरकार ने देश के सबसे बड़े खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदल दिया है। यह पुरस्कार मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार के नाम से जाना जाएगा। पहले यह पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नाम पर था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ट्वीट के जरिए यह जानकारी देश को दी। झांसी में मेजर ध्यानचंद के बेटे अशोक ध्यानचंद ने पत्रिका से बातचीत में इसे खुशी का क्षण बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी के फैसले की तारीफ की है।

 

patrika.com पर पेश है मेजर ध्यानचंद के बेटे अशोक ध्यानचंद से बातचीत के अंश..।

 

हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के बेटे अशोक ध्यानचंद ने पत्रिका से बातचीत में कहा कि यह बेहद खुशी का क्षण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की खेलों के प्रति सोच उभरकर आई है। उन्होंने खेलों के महत्व को समझा है। उन्होंने खिलाड़ियों के संघर्ष को पहचाना है।

 

हॉकी की दोनों टीमों को श्रेय

अशोक ध्यानचंद ने कहा कि टोक्यो ओलंपिक में खेलकर इतिहास रचने वाली पुरुष और महिला हॉकी टीम को यह श्रेय जाता है। क्योंकि ओलंपिक में इन टीमों के प्रदर्शन के कारण ही आज हॉकी की इतनी चर्चा हो रही है। उन टीमों ने मेजर साहब को यह सम्मान दिलाया है। अशोक ध्यानचंद ने कहा कि मैं इस क्षण बेहद भावुक हैं, बार-बार खुशी के आंसू निकल रहे हैं। यह सम्मान हर देशवासियों को मिला है, मेरे घर और झांसी को मिला है।

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'भारत रत्न' के लिए बोली यह बात

मेजर ध्यानचंद को 'भारत रत्न' देने के सवाल पर अशोक ध्यानचंद ने कहा कि यह भावनाएं सारे देश की है, देश जानता है वे एक जमीनी इंसान थे। यदि ऐसा होता है, यह देश के हर व्यक्ति और घर का सम्मान होगा।

 

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मुख्यमंत्री बोले- ध्यानचंदजी को सच्ची आदरांजलि

हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद ने अपने अद्भुत खेल से न सिर्फ सारी दुनिया का दिल जीता, बल्कि अपने देश को भी एक अलग पहचान दिलाई। खेल रत्न पुरस्कार मेजर ध्यानचंद जी के नाम पर रखना उन्हें सच्ची आदरांजलि है। इस निर्णय के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी का अभिनंदन करता हूं।

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कब हुई थी इसकी शुरुआत

खेल के क्षेत्र में सराहना और जागरूकता के लिए खेल रत्न पुरस्कार की शुरुआत 1991-92 में हुई थी। शतरंज ग्रैंड मास्टर विश्वनाथन आनंद इस पुरस्कार को पाने वाले पहले खिलाड़ी थे।

 

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कैसे तय होते हैं नाम

किसी भी वर्ष अप्रैल के अंत तक इसके लिए नामांकन स्वीकार किए जाते हैं। एक खेल के दो खिलाड़ियों से अधिक को नामित नहीं किया जाता है। 12 सदस्यीय समिति ओलपिक, पैरालिंपिक, एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों के अंतरराष्ट्रीय आयोजन में से एक खिलाड़ी का मूल्यांकन करती है।समिति बाद में खेल एवं युवा मामलों के मंत्री केपास मंजूरी के लिए अपनी सिफारिश भेजती है।

 

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हिंदू कैलेंडर में हर साल श्रावण माह की पूर्णिमा को भाई बहन के प्रेम का पर्व रक्षाबंधन मनाया जाता है। ऐसे में इस साल 2021 में भी श्रावण माह की पूर्णिमा पर यानि रविवार 22 अगस्त को रक्षा बंधन का पर्व मनाया जाएगा है। इस दिन भाइयों की दीर्घायु और स्वस्थ जीवन के लिए उनकी बहनें कलाई में राखी बांधेंगी।

ऐसे में ये सवाल कई लोगों के मन में उठता है कि आखिर रक्षाबंधन पर्व के पीछे की कहानी क्या है और यह कब शुरु हुआ। इस संबंध में पंडित पीसी जोशी के अनुसार यूं तो रक्षाबंधन पर्व को लेकर कई कथाएं समाने आती हैं, लेकिन इसका मुख्य पौराण्कि कथा माता लक्ष्मी से जुड़ी हुई है, जिसके चलते आज भी रक्षा बंधन का त्योहार मनाया जाता है।

पंडित जोशी के मुताबिक कई लोगों का मानना है कि कि वृत्तासुर से युद्ध करने जब इंद्र जा रहे थे, तो इंद्र को रक्षा सूत्र उनकी पत्नी शची ने उन्हें बांधा था।

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जिसके बाद से रक्षा बंधन का त्यौहार मनाया जाने लगा, लेकिन इस त्यौहार की खास बात भाई बहन के रक्षासूत्र से जुड़ी हुई है। ऐसे में रक्षाबंधन त्यौहार तब बना, जब इस सूत्र से देवी माता लक्ष्मी का नाता जुड़ा।

पंडित जोशी के अनुसार दरअसल स्कंद पुराण, पद्मपुराण और श्रीमद्भागवत पुराण मुताबिक जब भगवान विष्णु के प्रथम अवतार वामन ने महाराज बली से ढ़ाई पग भूमि मांगने के बाद बलि को पाताललोक का राजा बना दिया, मौका देख राजा बलि ने भगवान से एक वरदान मांग लिया, जिसके अनुसार भगवान को रात-दिन उनके सामने रहने का वचन देना पड़ा।

वामनावतार के बाद दरअसल भगवन विष्णु को देवी लक्ष्मी के पास पुन: वापस था ,लेकिन इस वरदान ने भगवान विष्णु को रोक दिया और वे वहीं रसातल में बलि की सेवा में करने लगे।

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वहीं जब इस बारे में पता चलने पर माता लक्ष्मी चिंता में आ गईं। तब नारदजी ने लक्ष्मीजी को एक उपाय बताते हुए कहा कि आप राजा बलि को भाई बनाकर उनसे रक्षा का अपने लिए वचन ले लें।

यह सुनते ही माता लक्ष्मी एक साधारण महिला का रूप धारण कर रोते हुए राजा बलि के दरबार में पहुंच गईं। राजा बलि ने उनके रोने का कारण पूछा। तो साधारण महिला बनी माता ने कहा कि मेरा कोई भाई नहीं और मुझे कोई बहन नहीं बनाना चाहता, मैं क्या करूं महाराज।

उनकी यह व्यथा सुनकर राजा बलि ने उन्हें अपनी धर्म बहन बनाने का प्रस्ताव रखा। तब साधारण महिला रूप आईं माता लक्ष्मी ने राजा बलि को रक्षा सूत्र बांधा और वचन लिया कि कि वह बहन की रक्षा करेंगे और उससे दक्षिणा भी देंगे। राजा बालि ने उन्हें ये वचन दे दिया।

वचन मिलते ही माता लक्ष्मी ने असली रूप में आ गईं और बोलीं कि यदि आपने मुझे अपनी बहन माना है तो दक्षिणा के रूप में आप मुझे मरे पति को लौटा दें। जिस पर अपने वचन का पालन करते हुए राजा बलि ने भगवान विष्णु माता लक्ष्मी को लौटा दिए। इस प्रकार माता लक्ष्मी बलि को अपना भाई बनाने के बाद श्रीहरि को भी वचन से मुक्त करा लिया और उन्हें अपने साथ लें गई।

मान्यता के अनुसार जिस दिन यह घटना घटी, उस दिन श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि थी। ऐसे में इसी दिन से रक्षा बंधन का यह त्यौहार प्रचलन में है।

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टीआई ने पूरी घटना डीआईजी को बताई थी जिसके बाद दूसरे दिन थाने जाकर एसपी साउथ एवं एएसपी जोन टू ने आरोपियों के बयान दर्ज किए थे। एक महीने से दोनों आरोपी पुलिस कर्मी लाइन अटैच चल रहे थे।

ये था पूरा मामला

10 जुलाई की रात गुजरात के हीरा एवं सोना व्यापारी जीके गोल्ड एंड डायमंड कंपनी के मैनेजर प्रवीण भाई धीरूजी भाई के 2 प्रतिनिधियों से आरोपी पुलिस कर्मियों ने 5 लाख रुपए लूट लिए थे। गुजरात के व्यापारी के एजेंट किशन दिलीप जाडा एवं रोनक भरत सिंह देवड़ा नामक दोनों प्रतिनिधि एक्टिवा गाड़ी से बैग में 26 लाख नगद राशि लेकर लाल घाटी में पवन जी भाई नामक व्यापारी को भुगतान करने जा रहे थे। 10 जुलाई की रात अयोध्या नगर थाने के सिपाही सुमित बघेल एवं विनोद रावत अपनी प्राइवेट पल्सर मोटरसाइकिल से मिनाल रेसीडेंसी गेट नंबर पांच के पास घूम रहे थे और उन्होंने दोनों प्रतिनिधियों को रोक लिया। चेकिंग के दौरान जब बैग में पैसा मिला तो उन्होंने दोनों प्रतिनिधियों को जेल में डालने की धमकी दी और 5 लाख रुपए नगद हड़प लिए। इसके बाद दोनों प्रतिनिधियों को मौके से भगा दिया गया। लूट की घटना को अंजाम देने के बाद सिपाही सुमित बघेल एवं विनोद रावत अयोध्या नगर थाने के टीआई पवन कुमार सेन से मिलने नरेला शंकरी रजनी अस्पताल चेकिंग पॉइंट पर पहुंच गए। यहां दोनों सिपाहियों ने थाना प्रभारी को लालच देने का प्रयास किया। दूसरे दिन गुजरात के व्यापारी जीके गोल्ड एवं डायमंड कंपनी के मैनेजर प्रवीण भाई धीरूजी भाई स्वयं अपने दोनों प्रतिनिधियों को लेकर अयोध्या नगर थाने पहुंच गए। गुजरात के व्यापारी ने दोनों सिपाहियों द्वारा उनके प्रतिनिधियों से जबरदस्ती 5 लाख रुपए की राशि लूटने की बात टीआई को बताई। एसपी साईं कृष्णा थोटा, एडिशनल एसपी राजेश सिंह भदौरिया, सीएसपी सुदेश दामले ने जब सिपाही विनोद रावत एवं व्यापारी, उसके दोनों प्रतिनिधियों का आमना सामना कराकर बयान लेने शुरू किए तो सब सच सामने आ गया।

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के नाम का जल्द ऐलान हो सकता है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के साथ नेता प्रतिपक्ष की भी दोहरी जिम्मेदारी संभाल रहे कमलनाथ यह पद छोड़ सकते हैं। इसी मानसून सत्र से पहले रविवार 8 अगस्त को कांग्रेस कोई बड़ा परिवर्तन कर सकती है। नए नेता प्रतिपक्ष के लिए कांग्रेस विधायक सज्जन सिंह वर्मा और गोविद सिंह के नामों की भी अटकलें शुरू हो गई हैं।

 

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मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ जल्द ही नेता प्रतिपक्ष का पद छोड़ सकते हैं। ट्वीटर प्रोफाइल से नेता प्रतिपक्ष पद का नाम हटाने के बाद से अटकलें तेज हो गई हैं। नए नेता प्रतिपक्ष की दौड़ में कमलनाथ के करीबी सज्जन सिंह वर्मा और दिग्विजय के करीबी माने जाने वाले गोविंद सिंह का नाम भी लिया जा रहा है।

 

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कमलनाथ के निवास पर विधायक दल की बैठक

इधर, खबर है कि कांग्रेस ने 9 अगस्त से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र से ठीक एक दिन पहले बैठक बुलाई है। जिसमें विधानसभा समेत कई रणनीति पर चर्चा होगी। यह बैठक कमलनाथ के बंगले पर शाम 7 बजे होगी। माना जा रहा है कि इस समय नए नेता प्रतिपक्ष के नाम का खुलासा हो सकता है।

 

 

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सक्रिय हैं गोविंद सिंह

कुछ दिनों से गोविंद सिंह नेता प्रतिपक्ष बनने के लिए कुछ दिनों से सक्रिय हैं। पिछले सप्ताह ही उनका एक बयान सुर्खियों में रहा। उन्होंने एक सवाल के जवाब में ग्वालियर में मीडिया से कहा था कि मै आज भी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा रहा हूं। कमलनाथजी ने मुझे बहुत सारी जिम्मेदारी दी है वो निभा रहा हूं। मैं सदन में कांग्रेस का पक्ष मजबूती के साथ रखता हूं।

 

 

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बड़ी भूमिका निभा सकते है कमलनाथ

पिछले माह 15 जुलाई को कमलनाथ 10 जनपद स्थित सोनिया गांधी से मुलाकात करने गए थे। तभी से गांधी परिवार के बेहद करीबी कमलनाथ को कोई अहम जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा शुरू हो गई थीं। कांग्रेस पार्टी में कमलनाथ की अच्छी पकड़ मानी जाती है और सभी नेताओं से उनके अच्छे संबंध हैं। राजनीतिक विश्लेषक इसे पांच राज्यों में होने वाले चुनाव की रणनीति से भी जोड़ते रहे। उन्हें कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने की भी चर्चा मीडिया रिपोर्ट्स में बताई गई।

 

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गांधी परिवार के साथ कमलनाथ का रिश्ता अपने दोस्त संजय गांधी के जमाने का है। इंदिरा कमलनाथ को अपना तीसरा बेटा मानती थीं। संजय के कहने पर ही कमलनाथ ने राजनीति में पहला कदम रखा था। पहली बार 1980 में लोकसभा में पहली बार छिंदवाड़ा से चुनाव लड़ा। तब इंदिरा ने चुनाव प्रचार में कहा था कि राजीव और संजय के बाद कमलनाथ मेरे तीसरे बेटे हैं और मैं अपने बेटे के लिए वोट मांगने आई हूं। इसके बाद कमलनाथ 9 बार लगातार सांसद रहे।

Jitendra Chourasiya, भोपाल। ग्वालियर-चंबल में बाढ़ के कहर से 21311 हैक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र की फसल बर्बाद हो गई है। राज्य सरकार ने केंद्र से राहत राशि मांगने के लिए नुकसान का प्रारंभिक आकलन शुरू कर दिया है। इसके तहत फिलहाल प्रायमरी-डाटा तैयार किया गया है, जो जल्द केंद्र को भेजा जा सकता है। इसके तहत प्रारंभिक आकलन व अनुमान के हिसाब से 23 हजार से ज्यादा मकान पूरी तरह नष्ट हुए हैं। वहीं 1700 से ज्यादा पशुओं की मौत हुई है। गांव और शहरों की सैकड़ों किमी सडक़ें पूरी तरह बर्बाद हो गई है। इसका आकलन अभी किया जा रहा है। इसके अलावा बिजली के सब-स्टेशन पूरे-पूरे तबाह हो गए। अभी 5647 ट्रांसफार्मर नष्ट होने का आकलन है, जो और बढ़ सकता है। अभी तक कुल 27836 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा है। वहीं बाढ़ के बीच से 6918 लोगों को रेस्क्यू किया है। अब भी अनेक लोग बाढ़ में फंसे हैं।
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यूं नुकसान- (प्रारंभिक अनुमान)
- 1700 से ज्यादा पशुओं की मौत
- 21311 हैक्टेयर में फसल नुकसान
- 23000 से ज्यादा मकान नष्ट हुए
- 315 जल संरचनाएं नष्ट हो गईं
- 25 पुल-पुलिया पीडब्ल्यूडी के तबाह
- 5647 बिजली ट्रांसफार्मर बर्बाद हो गए
- 587 आंगनवाड़ी पहुंच मार्ग नष्ट हुए
- 2470 हैंडपंप शहरी क्षेत्रों के नष्ट हुए
- 166 किमी शहरी सडक़ें पूरी तरह नष्ट
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अगले हफ्ते मैदान में पहुंचेगी स्पेशल टीमें-
राजस्व विभाग अगले हफ्ते मैदानी सर्वे शुरू करेगा। राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के मुताबिक अभी नुकसान का प्रारंभिक अनुमान लगाया जा रहा है। जिला प्रशासन की टीमें इसमें जुटी हैं। वहीं जहां पानी उतर रहा है, वहां के लिए टीमें गठित करके मैदानी सर्वे के लिए भेजी जाएंगी। सात अगस्त के बाद बैठक में सर्वे का पूरा रोडमैप बनेगा। राज्य स्तर पर स्पेशल टीम गठित की जाएंगी। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने प्रभावित इलाकों में प्री-सर्वे करके प्री-रिपोर्ट देने के लिए कहा है। इसके तहत पहले प्री-रिपोर्ट बनेगी। बाद में सर्वे की फायनल रिपोर्ट तैयार होगी।
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Jitendra Chourasiya,भोपाल। ग्वालियर-चंबल में बाढ़ के कहर को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मध्यप्रदेश के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मदद मांगी है। इसके चलते अशोकनगर और गुना में एनडीआरएफ की टीम भेजी जाएगी। शिवराज ने शुक्रवार को अमित शाह से फोन पर बात की। इसमें अशोकनगर में रेस्क्यू के लिए आर्मी की मदद मांगी। शिवराज ने शाह को बताया कि अशोकनगर में पचास लोग बाढ़ में फंस गए हैं। तेज बारिश के कारण एयरफोर्स के हैलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पाए। इसलिए एनडीआरएफ और आर्मी की टीम भेजने के लिए कहा। इस पर शाह ने एनडीआरएफ और आर्मी की टीम जल्द भेजने की बात कही है। दूसरी ओर सिंधिया ने शुक्रवार को ट्वीट किया कि केंद्रीय गृह मंत्री से बात हुई है। मेरे अनुरोध पर उन्होंने गुना और अशोकनगर में एनडीआरएफ की टीम भेजने का निर्णय लिया है। टीम जल्द पहुंच जाएगी। इसके बाद केंद्र का एक दल बाढ़ से नुकसान के आकलन के लिए आएगा। शाम तक एनडीआरएफ की दो टीमें अशोकनगर के लिए रवाना भी हो गई।
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राज्य शासन ने अगस्त के प्रथम सप्ताह में विशेष तौर पर ग्वालियर, चम्बल संभाग के 8 जिलों में अभूतपूर्व भारी वर्षा से हुए नुकसान के मूल्यांकन के लिये केन्द्र सरकार से तुरंत अंतर-मंत्रालयी केन्द्रीय टीम भेजने का अनुरोध किया है। केन्द्र शासन को भेजे पत्र में कहा गया है कि एक अप्रैल, 2021 को राज्य आपदा राहत कोष का खर्च शून्य था। राज्य आपदा राहत कोष 2020-21 के तहत 2427 करोड़ रुपये का प्रावधान है। इसमें से 20 प्रतिशत यानि 485.4 करोड़ रुपये मिटिगेशन (शमन) और 970.80 करोड़ रुपये कोविड-19 के लिये निर्धारित किये गये। एक अप्रैल, 2021 से 5 अगस्त, 2021 के मध्य एसडीआरएफ के तहत 576.13 करोड़ व्यय होने के बाद शेष राशि 1364.47 करोड़ रुपये है।

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jitendra.chourasiya@भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सहकारिता हमारे संस्कार और संस्कृति में है। सबका कल्याण-सबकी भलाई की सोच ही सहकारिता है। कोरोना काल में सहकारिता से ही सेवा हुई। प्रदेश में सहकारिता के माध्यम से अर्थव्यवस्था का नवनिर्माण किया जाएगा। पर्यटन, डेयरी, पशुपालन, मत्स्य पालन आदि विभिन्न क्षेत्रों में सहकारिता को मजबूत बनाया जाएगा। प्रदेश में सहकारिता 'ग्रोथ का इंजन' बनेगी।
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यह बात शिवराज ने शुक्रवार को राज्य मंत्रालय में सहकारिता आंदोलन की नई ऊर्जा, नई शक्ति और नए क्षितिज विषय पर कार्यशाला में कही। यहां शिवराज ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूहों ने सहकारिता का श्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत किया है। प्रदेश में इन्हें सशक्त बनाने के लिए 1400 करोड़ का बैंक कर्ज उपलब्ध कराया गया है। सहकारिता के माध्यम से अर्थव्यवस्था का नवनिर्माण हो रहा है। प्रदेश में उद्यानिकी फसलों का बहुत उत्पादन है। इसमें सहकारिता के जरिए फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा देंगे। कार्यशाला में जब शिवराज को मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए आमंत्रित किया गया, तो उन्होंने कहा कि मैं विद्यार्थी हूँ मार्गदर्शनक नहीं। यहां सहाकरिता के बड़े-बड़ेे विशेषज्ञ हैं। कार्यशाला में सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया और राज्य योजना एवं नीति आयोग के उपाध्यक्ष प्रो. सचिन चतुर्वेदी भी विशेष तौर पर मौजूद रहे।
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किसने क्या कहा-
- आरबीआई सेंट्रल बोर्ड के निदेशक सतीश मराठे ने कहा कि अब सहकारिता क्षेत्र में पूंजी की आवश्यकता है। इसके लिए मौजूदा कानूनों में आवश्यक संशोधन करते हुए सहकारी संस्थाओं को अधिक अधिकार संपन्न बनाना आवश्यक है। किसानों की आय दोगुना करने में डेयरी क्षेत्र महत्वपूर्ण है। मध्यप्रदेश में एनिमल सीड बनाने तथा खाद्य संस्करण की बड़ी संभावनाएं हैं। मध्यप्रदेश में तिलहन का अच्छा बाजार था। प्रदेश में तिलहन और दलहन का उत्पादन बढ़ाया जाना चाहिए।
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- कैम्पो के अध्यक्ष किशोर कुमार ने कहा कि सहकारिता फसलों के बाजार मूल्य गिरने पर भी उन्हें सपोर्ट प्रदान करती है। कर्नाटक राज्य में जब लहसुन के दाम गिरे तो सहकारी समितियों ने बड़ी मात्रा में अच्छे मूल्य पर लहसुन खरीदकर किसानों की सहायता की। यह सहकारिता की शक्ति है। खेती में सहकारिता को अपनाया जाना चाहिए।
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- अमूल के क्षेत्रीय निदेशक आरएस सोडी ने कहा कि सहकारिता उन छोटे-छोटे कार्य करने वाले, व्यवसाइयों, कामगारों के लिए है, जो अकेले कुछ नहीं कर सकते। वे साथ मिलकर बहुत अच्छा कार्य कर सकते हैं। इसमें पेशेवर लोगों की सहायता लेनी होगी। आधुनिक तकनीकी का भी उपयोग आवश्यक है। मार्केटिंग और ब्रान्डिंग पर भी ध्यान देना होगा।
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- सहकारिता विशेषज्ञ डीडी त्रिपाठी ने कहा कि किसानों को सहकारिता का प्रशिक्षण देकर उनके कृषक उत्पादन संगठन बनाए जा सकते हैं। स्व-सहायता समूहों एवं किसानों की सहकारी समितियों को कृषि उत्पाद प्रसंस्करण के लिए प्रोत्साहित किया जाए। सहकारिता के क्षेत्र में मानव संसाधन नीति भी बनानी होगी।
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- इंडियन कॉफी वर्कर्स कॉ-ऑपरेटिव सोसाइटी (इंडियन कॉफी हाउस) के एंटोनी ने कहा कि हमारी सहकारी संस्था का मुख्य उद्देश्य अधिकतम रोजगार देना है। मध्यप्रदेश में अभी हमारी 36 ब्रांच हैं। अब छोटे-छोटे शहरों में भी कॉफी हाउस खोले जा रहे हैं।
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- सहकारिता विशेषज्ञ प्रो. शशिका रवि और वाशिंगठन डीसी ने कहा कि मध्यप्रदेश में स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने की आवश्यकता है। कृषि तकनीकी को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। फसलों की प्रोसेसिंग भी की जाए।
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- सहकार भारती के प्रदेश अध्यक्ष विवेक चतुर्वेदी ने कहा कि जब धन, श्रम एवं बुद्धि तीनों शक्तियाँ एक साथ लगती हैं और इसका लाभ सभी में बंटता है, वही सहकारिता है। प्रदेश में श्रमिक सहकारी समितियों का गठन किया जाना चाहिए।
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भोपाल. कोरोना काल में बंद पड़ी जनसुनवाई के बाद जनता का आखिरी भरोसा सीएम हेल्पलाइन अफसरों की सुस्ती के आगे कमजोर पड़ती जा रही है। यहां सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी होती है। शिकायत अपग्रेड होती जाती है, समाधान का प्रतिशत काफी कम रहता है। यही वजह है कि 5 अगस्त 2021 की स्थिति में भोपाल के 197 विभागों/ उप विभागों की 8455 शिकायतें अलग-अलग विभागों में लंबित हैं। एल-1 से ज्यादा शिकायतें एल-4 पर आकर लंबित हो जाती हैं। शिकायतकर्ता इस आश्वासन पर बैठा रहता है कि उसने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की है। निराकरण जरूर होता, लेकिन यहां सिस्टम की बाजीगरी में उलझी शिकायतें सिर्फ आंकड़ा बढ़ाती रहती हैं। अगर कोई शिकायतकर्ता असंतुष्ठ है और बार-बार शिकायतें कर रहा है तो उसकी शिकायत अगले 100 और 300 दिन की लंबित सूची में डालकर इतिश्री कर ली जाती है।

राजधानी में शिकायतों को लेकर विभागों की स्थिति बदलती रहती है। कभी ऊर्जा विभाग टॉप पर रहता है तो कभी राजस्व विभाग। कोरोना काल में चिकित्सा शिक्षा, यहां तक की सुल्तानिया अस्पताल की शिकायत भी सीएम हेल्पलाइन पहुंची है। पोर्टल पर की गई पड़ताल में भोपाल की शिकायतों में एल-1 पर आईं शिकायतों के बाद एल-2,एल-3 स्तर पर तेजी से शिकायत दौड़ती है। लेकिन एल-4 पर आकर मामला अटक जाता है।

300 दिन लंबित शिकायतों में सबसे ज्यादा स्कूल की
सीएम हेल्पलाइन में सबसे अधिक 300 दिनों तक पेंडिंग 666 शिकायतों में सबसे ज्यादा स्कूल शिक्षा विभाग की शिकायतें हैं। अधिकांश शिकायतें फीस अधिक लेने के संबंध में की गईं हैं। इसके बाद राजस्व विभाग की 126 और चिकित्सा शिक्षा विभाग की 91 शिकायतें हैं। जिनका निराकरण 300 दिन बाद भी नहीं हो सका है।

100 दिन लंबित शिकायतों में सबसे ज्यादा राजस्व की

इस समय सीमा में सबसे ज्यादा 669 शिकायतें राजस्व विभाग की है। स्कूल शिक्षा विभाग की 449 शिकायतें हैं। चिकित्सा शिक्षा विभाग की 349 शिकायतें लंबित हैं। जो एल-4 स्तर पर जाकर अटकी हुईं हैं। सबसे कम शिकायत सामाजिक न्याय विभाग की है।

5 अगस्त तक लंबित शिकायतों की स्थिति

अगस्त--2021
राजस्व----788

खाद्य आपूर्ति विभाग----553
ऊर्जा विभाग----441

सुल्तानिया महिला चिकित्सालय----423
पिछड़ वर्ग एवं अल्प संख्यक विभाग--408

पुलिस---339
पेयजल-नगर निगम----309

संस्थागत वित्त---230
लोक स्वास्थ---225

अतिक्रमण--नगर निगम,-----214
लोक शिक्षण----191

लीड बैंक---174
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केस-1,

-अधिक फीस की शिकायत
अन्ना नगर के नजदीक शहर के एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल के कक्षा 7 में पढऩे वाले छात्र के अभिभावकों ने शिकायत करते हुए बताया कि उनसे ट्यूशन के साथ अतिरिक्त फीस ली जा रही है। इस स्कूल की शिकायत का समाधान न तो कोरोना की पहली लहर में हुआ और न ही दूसरी में। मामला 300 दिन से अधिक लंबित शिकायत सूची में पहुंच गया, समाधान नहीं हुआ।

केस-2,

नामांतरण को लेकर की शिकायत
ग्राम मुगालिया छाप के एक किसान ने अपनी जमीन के नामांतरण के लिए कई बार आवेदन तहसील में प्रस्तुत किया। जब नहीं हुआ तो सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज करा दी। दिन गुजरने के बाद शिकायत सौ दिन से अधिक लंबित सूची में आ गई। लेकिन समाधान नहीं निकला। ऐसी एक नहीं कई शिकायतें रहती हैं जो सीमांकन, बंटान व अन्य राजस्व प्रकरणों से संबंधित रहती हैं।

लगातार बैठकों में देते हैं निर्देश-कलेक्टर

कलेक्टर अविनाश लवानिया हर सप्ताह होने वाली टीएल बैठक में अफसरों को सीएम हेल्पलाइन की पेंडेंसी निपटाने के निर्देश देते हैं। कुछ समय पूर्व लंबित केसों को लेकर 250 रुपए जुर्माना भी लगाया। शिकायतें काफी कम हुईं, इसके बाद भी सीएम हेल्पलाइन में 8455 शिकायतें बाकी हैं। कलेक्टर ने बताया कि वे लगातार इसकी मॉनीटरिंग कर रहे हैं ताकि जानता को लाभ मिल सके।

Jitendra Chourasiya, भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में सरकारी अधिकारी-कर्मचारी के तबादला आदेश जारी करने पर फिलहाल रोक लगा दी है। दरअसल, शुक्रवार को विशेष कैबिनेट बैठक में कुछ मंत्रियों ने तबादला डेट बढ़ाने का मुद्दा उठाया। इस पर सीएम ने कहा कि अभी कोई तबादला आदेश जारी न करें। पंद्रह अगस्त के बाद इसे देखा जाएगा।
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दरअसल, ग्वालियर-चंबल में बाढ़ के कारण इस अंचल के सरकारी अधिकारी-कर्मचारी व्यस्त हैं। ऐसे में उनके तबादले से दिक्कत होना है। इसलिए सीएम ने फिलहाल तबादला आदेश जारी नहीं करने के लिए कहा है। हालांकि इस दौरान तबादलों की पूर्व निर्धारित प्रक्रिया और सूचि बनती रहेगी। तबादलों की अंतिम तारीख 7 अगस्त है, इस कारण केवल एक ही दिन तबादले के लिए बचा था और तबादले नहीं हो पाए थे। इसलिए मंत्रीगण तबादले की डेट और बढ़वाना चाहते थे।
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अनुपूरक बजट प्रस्ताव को मंजूरी-
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कैबिनेट में बजट प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। अनुपूरक बजट प्रस्ताव में करीब पंद्रह हजार करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। इसमें कोरोना रोकथाम के अलावा ग्वालियर-चंबल अंचल में इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने से लेकर अन्य मदों में प्रावधान प्रस्तावित है। अब इस बजट प्रस्ताव को 9 अगस्त से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र में रखा जाएगा।
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बाढ़ के हालातों पर प्रेजेंटेशन-
कैबिनेट बैठक में ग्वालियर-चंबल के बाढ़ के हालात पर प्रेजेंटेशन भी दिया गया। यह प्रेजेंटेशन गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव डा. राजेश राजौरा ने दिया। इसमें अब तक की स्थिति और नदियों के जल स्तर से लेकर बचाव कार्य तक की जानकारी दी गई। मंत्रियों को इस बचाव कार्य व सरकार के कदमों की जानकारी अपने-अपने क्षेत्रों में जनता को देने के लिए भी कहा गया।
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भोपाल :मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश के जिन जिलों में अति वर्षा और बाढ़ के कारण जान-माल का जो नुकसान हुआ है उसके लिए प्रभावितों को आवश्यक सहायता प्राथमिकता से दी जायेगी। मंत्रालय में आज केबिनेट बैठक के पहले मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि प्रदेश के कुछ जिलों में बाढ़ से काफी क्षति हुई है। राहत के लिए राज्य सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जनता के लिए राहत कार्यों के उद्देश्य से विभिन्न विभाग शामिल कर टास्क फोर्स बनेगा। टास्क फोर्स में विभागों के मंत्री, अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव शामिल रहेंगे। टास्क फोर्स में नगरीय प्रशासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक निर्माण, जल संसाधन, स्वास्थ्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, ऊर्जा, राजस्व, कृषि और पशुपालन विभाग शामिल रहेंगे। अधोसंरचना को फिर से खड़ा करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएँ बनाई जायेंगी। बाढ़ प्रभावित परिवार को 50 किलो अतिरिक्त खाद्यान्न प्रदान किया जायेगा।

बाढ़ प्रभावितों के लिए पैकेज

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि बाढ़ प्रभावितों के लिए पैकेज घोषित कर पूरी मदद की जायेगी। प्रधानमंत्री ने भी आश्वस्त किया है कि सहायता देने में कोई कमी नहीं रहेगी। जिनके मकान नष्ट हो गये हैं, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना में राशि दी जायेगी। इसके लिए मनरेगा से कन्वर्जेंस भी किया जायेगा। प्रति आवास इकाई के लिए एक लाख 20 हजार रूपये की व्यवस्था होगी। फिलहाल 6 हजार रूपये की एकमुश्त राशि देकर ऐसे नागरिकों को अन्यत्र किराये का मकान लेने या क्षतिग्रस्त मकान को रहने लायक बनाने के लिए सहायता दी जायेगी। जिन परिवारों के किसी सदस्य की असमय मृत्यु हुई है, ऐसे प्रकरण में 4 लाख रूपये की सहायता परिवार को प्राप्त होगी। खाद्यान्न की व्यवस्था के लिए भी निर्देश दिये जा रहे हैं।

जीवन में नहीं देखी ऐसी भयानक त्रासदी

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि उन्होंने ग्वालियर और चंबल संभाग के जिलों में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण किया है। ऐसी भयानक आपदा उन्होंने जीवन में नहीं देखी। इस त्रासदी में अनेक मकान नष्ट हो गए। प्रभावित क्षेत्र में मलबे के ढेर दिखाई देते हैं। घरेलू सामान के साथ अनाज और आवश्यकता की अन्य वस्तुओं की क्षति हुई है। मवेशी भी बह गए हैं। अधोसंरचना भी क्षतिग्रस्त हुई है। बिजली के ट्रांसफार्मर और पोल भी गिरे हैं। अनेक स्थान भयानक तबाही के प्रमाण दे रहे हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि यह संतोष का विषय है कि समय पर रेस्क्यू किए जाने से अनेक जिंदगियाँ बचाई जा सकी। त्रासदी बड़ी है लेकिन हम परिश्रम की पराकाष्ठा करेंगे। मंत्री भी प्रभावित क्षेत्र में डटे हुए हैं। प्रशासकीय टीम भी हर जिले में सक्रिय है। राहत के कामों में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। आपदा से नागरिकों को बाहर निकाल कर ले आएंगे, यह हमारा संकल्प है।

राशन वितरण का कार्यक्रम

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि शनिवार, 7 अगस्त को हो रहे प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के कार्यक्रम स्वरूप में कोई परिवर्तन नहीं किया जा रहा। सिर्फ बाढ़ प्रभावित जिले छोड़कर शेष जिलों में यथावत गतिविधियाँ होंगी। यह कार्यक्रम पूर्वानुसार होगा। बाढ़ प्रभावित जिलों शिवपुरी, श्योपुर, गुना, दतिया, भिंड, मुरैना और ग्वालियर में स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए उपभोक्ताओं को सिर्फ राशन वितरित करेंगे। इन जिलों में अन्य कोई कार्यक्रम नहीं रहेंगे। चूंकि काफी दिनों से इस कार्यक्रम की तैयारियाँ की जा रही थी, इसलिए गरीबों के कल्याण से जुड़े इस कार्यक्रम को बाकी जिलों में यथावत रखा गया है। बाढ़ प्रभावित परिवारों को पचास किलो अतिरिक्त अनाज दिया जायेगा। यह पूर्व में मिलने वाले दस किलो अनाज के अतिरिक्त होगा।

केंद्र को प्रारंभिक सर्वे रिपोर्ट भेजेंगे, फिर विस्तृत प्रतिवेदन भी भेजेंगे

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि केन्द्र सरकार को अभी एक रिपोर्ट प्रारंभिक सर्वे के बाद भेजी जा रही है। इसके पश्चात बाढ़ से हुई क्षति का विस्तृत प्रतिवेदन भी भेजा जाएगा। नागरिकों को पात्रता के अनुसार अधिकतम सहायता मिले इसके लिए प्रत्येक विभाग को सक्रिय भूमिका के लिए कहा गया है। बाढ़ प्रभावित जिलों में प्रमुख रूप से शिवपुरी, श्योपुर, गुना, दतिया, गवालियर, भिंड, मुरैना जिले हैं।

सेना और आपदा दलों का आभार माना

मुख्यमंत्री चौहान ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की जिंदगी बचाने के लिए रेस्क्यू आपरेशन में संलग्न सभी व्यक्तियों और एजेंसियों का आभार माना। बोट और हेलीकाप्टर के माध्यम से बचाव कार्य के लिए सक्रिय भूमिका निभाने पर मुख्यमंत्री चौहान ने सेना, वायु सेना, होमगार्ड, एस.डी.आर.एफ., एन.डी.आर.एफ., स्थानीय प्रशासन, प्रभारी और स्थानीय मंत्रियों के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि दतिया में डॉ. नरोत्तम मिश्र, गुना और शिवपुरी में महेंद्र सिंह सिसोदिया और यशोधरा राजे सिंधिया, ग्वालियर में श्री तुलसी सिलावट और प्रद्युम्न सिंह तोमर, श्योपुर और मुरैना में भारत सिंह, भिंड में अरविंद भदौरिया और ओ.पी.एस भदौरिया निरंतर सक्रिय रहे। आम जनता को बाढ़ से निकालने में इन सभी ने बहुत परिश्रम किया और अभी भी मैदान में डटे हैं।

सामाजिक संगठनों के सहयोग से प्रभावित लोगों को मदद देंगे

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि सामाजिक संस्थाओं और जन-सहयोग से बाढ़ प्रभावितों को राहत पहुँचाएंगे। मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि एक अपील पर कल ही ग्वालियर से श्योपुर अनाज लेकर ट्रक रवाना हुए हैं। सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से प्रभावितों तक फूड पैकेट पहुँचाएंगे। साथ ही सूखा अनाज भी देंगे। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रभारी और स्थानीय मंत्री ऐसे कार्यों को अपने नेतृत्व में सम्पन्न करवायें। बड़े कस्बों से ग्रामों तक ऐसी मदद पहुँचाना ज्यादा आसान है। मुख्यमंत्री चौहान ने अपील की कि आसपास के ग्रामों के लोगों को तैयार भोजन आपूर्ति भी करें। क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटियाँ भी गतिशील होकर लोगों की सहायता करेंगी। जिला, ब्लाक और ग्राम स्तर की कमेटियाँ राहत और पुनर्वास के कार्यों में लगेंगी। मुख्यमंत्री चौहान ने राजनीतिक दलों से भी बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए सहभागी होने का अनुरोध किया है।

Jitendra Chourasiya, भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भयानक प्राकृतिक आपदा है। अपनी जिंदगी में ऐसी तबाही को नहीं देखा। मैं गांव-गांव गया, तो ऐसी भयानक त्रासदी मैंने भी अपने जीवन में नहीं देखी। हजारों मकान तबाह हो गए। शिवराज ने बाढ़ राहत व आगे के काम के लिए अब 12 विभागों की टॉस्क फोर्स बना दी है। साथ ही मृतकों के परिवारों को चार-चार लाख मदद और जिनके मकान टूटे उन्हें रहने के लिए छह हजार रुपए किराया या अन्य व्यवस्था करने का ऐलान किया है।
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राज्य मंत्रालय में कैबिनेट बैठक को सम्बोधित करते हुए शिवराज ने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों मे
कई जगह गांव में केवल मलबे का ढेर बचा। घरों में रखा सामान बर्बाद हो गया। अनाज अंकुरित हो गया। बर्तन, भाडे, कपडे-लत्ते सब बर्बाद हो गए। मवेशी बह गए। कई परिवार ऐसे जिनके पास कुछ बचा नहीं। हमारा इंफ्रास्ट्रक्चर तहस-नहस हो गया। बिजली के सब स्टेशन, ट्रासफार्मर, खंबे, सडक़ें-पुल की भयानक तबाही हुई। संतोष इस बात का कि समय रहते रेस्क्यू ऑपरेशन किया। एयरफोर्स-आर्मी ने भी बचाव कार्य किया। सबने प्रयत्न किया, तो जानें नहीं गई। इंसानी जिंदगी को बचाना पहली प्राथमिकता रही, उसमें सफल रहे। लेकिन, चुनौती बड़ी है। हम बाढ़ प्रभावित जनता को संदेश देना चाहता हूं कि तबाही बड़ी है, लेकिन चिंता न करें। हमारी सरकार राहत देने मेे कोई कोर-कसर नहीं छोडेगी। परिश्रम की पराकाष्ठा करेंगे। हमारे मंत्री मैदान में डटे हैं। वल्लभ भवन की प्रशासनिक टीम हो या फील्ड की, कोई पीछे नहीं। मैं खुद गांव में गया। व्यवस्थाएं बनानी पड़ेगी। हम त्रासदी से निकालकर ले जाएंगे। कई जगह भोजन की व्यवस्था की है। कुछ जगह आटा भी भेजने की व्यवस्था कर रहें।
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मकान किराये के लिए 6000 देंगे, सात जिलों में उत्सव नहीं-
जैसे-जैसे पानी उतरेगा सर्वे करना है। राजस्व विभाग सर्वे कराएगा। फसलों का नुकसान भी बहुत है। अनाज पचास किलो प्रति परिवार दे रहे। मंत्री इसे देखे। पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना का कार्यक्रम सात जिलों में नहीं होगा। इनमें ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, दतिया, गुना में अनाज बांटेंगे। पचास किलो और देंगे। पचास किलो आटा भी दे सकते हैं। लेकिन, यहां उत्सव नहीं करेंगे। जिनके घर खत्म हो गए, वो तत्काल नहीं बन सकते। उनके रहने के लिए किराये के घर के लिए छह हजार रुपए देंगे या कोई और व्यवस्था हो सकती तो वो करेंगे। पीएम आवास योजना के तहत का पैसा जिनके मकान गिरे उन्हें देंगे। मकान बनाने की व्यवस्था बना रहे। गांव-शहर में भी करेंगे।
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4 लाख रुपए मृतक परिजनों को, टॉस्क फोर्स भी गठित-
शिवराज ने कहा कि मृतकों के परिजनों को चार लाख रुपए सहायता देंगे। इसकी पूरी व्यवस्था बनाकर घोषित करेंगे। अभी 12 विभागों की एक स्पेशल टॉस्क फोर्स बना रहे। यह टॉस्क फोर्स बाढ़ से राहत और आगे के काम करेगी। इसमें शहरी विकास, ग्रामीण विकास, पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य, पीएचई, जल संसाधन, गृह, ऊर्जा, राजस्व, कृषि, खाद्य, पशुपालन विभाग के मंत्री, एसीएस व पीएस शामिल रहेंगे। यह बैठक करके तय करेगी कि कैसे जिलों तक काम होगा। इसके अलावा क्राइसेस मैनेजमेंट कमेटी को भी बाढ़ आपदा में सक्रिय किया जाएगा। प्रभारी-स्थानीय मंत्री इनकी बैठक करें। मैं भी इसकी बैठक करूंगा।
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गृहमंत्री का रेस्क्यू करना पड़ा-
प्रभारी व स्थानीय मंत्रियों के कामों का भी शिवराज ने जिक्र किया। शिवराज ने कहा कि सब राहत देने के लिए जुटे हैं। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा, उनका तो खुद रेस्क्यू करना पड़ा। वे लोगों को बचाने उतर पड़े। सबने जबरदस्त परिश्रम किया है। ये हमारी ड्यूटी थी। हम मैदान में डटकर सेवा करेंगे। बिजली, राशन, पेयजल, भोजन की चुनौती है। हम जुट गए हैं। श्योपुर-बडौदा, शिवपुरी में व्यापक नुकसान पहुंचा। यहां रिस्टोर करना बड़ी चुनौती है। बिजली की व्यवस्था भी एक बड़ी चुनौती है। बिजली में भारी नुकसान पहुंचा है, लेकिन युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं। कुछ जगह आपूर्ति प्रारंभ हो गई है। ब्रिज टूट गए, तो रास्ते बंद हैं। मौसम विपरीत है। कनेक्टिविटी जोडऩा और दवा-उपचार की व्यवस्था भी बड़ी चुनौती है। पानी अब धीरे-धीरे उतर रहा है। युद्धस्तर पर सफाई के लिए बाहर से अमला भेजना पड़ सकता है।
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केंद्र के लिए जल्द बने प्रस्ताव-
समाजसेवी संस्थाओं को भी जोड़ेगे। इनमें दान को बढ़ावा दिया जाए। ग्वालियर में दान की अपील की तो ग्वालियर से खाद्य सामग्री के ट्रक रवाना हो गए। जनता खूब देती है। राजनीतिक दलों से भी अपील करेंगे कि वो भी बयान नहीं, राहत के लिए मदद दें। व्यापक नुकसान हुआ है। कोरोना की दो बार मार पड़ी है। इसलिए आर्थिक परिस्थितियां ऐसी हैं कि केंद्र से मदद की जरूरत है। केंद्र से मदद के लिए प्रस्ताव बनाना है। इस प्रस्ताव को समय पर भेज दें, तो जल्द टीम आ जाएंगी। बाद में विस्तृत प्रस्ताव बना देंगे।
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भोपाल : पैसा कितना खर्च हुआ है से ज्यादा महत्वपूर्ण है कि पैसा कैसे खर्च हुआ। स्वास्थ्य सेवाओं में अमेरिका कुल जीडीपी का 18 प्रतिशत जबकि सिंगापुर मात्र 4 प्रतिशत खर्च करता है, लेकिन स्वास्थ्य सूचकांक लगभग समान हैं। सीनियर फेलो ब्रूकिंग इंस्टीट्यूशन वॉशिंगटन डीसी प्रो. शमिका रवि ने यह बात अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में व्याख्यान माला "असरदार परिवर्तन-टिकाऊ परिणाम" में "द प्रोमिस ऑफ सोशल इंटरप्राइजेस इन इंडियन ग्रोथ एंड डेव्हलेपमेंट" विषय पर व्याख्यान देते हुए कही।

वैक्सीनेशन में हुआ बेहतर कार्य

प्रो. शमिका रवि ने कहा कि सोशल इंटरप्राइजेस शहरों के निम्न एवं मध्यम आय वर्ग के लोगों को ही सेवाएँ देते हैं। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए सोशल इंटरप्राइजेस का उपयोग मध्यप्रदेश जैसे राज्यों में बेहतर ढंग से होना चाहिए। उन्होंने बताया कि कोविड-19 वैक्सीनेशन में मध्यप्रदेश में अन्‍य राज्यों की तुलना में बेहतर कार्य हुआ है। इसी तरह अन्य सेक्टर में भी कार्य होने पर विकास को गति मिलेगी।

प्रो. रवि ने कहा कि किसी भी देश में शहर ग्रोथ के इंजन के रूप में कार्य करते हैं। उन्होंने प्रति व्यक्ति आय की जानकारी देते हुए बताया कि पंजाब और नागालैण्ड की प्रति व्यक्ति आय लगभग समान है। प्रो. रवि ने कहा कि किसानों द्वारा उत्पादित सामग्री के लिए मार्केट उपलब्ध होना चाहिए। लाभकारी खेती के लिए प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर प्रबंधन जरूरी है।

रियल टाइम डाटा जरूरी

प्रो. रवि ने कहा कि विकास की योजनाएँ बनाने के लिए रियल टाइम डाटा जरूरी है। उन्होंने बताया कि बांग्लादेश में ग्रामीण बैंक और आंध्रप्रदेश में स्व-सहायता समूहों का गठन एक साथ शुरू हुआ था। प्रो. रवि ने श्रोताओं के प्रश्नों के उत्तर भी दिये।

सुशासन संस्थान के उपाध्यक्ष प्रो. सचिन चतुर्वेदी ने कहा कि आंत्रप्रन्योरशिप आधारित विकास का मॉडल बनाना होगा, जो सिर्फ सरकारी अनुदान पर निर्भर नहीं हो। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों और सहकारी समितियों के माध्यम से विकास की रूपरेखा बनायी जानी चाहिए। प्रो. चतुर्वेदी ने कहा कि हम सिविल सोसायटी संगठनों में लगातार संपर्क कर रहे हैं। उन्होंने राजस्थान के खुशी वेवी संगठन के बारे में भी बताया। प्रो. चतुर्वेदी ने सी.एस.आर. फंडिंग के सदुपयोग की भी जरूरत बतायी। इस दौरान एडजंक्ट फेलो आर.आई.एस. दिल्ली डॉ. अमिताभ कुंडू, सुशासन संस्थान के सीईओ श्रीमन शुक्ला, संचालक गिरीश शर्मा एवं सलाहकार उपस्थित थे।

भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि 7 अगस्त को प्रदेश में आयोजित होने वाला प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना कार्यक्रम राज्य शासन का महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कार्यक्रम को वी.सी. के माध्यम से संबोधित करेंगे। साथ ही हितग्राहियों से संवाद भी करेंगे। अन्य राज्यों के मंत्री एवं अधिकारी कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए मध्यप्रदेश आ रहे हैं। जिस प्रकार क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटियों द्वारा कोरोना प्रबंधन और प्रदेश का टीकाकरण अभियान पूरे देश में चर्चा का विषय रहा उसी प्रकार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना कार्यक्रम भी पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा है कि प्रदेश में बाढ़ प्रभावित 7 जिलों ग्वालियर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, श्योपुर, दतिया एवं गुना को छोड़कर शेष प्रदेश में यह कार्यक्रम उत्सव के रूप में आयोजित होगा।

कोविड-19 की सावधानियों का पालन करते हुए मनाएँ अन्नोत्सव

मुख्यमंत्री ने कहा कि 7 अगस्त को प्रदेश की समस्त 25 हजार 435 उचित मूल्य दुकानों पर कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। प्रत्येक दुकान पर पहले दिन 100 हितग्राहियों को थैले में नि:शुल्क राशन सामग्री का वितरण किया जाएगा। उसके बाद शेष हितग्राहियों को नि:शुल्क राशन प्रदाय किया जाएगा। यह आयोजन कोविड-19 की सावधानियों का पालन करते हुए सुनिश्चित किया जाए। प्रत्येक दुकान के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए।

जिलों में आवश्यक समन्वय करें प्रभारी मंत्री

मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि 7 अगस्त को प्रात: 10 बजे आरंभ होने वाले इस कार्यक्रम से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 11 बजे वर्चुअली जुड़ेंगे। सभी उचित मूल्य की दुकानों पर उपस्थित हितग्राहियों के साथ इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के माध्यम से भी जन-सामान्य को कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा। प्रभारी मंत्री अपने जिले में कार्यक्रम की तैयारियों के लिए आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करें।

प्रत्येक दुकान पर नोडल अधिकारी

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना कार्यक्रम में प्रत्येक उचित मूल्य दुकान के लिये नोडल अधिकारी जिला कलेक्टर द्वारा नियुक्त किया जाएगा, जो कार्यक्रम की तैयारी एवं आयोजन की व्यवस्था देखेंगे। नोडल अधिकारी उन्हें आवंटित दुकान पर सभी तैयारियों की रिपोर्ट जिले में स्थापित कन्ट्रोल रूम को देंगे। प्रत्येक दुकान के लिए सामाजिक टीम भी होगी, जिसमें सतर्कता समिति, क्राइसिस मैनेजमेंट समिति के सदस्य, ग्राम पंचायत सचिव एवं स्थानीय प्रबुद्धजन शामिल रहेंगे।

भोपाल। राज्य शासन ने ग्वालियर, चम्बल संभाग के 8 जिलों में भारी वर्षा और बाढ़ से हुए नुकसान के मूल्यांकन करने के लिए केन्द्र सरकार से तुरंत अंतर-मंत्रालयी केन्द्रीय टीम भेजने का अनुरोध किया है। राज्य शासन द्वारा विस्तृत ज्ञापन सौंपने के लिये मैदानी सर्वेक्षण कर आंकड़े एकत्र किए जा रहे हैं। प्रमुख सचिव राजस्व मनीष रस्तोगी ने शुक्रवार को केन्द्रीय गृह मंत्रालय (आपदा प्रबंधन विभाग) को भेजे पत्र में कहा है कि केन्द्रीय टीम द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान के मूल्यांकन से प्रदेश को राष्ट्रीय आपदा राहत कोष के तहत अतिरिक्त सहायता मिल सकेगी, जिसकी नितांत आवश्यकता है।
केन्द्र शासन को भेजे पत्र में कहा गया है कि एक अप्रैल 2021 को राज्य आपदा राहत कोष का खर्च शून्य था। राज्य आपदा राहत कोष 2020-21 के तहत 2427 करोड़ रुपये का प्रावधान है। इसमें से 20 प्रतिशत यानि 485.4 करोड़ रुपये मिटिगेशन (शमन) और 970.80 करोड़ रुपये कोविड-19 के लिये निर्धारित किये गये। एक अप्रैल, 2021 से 5 अगस्त, 2021 के मध्य एसडीआरएफ के तहत 576.13 करोड़ व्यय होने के बाद शेष राशि 1364.47 करोड़ रुपये है। कोविड संक्रमण की भावी संभावना को देखते हुए यह राशि बाढ़ प्रभावितों को राहत पहुंचाने के लिए पर्याप्त नहीं है।

भेजे गये पत्र में प्रदेश में वर्षा की जानकारी भी दी गई है। जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश में आज दिनांक तक औसत वर्षा 503.2 मि.मी. होनी चाहिये, जिसके विरुद्ध 12 प्रतिशत अधिक 562.7 मि.मी. वर्षा हो चुकी है। गौरतलब है कि प्रदेश में 20 जुलाई तक 23 प्रतिशत और 25 जुलाई तक 3 प्रतिशत कम औसत वर्षा दर्ज की गई थी। ग्वालियर और चम्बल संभाग के लगभग सभी जिले कम वर्षा से जूझ रहे थे।

अगस्त के पहले सप्ताह में अभूतपूर्व वर्षा में एक और दो अगस्त को 24 घंटे में श्योपुर जिले में 114.5 मि.मी. वर्षा हुई, जिसमें विजयपुर, कराहल और श्योपुर तहसीलों में क्रमश: 165.5, 126 और 115 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई। इसी तरह शिवपुरी जिले में एक ही दिन में 141.8 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई। जिले की तहसील- बेराड़, पोहरी, नरवर, पीपरसमा, बदरवास, कोलारस, शिवपुरी (नगर) में 24 घंटे के भीतर क्रमश: 286 मि.मी., 195, 163, 136.5, 135, 125 और 117 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई।

इसी प्रकार श्योपुर जिले में 2 और 3 अगस्त को 195 मि.मी. वर्षा हुई। तहसील वीरपुर में 215 और विजयपुर में 175 मि.मी. भारी वर्षा दर्ज की गई। इस अवधि में शिवपुरी जिले में 312.8 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई। जिले की तहसील शिवपुरी (नगर) में 470 मि.मी., पिछोर में 417, पीपरसमा में 389.5, पोहरी में 384, खनियादाना में 327 मि.मी. अति-वर्षा रिकार्ड की गई। इसी तरह गुना जिले में 136.4 मि.मी. हुई वर्षा में बमोरी तहसील में 271 मि.मी., राघवगढ़ 158, गुना (नगर) 142.6 मि.मी. भारी वर्षा दर्ज हुई। अशोकनगर जिले में 154 मि.मी. वर्षा में तहसील ईसागढ़ में 195 मि.मी., चंदेरी 188, अशोकनगर (नगर) 138 मि.मी. शामिल है।

भोपाल। ग्वालियर चंबल संभागों में बाढ़ की स्थिति को लेकर भले ही सरकार हलाकान में हो, लेकन अभी भी प्रदेश के 70 फीसदी बांध आधे ही भर पाए हैं। पिछले ढाई माह की बारिश में अभी तक सिर्फ 8 बांध ही लबालब हुए हैं। अब बारिश के लिए भी केवल डेढ़ माह ही बचे हैं। वैसे पिछले साल की स्थिति में इस वर्ष हमारे बांध बेहतर स्थिति में हैं। पिछले वर्ष आज की तारीख में सिर्फ 6 बांध ही 70 फीसदी तक भर पाएं थे। पिछले वर्ष बांधों में जल भराव की स्थिति अगस्त-सितम्बर में बनी थी।
पिछले दस दिनों से लगातार हो रही बारिश से धोलाबाद बाध, इंद्रासागर, कुंडलिया, महुआर बांध, पगारा बांध, पेंच डायवर्जन, राजघाट बांध, संजय सागर बांध, अपर काकेटू बांध में पानी भरा है। इन बांधों में इस दौरान 40 फीसदी से अधिक जल भराव हुआ है। वर्तमान में जल संसाधन विभाग प्रदेश के करीब 42 बड़े बांधों की मानीटरिंग कर रहा है। जिसमें छतरपुर जिले के रंगावान और उर्मिला बाध में पानी है, इन बांधों में दस फीसदी से कम पानी है। दूसरे नम्बर पर खरगोन जिले के देजला देवदा बांध है।

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राजस्थान से आया पानी
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार सबसे ज्यादा पानी राजस्थान से आया है। अब धीरे-धीरे यह पानी उत्तर प्रदेश के इटावा की तरफ खिसक रहा है। आज-कल में ग्वालियर-चंबल संभाग में भी स्थितियां सामान्य हो जाएगी। यहां डेंजर जोन जल स्तर से पांच मीटर पानी का भराव हुआ है। इसके चलते बढ़ की स्थिति निर्मित हुई है। सबसे ज्यादा पानी भराव भिंड, मुरैना और सिंध नदी के पास स्थित मेंडघाट में हुआ है। इन तीनों क्षेत्रों में 125 से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मौसम विभाग के अनुसार अब प्रदेश में एक हफ्ते तक तेज बारिश होने की संभावना नहीं है।
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ये हैं आठ बांध लबालब
गोपीकृषण सागर, हरसी बांध, काकेटो बांध, कोतवाल बांध, माहुर बांध, पगरा डेम, संजय सागर बांध, अपर ककेटू बांध
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इन बड़े बांधों पानी की स्थिति
बांध का नाम ---लेवल मीटर में--6 अगस्त के जलभराव का प्रतिशत ----6 जुलाई के जलभराव की स्थिति -
गोपी कृष्ण ---433.24------------89----------45.19
ेकोलार बांंध ---452.88------------46---------39
माही बांध-----445.95------------35----------30
मटियारी बांध ---493.92-----------59--------58
पारशदोह बांध---635.12------------35.21----25
पेंच डायवर्जन---620.65------------45-------9
अवंतीबाई सारग--418.75----------66------50
सागड़ बाघ ----453.80---------64---------20
अशोक सागर----456.74----------47-----40
संजय सागर -----447.44----------81----13
सुकता बांध ----403.58----------32-----30
धनवार बांध ----474.66--------28------30
संजय सरोवर ----514.3----------48------48

भोपाल.एनजीटी में भिंड जिले के लहार से विधायक डॉ गोविंद सिंह ने चंबल संभाग में अवैध रेत उत्खनन को लेकर याचिका दायर की है। उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए एनजीटी ने मध्य प्रदेश केमुख्य सचिव, खनिज विभाग के प्रमुख सचिव, एमपीपीसीबी, चारों जिलों के कलेक्टर और माइनिंग अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। एनजीटी सेंट्रल जोन बेंच के जस्टिस शिव कुमार सिंह और अरुण कुमार वर्मा ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई की। याचिका में विधायक ने बताया है कि चंबल और सिंध नदियों में भिंड, दतिया, ग्वालियर और मुरैना जिले के विभिन्न स्थानों पर अवैध तरीके से रेत माफिया द्वारा भारी उपकरण जैसे सबमरीन, जेसीबी मशीन, पोकलेन मशीन आदि के द्वारा रेत का अनियंत्रित उत्खनन किया जा रहा है। इस अवैध रेत उत्खनन के कारण नदी का स्वतंत्र प्रवाह बहुत बुरी तरह प्रभावित हो रहा है जोकि पर्यावरण के साथ मानव के लिए भी खतरनाक है। रेत माफिया यहां पर इतने बेखौफ हो गए हैं कि वह पुलिस और वन विभाग के अधिकारी के ऊपर भी हमला कर चुके हैं। एनजीटी ने माना कि याचिका में न केवल बारंबार नियमों के उल्लंघन का मामला है बल्कि अपनी वैधानिक ड्यूटी निभा रहे अधिकारियों पर माफिया द्वारा हमले का भी गंभीर मामला शामिल है। इसलिए एनजीटी ने सभी संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। उनसे 4 सप्ताह में जवाब मांगा गया है। याचिकाकर्ता को भी 1 सप्ताह में सभी संबंधित पक्षकारों को याचिका से संबंधित शिकायत और सभी दस्तावेज देने के निर्देश दिए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई 4 अक्टूबर को तय की गई है।

भोपाल.अवैध संबंधों के शक में जिला उद्योग केंद्र रायसेन के प्रबंधक रामदयाल बेले की हत्या के मामले में तीन युवकों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। अपर सत्र न्यायाधीश सीएम उपाध्याय ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने अब्दुल आसिफ, कमलेश मेहरा और पप्पू जाटव उर्फ भूरा को दोषी पाकर उम्र कैद की सजा सुनाई। हत्यारों ने रामदयाल बेले की चाकुओं से गोदकर लाश को भोपाल के गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र स्थित बोरा ब्रदर्स फैक्ट्री के गेट के सामने फेंक दिया था।
जिला अभियोजन अधिकारी राजेंद्र उपाध्याय ने बताया कि मामला अशोका गार्डन थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने 20 अगस्त 2015 को गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया स्थित बोरा ब्रदर्स फैक्ट्री के सिक्युरिटी गार्ड की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर फैक्ट्री के गेट के बाहर खून से लथपथ बेले का शव बरामद किया था। जांच के बाद मामले में अब्दुल आसिफ, कमलेश मेहरा एवं पप्पू जाटव उर्फ भूरा को गिरफ्तार कर अदालत में चालान पेश किया था।

जिला उद्योग केंद्र में प्रबंधक रामदयाल बेले भोपाल में मिनाल रेसीडेंसी में रहते थे और रोज अप डाउन करते थे। जेके रोड से ऑटो से घर जाते थे।आरोपी पप्पू की परिचित महिला बेले के घर काम करने जाती थी। उसे शक था की दोनों के अवैध संबंध है। पप्पू ने महिला से काम छोडऩे का कहा था। काम नहीं छोडऩे पर साथियों के साथ बेले की हत्या कर दी थी। 20 अगस्त की रात जैसे ही बेले बस से उतरे तीनों ने बेले को ऑटो में बैठा कर अगवा कर लिया था। बाद में सुनसान जगह ले जाकर हत्या कर लाश फैक्ट्री के सामने फेंक दी थी।
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भांजी के साथ दुष्कर्म करने वाले को 10 साल की कैद

भांजी के साथ दुष्कर्म करने वाले मामा को अदालत ने 10 साल के सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। जिला अदालत में पदस्थ अपर सत्र न्यायाधीश बीआर यादव ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया। मामला छोला मंदिर थाने का है। पैरवी करने वाले सरकारी वकील सुरेश मालवीय ने बताया कि सातवीं कक्षा की छात्रा की शिकायत पर पुलिस ने 2 अप्रैल 2015 को मुकदमा दर्ज किया था। छात्रा ने बताया था कि एक दिन घर में अकेला पाकर मामा ने डरा धमकाकर दुष्कर्म किया था। घर के दूसरे लोगों को बताने पर मां बाप को जान से मारने की धमकी दी थी। धमकी देकर मामा ने छात्रा से कई बार दुष्कर्म किया।

भोपाल. कमजोर हो रहा कम दबाव का क्षेत्र जाते-जाते गुना सहित कुछ जिलों में आफत की बारिश करा रहा है। यहां पर पिछले 36 घंटों में लगभग नौ इंच बरसात हो चुकी है, ऐसे में पहले से लगातार बारिश झेल रहे जिले की समस्याएं बढ़ सकती है। वहीं ग्वालियर-चम्बल संभाग में बारिश की गतिविधियां कम हो गई हैं। अगले 24 से 48 घंटों में बारिश की गतिविधियां और घटने का अनुमान है। मौसम विभाग ने आरेंज अलर्ट को उत्तर से हटाकर विदिशा, रायसेन, राजगढ़ अशोकनगर एवं गुना जिले के लिए जारी किया है। वहीं सीहोर, शाजापुर, आगर, नीमच , मंदसौर, शिवपुरी, दतिया, श्योपुरकलां, सिवनी, सागर, टीकमगढ़ एवं निवाड़ी जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है।

प्रदेश में शुक्रवार सुबह तक बीते 24 घंटों में सबसे ज्यादा गुना में ढ़ाई इंच, तो रायसेन भोपाल और शाजापुर में डेढ़ -डेढ़ इंच बरसात हुई। सागर, बैतूल, होशंगाबाद और मण्डला में लगभग आधा-आधा इंच बारिश हुई। ग्वालियर-चम्बल के जिलों में दो से पांच मिमी की हल्की बौछारें पड़ीं।बारिश की गतिविधियां श्ुाक्रवार दिन को भी जारी रहीं और शाम तक गुना में सबसे ज्यादा सवा छह इंच बारिश हो गई वहीं शाजापुर और रतलाम में पौन इंच, ग्वालियर और पचमढ़ी में आधा-आधा इंच तो दमोह इंदौर और होशंगाबाद में पौन इंच के आसपास बारिश दर्ज हुई। भोपाल, उज्जैन और बैतूल में पांच-पांच मिमी बारिश दर्ज हुई। नहीं बदला चक्रवात में कम दबाव के क्षेत्र के शुक्रवार को कमजोर होकर चक्रवात में बदल जाने की उम्मीद थी, लेकिन नमी मिलते रहने के कारण इसकी ताकत ज्यादा कम नहीं हुई है और शुक्रवार शाम तक यह कम दबाव के क्षेत्र में ही बना हुआ है।

भोपाल. नवाबी दौर की कई इमारतें ऐसी हैं, जो आज भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर देती हैं। वहीं एक अखाड़ा ऐसा भी है, जिसमें नवाबी दौर से अच्छे-अच्छे पहलवान निकल चुके हैं, जिन्होंने नेशनल लेवल पर अपने प्रतिद्वंद्वियों को धूल चटाई है। बात हो रही है छोटे तालाब स्थित अखाड़ा टे्रनिंग स्कूल गप्पू उस्ताद मरहूम की। जिसमें आज भी कई नेशनल और इंटरनेशनल खिलाड़ी कुश्ती खेल के दावं पेच सीख रहे हैं। इन खिलाडिय़ों को पति-पत्नी की जोड़ी तराश रही हैं। जिन्होंने अभी तक दो दर्जनों से ज्यादा नेशनल और इंटरनेशनल पहलवान तैयार किए हैं। विश्वामित्र अवार्डी शाकिर नूर और देश की पहली महिला मुस्लिम पहलवान फातिमा बानो युवा पहलवानों को ट्रेनिंग देती हैं। फिलहाल इस अखाड़े को नया स्वरूप दिया जा रहा है।

यही सीखी पहलवानी, अब निखार रहे प्रतिभा
विश्वामित्र अवार्डी कोच शाकिर नूर ने बताया कि सौ साल पूर्व छोटे तालाब का एरिया डेवलप नहीं था। यहां गप्पू उस्ताद ने एक अखाड़ा बनवाया था। तब यहां टूटा-फूटा कब्रिस्तान हुआ करता था। तालाब के किनारे से नाला बहता था इस कारण इस अखाड़ें का नाम 'नलियाÓ और अखाड़े में पत्थर लगे होने के कारण 'पत्थर वाले अखाड़ेÓ से भी जाना जाता था। 1975 में मैं यहां टे्रनिंग लेता था। यहां से सीखने के बाद कई नेशनल भी खेला। इसके बाद 1998 में मैंने यहां खुद का अखाड़ा ट्रेनिंग सेंटर खेलने का विचार किया और रजिस्टे्रशन करवाया कुछ अच्छा नाम सोचा। फिर इसका नाम अखाड़ा ट्रेनिंग स्कूल गप्पू उस्ताद मरहूम पड़ा। साई सेंटर ने 2004 में इसे यहां से अच्छे पहवान निकलने गोद लिया था।

पहली महिला मुस्लिम पहलवान हैं फातिमा
फातिमा जूडो की खिलाड़ी रहीं। 44 साल की फातिमा ने कुश्ती की शुरुआत 1997 में भोपाल से की। पिता सैयद नसरूल्ला बीएचएल में थे। मां निशा बानो गृहिणी थीं। फातिमा 2001 में विक्रम अवॉर्डी बनीं और यह मुकाम हासिल करने वाली वे पहली कुश्ती खिलाड़ी हैं। उन्होंने 2004 से 2016 तक खेल विभाग में सेवाएं दीं। 2002 से कोच के रूप में दूसरी पारी शुरू की और गांव-देहात से ऐसी प्रतिभाएं खोजीं जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकीं। इन्हें अखाड़ा ट्रेनिंग स्कूल में अपने खर्च से गढ़ा। वहीं, भोपाल कॉर्पोरेशन कुश्ती संघ के सचिव और विश्वामित्र अवार्डी शाकिर नूर ने बताया कि हम दोनों पिछले 20 साल से युवा खिलाडिय़ों को तराश रहे हैं। कई खिलाडिय़ों को आर्थिक दंगी के कारण निशुल्क ट्रेनिंग देते हैं।

भोपाल। सरकार ने एनजीटी के निर्देश पर केरवा-कलियासोत के 357 हेक्टेयर से अधिक इलाके को संरक्षित वन क्षेत्र घोषित कर दिया है। इसके लिए 30 जुलाई को नोटिफिकेशन भी जारी हो चुका है। नोटिफिकेशन को अमल में लाने का जिम्मेदार वन विभाग ही खुद यहां बड़ी संख्या में मजदूर लगाकर कटाई करा रहा है। संरक्षित वन में यह काम नगर वन के साथ पक्का ट्रैक बनवाने के नाम पर किया जा रहा है।

बाघ भ्रमण क्षेत्र में आवाजाही हो जाएगी शुरू
वन विभाग ने चंदनपुरा के 50 हेक्टेयर से अधिक इलाके में नगर वन बनाने का निर्णय लिया है, यहां पौधरोपण इस इलाके में अवैध रूप से काटे गए दो हजार से अधिक वृक्षों की कटाई की क्षतिपूर्ति के लिए बनाया जा रहा है, लेकिन इसके प्रस्ताव में वन के बजाए नगर वन बनाकर सुविधाओं और घूमने के ट्रैक के नाम पर बाघ भ्रमण क्षेत्र में नागरिकों की आवाजाही कराने का रास्ता खोल दिया गया है। इसी के तहत नगर वन से पहले ही यहां पाथवे बनाने के लिए घने जंगल की कटाई भी शुरू हो गई है।

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यहां बनाया जा सकता है नगर वन
एक्सपट्र्स के अनुसार मनुआभान की टेकरी, चार इमली के पास खाली पड़ी जगह, अरेरा हिल्स में हनुमान मंदिर के पास, श्यामला हिल्स के खाली पड़े बंजर इलाके में, रायसेन रोड पर वन विभाग के खाली पड़े इलाके में, नई विधानसभा के सामने और एमएलए रेस्टहाउस के पास नगर वन विकसित किए जा सकते हैं।

इस मामले में सेवानिवृत्त सहायक वन संरक्षक केसी मल्ल का कहना है कि संरक्षित वन में तो झाडिय़ां काटना तक अपराध है, ऐसे में वन विभाग भी किसी तरह निर्माण कैसे कर सकता है। यहां नगर वन बनाना ठीक नहीं है। यहां केवल वन क्षेत्र विकसित होना चाहिए। नगर वन बनाना है कि तो किसी भी पहाड़ी से लेकर बंजर जगह, सीपीए या राजस्व के वन क्षेत्र में बनाया जाए। वहीं, सीसीएफ, भोपाल वन वृत्त रविन्द्र सक्सेना का कहना है कि जिस इलाके को संरक्षित वन क्षेत्र घोषित किया है वह वन विभाग के कब्जे में है और वहां कोई निर्माण या अतिक्रमण नहीं है। मेरी जानकारी में वहां लैंटाना उखाड़ा जा रहा है। यह सही है कि संरक्षित क्षेत्र में किसी तरह की झाडिय़ां भी नहीं काटी जा सकती है। वहां क्या हो रहा है, इसका पता करवाता हूं।

भोपाल। मप्र की कला और संस्कृति की पहचान पूरी दुनिया में है। अगर बात हैंडलूम की हो तो देश में प्रदेश का नाम सबसे पहले आता है। यहां चंदेरी, महेश्वरी, बाग प्रिंट और बटिक के हस्तशिल्प दुनिया में चर्चित हैं। हैंडलूम डे के मौके पर पत्रिका प्लस ऐसे विवर्स से रू-ब-रू करा रहा है जिन्होंने अपने इनोवेशन से इस क्षेत्र में अलग पहचान बनाई है। मप्र के ट्राइबल आर्ट से लेकर ऐतिहासिक धरोहर और कल्चरल फॉम्र्स पर डिजाइंस तैयार किए हैं।

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ट्राइबल आर्ट को कर रहा हूं प्रमोट
नवनीत व्यास ने बताया कि मैं पिछले 8 सालों से इस क्षेत्र में काम कर रहा हूं। मध्यप्रदेश का ट्राइबल आर्ट देश-दुनिया में काफी तेजी से प्रसिद्ध हो रहा है। यूथ भी इसे पसंद करने लगे हैं। मेरी कोशिश है कि मैं अपने स्तर पर इसे प्रमोट कर सकूँ । मैं मांडना आर्ट, पिथौरा, गोंड, गोदना, भीली जैसे ट्राइबल आर्ट के डिजाइंस को कपड़े पर उतार रहा हूं। इसे तैयार करना आसान नहीं होता क्योंकि इसके पिक्चर्स नहीं मिल पाते तो ब्लॉक तैयार करना कठिन होता है। कई ब्लॉक कल्पनाओं के आधार पर तैयार किए जाते हैं तो कुछ डिजाइंस ट्राइबल आर्ट पर लिखी किताबों से मिल जाते हैं। मैंने बैगा समुदाय की गोदना प्रथा पर ब्लॉक प्रिंटिंग की है तो तो गोंड पेंटिंग के डिजाइन को होम फर्निश के लिए ब्लॉक प्रिंट्स के माध्यम से तैयार किया है।

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इम्युनिटी बूस्टर साड़ी आर्युवस्त्र बनाई
विनोद मालेवार ने बताया कि मैंने कोविड को देखते हुए इम्युनिटी बूस्टर साड़ी 'आर्युवस्त्र तैयार की है। इसे बनाने में लौंग, बड़ी इलायची, काली मिर्च सहित नैचुरल हर्ब और अन्य मसालों का मिश्रण उपयोग किया जाता है। इस मिश्रण को सूती कपड़े की पोटली में बांधकर तीन दिन तक पानी में स्टीम की जाती है। वहीं, सिमरन कौर ने बताया कि मैंने ब्लॉक प्रिंट के खुद की ड्रॉइंग के ब्लॉक तैयार कराए हैं। मैंने गोंड, वरली, मधुबनी आर्ट को कंटपरेरी लुक दिया है। इसे कल्चरल आर्ट फॉर्म से जोड़ा है। मैं वेजिटेबल डिजाइन, वन्य जीव और ऐतिहासिक धरोहर आदि को कपड़ों पर उकेर रही हूं। यूथ की पसंद को ध्यान रखते हुए नए-नए डिजाइंस बना रही हूं।

भोपाल. राज्य सरकार ने केंद्र से राहत राशि मांगने के लिए ग्वालियर-चंबल संभाग में बाढ़ से नुकसान का प्रारंभिक आकलन शुरू कर दिया है। प्राथमिक आकलन जल्द केंद्र को भेजा जा सकता है। 23 हजार से ज्यादा मकान नष्ट हुए हैं। 1700 से ज्यादा पशुओं की मौत हुई है। सैकड़ों किमी सडक़ें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। बिजली सब-स्टेशन तबाह हो गए। अभी 5647 ट्रांसफॉर्मर नष्ट होने का आकलन है। कुल 27836 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा है। 6918 लोगों का रेस्क्यू किया गया। कई लोग अब भी बाढ़ में फंसे हैं। इधर, लगातार बारिश से चंबल क्षेत्र के बाद अशोकनगर और गुना में पानी कहर बनकर बरपा है। दोनों ही जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी। यहां भी रेस्क्यू ऑपरेशन कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

अगले हफ्ते मैदान में होंगी स्पेशल टीमें
राजस्व विभाग अगले हफ्ते मैदानी सर्वे शुरू करेगा। स्पेशल टीम गठित की जाएंगी। सीएम ने प्री-रिपोर्ट देने के लिए कहा है। सरकार ने केंद्रीय टीम भेजने का आग्रह किया है।
शिवराज ने अमित शाह से की बात
सीएम शिवराज सिंह और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गृह मंत्री अमित शाह से मदद मांगी है। अशोकनगर और गुना में एनडीआरएफ की टीम भेजी जाएगी। शिवराज ने शुक्रवार को अमित शाह से फोन पर बात की। इसमें अशोकनगर में रेस्क्यू के लिए सेना की मदद मांगी। शिवराज ने शाह को बताया कि अशोकनगर में 50 लोग बाढ़ में फंस गए हैं।
गृहमंत्री का रेस्क्यू करना पड़ा: सीएम
भोपाल. कैबिनेट में सीएम शिवराज ने प्रभारी व स्थानीय मंत्रियों के कामों का भी जिक्र किया। शिवराज ने कहा कि सब राहत देने के लिए जुटे हैं। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा, उनका तो खुद रेस्क्यू करना पड़ा। वे लोगों को बचाने उतर पड़े। सभी ने जबरदस्त परिश्रम किया है। ये हमारी ड्यूटी थी। हम मैदान में डटकर सेवा करेंगे। बिजली, राशन, पेयजल, भोजन की चुनौती है।

भोपाल. अरेरा कॉलोनी के इ-4 में फाच्र्यून बिल्डर के अजय मोहगांवकर व साथियों ने आवासीय क्षेत्र में आवासीय अनुमति लेकर व्यवसायिक उपयोग का निर्माण कर लिया। इस मामले में निगम की भवन अनुज्ञा शाखा लगातार नोटिस जारी कर रही है। अब निगम की भवन अनुज्ञा शाखा ने कार्रवाई के लिए टाउन एंड कंट्री प्लानिंग व जिला प्रशासन के संबंधित एसडीएम को पत्र लिखे हैं।

दस नंबर बाजार से बिट्टन मार्केट के बीच इ-4 के प्लॉट नंबर 99 पर आवासीय उपयोग की अनुमति के उलट व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। यहां पर कपड़ों का बड़ा शो रूम बना लिया है। इस बिल्डिंग के ऊपरी तलों पर भी व्यावसायिक गतिविधि के तहत ही इंटीरियर किया जा रहा है, जबकि ये नगर निगम के जोन नौ कार्यालय के सामने की लाइन में ही है। निगम की भवन अनुज्ञा शाखा ने इस अनुमति से विपरीत उपयोग मामले में मोहगांवकर को कई नोटिस जारी किए।

अब इस भवन के अवैध हिस्से व अवैध उपयोग को खत्म करने टीएंडसीपी के साथ ही जिला प्रशासन को लिखा है। यहां से आगामी कार्रवाई की जाना है। मोहगांवकर ने अपने साथी बिल्डर के साथ इ-5 स्थित जैनम श्री अस्पताल की नई बिल्डिंग के पास भी बड़ा निर्माण कर लिया। यहां भी नोटिस जारी हुआ है। यहां भी व्यावसायिक गतिविधि शुरू करने की कोशिश की जा रही है। किराए से देने का बोर्ड भी लगा रखा है।

एफएआर पर भी सवाल
अरेरा कॉलोनी में फिलहाल 0.75 एफएआर है। इसके तहत 1000 वर्गफीट के प्लॉट पर 750 वर्गफीट का निर्माण किया जा सकता है। हैरानी ये है कि प्लॉट नंबर 99 व जैनम श्री के पास बनाए भवनों में तीन मंजिला तक निर्माण किया गया है। जिसके तहत इन भवनों को हटाने की कार्रवाई की मांग की जा रही है।

आवासीय में व्यावसायिक मामले में रहवासियों ने किया था विरोध
अरेरा कॉलोनी में आवासीय अनुमतियां लेकर व्यवसायिक निर्माण व व्यवसायिक उपयोग बढऩे के मामले में रहवासियों ने विरोध किया था। इस संबंध में जिला प्रशासन से लिखित शिकायत की थी कि इसे रोका जाए। जो निर्माण हो चुके हैं, उन्हें तोड़ा जाए या फिर जब्त किया जाए। हालांकि प्रशासन ने उनकी बात को अनसुना कर दिया और आवासीय में व्यवसायिक उपयोग लगातार जारी है।

हमने इ-4 में प्लॉट नंबर 99 समेत अन्य को नोटिस जारी किए हैं। आगे की कार्रवाई के लिए अब टीएंडसीपी व जिला प्रशासन को पत्र लिख दिए हैं। ये अनुमति से विपरीत निर्माण और उपयोग के मामले में है।
लालजी सिंह चौहान, प्रभारी इंजीनियर जोन 09, भवन अनुज्ञा शाखा नगर निगम

भोपाल. कोरोना काल का साल 2020, जब कुछ महीने के लिए देशभर में सबकुछ थम गया था। लोग घरों में कैद हो गए थे। स्कूल-कॉलेजों की पढ़ाई क्लासरूम से निकलकर मोबाइल-लैपटॉप में पूरी तरह से सिमट गई थी। उन ऑनलाइन क्लास में भी रैगिंग के भूत ने पीछा नहीं छोड़ा। यही वजह है कि 2020 में यूजीसी की एंटी रैगिंग हेल्पलाइन पर देशभर से 219 शिकायतें पहुंचीं। ये सिलसिला अब भी जारी है। इस वर्ष 255 शिकायतें की गईं हैं। इनमें से लगभग 40 प्रतिशत शिकायतें ऑनलाइन क्लास संबंधी हैं। सबसे ज्यादा 55 मामले उत्तर प्रदेश से रिपोर्ट हुए हैं। मध्य प्रदेश, राजस्थान से 17-17 शिकायतें की गईं हैं। ज्यादातर मामले मेडिकल छात्रों के हैं।

रैगिंग तनाव देती है। छात्रों का भविष्य बर्बाद कर देती है। जान भी ले लेती है। इस पर लगाम लगाने के तमाम प्रयास विफल साबित हो रहे हैं। विवि अनुदान आयोग (यूजीसी), सरकारों के दिशा-निर्देश, सख्ती, जागरुकता अभियान बेअसर साबित हो रहे हैं। शिक्षण संस्थानों में गठित समितियों पर भी सवाल उठ रहे हैं। कई विद्यार्थी डर और कोई कार्रवाई नहीं होने की वजह से रैगिंग की शिकायत भी नहीं करते। हफ्तेभर पहले एमजीएम मेडिकल कॉलेज, इंदौर के छात्र द्वारा की गई शिकायत इसी तरह का उदाहरण है। संबंधित छात्र से कॉलेज समिति का संपर्क नहीं हो पाया है।

बचें और बचाएं : रैगिंग से रहें दूर, ये है नासूर
केस 1- आठ वर्ष पहले आरकेडीएफ कॉलेज, भोपाल की छात्रा अनिता शर्मा ने खुदकुशी कर ली थी। इस वर्ष फरवरी में कोर्ट ने दोषी चार छात्राओं को 5-5 साल की सजा सुनाई।
केस 2- पिछले माह सहारनपुर (यूपी) मेडिकल कॉलेज की जूनियर छात्रा से रैगिंग की गई। मामले में दो छात्राओं को 15 दिन के लिए हॉस्टल से निलंबित कर दिया गया।
केस 3- कोटा मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का एक वीडियो वायरल हुआ था। जांच के बाद तीन छात्रों को कॉलेज से निलंबित कर दिया गया। 6 माह हॉस्टल में भी नहीं रह पाएंगे।
केस 4- बीते साल यूपी में ऑनलाइन क्लास के समय टीचर कुछ समय के लिए ऑफलाइन हुए तो एक छात्र ने किसी छात्रा को अपशब्द कह छेड़ दिया। 4-5 दिन तक छात्रा ने क्लास जॉइन नहीं की। टीचर को पता चला तो संबंधित छात्र को हफ्तेभर के लिए बैन कर दिया।

देशभर से मामले
वर्ष - शिकायतें
2017- 901
2018- 1016
2019- 1070
2020- 219
2021- 255
(इस वर्ष 5 अगस्त तक)

राज्यों से इस वर्ष शिकायतें

राज्य- शिकायतें
उत्तर प्रदेश- 55
बिहार- 25
ओडिशा- 20
मध्य प्रदेश- 17
राजस्थान- 17
महाराष्ट्र- 15
कर्नाटक- 14
उत्तराखंड- 12
पश्चिम बंगाल- 12
असम- 09

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