>>: Digest for July 14, 2022

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Table of Contents

छिंदवाड़ा. जिले में भारी बारिश के चलते मंगलवार शाम को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे नागपुर मंडल के अंतर्गत भिमालगोंदी से भंडारकुंड रेल सेक्शन में रेलवे ट्रैक के नीचे से मिट्टी एवं गिट्टी बह गई। वहीं तेज हवाओं के चलते ट्रैक पर पेड़ की टहनियां भी गिर गई। इससे रेल यातायात प्रभावित हुआ। तत्काल ही रेलवे के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सजगता दिखाई और इतवारी से छिंदवाड़ा आ रही ट्रेन को रामाकोना रेलवे स्टेशन में रोक दिया गया। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे रेलवे कर्मचारियों ने रेलवे ट्रैक में सुधार किया। इसके पश्चात रात लगभग 9 बजे पैसेंजर ट्रेन को छिंदवाड़ा रवाना किया गया। लगभग तीन घंटे ट्रेन रामाकोना स्टेशन पर खड़ी रही। हालांकि ट्रेन भिमालगोंदी रेलवे स्टेशन पर भी खड़ी की जा सकती थी, लेकिन इस स्टेशन से उतरने के बाद यात्रियों को बस या फिर अन्य कोई साधन नहीं मिलता। गौरतलब है कि पैसेंजर ट्रेन प्रतिदिन इतवारी से दोपहर 3.30 बजे रवाना की जाती है और इस ट्रेन के छिंदवाड़ा पहुंचने का समय शाम 7.50 बजे है। मंगलवार को ट्रेन रामाकोना रेलवे स्टेशन में निर्धारित समय शाम 6.18 बजे पहुंची। इसके बाद रेलवे ट्रैक के खराबी की वजह से ट्रेन को रामाकोना स्टेशन पर लगभग तीन घंटे रोककर रखा गया। जिससे ट्रेन से छिंदवाड़ा आने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

दादा धाम एक्सप्रेस को दोबारा चलाने की मांग दरकिनार

रेलवे बोर्ड दादाधाम इंटरसिटी एक्सप्रेस को कम यात्री संख्या की वजह से नहीं चला रहा है। यह बातें बीते दिनों मध्य रेल मुंबई के महाप्रबंधक ने जोनल रेलवे उपभोक्ता व सलाहकार समिति के साथ हुई परामर्श बैठक में कही। समिति सदस्य सतीश यादव ने यात्रियों के हित में एक्सप्रेस को दोबारा शुरू करने की मांग की थी। बता दें कि कारोना की वजह से मार्च 2020 में इस ट्रेन को बंद कर दिया गया था। अब सबकुछ सामान्य होने एवं अधिकतर जगह पर ट्रेनों की सुविधा फिर से शुरु होने पर दादाधाम इंटरसिटी एक्सप्रेस को फिर से चलाने की मांग की जा रही है। मध्य रेल नागपुर मंडल के तहत नागपुर के अलावा पांढुर्ना, मुलताई, बैतूल, आमला, घोड़ाडोंगरी आदि स्टेशनों से सफर करने वाले यात्रियों ने दादाधाम इंटरसिटी ट्रेन के परिचालन को लेकर रेल अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा था। जिले के कई क्षेत्रों के लोगों के लिए यह ट्रेन काफी सहायक थी। परामर्श बैठक में जो जानकारी ट्रेन के परिचालन न करने को लेकर दी गई है वह स्थानीय लोगों के समझ से परे है। इसकी वजह यह है कि कोरोना काल से पहले सप्ताह में 3 दिन चलने वाली दादाधाम इंटरसिटी एक्सप्रेस में काफी भीड़ होती थी। इसके बावजूद भी रेलवे इस ट्रेन में कम यात्री होने का हवाला दे रही है।

ट्रेन शुरु करने को लेकर प्रक्रिया बदली
रेलवे से जुड़े जानकारों का कहना है कि ट्रेनों को चलाने का निर्णय बोर्ड स्तर पर ही लिया जाता है। हालांकि कोरोना काल के बाद बोर्ड ने काम का नया तरीका अपनाया है। अब बंद ट्रेनों को दोबारा शुरू करने के लिए मंडल रेल प्रबंधक और जोन स्तर की अनुशंसा अनिवार्य कर दी है। कोविड काल के बाद लगभग हर ट्रेन को इसी प्रकार शुरू किया गया।

छिंदवाड़ा. कॉलेजों में स्नातक, स्नातकोत्तर में प्रवेश के लिए आयोजित किए जा रहे सीएलसी तृतीय चरण(अंतिम चरण) के अंतर्गत मंगलवार को सभी कॉलेजों ने प्रवेश लिस्ट जारी कर दी है। इस चरण में सभी सीटों को अनारक्षित कर दिया गया है। गुणानुक्रम के आधार पर रिक्त सीटों पर आवेदक विद्यार्थियों को सीट आवंटन किया गया है। जिन विद्यार्थियों का प्रवेश लिस्ट में नाम है उन्हें 13 जुलाई तक हर हाल में ऑनलाइन माध्यम से फीस जमा करना होगा। ऐसा न करने पर उनका सीट आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा। हालांकि विद्यार्थियों को उम्मीद थी कि उन्हें फीस जमा करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग एक से दो दिन और समय देगा, लेकिन मंगलवार तक इस संबंध में विभाग ने कोई आदेश जारी नहीं किया। गौरतलब है कि कॉलेजों को 10 जुलाई को ही प्रवेश लिस्ट जारी करनी थी, लेकिन उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेजों को डाटा नहीं भेजा और 10 जुलाई को छुट्टी पड़ गई। विभाग ने 11 जुलाई की शाम कॉलेजों को डाटा भेजा। ऐसे में विद्यार्थियों को सीट आवंटन की जानकारी 12 जुलाई की सुबह लगी। जबकि फीस जमा करने की अंतिम तिथि 13 जुलाई है। ऐसे में विद्यार्थी फीस जमा करने के लिए एक से दो दिन और मोहलत मांग रहे हैं। हालांकि सीएलसी तृतीय चरण में विद्यार्थी आवश्यक होने पर अपग्रेडेशन का विकल्प भी दे सकते हैं। 14 जुलाई को अपग्रेडेशन से रिक्त स्थान के लिए गुणानुक्रम के आधार पर शेष आवेदकों को आवंटन पत्र जारी किया जाएगा। ऐसे विद्यार्थी 16 जुलाई तक फीस जमा कर सकेंगे। इसी के साथ ही लगभग डेढ़ माह से चली आ रही प्रवेश प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी।

कई विद्यार्थी प्रवेश से वंचित
उच्च शिक्षा विभाग ने इस बार कॉलेजों में प्रवेश के लिए चार चरण आयोजित करने के लिए समय-सारणी जारी की थी। प्रथम चरण के बाद सीएलसी प्रथम चरण, सीएलसी द्वितीय चरण एवं सीएलसी तृतीय चरण आयोजित हो रहा है। हालांकि अभी सीबीएसई 12वीं बोर्ड का रिजल्ट न आने से कई विद्यार्थियों ने प्रवेश के लिए आवेदन नहीं किया है। यह बात अलग है कि उच्च शिक्षा विभाग ने टर्म वन के परीक्षा परिणाम के आधार पर सीबीएसई विद्यार्थियों को प्रावधिक प्रवेश लेने के लिए कहा था, लेकिन कई विद्यार्थियों ने आवेदन नहीं किया। वहीं कई विद्यार्थियों को मनपसंद विषय नहीं मिल पाया है। कुछ कॉलेजों में काफी सीट रिक्त है। ऐसे में मांग हो रही है कि विभाग प्रवेश के लिए एक और चरण बढ़ाए।

छिंदवाड़ा/मोहगांव. नए शिक्षा सत्र से शासन ने शासकीय स्कूलों को शुरू तो करा दिया है, लेकिन यहां शिक्षक गैर जिम्मेदाराना दिख रहे हैं। शासकीय डीकेएम शाला में पदस्थ शिक्षक मनमर्जी से स्कूल पहुंच रहे हैं। मंगलवार को मोहगांव स्कूल में सुबह 11.45 बजे तक ताला लटका रहा। बच्चे स्कूल के बाहर शिक्षकों का इंतजार करते रहे।
जब पड़ताल की गई तो पता चला कि स्कूल का टाइम सुबह 10.25 बजे से शाम साढ़े चार बजे तक का है। स्कूल की छात्र-छात्राएं सुबह पौने दस से पहुंचने लगी थीं, लेकिन 10.30 बजे तक कोई भी शिक्षक स्कूल नहीं पहुंचा था। बच्चे स्कूल परिसर के आसपास घूमते व खेलते रहे। मंगलवार को कोई शिक्षक शिक्षिका समय पर नहीं पहुंचे थे। यहां काफी इंतजार करने के बाद १०.४० बजे एक शिक्षिका पहुंचीं। करीब 10.45 बजे स्कूल का ताला खोला गया।
शिक्षिका से स्कूल का ताला देरी से खोलने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मैं 10.30 बजे आती हूं जो छात्र स्कूल की चाबी लेकर गया था, वह आज आया नहीं। जब शाला में शिक्षण कब शुरू होता पूछा गया तो उन्होंने बताया कि 10.50 से शिक्षण कार्य शुरू हो जाते है। 11 बजे तक तो एक शिक्षिका के अलावा कोई नहीं पहुंचा। बताया जाता है कि सभी ११ बजे के बाद ही स्कूल पहुंचते हैं। हालांकि शिक्षकों के देरी से आने की शिकायत कई बार बीइओ एवं उच्च अधिकारियों से की है, लेकिन कभी कार्रवाई नहीं हुई। कई स्टाफ मुख्यालय में न रहकर बाहर से आना जाना करते है, यहां तक की प्राचार्य भी। वहीं पालकों का कहना है कि मुख्यालय से दूर रहने वाले शिक्षक समय पर नहीं पहुंचते हैं जिसके कारण शाला में पढऩे वाले बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।

चुनाव ड्यूटी और समय पर न पहुंचने वाला स्टॉफ
केके पांडवा प्राचार्य - चुनाव ड्यूटी
विलास कहाते - चुनाव ड्यूटी
प्रवीण सरोदे- चुनाव प्रशिक्षण
सेवक राम परतेती- चुनाव ड्यूटी
तीन चपरासी- चुनाव ड्यूटी
शीला ब्रम्हे - 11. 20 तक स्कूल नहीं पहुंची थीं।
खुशबू खंडागड़े- 11.35 तक
स्कूल नहीं पहुंची थीं।
शांताराम परतेती - 11.30 तक स्कूल नहीं पहुंचे।
गौतम बंसोड़- 10.53 पर स्कूल पहुंचे।
सोनिया ब्रह्मे- 10.33 बजे स्कूल पहुंची थीं। (सबसे पहले)
नत्थू शेंडे - स्कूल आने की जानकारी नहीं ।


सुविधाओं का भी अभाव
शासकीय शाला परिसर में साफ-सफाई का भी अभाव है। शौचालय की सफाई नहीं होती है। कचरा डस्टबिन में ना डालते हुए सामने पड़ा रहता है। बताया जाता है शाला में कोई भृत्य नहीं है। स्कूल की चार दीवार के आसपास घास उग आई है। शाला के नलों में पानी नहीं है। कई दिनों से टंकी खाली पड़ी है। बच्चों खुले में शौच करने की बात कही। खेल मैदान में बड़ी-बड़ी गाजर घास उग आई है। वहीं भृत्य नहीं होने से छात्र विद्यालय का ताला खोल रहे हैं।

सभी शिक्षकों को समय पर स्कूल पहुंचने के निर्देश हैं। मैं चुनाव ड्यूटी में हूं। कुछ शिक्षकों की चुनाव ड्यूटी लगी है। शिक्षकों के समय पर नहीं पहुंचने की जानकारी मिल रही है। जो शिक्षक समय पर नहीं पहुंचे हैं उन्हें पहुंचाता हूं। जल्द पूरी व्यवस्था बनवाता हूं।
- विजय धूरडे, बीइओ

स्कूल में विद्यार्थियों केलिए बनाए गए शौचालय में ताला लगा है। छात्रों को खुले में शौच भेजा जा रहा है।
इसकी जानकारी प्राचार्य ही दे सकते हैं। शिक्षकों के देरी से आनेकी जानकारी भी प्राचार्य ही दे सकते हैं।
-गौतम बंसोड़, शिक्षक

छिंदवाड़ा/पांढुर्ना. शनिवार को अंबाडाखुर्द और राजोराकला के बीच पुराने गिट्टी खदान में मिले शव की शिनाख्त गौरव धानोरकर के रूप में हुई थी जिसकी हत्या हुई थी। पुलिस ने इसका खुलासा कर दिया है। गौरव को उसी के दोस्तों ने आपसी रंजिश के चलते मौत के घाट उतारा है।
घटना के संबंध में पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गौरव और मुख्य आरोपी कुनाल अरूणराव बाबुलकर परिचित थे। दोनों अक्कर शराब पीने अपने परिचित महिला के घर जाते थे। कुनाल की महिला के साथ बढ़ती नजदीकियों से गौरव क्षुब्ध था। 15 दिनों पहले गौरव ने कुनाल के साथ इसी बात को लेकर मारपीट की थी। इसके बाद गौरव ने महिला को लेकर कुनाल को काफी बुरा भला कहा था। कुनाल को उस महिला के साथ नाम जुडने व बदनाम करने का डर सताने लगा । इससे नाराज होकर कुनाल ने गौरव की हत्या करने की योजना बनाई। योजना के अनुसार 5 जुलाई को जब गौरव पैदल घर जा रहा था तभी उसे उसके मित्र राजेश ने बाइक पर लेकर पहुंची। वहीं दूसरी ओर बाइक पर कुनाल व रोशन ने मुर्गा पार्टी का बहाना कर गौरव को अपने साथ घटोबा के जंगल लेकर पहुंचे। यहां गौरव को अत्याधिक शराब पिलाकर उस पर उस्तरा और चाकू से हमला कर मौत के घाट उतार दिया। बाद में अंबाडाखुर्द के मकान में जाकर बाइक खराब होने का कहकर रस्सी से शव को पत्थर से बांधकर पुराने गिट्टी के पानी में फेंक दिया था।
शिनाख्त के बाद पुलिस ने एक के बाद एक लिंक जोडऩा शुरू कर दिया और आरोपियों तक पहुंचकर उन्हें हिरासत में लेकर कड़ी पुछताछ की। आरोपियों ने गुमराह करने की कोशिश की लेकिन सख्ती के बाद उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
पुलिस ने घटना में प्रयुक्त की गई दोनों बाइक सहित उस्तरा, चाकू जब्त किया है। इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में एसडीओपी रोहित लखारे, थाना प्रभारी केवलसिंह परते, चौकी प्रभारी नांदनवाडी, दिनेश बघेल, उपनिरीक्षक करनसिंह चौधरी, प्र. आरक्षक विजय कुमरे, अनुरोध बघेल, आदित्य और नितिन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

छिंदवाड़ा/सौंसर. मंगलवार की दोपहर से शाम 7 बजे तक लगातार मूसलाधार बारिश हुई। बारिश की वजह से सौंसर नगर एक बार फिर जलमग्न हो गया। नगर के बीचोबीच से बहने वाले वाघ्यानाला में फिर तेज बहाव देखने को मिला। वहीं नगर के भारत माता चौक, सिनेमा चौक सहित अनेक वार्डों की गलियों में पानी भर गया। जिससे यहां के बाशिंदों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
नगर नाले और नालियों भी ओवरफ्लो बही। सडक़ पर लगभग 2 फीट पानी ऊपर बहने लगा जैसे की नहर हो। नगर के कई घरों में पानी घुसा तो शासकीय कार्यालयों में भी पानी भर गया।
बोरगांव. क्षेत्र में लगातार हो रहे तीनों से बारिश के चलते बोरगांव नाले भी विकराल रूप दिखा रहा है नंदा कॉलोनी जलमग्न हो गई है। अतिक्रमण के चलते नाला-नाली से पानी की निकासी सही नहीं होती है जिस कारण घरों और मुख्य सडक़ पर पानी भर जाता है। मंगलवार को हुई बारिश से जलभराव की स्थिति हुई जिससे खासी परेशानियों का सामना लोगों को करना पड़ा।

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रामाकोना हुआ जलमग्न
रामाकोना ञ्च पत्रिका. रामाकोना में मंगलवार दोपहर को हुई बारिश से गांव की मुख्य सडक़ पर पानी भर गया। यहां पानी की निकासी सही रूप से नहीं होने के कारण सभी हर तरफ पानी भर गया है। पानी स्तर सडक़ पर लगे खम्भों के ट्रांसफार्मर तक पहुंच गया। शाम को हुई बारिश से रामाकोना का गहरानाला में फिर जाम लग गया। इस बार पानी का बहाव काफी तेज था। शाम गरीब 4.45 बजे से जाम लगना शुरू हो गया। यहां जाम लगभग ढाई घंटे रात 8.15 बजे तक लगा रहा।

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बग्गू बिछुआ मार्ग बंद:

तेज बारिश के कारण ग्राम बग्गू बिछुआ के पास बने रपटे के ऊपर से पानी गुजरने लगा जिससे काफी देर तक आवागमन बंद रहा।

पिपला में नदी-नाले उफनाए
पिपला . लगातार हो रही बारिश की वजह से क्षेत्र के नदी नाले उफान पर है। ग्रामीण अंचल में पुल और रपटे के ऊपर से पानी का बहाव के कारण आवागमन टूट गया है। पिपला और सिंदेवानी मार्ग के बीच अंबा नदी पर बने रिपटेनुमा पुल से आवागमन में समस्या बनी।

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