>>: Municipal Corporation: आवारा श्वानों पर कसेंगे नकेल, ये है योजना

>>

Patrika - A Hindi news portal brings latest news, headlines in hindi from India, world, business, politics, sports and entertainment!

छिंदवाड़ा। शहर में बढ़ रही आवारा श्वानों की संख्या पर नगर निगम दो साल बाद अब फिर से नियंत्रण का प्रयास करेगा। इसके लिए नगर निगम पोआमा में एक केंद्र बनवा रहा है। इस केंद्र में वेटनरी अस्पताल के चिकित्सक श्वानों की नसबंदी एवं वैक्सीनेशन करेंगे। इस कार्य के लिए उन्हें प्रति श्वान 100 रुपए का भुगतान निगम करेगा। दरअसल, शहर के प्रत्येक वार्ड में आवारा श्वानों की संख्या बढ़ रही है। कुछ स्थानों पर अचानक ही आक्रामक होने वाले श्वानों के कारण लोग परेशान भी हो रहे हैं।
बीते पांच माह में आवारा श्वानों से जुड़ी करीब ढाई दर्जन शिकायतें सिर्फ सीएम हेल्पलाइन में ही दर्ज हैं। इनमें आधी शिकायतें तो बिना शिकायतकर्ता की सहमति के ही बंद कर दी गई हैं।
पशु क्रूरता अधिनियम का रोड़ा
कई शिकायतकर्ता आवारा श्वान को पकडक़र उनके वार्ड या मोहल्लों से दूर छोडऩे के लिए कहते हैं, लेकिन निगम स्वास्थ्य विभाग के अनुसार ऐसा कर पाना सम्भव नहीं है। पशु क्रूरता अधिनियम के अनुसार गर्भवती श्वान और छोटे श्वानों को नहीं पकड़ा जाता। वहीं अन्य श्वानों को उनके मूल स्थान से अलग नहीं किया जा सकता। आवारा श्वान को पकडक़र वैक्सीनेशन और उसकी नसबंदी की जा सकती है, लेकिन इसके बाद उसे उसके मूल स्थान पर ही छोड़ा जाना जरूरी है।
एक माह में दर्ज हुईं आधा दर्जन शिकायतें
विगत एक माह में वार्ड 40 प्रज्ञापुरम, वार्ड पांच मते कॉलोनी, वार्ड 45 आइपीएस कॉलेज के पास, श्रद्धानगर, चंदनगांव आशीर्वाद कॉलोनी, वार्ड 34, वार्ड 48 ईशानगर के आधा दर्जन रहवासियों ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायतें दर्ज कराई हैं। इसमें सभी ने श्वानों की बढ़ती संख्या और उनके आक्रामक होने की शिकायत की है। सभी
शिकायतों के निराकरण के जवाब में निगम के स्वास्थ्य विभाग ने पशु क्रूरता अधिनियम का हवाला देकर बंद कर दिया।

इनका कहना है
श्वानों के लिए नसबंदी एवं वैक्सीनेशन केंद्र पोआमा में बन रहा है। निगम कर्मचारी आवारा श्वानों को पकडक़र केंद्र पहुंचाएंगे। वहां वेटनरी चिकित्सक उनकी नसबंदी करेंगे। हर एक श्वान पर 100 रुपए का भुगतान निगम करेगा। यह व्यवस्था चुनाव के बाद शुरू हो जाएगी।
अनिल मालवी, स्वास्थ्य अधिकारी निगम

You received this email because you set up a subscription at Feedrabbit. This email was sent to you at mpnews661@gmail.com. Unsubscribe or change your subscription.