>>: Digest for February 28, 2024

>>

Patrika - A Hindi news portal brings latest news, headlines in hindi from India, world, business, politics, sports and entertainment!

You are receiving a digest because your subscriptions have exceeded your account's daily email quota. Your quota has automatically reset itself.

Table of Contents

पूर्व सीएम कमलनाथ (former chief minister kamal nath) के भाजपा में जाने की अटकलों पर एक बार फिर मीडिया ने सवाल किया तो कमलनाथ ने कहा कि यह सब तुम लोग ही चला रहे हैं। कोई नहीं कर रहा है। तुमने मेरे मुंह से कभी सुनी है यह बात या कोई इशारा किया हो। खंडन करने के बीत पर कमलनाथ ने मीडिया से कहा कि पहले आप लोग खंडन करें।

मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ पिछले 10 दिन पहले दिल्ली चले गए थे, तब कमलनाथ के भाजपा में जाने की अटकलों ने जोर पकड़ लिया था। मीडिया में लगातार कमलनाथ के करीबी नेता बयान दे रहे थे कि कांग्रेस में उनकी उपेक्षा हो रही है, उन्हें भाजपा में चले जाना चाहिए। कमलनाथ के कई समर्थकों ने भी इशारा किया था कि कुछ बड़ा होने वाला है, लेकिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी से बातचीत के बाद कमलनाथ ने संभवतः यह फैसला टाल दिया था। हालांकि यह भी माना जा रहा था कि भाजपा अंदर ही अंदर कमलनाथ को स्वीकार नहीं कर पा रही थी। क्योंकि कमलनाथ के ऊपर 1984 के सिख दंगों के आरोप हैं। इसके बाद यह भी अटकलें चलीं कि कमलनाथ नहीं जाएंगे, लेकिन नकुलनाथ भाजपा ज्वाइन कर सकते हैं। हालांकि कमलनाथ के समर्थक नकुलनाथ के साथ भाजपा में जाने को तैयार नहीं हुए।

 

 

छिंदवाड़ा में मीडिया से बोले- आप लोग खंडन करें

कमलनाथ 10 दिन के बाद मंगलवार को छिंदवाड़ा पहुंचे। छिंदवाड़ा पहुंचकर उन्होंने एक्स पर भी लिखा है अपनों के बीच छिंदवाड़ा पहुंचा।वे दिल्ली चले गए थे। उसके बाद बैंगलुरू में अध्यात्मिक गुरू के पास भी कुछ दिनों के लिए चले गए थे। उसके बाद कमलनाथ छिंदवाड़ा पहुंचे तो मीडिया ने उन्हें एयर स्ट्रीप पर घेर लिया। कमलनाथ से जब मीडिया ने भाजपा में जाने की अटकलों पर सवाल किया तो कमलनाथ ने उलटा मीडिया को ही घेर लिया। कमलनाथ ने कहा कि क्या आपने कभी मेरे मुंह से यह सुना है? यह तुम लोग ही चला रहे हैं। आप खुद खबर चलाते हो फिर मुझसे पूछते हो। पहले आपको (मीडिया) को खंडन करना चाहिए।

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों पहले कमलनाथ के बीजेपी में जाने की अटकलें चल रही थी। इसे हवा तब मिली जब उन्होंने इसका खंडन नहीं किया। छिंदवाड़ा के शिकारपुर में कमलनाथ ने विधायक और पूर्व एमएलए सहित पार्टी पदाधिकारियों के साथ मीटिंग भी की और पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में परिवर्तन कर एक दिन पहले ही दिल्ली रवाना हो गए थे। इससे पहले कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ ने अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल भी बदल दी गई। उसमें से कांग्रेस शब्द गायब कर दिया गया। इससे पिता-पुत्र के भाजपा में जाने की अटकलों को और हवा मिल गई। कमलनाथ के कई समर्थकों के बयान आने लगे। कई लोग भाजपा में शामिल होने की बात को समर्थन देने लगे। कमलनाथ के करीबी नेता और पूर्व मंत्री दीपक सक्सेना ने तो स्पष्ट ही कह दिया था कि कमलनाथ की उपेक्षा हो रही है, उन्हें भाजपा में चले जाना चाहिए। दीपक सक्सेना ने भी स्पष्ट कह दिया था कि मैं खुद भी चले जाउंगा। कमलनाथ के करीबी पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने भी अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल से कांग्रेस शब्द हटाकर जन गण मन लिख दिया था। इससे भी और इस मामले को हवा मिली।

 

 

समर्थकों ने खुलकर की थी बात

इसके बाद सज्जन सिंह वर्मा भी दिल्ली स्थित कमलनाथ के निवास पर मिले और कहा था कि अभी बैठक चल रही है, इसमें तय हो जाएगा कि आगे हम क्या करने वाले है। लेकिन, बाद में मीटिंग के बाद सज्जन सिंह वर्मा आए और मीडिया के सिर पर भी ठीकरा फोड़ दिया। सज्जन सिंह वर्मा ने स्पष्ट कर दिया था कि कमलनाथ भाजपा में नहीं जा रहे हैं। नकुलनाथ छिंदवाड़ा से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे। इसके बाद कमलनाथ बेंगलुरू अपने आध्यामिक गुरू के आश्रम के लिए रवाना हो गए थे।

छिंदवाड़ा। लंबे समय से सिवनी, बालाघाट व छिंदवाड़ा जिले की सीमा पर जुआ फड़ का संचालन किया जा रहा था। इस जुआ फड़ में सिवनी, बालाघाट तथा महाराष्ट्र के खिलाड़ी पहुंचते थे। चौरई पुलिस ने सोमवार को दबिश देकर जिले की सीमा पर स्थित जिले के ग्राम बगदरी में दबिश देकर 16 जुआरियों को पकड़ा है। जिनके पास से तीन कार व 50300 रुपए बरामद किए गए है। पुलिस ने जुआरियों पर जुआ एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है वहीं फड़ का संचालन करने वाले दोनों फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। इस कार्रवाई में चौरई टीआई संजय भलावी, उपनिरीक्षक लता मेश्राम, सउनि नारायण बघेल, प्रधान आरक्षक गोपाल साहू, दिनेश यादव, आरक्षक प्रकाश साहू, राजू भारती, राजपाल, संजय पटेल एवं सायवर सेल आरक्षक नितिन रघुवंशी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा पुलिस अधीक्षक ने की है।
- पुलिस ने पकड़ा इन जुआरियों को
मनोज उर्फ पासा (27) पिता हरिओम वर्मा निवासी वार्ड 10 अमरवाडा, विवेक (32) पिता उमाकांत बघेल निवासी लूघरवाडा सिवनी, शिवप्रसाद (35) पिता पुन्नु काकोडे निवासी देवलापार खिडकी नागपुर, जयकुमार (26) पिता रामेश्वर बघेल निवासी जैतपुर लखनवाडा सिवनी, महेन्द्र (50) पिता पूनाराम उइके निवासी उडेपानी सिवनी, कश्यप (26) पिता ईश्वरदयाल सहारे निवासी मायकेपार तिरोडी बालाघाट, अरविंद (32) पिता पुरूषोत्तम सोनवाने निवासी मायकेपार तिरोडी बालाघाट, संजय (25) पिता बलमा उइके निवासी खवासा पडाव कुरई सिवनी, जुम्मन (19) पिता इब्राहिम पठान निवासी बाजार चौक देवलापार थाना रामटेक नागपुर, रत्नेश (32) पिता वासुदेव बरवे निवासी बाजार चौक खवासा थाना कुरई सिवनी, संजू (32) पिता नरसिंह काकोडिया निवासी उडेपानी थाना डूंडासिवनी सिवनी, विक्की उर्फ विजेन्द्र (31) पिता रामस्वरूप रैकवार निवासी आजाद वार्ड सिवनी, अनूप (32) पिता मुरारीलाल कश्यप निवासी मंगलीपेठ मस्जिद के पास सिवनी, अनीष उर्फ गोलू (36) पिता अशोक उइके निवासी वार्ड 19 गंज सिवनी सिवनी, नीलेश उर्फ जित्तु (35) पिता भुवनलाल जंघेला निवासी मानेगांव सिवनी, सुग्रीव (35) पिता बडगुलाल डहेरिया निवासी डुंगरिया थाना डूंडासिवनी सिवनी को पकड़ा है। वहीं फड़ का संचालन करने वाले घनश्याम गोस्वामी निवासी सिवनी तथा अंकेश शर्मा निवासी बगदरी थाना चौरई फरार है।

छिंदवाड़ा/परासिया .वेकोलि की बंद कोयला खदानों की कॉलोनियों के आवासों की मरम्मत लंबे समय से नहीं हुई है।
खदानों के बंद होते ही प्रबंधन ने कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना बंद कर दिया है। पेंच क्षेत्र में भमोडी, भाजीपानी, इकलेहरा, जाटाछापर, रावनवाडा, न्यूटन, चांदामेटा, बरकुही सहित दर्जनों स्थानों पर कॉलोनियों में निवासरत कामगार क्षेत्र की कोयला खदानों में काम करते है, लेकिन प्रबंधन गैर कामगारों के अनाधिकृत रूप से आवासों में रहने का मुद्दा उठाकर आवासों की मरम्मत कराने में टालमटोल करता है। कॉलोनियों में साफ-सफाई, पेयजल आपूर्ति, नाली, सडक़ मरम्मत जैसे बुनियादी कार्य भी बंद कर दिए हैं। वेकोलि प्रबंधन ने कॉलोनियों की देखरेख तथा कामगारों को आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने के लिए टाउनशिप बनाया है। इसमें नाममात्र के अधिकारी एवं कर्मचारी हैं। अधिकांश स्थानों पर स्थानीय नगरीय संस्था तथा ग्राम पंचायतें साफ सफाई, पेयजल सप्लाई तथा सडक़ नाली निर्माण कराती हैं। पहले वेकोलि प्रबंधन कॉलोनियों का हाउस टैक्स का भुगतान स्थानीय संस्थाओं को करता था जिससे नगरीय निकाय और ग्राम पंचायतें मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराती थी, लेकिन बाद में वेकोलि प्रबंधन ने मकान संपत्ति कर का भुगतान करना भी बंद कर दिया।

छिंदवाड़ा/पांढुर्ना. संतरा उत्पादक किसानों को लगातार दूसरे सीजन में भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। आंबिया बहार के बाद मृगबाहर में दाम नहीं मिलने से चेहरों पर मायूसी छाई है। क्षेत्र में मृग बहार की बंपर पैदावार हुई है पर पूरे दाम नहीं मिलने से किसानों की मेहनत भी नहीं निकल पा रही है। इस पर बेमौसम बारिश ने परेशानी और बढ़ा दी है। तेज हवा चलने से संतरा फ लों को नुकसान का मुंह देखना पड़ सकता है। अभी बागानों में मृग बहार संतरा लहलहा रहा है। अच्छी फसल हुई है। व्यापारी 18 से 20 व 22 रुपए किलो का ही भाव दे रहे हैं। दाम कम होने की वजह से कई किसानों ने आंबिया में फसल नहीं बेची थी। अब फि र से दाम कम मिलने से किसान चिन्तित हैं। व्यापारी और किसान वैभव जैन ने बताया कि देशावर मंडियों में पांढुर्ना के संतरे के लिए कई चुनौतियां है। ज्यादा पैदावार के साथ ही राजस्थान का संतरा भी बाजार में उतर गया है। किन्नू और अन्य फलों के कम दाम से भी संतरे को भाव नहीं मिल रहे है। अच्छी संतरे को कम से कम 1500 रुपए क्रेट के हिसाब से दाम मिलने चाहिए। छोटे फल को 500 रुपए तो अच्छी किस्म को सिर्फ 1200 रुपए तक दाम दिए जा रहे है। पहले कोलकाता, गोरखपुर, बनारस, दिल्ली आदि जगहों से बांग्लादेश और अन्य देशों में संतरे का निर्यात किया जाता था। बांग्लादेश सबसे बड़ा निर्यातक है, पिछले दो वर्षों से निर्यात पर ड्यूटी शुल्क बढ़ाने से वहां के भी दरवाजे लगभग बंद हो गए हैं। इस समस्या का आज तक केन्द्र सरकार हल नहीं निकाल सकी है। इससे पूरे देश के किसानों को नुकसान भुगतना पड़ रहा है। आज संतरांचल के किसानों के पास दूसरा विकल्प नहीं है। अंबिया में फसल नहीं बेचकर नुकसान उठा चुके किसानों के पास इस सीजन में कम दामों में संतरा बेचना मजबूरी बन चुकी है। सरकार भी इस ओर ध्यान नहीं दे रही।

छिंदवाड़ा/सौंसर. सौंसर के आसपास के गांवों में दहशत बना तेंदुआ वनविभाग की पकड़ में नहीं आ रहा। पिछले पांच दिन से सर्चिंग की जा रही है पर तेंदुआ वनविभाग के अमले को छका रहा है। पिंजरा लगाया पर काम नहीं आया। छह ट्रेप कैमरे लगाए। ड्रोन कैमरा उड़ाया पर सभी प्रयास नाकाम रहे। अब प्रशिक्षित श्वान की सहायता ली गई है। दो
दिन पहले सिर्फ तेंदुए के पगमार्क मिले थे। उपवन मंडलाधिकारी प्रमोद चोपड़े ने बताया कि तेंदुए को पकडऩे के लिए लगाए गए पिंजरा का स्थान बदला गया है। वन परिक्षेत्र अधिकारी शिवशंकर चतुर्वेदी ने बताया कि तेंदुए की सर्चिंग जारी है। सोमवार को छिंदवाड़ा से डॉग स्क्वॉयड की टीम पहुंची। अब यह टीम खोजबीज में जुटी है। सीसीटीवी कैमरे भी बढ़ाए जा रहे हैं। सोमवार शाम तक तेंदुए का पता नहीं लगा है। उन्होंने बताया कि जिन किसानों के मवेशियों का शिकार किया गया है। उनको मुआवजा देने की कार्रवाई की जा रही है। ग्रामीणों को सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
तेंदुआ एक माह में निमनी, रामपेठ, काजलवानी, सायरा, कुड्डम, कढैया व आसपास के गांवों में दर्जनों मवेशियों का शिकार कर चुका है। किसान डर की वजह से खेतों पर नहीं जा पा रहे। तेंदुए के डर से इन गांवों में शाम होते ही सन्नाटा छाने लगता है। अंधेरा होने के बाद ग्रामीण घरों से बाहर नहीं निकलते । सौंसर मुख्यालय आने वाले ग्रामीण शाम के पहले ही अपने काम निपटा कर गांव लौट जाते हैं।

छिंदवाड़ा. आसमान में छाए काले बादल सोमवार की शाम तूफानी बारिश के साथ ओलावृष्टि लेकर आए। इससे सडक़ों के किनारे बड़े पेड़ गिरकर बिखर गए। खेतों में लगी गेहूं, चना फसल तथा सब्जियां धराशायी हो गईं। मकान की दीवार गिरने की खबर भी आ रही है। प्रशासन ने इस नुकसान के सर्वेक्षण करने के आदेश जारी किए हैं।
मौसम विभाग की ओर से आसमान में बादल रहने और हल्की बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया था। शाम 5 बजे के बाद अचानक मौसम बदला। आंधी-तूफान के साथ चने के आकार के ओले बरसने शुरू हो गए। हवाओं के साथ बारिश की रफ्तार इतनी तेज थी कि शहर में सडक़ किनारे वाहनों पर चल रहे लोग संभल नहीं पाए। कुछ फिसल कर गिर पड़े। उन्हें किसी ठिकाने में शरण लेनी पड़ी। इस तूफानी बारिश से बिजली तार गिर गए। पूरे शहर की बिजली शाम 5.30 बजे से देर रात तक गुल रही। बिजली कर्मचारी सुधारते नजर आए। सबसे ज्यादा नुकसान की खबर खेतों में लगी गेहूं, चना समेत अन्य रबी फसलों की आ रही है। छिंदवाड़ा और मोहखेड़ के ग्रामीण इलाकों में जहां सब्जियां लगी थी, वहां भी ओलावृष्टि की मार पड़ी।
....
तूफानी बारिश और ओलावृष्टि से ये नुकसान
1.्रएसपी कार्यालय के सामने बिजली का तार गिरा।
2.नोनिया करबल में मकान पर इमली का पेड़ गिरा।
3. शिक्षक कॉलोनी क्षेत्र समेत शहर के अन्य इलाकों में बिजली बंद।
4.नागपुर रोड पर सडक़ किनारे जगह-जगह पेड़ गिरे दिखे।
5.वार्ड नं.2 हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के पार्क का सूखा पेड़ टूटकर मेन लाइन पर लटका।
....
वार्ड नंबर 15 के घरों में घुसा नालियों का पानी
तूफानी बारिश से वार्ड नंबर 15 के घरों में नालियों का पानी घुस गया। इससे अफरातफरी मची रही। इस वार्ड की गली नंबर 6 में नालिया बंद एवं टूटी हुई है। जिस पर नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारियों ने शिकायत करने पर भी ध्यान नहीं दिया। क्षेत्र की अनीता बारसकर, चेतना साहू, सचिन शुक्ला, शिल्पा आटे, सुनील बन्देवार, प्रीती रात्ताणी, श्यामा शुक्ला, अरुण साहू, किरीट राटाणी, पिंकी साहू आदि ने घरों में पानी भरने और निगम की अव्यवस्था पर नाराजगी जाहिर की।
......
इनका कहना है..
तूफानी बारिश के साथ ओलावृष्टि से गेहूं समेत अन्य फसलों के नुकसान होने, पेड़ गिरने समेत अन्य जानकारी आई है। इसकी तस्दीक की जा रही है। प्रशासन ने पटवारियों को विस्तृत सर्वेक्षण करने के आदेश दिए हैं।
-केसी बोपचे, अपर कलेक्टर।

छिंदवाड़ा. जिले में ऐसे भी स्कूल हैं, जहां बच्चों को बैठाकर पढ़ाना खतरे से खाली नहीं है। ऐसे स्कूलों को सर्व शिक्षा अभियान विभाग ने चिह्नित किया है। नए भवन के लिए प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं, लेकिन अभी तक इन प्रस्तावों को गम्भीरता से नहीं लिया गया। जिले में पांच माध्यमिक शाला समेत 79 प्राथमिक शालाओं के कई कक्ष इतने जर्जर हो चुके हैं कि यहां कक्षाएं लगाई ही नहीं जा सकती।

पीडब्ल्यूडी विभाग ने इन सभी को असुरक्षित घोषित कर प्रमाणपत्र भी जारी किया है। उल्लेखनीय है कि इन 79 स्कूलों के अलावा 506 ऐसे भी स्कूल भवन हैं, जिन्हें मरम्मत की जरूरत है। ये भवन कभी भी स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

कई कमरों के असुरक्षित होने की वजह से शिक्षक शेष कमरों में एक साथ कई कक्षाएं लगाकर पढ़ाई करवा रहे हैं। परासिया के एक प्राथमिक स्कूल कोंडराढाना में तो एक भी कमरे सुरक्षित नहीं होने के कारण शिक्षक अपनी गुडविल से पड़ोसी के घर में स्कूल संचालित करवा रहे हैं। शिक्षक एएस उइके ने बताया कि स्कूल भवन जर्जर होने के कारण बच्चों की संख्या अब 27 रह गई है। यह संख्या पूर्व में 40 से ज्यादा थी। प्राथमिक स्तर की सभी कक्षाएं महज दो कमरों में लग रही हैं।

मरम्मत का प्रस्ताव भेजा है
जर्जर भवनों की जगह नए भवनों को बनाने के साथ ही 506 स्कूलों की मरम्मत का प्रस्ताव भेजा गया है। जर्जर भवनों में स्कूल संचालित नहीं हो रहे हैं, उनकी जगह दूसरे भवन अथवा बचे हुए सुरक्षित स्कूल के कमरों का उपयोग किया जा रहा है।
राजू सिंह नायक, सहायक यंत्री सर्व शिक्षा अभियान

You received this email because you set up a subscription at Feedrabbit. This email was sent to you at mpnews661@gmail.com. Unsubscribe or change your subscription.