>>: Digest for May 13, 2021

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कटनी. कहते हैं जब जोश व जज्बा दोनों हो तो बड़ी से बड़ी मुसीबत पार की सकती है। ऐसा ही कुछ इन दिनों जिले में देखने को मिल रहा है। यहां कलेक्टर प्रियंक मिश्रा औऱ आयुक्त नगर निगम सत्येंद सिंह धाकरे की जोड़ी ने हर हाल में कोरोना संक्रमण का नामो निशान मिटा देने की ठान रखी है। वो पल-पल की जानकारी रख रहे हैं। पूरे शहर ही नहीं गांव-गिरांव तक को लगातार विसंक्रमित किया जा रहा है। इसके तहत सेनेटाइजेशन को मिस्ट गन मशीन का इस्तेमाल हो रहा है। साथ ही हस्त चलित स्प्रे पंपों का उपयोग कर सोडियम हाईपोक्लोराईड के घोल का छिड़काव किया जा रहा है। करोना विनाशक रथ तो दौड़ ही रहा है।

इन दोनो अधिकारियों के निर्देशन में संक्रमण के प्रसार पर नियंत्रण तथा मुख्य मार्गो के अधिक से अधिक स्थलों को विसंक्रमित करनें के लिए मिस्ट गन मशीन के माध्यम से बीडी अग्रवाल स्थित सुभाष चौक, विश्वकर्मा पार्क, मधई मंदिर रोड, गणेश चौक, एमपीईबी ऑफिस, व्हीआईपी रोड, सराय मोहल्ला, महारानी लक्ष्मी बाई वार्ड स्थित सूरी गली, जौहर गली, डॉ प्रवीण वैश्य गली, नरोत्तम शर्मा गली, फायर ब्रिगेड रोड में सोडियम हाईपोक्लोराइड दवा का छिड़काव कराया गया।

कोविड सहायता केंद्रों में आनें वाले नागरिकों की सुरक्षा की दृष्टि से जोन क्रमांक-1 बस स्टैंड ऑडिटोरियम परिसर, जोन क्रमांक 2 स्थित खिरहनी आंगनबाड़ी भवन, जोन क्रमांक 3 टीसी बजान स्कूल, दुर्गा चौक चैक पोस्ट, शासकीय जनजातीय सीनियर बालक छात्रावास परिसर एनकेजे, गायत्री नगर सीएसआई हास्पिटल के पास, अंजूमन इस्लामिया स्कूल, कोविड जांच केंद्र जैन स्कूल, पुराना जिला न्यायालय परिसर वैक्सीनेशन सेंटर, दीनदयाल रसोई केंद्र दिव्यांचल कोविड केयर केंद्र, सायना कोविड केयर केंद्र, बालक छात्रावास राय कॉलोनी, जिला पंचायत कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, कंट्रोल रूम, मंगलनगर प्यासी गली, चावरे गली, दिनेश विश्वकर्मा के घर के पास, भरत चौक, पुलिस चौकी सहित नगर के अन्य स्थलों में सोडियम हाईपोक्लोराइड का छिड़काव कर विसंक्रमित किया गया।

सैनेटाइजेशन प्रभारी अभिषेक बघेल एवं पंकज निगम का कहना है कि आयुक्त नगर निगम धाकरे के निर्देशन में चले सैनेटाइजेशन अभियान के तहत विभिन्न रिहाइशी इलाकों,नदीपार स्थित शिवनगर, गणेश प्रसाद मसुरहा वार्ड स्थित महाकाल गली, महात्मा गांधी वार्ड स्थित जैन मोहल्ला एवं लाल बिल्डिंग गली सहित अन्य स्थलों, जयप्रकाश वार्ड स्थित सौंधिया गली, जसूजा गली, लेले वकील गली, चूरन गली, रामसिंह गली, अग्रहरी गली, वीर सावरकर वार्ड स्थित ब्रजवासी होटल के बाजू से गुप्ता कॉलोनी गली, दुबे कॉलोनी गोपाल नगर फेज-2 , खिरहनी, रोशन नगर ठाकुर होटल के पीछे सहित अन्य स्थलों में सोडियम हाईपोक्लोराईड के घोल का छिड़काव कार्य किया गया।

कटनी. मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में तेजी से बढ़ रहे कोरोना वायरस (corona virus) के संक्रमण के बीच इंसानों से दूर होती मानवता की तस्वीरें भी लगातार सामने आ रही हैं। अपनों के इलाज के लिए भटकते मरीजों (patients) के परिजनों (parents) परेशानी को दर्शाने वाली तस्वीरें दिल को झकझोर देती है। ऐसा ही एक मामला कटनी (katni) में सामने आया है। जहां जिला अस्पताल (district hospital) में मासूम बच्चे के इलाज की आस लिए पहुंची एक मां बीमार मासूम को गोद में लिए हाथ में ग्लूकोज की बॉटल (glucose bottle) पकड़े डॉक्टर्स (doctors) से इलाज (tratment) कराने की गुहार लगाती रही लेकिन न तो डॉक्टर्स का दिल पसीजा और न ही अस्पाल के दूसरे स्टाफ का।

देखें वीडियो-

इलाज की आस में भटकती मां
मासूम के इलाज के लिए जिला अस्पताल में गोद में मासूम और हाथ में ग्लूकोज की बॉटल रखे मां के भटकने का वीडियो कटनी जिले में तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ये वीडियो सोमवार-मंगलवार की दरम्यानी रात का है। अपने कलेजे के टुकड़े मासूम बच्चे को कलेजे से लगाए भटक रही इस मां का नाम द्रोपदी है जो उमरिया की रहने वाली है। वो अपने बच्चे की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे लेकर उमरिया जिला अस्पातल पहुंची थी जहां से उसे जबलपुर मेडिकल कॉलेज रैफर कर दिया गया। मां द्रोपदी ने बताया कि बच्चे को लेकर एंबुलेंस से उमरिया से जबलपुर के लिए निकले तो रास्ते में ही मासूम की तबीयत बिगड़नी लगी। तो उन्होंने कटनी जिला अस्पताल में इलाज कराने का सोचा और वहां पहुंच गए।

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नहीं पसीजा डॉक्टर्स का दिल
कटनी जिला अस्पताल पहुंचने के बाद उन्होंने पर्ची कटवाई औऱ जब बच्चा वार्ड में पहुंचे तो वहां से उन्हें ये कहकर लौटा दिया गया कि बच्चे को जबलपुर रैफर किया गया है। बीमार बच्चे का इलाज करने के लिए बेबस मां गि़ड़गिड़ाती रही, हाथ जोड़कर विनती करती रही लेकिन डॉक्टर्स का दिल नहीं पसीजा। जिसके बाद मजबूर मां वापस एंबुलेंस से ही बच्चे को लेकर जबलपुर के लिए रवाना हो गई। बच्चे को लेकर भटक रही मां ने बताया कि जबलपुर मेडिकल कॉलेज में कोरोना संक्रमण का खतरा ज्यादा है इसलिए उसने डॉक्टर्स से बच्चे को कटनी में ही भर्ती कर इलाज करने की गुहार भी लगाई लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं सुनी।

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ये बोले जिम्मेदार
इस बारे में जिला अस्पताल कटनी के सिविल सर्जन डॉ. यशवंत वर्मा का कहना है कि द्रोपती बाई की समस्या के बारे में हमने पता किया है। वहीं डॉ. नागेश्वर ने बताया कि सोमवार रात ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया था। जबकि तस्वीरें सबकुछ बयां कर रही हैं।

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कटनी. कटनी (katni) जिले में लगातार सामने आ रहीं रेमडेसिविर इंजेक्शन (remdesivir injection) की कालाबाजारी (black marketing) और इलाज के नाम पर मची लूट की खबरों के बीच एसआईटी (sit) की टीम एक्शन (action) में उतर आई है। बुधवार की दोपहर पुलिस प्रशासन की एसआईटी टीम द्वारा निजी अस्पताल (private hospital) व मेडिकल स्टोर्स (medical store) पर ताबड़तोड़ जांच की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप मिश्रा, तहसीलदार संदीप श्रीवास्तव के नेतृत्व में कोतवाली टीआई विजय विश्वकर्मा, माधवनगर संजय दुबे, कुठला विपिन सिंह, एनकेजे महेंद्र मिश्रा सहित पुलिस बल की मौजूदगी में जांच की गई।

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एक्शन में एसआईटी
1. एसआईटी टीम सबसे पहले कचहरी चौक स्थित एमजीएम अस्पताल में पहुंची यहां पर सूचना मिली थी कि गुजरात का स्टाफ व गुजरात से कोरोना से संबंधित दवाएं आ रही हैं एवं रेमडेसीविर इंजेक्शन भी गुजरात से मंगाया गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि एमजीएम अस्पताल में गुजरात से आए इंजेक्शन की जांच की गई है। ड्रग इंस्पेक्टर स्वप्निल सिंह द्वारा बैच नंबर आदि का मिलान कर वास्तविकता का पता लगाया जा रहा है। इसके साथ ही कोविड-19 के मरीजों को दिए गए उपचार व बिल संबंधी जानकारी के दस्तावेज लिए गए हैं और उनकी जांच की जा रही है।

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2. इसके बाद एसआईटी टीम रामा मेडिकल पहुंची जहां पर रिकॉर्ड की जांच की गई है। यहां पर यह देखा गया कि कितने रेमडेसीविर इंजेक्शन मुहैया कराए गए हैं और कितने रिटेलर व अस्पतालों को दिए गए हैं।

3. आरपी मेडिकल में तय दाम से ज्यादा दामों पर इंजेक्शन बेचे जानी की सूचना मिलने टीम वहां पर भी पहुंची और जांच की। सूचना मिली थी कि 39 सौ रुपए में इंजेक्शन दिए जा रहे हैं। जबकि इनकी वास्तविक कीमत 1400 रुपये है तो इस पर बताया गया कि 14 सौ रुपए में यह कंपनी से होलसेलर के पास आता है। जीएसटी लगाकर के यह रिटेलर को 28 सौ रुपए में मुहैया कराया जाता है रिटेलर इसे फिर 3900 रुपए में ग्राहकों को मुहैया करा रहे हैं। हालांकि इस संबंध में भी प्रशासन जांच करा रहा है कि कीमत में इतना बड़ा अंतर कैसे आया।

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4. एसआईटी की टीम इसके बाद आदर्श कॉलोनी स्थित धर्मलोक अस्पताल में पहुंची यहां पर भी मरीजों को दिए गए अब तक उपचार, लगाए गए इंजेक्शन, मरीजों से ली गई फीस के संबंध में दस्तावेज लेकर के जांच की गई। वहीं इस जांच के बाद से हड़कंप की स्थिति अस्पताल संचालकों व मेडिकल स्टोर्स संचालकों में बनी रही।

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इसलिए जांच के लिए नहीं भेजे गए रेमडेसिविर इंजेक्शन
बता दें कि इस जांच के दौरान एक भी रेमडेसिविर इंजेक्शन को जांच के लिए नहीं भेजा गया, क्योंकि जांच के लिए 12 इंजेक्शन चाहिए होते हैं। ऐसे में यदि 12 इंजेक्शन सेम्पल के लिए चले जाएंगे तो फिर 2 मरीजों को इंजेक्शन कैसे मिलेंगे। इसलिए बैच नम्बर के माध्यम से ही मिलान करने की बात पुलिस प्रशासन कह रहा है। इस मामले में पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी का कहना है कि एसआईटी टीम द्वारा सभी निजी अस्पतालों व दवा कारोबारियों के लिए यहां जांच की गई है जांच रिपोर्ट के बाद गड़बड़ी पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

देखें वीडियो-

कटनी. कोरोना संक्रमित किसी पीडि़त को छूने में जब उनके अपने ही पीछे हट जाते हैं। तब जिला अस्पताल में सेवाएं दे रही नर्सें न सिर्फ उनकों समय-समय पर दवाएं देने से लेकर तकलीफ दूर करने में मदद करतीं हैं, बल्कि कोरोना संक्रमण की परवाह किए बिना हर पल सेवा में डटी रहती हैं।

सेवा की मिसाल बनीं इन नर्सों की मेहनत का ही परिणाम रहा कि मार्च 2020 से अप्रैल 2021 के बीच 13 माह में 5 हजार 58 महिलाओं का सुरक्षित प्रसव हुआ। बड़ी बात यह है कि इसमें 4 हजार 124 महिलाओं की नार्मल डिलेवरी हुई। 934 की स्थिति क्रिटिकल होने के बाद ऑपरेशन की जरूरत पड़ी।

Nurses became an example of service in district hospital.
जिला अस्पताल में सेवा की मिसाल बनीं नर्सें. IMAGE CREDIT:

अंतर्राष्ट्रीय नर्स डे पर बात कोरोना संक्रमण की परवाह नहीं करते हुए एक साल से ज्यादा समय से कोविड-19 वार्ड, प्रसुता वार्ड और दूसरे वार्ड में ड्यूटी करने वालीं नर्सों की। दुर्गा पटैल, पायल बिसेन, रश्मि जायसवाल, रागिनी शर्मा, नीतू वर्मा, मीनू पटेल, सरिता पिल्लै, किरण वर्मा, ज्योति लिल्हारे, महिमा यादव, राजीव बागरी, एंजेलिना हर्बट, अल्का पटेल, आलिब जार्ज व शोभना बेंजामिन बतातीं हैं कि अस्पताल में मरीज के आने के बाद उनके मन में कोविड संक्रमण की नहीं बल्कि चिंता इस बात की रहती है कि वे जल्द से जल्द स्वस्थ हो जाएं।

 

Nurses became an example of service in district hospital.
डॉ. सुनीता वर्मा के साथ नर्स दुर्गा पटेल. IMAGE CREDIT: Raghavendra

अप्रैल माह के प्रथम सप्ताह में कोविड-19 पॉजिटिव महिला का प्रसव के दौरान सुरक्षित ऑपरेशन करने वाली डॉ. सुनीता वर्मा के साथ नर्स दुर्गा पटेल बतातीं हैं कि 13 माह के दौरान ज्यादातर नर्स कोरोना से संक्रमित हुईं। दस दिन इलाज लेने के बाद वापस ड्यूटी में आ गईं। अस्पताल में क्षमता से कई गुना ज्यादा मरीज होने के बाद भी नर्सें ड्यूटी से पीछे कदम नहीं हटाती हैं। पूरी तन्मयता से सेवा में जुटीं रहती हैं।

कटनी. कोरोना संक्रमण की चेन तोडऩे के लिए गांव-गांव में चल रही संदिग्ध व्यक्तियों के नमूने लेने की प्रक्रिया के दौरान एक महिला द्वारा रैपिड रिस्पांस (आरआर) टीम को लाठी लेकर दौड़ाने मामला सामने आया। मंगलवार को रीठी थानाक्षेत्र के ग्राम बडग़ांव में आरआर टीम के आशा कार्यकर्ता सुषमा चक्रवर्ती ने जैसे ही नमूने लेने के लिए कहा तो शकुन बाई ने लाठी लेकर मारने के लिए दौड़ाया। तभी सहकर्मी मंजूलता सोनी ने बचाव किया। इस दौरान शकुन बाई ने टीम के साथ अभ्रदता की। टीम के सदस्यों ने इसकी जानकारी बीएमओ रीठी को दी। बीएमओ की शिकायत पर रीठी थाना प्रभारी ने शकुन बाई के खिलाफ कार्रवाई की। एसडीएम बलबीर रमण ने बताया कि इस मामले में ठोस कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

कोविड-19 पॉजिटिव ज्ञानेंद्र प्रजापति के निवास में पहुंची आरआर टीम ने पाया कि वह होम आइसोलेशन गाइडलाइन का पालन नहीं कर रहा है। बाहर घूम रहा है। जांच के दौरान ज्ञानेंद्र अपने पूरे परिवार को लेकर गांव चला गया था। लापरवाही पर टीम ने पंचनामा तैयार कर नजदीकी थाने में संबंधित के खिलाफ एफआइआर दर्ज करवाई।

रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी रोकने एसपी ने गठित की एसआइटी
उच्च न्यायालय के आदेश के परिपालन में एसपी मयंक अवस्थी ने रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी रोकने एसआइटी गठित की है। एडिशनल एसपी के नेतृत्व में गठित टीम ने मंगलवार को कार्रवाई करते हुए सभी अस्पतालों एवं मेडिकल स्टोर्स को आबंटन और उपयोग की जानकारी मांगी।

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