छिंदवाड़ा। नए साल 2024 की शुरुआत में छिंदवाड़ा के भविष्य पर सवाल जरूर उठ रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव का आश्वासन विकास की उम्मीदें जगा रहा है। अभी प्रभारी मंत्री की नियुक्ति शेष है। कहा जा रहा है कि मौजूदा प्रोजेक्ट मेडिकल कॉलेज सुपर स्पेशियलिटी, कृषि कॉलेज, विश्वविद्यालय भवन, जेल कॉम्प्लैक्स पर बिना भेदभाव किए बजट मिला तो जिला तेजी से प्रगति पथ पर अग्रसर होगा।
दो माह पहले हुए विधानसभा चुनाव में सातों विधानसभा सीट का जनमत कांग्रेस के पक्ष में रहा। इसके विपरीत प्रदेश में भाजपा सरकार बनने पर छिंदवाड़ा-पांढुर्ना जिले के विकास पर लोग निराश हो गए थे। दिसम्बर में ही पांढुर्ना जिले के ग्राम पाठई और राजना आए मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने क्षेत्रीय विकास का भरोसा दिलाया। साथ ही लगातार छिंदवाड़ा-पांढुर्ना के दौरे की बात कही। उनके इस आश्वासन से विकास और भविष्य की उम्मीदें जागी हैं।
अभी तीन माह बाद अप्रैल में लोकसभा चुनाव होना है। देश और प्रदेश की सरकार ने छिंदवाड़ा लोकसभा सीट जीतने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में मोहन सरकार का नजरिया सकारात्मक होगा। सत्तारूढ़ दल के नेता भी आश्वस्त हैं कि सीएम छिंदवाड़ा-पांढुर्ना के विकास पर कोई कोताही नहीं बरतेंगे। फिलहाल छिंदवाड़ा के समक्ष बजट की चिंता है और निगम कर्मचारियों की तनख्वाह की मुसीबतें भी हैं, जिन पर सरकार को ध्यान देना होगा। तभी सीएम जिले वासियों के विश्वास पर खरे उतर पाएंगे।
निगम में वेतन के लाले, सीएम तुरंत दें बजट
वित्त वर्ष 2023-24 के अंतिम तीन माह पहले जनवरी में ही नगर निगम गहरे बजट संकट में फंस गया है। हालत यह है कि निगम कर्मचारियों को तीन माह से वेतन नहीं मिला है। चुंगी क्षतिपूर्ति में एक करोड़ रुपए तक कटौती हो रही है। निगम आय के स्रोत टैक्स और किराया सीमित है। अनुदान प्राप्त करने निगम अधिकारी राज्य शासन के वित्त और नगरीय प्रशासन विभाग से संपर्क कर रहे हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री अपने स्तर पर पहल कर निगम को राहत दिला सकते हैं।
भरतादेव पार्क और मिनी स्मार्ट सिटी को रफ्तार की जरूरत
वर्ष 2019-20 में भरतादेव में करीब 8.50 करोड़ रुपए से बायोडायवर्सिटी पार्क का प्रस्ताव था। तालाब में बोटिंग, झूले और तितली पार्क तथा टिकट घर की योजना थी। इसे निगम की वर्ष 2021 की पंचवर्षीय योजना में शामिल किया गया था। इस पर काम आगे नहीं बढ़ पाया। इसी तरह 50 करोड़ रुपए की लागत से मिनी स्मार्ट सिटी का प्रस्ताव था। इसे भी मोहन सरकार बजट देकर आगे बढ़ा सकती है।
आवासीय प्रोजेक्ट पूरा कर हितग्राहियों को दी जाए सौगात
खजरी, इमलीखेड़ा और परतला के 80 एमआईजी आवास प्रोजेक्ट अधूरे पड़े हैं। इससे हितग्राही राशि जमा करने के बाद अपने आपको ठगा महसूस कर रहे हैं। निर्माण एजेंसी लापरवाही पूर्वक काम कर रही है। इसके विरोध में आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं। इस पर काम करने की जरूरत है। इससे उन हितग्राहियों को समय पर अपना घर दिया जाए।
कांग्रेस विधायकों को लगातार उठाने होंगे मुद्दे
जिला मुख्यालय की विधानसभा से खुद वरिष्ठ नेता कमलनाथ विधायक हैं। इसके अलावा छह अन्य विधायक सोहन बाल्मीक, कमलेश शाह, निलेश उइके सुजीत सिंह चौधरी, सुनील उइके और विजय चौरे हैं। आम जनता की राय है कि विधायकों को अपने क्षेत्र के मुद्दे लगातार विधानसभा में उठाने होंगे, ताकि सीएम पर दबाव बने। इससे विकास की गति बनी रहेगी।