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छतरपुर। मध्यप्रदेश में बारिश का दौर लगातार जारी है. तेज और लगातार बरसात के कारण अनेक हादसे भी हो रहे हैं. ऐसा ही एक हादसा प्रदेश के छतरपुर जिले में हुआ जहां बरसात के कारण पहाड़ ही धंस गया. इससे हुए भूस्खलन और चट्टानें लुढ़कने से कई लोग घायल हो गए हैं. बताया जा रहा है कि पहाड़ धंसकने से एक बड़ी चट्टान एक घर पर जा गिरी. इससे मकान का एक हिस्सा जमींदोज हो गया, इसकी चपेट में आ जाने से कुछ परिजन घायल भी हो गए. उन्हें इलाज के लिए ले जाया गया है.

ग्रामीणों और पुलिस के अनुसार हादसे में एक महिला सहित परिवार के तीन सदस्य घायल हुए हैं. छतरपुर में पिछले दो दिनों से बारिश हो रही है. इसके कारण पास का एक पहाड़ धंस गया. पहाड़ से एक बड़ी चट्टान लुढ़क कर पहाड़ के बिल्कुल नीचे स्थित एक घर में जा घुसी। इस घटना में घर में रह रही एक महिला समेत कुल 3 लोग घायल हो गए हैं. इन तीनों घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

यह दुर्घटना गढ़ी मलहरा थाना क्षेत्र के ग्राम कलानी में घटी है। यहां पहाड़ के ठीक नीचे एक परिवार रहता है. रात को घर में 17 साल का संजय बरार अपनी मां और भाई के साथ सो रहा था। रात को तेज बारिश होने लगी. भारी बरसात के दौरान ही पास का पहाड़ धंस गया और कई पत्थर व चट्टानें नीचे आ गिरीं. इनमें से एक बड़ी चट्टान पहाड़ से लुढ़क कर सीधे संजय के घर में जा घुसी। इससे घर का एक हिस्सा तबाह हो गया. घटना में संजय के अलावा उसकी मां रामकुंवर और भाई फूलचंद्र भी घायल हो गए। परिवार की चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग एकत्रित हो गए तथा पुलिस को हादसे की सूचना दी गई। मौके पर पहुंची डायल 100 की मदद से घायलों को जिला अस्पताल लाया गया जहां उनका उपचार जारी है। चट्टान टकराने के कारण संजय का घर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।

छतरपुर. छतरपुर से नौगांव होते हुए हरपालपुर जा रही एक बस ने रास्ते में पहले बाइक में टक्कर मार दी। फिर आगे ता रही कार में टक्कर मार दी। जिससे बाइक सवार दो लोग घायल हो गए। जिन्हें घटना के बाद स्थानीय लोगों द्वारा इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं कार पीछे से डेमेज हो गई। वहीं घटना के गुस्साए आसपास के लोगों ने बस में तोडफ़ोड़ कर दी।
जानकारी के अनुसार रविवार को शाम करीब ६ बजे बस क्रमांक एमपी १६ पी ०१९९ सवारियां लेकर नौगांव होते हुए हरपालपुर जा रही थी। इसी दौरान बस ने महेबा तिराहा के पास स्थित धुबेला रिसोर्ट से निकल रहे बाइक क्रमांक एमपी १६ एमजी ९२०४ में बस ने टक्कर मार दी। जिससे बाइक सवार अंकित राजा निवासी खरका सहित दो लोग घायल हो गए। वहीं इसके बाद बस ने कुछ की दूर पहुंचकर आगे चल रही बोलेरो कार में टक्कर मार दी। जिससे कार सवार श्रीपत यादव निवासी टुडर चोटिल हो गया और कार पीछे से डेमेज हो गई। इस दौरान अन्य राहगीर बस से बचते नजर आए। घटना के देख आसपास के लोगों एकत्र हो गए और यह देख बस चालक व परिचालक बस को छोड़कर मौके से फरार हो गए। जिसके बाद स्थानीय लोगों ने घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। वहीं घटना से आक्रोशित आसपास के लोगों ने बस में तोडफ़ोड़ कर दी। वहीं घटना के बाद मौके पर पहुंची थाना नौगांव की पुलिस द्वारा बास को थाना ले जाया गया। घायल अंकित राजा सहित स्थानीय लोगों ने बताया कि बस चालक नशे में था। जिससे बस को नियंत्रित नहीं कर पा रहा था। वहीं स्थानीय लोगों ने बताया कि घटना के दौरान एक ऑटो को भी टक्कर मारी थी हालात कि उसमें कोई हताहत नहीं हुआ।

छतरपुर। हुडको से लोन न मिलने के चलते शहर के महोबा रोड का चौड़ीकरण की योजना अटक गई है। शहर के बीच से दो राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरते हैं यही वजह है कि शहर का ट्रैफिक अक्सर जाम का रहता है। सागर-कानपुर हाइवे में बस स्टैण्ड से महोबा रोड पर करीब 900 मीटर दूरी तक का चौड़ीकरण किए जाने हेतु टेंडर हो चुके हैं। लेकिन लोन न मिलने से काम शुरु नहीं हो पाया है। चौड़ीकरण की योजना अटकने से महोबा रोड पर लगने वाले जाम से लोग परेशान हैं। वर्ष 2018 में हुए सर्वे के मुताबिक इसम मार्ग से रोजाना 10 हजार वाहनों का आना जाना होता है। जबकि सड़क की चौड़ाई ढाई हजार वाहन रोजाना की क्षमता की है।

बस स्टैण्ड से महोबा नाके तक ज्यादा परेशानी
सागर-कानपुर हाइवे में बाइपास की व्यवस्था न होने से वाहनों का दबाव बहुत अधिक रहता है जिस वजह से अक्सर जाम की स्थिति निर्मित हो जाती है। एक ओर हाइवे के वाहन तो वहीं दूसरी ओर बस स्टैण्ड तक आने जाने वाले वाहनों के कारण दिन भर जाम की स्थिति रहती है। वर्तमान में यातायात पुलिस को व्यवस्था संभालने में पसीना आ जाता है । ऐसे में सागर-कानपुर हाइवे के बस स्टैंड से महोबा रोड पर करीब 900 मीटर लंबी सड़क का चौड़ीकरण किए जाने से व्यवस्था में सुधार होने की गुंजाइश है। इस चौड़ीकरण के लिए करीब सवा करोड़ रूपए का टेंडर स्वीकृत हो चुका है। तनुष्का कंसेन्ट को ठेका भी मिल गया है।

मसीही अस्पताल के सामने सबसे बुरे हालात
दरअसल शहर में सिर्फ यही एक हाइवे का हिस्सा शेष रह गया है जहां सड़क सबसे ज्यादा सकरी है। जोगेन्दर पेट्रोल पंप से लेकर गुरूद्वारे के आगे तक इस सड़क के दोनों तरफ सोल्डर भरे नहीं होने के कारण वाहनों को चलने मे दिक्कत होती है। महोबा रोड पर मसीही अस्पताल के सामने सबसे बुरी स्थिति निर्मित होती है क्योंकि यहीं सड़क के किनारे सब्जी की दुकानें, ठेले लगे रहते हैं साथ ही महोबा की ओर जाने वाली बसें भी यहीं से मोड़ी जाती हैं। आमतौर पर यहां दिन में कई बार जाम की स्थिति भी निर्मित होती है।

ये कहना है लोगों का
प्रवीण तिवारी का कहना है कि सड़क की चौड़ाई कम होने और वाहनों का दबाव अधिक होने के कारण अक्सर जाम की स्थिति निर्मित होती है। उधर विक्की जैन ने कहा कि समय के साथ सड़कों का चौड़ीकरण किया जाना यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित करने के हित में है। संजय ने बताया कि पूरे शहर में सबसे ज्यादा जाम की स्थिति इस समय महोबा रोड पर बन रही है। रामेश्वर का कहना है कि महोबा रोड का कुछ हिस्सा ही संकरा है, जहां जाम लगता है।


संयुक्त टीम ने किया था चिंहाकन
बीते रोज राजस्व, लोक निर्माण विभाग और नगर पालिका की संयुक्त टीम ने इस सड़क को दोनों ओर 55-55 फीट की सीमा तक नापकर सीमांकन किया। जिसमें कई घर, व्यावसायिक कांम्प्लेक्स, होटल और धार्मिक स्थल भी कब्जे के दायरे में आए। इन कब्जों को हटाने से पूरा हाइवे 110 फीट चौड़ा हो जाएगा। महोबा रोड को चौड़ा करने के साथ बीच में विद्युत पोल शिफ्ट करके डिवाइडर बनाए जाना है। इनके बीच में हरियाली लगाकर सौंदर्यीकरण की भी बड़ी योजना पर काम किया जाना है।

छतरपुर। शहर के मुख्य मार्ग जवाहर रोड पर 7 दिन पहले पीडब्ल्यूडी के द्वारा डाली गई डामर की सड़क पहली ही बारिश में उखड़कर बिखर गई है। जवाहर रोड के डीएफओ कार्यालय, किशोर सागर तिराहे के समीप दोनों तरफ जलभराव के कारण सड़क का मटेरियल टूटकर बाहर आ गया है। लगातार पानी भरे रहने के कारण एक ओर जहां सड़क टूटती जा रही है वहीं दूसरी ओर आवागमन में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

हर साल बनाई जाती है सड़क
जवाहर रोड की इस सड़क को पीडब्ल्यूडी विभाग के द्वारा लगभग हर वर्ष निर्मित किया जाता है। यह सड़क इतनी कमजोर गुणवत्ता की बनती है कि अगला मौसम आते-आते यह टूटने लगती है। खासतौर पर किशोर सागर तिराहे के समीप का हिस्सा 6 महीने भी नहीं चलता। लगभग एक सप्ताह पहले कलेक्टर के निर्देश पर पीडब्ल्यूडी विभाग ने शहर की सभी सड़कों को नए सिरे से बनाया था। इसी दौरान जवाहर रोड का निर्माण भी किया गया था। सड़क बनने के बाद पहली बार एक घंटे की बारिश हुई। पानी भरे रहने के कारण किशोर सागर तिराहे के दोनों तरफ का यह हाइवे पानी से भरा हुआ है और सड़क का मटेरियल गिट्टी, डामर टूटकर बिखर चुके हैं।

पानी की निकासी न होने से बर्बाद हो रही डामर सड़क
दरअसल आकाशवाणी तिराहे से लेकर बस स्टैंड तक डाली गई यह सड़क सिर्फ किशोर सागर तालाब के समीप ही टूटकर बर्बाद हुई है। जानकार बताते हैं कि डामर की सड़क के लिए पानी का जमाव अत्यधिक नुकसानदायक होता है। किशोर सागर के समीप हनुमान टौरिया से बहकर आने वाला पानी हाइवे पर जमा हो जाता है। नगर पालिका के द्वारा टौरिया से आने वाले पानी की निकासी के लिए कोई प्रबंध नहंी किया गया है। पूर्व में यह पानी सड़क से ही बहकर किशोर सागर तालाब की ओर चला जाता था लेकिन डिवाइडर के कारण अब यह पानी सड़क पर ही भरा रहता है। इतना ही नहीं पानी की निकासी के लिए डिवाइडर निर्माण के बाद भी कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए जिससे जनता के टैक्स का करोड़ों रूपया हर वर्ष इसी तरह बर्बाद हो रहा है।

इनका कहना है
सड़क की गुणवत्ता में कोई कमी नहीं है। जलभराव की समस्या के लिए नगर पालिका जिम्मेदार है। यदि पानी भरा रहेगा तो सड़क का टूटना तय है। ठेकेदार से रैनी सीजन के बाद दोबारा सड़क ठीक कराई जाएगी। नगर पालिका से भी संपर्क करेंगे ताकि जल निकासी का इंतजाम हो सके और सड़क की दुर्दशा न हो।
आरएस शुक्ला, कार्यपालन यंत्री, पीडब्ल्यूडी, छतरपुर

हरपालपुर. हरपालपुर के रैक पॉइंट में जिले के गरीबों के लिए आया पीडीएस का चावल बारिश में भीगने से खराब हो गया। मामले में पत्रिका द्वारा प्रमुखता से खबर प्रकाशित करने के बाद नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष प्रदुम सिंह लोधी ने मामला संज्ञान में लिया है। उन्होंने कहा कि रेलवे रैक पॉइंट पर चावल ठेकेदार की लापरवाही के कारण गीला हुआ है। ऐसे में ठेकेदार से खराब हुए माल का शुल्क वसूला जाएगा। कहा कि यदि बरसात से बचाव का किया जाता इंतजाम तो भारी मात्रा में चावल गीला नहीं होता। साथ ही मामले में उन्होंने अधिकारियों से जांच कर कार्रवाई करने की बात कही है।

गौरतलब है कि शनिवार को दिन रात में हुई झमाझम बारिश में हरपालपुर रेलवे स्टेशन के रैक पॉइंट पर खुले में रखा 26 सौ टन चावल बारिश में भीग गया। इसमें 50 हजार बोरी चावल शनिवार सुबह ६ बजे मध्यप्रदेश के मंडला जिले की मां शारदा राइस मिल से छतरपुर जिले में राशन की दुकानों पर पीएम कल्याण योजना पीडीएस के तहत गरीबों में वितरण के लिए भेजा गया था।

मंडला से आई 42 बोगियों की मालगाड़ी में 50 हजार बोरी चावल परिवहन ठेकेदार द्वारा मालगाड़ी से उतार कर रैक पॉइंट पर डंप करा दिया था। लेकिन बारिश से बचाब के लिए नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों व परिवहन ठेकेदार ने लापरवाही करते हुए वहांपर कोई इंतजाम नहीं किए थे। जिससे बारिश में चावल की बोरियां पूरी तरह पानी में भीग गई। हालांकि की बारिश से बचाव के लिए चावल की बारियों पर कवर डाले गए थे। लेकिन वह नाकाफी थे।

छतरपुर. शहर के मुख्य मार्ग जवाहर रोड पर 7 दिन पहले पीडब्ल्यूडी के द्वारा डाली गई डामर की सड़क पहली ही बारिश में उखड़कर बिखर गई है। जवाहर रोड के डीएफओ कार्यालय, किशोर सागर तिराहे के समीप दोनों तरफ जलभराव के कारण सड़क का मटेरियल टूटकर बाहर आ गया। लगातार पानी भरे रहने के कारण एक ओर जहां सड़क टूटती जा रही है तो वहीं, दूसरी ओर आवागमन में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

जवाहर रोड की इस सड़क को पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा लगभग हर वर्ष निर्मित किया जाता है। ये सड़क इतनी कमजोर गुणवत्ता की बनती है कि, अगला मौसम आते-आते ये टूटने लगती है। खासतौर पर किशोर सागर तिराहे के समीप का हिस्सा 6 महीने भी नहीं चलता। लगभग एक सप्ताह पहले कलेक्टर के निर्देश पर पीडब्ल्यूडी विभाग ने शहर की सभी सड़कों को नए सिरे से बनाया था। इसी दौरान जवाहर रोड का निर्माण भी किया गया था। सड़क बनने के बाद पहली बार एक घंटे की बारिश हुई। पानी भरे रहने के कारण किशोर सागर तिराहे के दोनों तरफ का यह हाइवे पानी से भरा हुआ है और सड़क का मटेरियल गिट्टी, डामर टूटकर बिखर चुके हैं।

 

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पानी की निकासी न होने से बर्बाद हो रही डामर सड़क

दरअसल आकाशवाणी तिराहे से लेकर बस स्टैंड तक डाली गई ये सड़क सिर्फ किशोर सागर तालाब के समीप ही टूटकर बर्बाद हुई है। जानकार बताते हैं कि, डामर की सड़क के लिए पानी का जमाव अत्यधिक नुकसानदायक होता है। किशोर सागर के समीप हनुमान टौरिया से बहकर आने वाला पानी हाइवे पर जमा हो जाता है। नगर पालिका के द्वारा टौरिया से आने वाले पानी की निकासी के लिए कोई प्रबंध नहीं किया गया है। पूर्व में ये पानी सड़क से ही बहकर किशोर सागर तालाब की ओर चला जाता था, लेकिन डिवाइडर के कारण अब यह पानी सड़क पर ही भरा रहता है। इतना ही नहीं पानी की निकासी के लिए डिवाइडर निर्माण के बाद भी कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए जिससे जनता के टैक्स का करोड़ों रूपया हर वर्ष इसी तरह बर्बाद हो रहा है।


अफसर नगर निगम को बता रहे जिम्मेदार

छतरपुर पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री आरएस शुक्ला का कहना है कि, सड़क की गुणवत्ता में कोई कमी नहीं है। जलभराव की समस्या के लिए नगर पालिका जिम्मेदार है। अगर पानी भरा रहेगा तो सड़क का टूटना तय है। ठेकेदार से रैनी सीजन के बाद दोबारा सड़क ठीक कराई जाएगी। नगर पालिका से भी संपर्क करेंगे, ताकि जल निकासी का इंतजाम हो सके और सड़क की दुर्दशा न हो।

 

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