>>: सिर्फ 84 सेकेंड का ही मुहूर्त क्यों! जानिए किन संकटों से बचाएगा ये शुभ समय

>>

Patrika - A Hindi news portal brings latest news, headlines in hindi from India, world, business, politics, sports and entertainment!

अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा आज हो रही है जिसको लेकर देशभर में खुशी और उल्लास का माहौल है। हर कोई इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनना चाहता है। प्राण प्रतिष्ठा के लिए 84 सेकेंड के शुभ मुहूर्त को लेकर लोगों के मन में सबसे ज्यादा उत्सुकता है। मंदिरों के पुजारी, संत-धर्माचार्य और ज्योतिषाचार्य इस मुहूर्त की विशेषता बता रहे हैं।

22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की शुभ घड़ी आ चुकी है। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तारीख और मुहूर्त तय करने के लिए शुभता का सबसे ज्यादा ध्यान रखा गया। यूं तो रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह 16 जनवरी से शुरू कर दिया गया था लेकिन गर्भगृह में रामलला की मूर्ति स्थापित करने का सबसे शुभ समय महज 84 सेकेंड का है।

यह भी पढ़ेंः Aaj Ka Love Rashifal 22 January 2024 - मेष वालों की लव लाइफ के लिए लकी दिन, जानें किन राशिवालों को मिलेगा प्रपोजल

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार 22 जनवरी को यह मुहूर्त 12.29.8 बजे से शुुरू होगा और 12.30.32 बजे तक ही रहेगा। ज्योतिषाचार्य पंडित अरूण बुचके रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए इस छोटे से मुहूर्त को बेहद शुभ मुहूर्त बताते हैं। मंदिर में रामलला शुक्ल पक्ष की द्वादशी को स्थिर लग्न में विराजित होंगे। इस प्रकार प्राण प्रतिष्ठा के बाद मंदिर और गर्भगृह का स्थायित्व सदियों तक बरकरार रहेगा।

दरअसल यह तिथि और मुहूर्त मंदिर को कई संकटों से बचानेवाला साबित होगा। न इस पर अग्नि बाण का असर होगा, न ही चोरबाण, नृपबाण या रोगबाण चल पाएगा। यहां तक कि मंदिर मृत्युबाण से भी सुरक्षित रहेगा। ऐसी अनेक बातों को ध्यान में रखते हुए रामलला प्राण प्रतिष्ठा के लिए शुभ तिथि और मुहूर्त तय किए गए।

यह भी पढ़ेंः बिना लोहे के बना राम मंदिर फिर भी एक हजार साल तक मरम्मत की जरूरत नहीं, कैसे होगा ये चमत्कार...

84 सेकेंड का विशेष मुहूर्त क्यों खास, ज्योतिष में विशेष मुहूर्त
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा अबूझ मुहूर्त में हो रही है। मंदिर में रामलला को विधिवत विराजित करने के मुहूर्त की कई अन्य विशेषताएं भी हैैं। ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परवाई के अनुसार इस मुहूर्त में नवग्रहों में धर्म और अध्यात्म के कारक ग्रह बृहस्पति की स्थिति सबसे विशेष हैै। बृहस्पति मेष राशि में लग्न में ही रहेंगे। यहां से बृहस्पति पंचम और नवम शुभ दृष्टियां धर्म त्रिकोण पर डालेंगे। सूर्य मकर राशि में दिग्बली हैं और दशम भाव में अपने ही नक्षत्र में स्थित रहेंगेे।

इसके साथ ही चंद्रमा उच्च राशि में मंगल के नक्षत्र मृगशिरा में विराजमान रहेंगे। लग्नेश मंगल दो शुभ ग्रहों बुध व शुक्र के साथ धर्म त्रिकोण में रहेंगे। राहू और केतु की बहुत शुभ स्थिति रहेगी।

आज का पंचांग
रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के दिन यानि 22 जनवरी 2024 का पंचांग विशेष है। आज पौष माह के द्वादशी तिथि है, मृगशिरा नक्षत्र है और अभिजीत मुहूर्त में इंद्र योग, मेष लग्न तथा वृश्चिक नवांश रहेगा। इस प्रकार बेहद शुभ तिथि, पंचांग और मुहूर्त में दिन के 12 बजकर 29 मिनट 08 सेकंड से 12 बजकर 30 मिनट 32 सेकंड तक यानि 84 सेकंड के समय में श्रीरामलला की मूर्ति को प्राण प्रतिष्ठित किया जाएगा।

यह भी पढ़ेंः समुद्र में 300 फीट की गहराई में है श्री कृष्ण की द्वारिका

Tags:
  • religion-and-spirituality
You received this email because you set up a subscription at Feedrabbit. This email was sent to you at mpnews2400@gmail.com. Unsubscribe or change your subscription.