>>: Digest for August 15, 2022

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कटनी। हाइवे की चकाचक सड़कों पर सफर करने वाले लोगों को कटनी शहर में प्रवेश करने के साथ ही जानलेवा गड्ढों का सामना करना पड़ रहा है। जानलेवा गड्ढों से भरी सड़क शहर में प्रवेश करने की पहचान बन चुकी है। वाहन चालक व शहरवासी नगरनिगम के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए गड्ढों से बचकर शहर के अंदर प्रवेश कर रहे हैं और बाहर जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार सतना की ओर से कटनी शहर आने वाली सड़क चाका बायपास के बाद से चांडक चौक तक जानलेवा गड्ढों में तब्दील हो जाती है। कई गड्ढे तो ऐसे भी हैं, जिसमें गाडिय़ां बहककर हादसे का शिकार हो जाती हंै। तेज रफ्तार वाहन इन गड्ढों के नजदीक पहुंचते ही अचानक ठहर जाते हैं फिर गड्ढों के बीच से किसी तरह वाहनों को सुरक्षित निकालते हैं। चाका से पन्ना मोड़ तक सड़क पर 50 से अधिक गहरे गड्ढे हैं। इसी मार्ग से होकर बसों का संचालन होता है। सड़क खराब होने से हजारों लोग परेशान होते हैं। रात के समय यहां हादसा होने का खतरा और बढ़ जाता है।

कंपनी टर्मिनेट, सड़क निर्माण पर संशय
शहर में सीवरलाइन बिछाने का काम कर रही केके स्पन कंपनी को नगरनिगम ने टर्मिनेट कर दिया है। ऐसी स्थिति में सीवरलाइन के कार्य से इस क्षेत्र में बदहाल हो चुकी सड़क के निर्माण अधर में है। नगरनिगम द्वारा आचार संहिता के पहले सड़क निर्माण के लिए प्रक्रिया अपनाई गई लेकिन अबतक सड़क का नवीनीकरण नहीं हो पाया है।

गड्ढों और सड़क पर भरा पानी
बारिश के चलते सड़क किनारे व गड्ढों में पानी जमा हुआ है। पानी जमा होने के कारण वाहन चालक दूसरे वाहन के साइड से गुजरने से भी कतराते हैं। उन्हें डर होता है कि सड़क किनारे जमा पानी के बीच गड्ढे वाहन की रफ्तार बिगाड़ सकते हैं और वे गंभीर हादसे का शिकार हो सकते हैं।

पुलिया का भी नहीं हुआ चौड़ीकरण
बस स्टैंड से चाका तक नगरनिगम द्वारा 67 करोड़ रुपए की लागत से बनाई गई मॉडल रोड के निर्माण के बाद तीन पुलियों का चौड़ीकरण भी किया जाना था, लेकिन सड़क बनने के कई वर्षों बाद भी अबतक पुलियों का चौड़ीकरण नहीं किया गया है। संकीर्ण पुलिया में रात के समय हादसा होने का अंदेशा बना हुआ है। कई बार जानलेवा हादसे भी हो चुके हैं। इसके बाद भी नगरनिगम व जिला प्रशासन इसकी सुध नहीं ले रहा।

सीवर लाइन ने तबाह की सड़कें
सीवर लाइन बिछाने के लिए चांडक चौक से पन्ना तिराहे तक खोदी गई सड़क पूरी तरह से तबाह हो चुकी है। कुछ स्थानों पर सड़क बनाई गई लेकिन वह भी खराब हो गई। कई स्थानों पर लोग लंबे समय से सड़क बनने का इंतजार कर रहे हैं। सड़क के एक तरफ कीचड़ और गड्ढों से होकर लोग गुजर रहे हैं।

यह बात सही है चाका से चांडक चौक तक कई स्थानों पर सड़कों में गड्ढे हैं। गड्ढों का भराव जल्द किया जाएगा। सड़क का निर्माण कार्य भी होना है।
- सतेन्द्र धाकरे, आयुक्त, नगरनिगम

सड़क का निरीक्षण कर वस्तुस्थिति का आंकलन करेंगे। शहरवासियों की समस्या का निराकरण जल्द से जल्द कराएंगे। निगम अधिकारियों से चर्चा कर गड्ढे भरवाए जाएंगे।
- प्रीति सूरी, महापौर

कटनी। कुठला थाना क्षेत्र अंतर्गत चाका बायपास से पीरबाबा बायपास मार्ग पर नेशनल हाइवे में एक बेलगाम ट्रक ने मोटरसाइकिल दम्पती को टक्कर मार दी। टक्कर लगने से पति-पत्नी सड़क किनारे फिका गए और बेटी सड़क में आ गई और दानवी गति से भाग रहा ट्रक किशोरी के ऊपर चढ़ गया। किशोरी के ट्रक में कुचल जाने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पति-पत्नी को सामान्य चोट लगी है। सूचना पर कुठला पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मामले को जांच में लिया है।
कुठला थाना प्रभारी रोहित डोंगरे ने बताया कि मो हाकिम निवासी ग्राम चंदेराई थाना पश्चिम सरीरा जिला कोसाम्बी उत्तरप्रदेश मोटरसाइकिल क्रमांक यूपी 73 डब्ल्यू 8276 से पत्नी व बेटी मुस्कान के साथ जबलपुर की ओर से घर लौट रहा था। शनिवार की दोपहर एक बजे बाइपास में दिल्ली पब्लिक स्कूल के सामने पहुंचे तभी हादसा हो गया।
मैहर की ओर से जबलपुर की ओर जा रहे ट्रक क्रमांक सीजी 07 सीए 2059 के चालक ने लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए मोटर साइकिल को कट मार दिया। इस दौरान मोटर साइकिल सड़क में ही गिर गई। हादसे में पति-पत्नी सड़क की सोल्डर की तरफ फिका गए ओर मुस्कान (13) सीधे सड़क में गिरी और ट्रक सीधे किशोरी के पैर को कुचलता हुआ निकल गया। किशोरी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसा कारित करने के बाद ट्रक चालक वाहन को मौके पर खड़ा कर फरार हो गया। सूचना मिलते ही कुठला पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेजा। हादसा कारित करने वाले ट्रक को जब्त करते हुए अपराध पंजीबद्ध कर मामले को जांच में लिया है। वहीं इस हादसे में मो हाकिम व पत्नी को सामान्य चोट आई है।

कटनी। शहर की जनता ने जिस निर्दलीय प्रत्याशी को मतदान कर महापौर बनाया अब उसी महापौर के समर्थन में जनता द्वारा चुने गए पार्षद आगे नहीं आ रहे हैं। पार्षद पार्टियों की गाइड लाइन में बंधे हुए हैं और पार्टियां मेयर इन काउंसिल पर समर्थन देने के लिए अब तक राजी नहीं हुई हैं। हालांकि महापौर प्रीति सूरी ने मेयर इन काउंसिल गठन कर सदस्यों की सूची नगरनिगम आयुक्त को बंद लिफाफे में भेज दी है।
जानकारी के अनुसार नगरनिगम मेयर इन काउंसिल के गठन का 14 अगस्त अंतिम दिन है। सूची जारी करने को लेकर नगरनिगम के अधिकारी व जनप्रतिनिधि चुप्पी साधे हुए हैं। कांउसिल में किस पार्टी के पार्षदों को शामिल किया गया है, यह स्पष्ट करने में जनप्रतिनिधि कतरा रहे हैं। दूसरी ओर नगरनिगम आयुक्त मेयर इन काउंसिल के गठन से संबंधित पत्र बंद लिफाफा में प्राप्त होने की जानकारी दे रहे हैं लेकिन उस लिफाफे को रविवार को खोलने की बात कह रहे हंै। बरहाल काउंसिल गठन को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि महापौर के लिए काउंसिल गठित करने से ज्यादा भाजपा व कांग्रेस से सहयोग लेना मुश्किल हो रहा है। जन मत से महापौर बनीं प्रीति सूरी को भाजपा समर्थन देने के मूड में नजर नहीं आ रही है तो दूसरी ओर कांग्रेस भी अबतक सहमत नहीं है।

भाजपा पार्षद और निर्दलीय को मिल सकती है जगह
भाजपा पार्टी से बगावत कर निर्दलीय चुनाव जीतने वाली महापौर प्रीति सूरी मेयर इन काउंसिल में निर्दलीय पार्षदों को जगह दे सकतीं हैं। निर्दलीय पार्षदों को भाजपा पार्टी में अबतक शामिल नहीं किया गया है। दूसरी ओर भाजपा पार्षदों को भी शामिल किए जाने की चर्चा है। हालांकि भाजपा पार्टी के जिलाध्यक्ष पार्टी के पार्षदों के काउंसिल में शामिल न होने की बात पहले ही कह चुके हैं।

महापौर द्वारा मेयर इन काउंसिल के गठन से संबंधित दस्तावेज बंद लिफाफे में भेजे गए हैं। तिरंगा अभियान की व्यस्तता के चलते अब तक लिफाफा नहीं खोला है।
- सतेन्द्र धाकरे, आयुक्त ननि

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