>>: Digest for June 10, 2021

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Table of Contents

जबलपुर/ जबलपुर जिले में कोरोना वेक्सीनेशन अभियान को गति देने लगातार नवाचारों को अपनाया जा रहा है । इसी क्रम में आज बुधवार को पनागर की एक उचित मूल्य दुकान के परिसर में वेक्सीनेशन केम्प लगाकर राशन लेने आ रहे उपभोक्ताओं को कोरोना के टीके लगाने की अनूठी पहल की गई ।
नायब तहसीलदार पनागर प्रीति नागेंद्र के अनुसार सुबह से उचित मूल्य दुकान के उपभोक्ताओं के लिये स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से लगाये गये इस वेक्सीनेशन केम्प में सुबह 11 बजे तक ही करीब 150 लोगों को कोरोना के टीके लगाये जा चुके थे । उन्होंने बताया कि शुरुआत में कुछ उपभोक्ता टीके लगाने के लिये राजी नहीं हुये लेकिन समझाइश के बाद उन्होंने भी इस केम्प में टीके लगवाने के लिये अपनी रजामंदी दी ।
नायब तहसीलदार के अनुसार उचित मूल्य दुकानों से इन दिनों नियमित खाद्यान्न के साथ-साथ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के निः शुल्क खाद्यान्न का भी वितरण किया जा रहा है । इसी को ध्यान में रखते हुये यहां कोरोना के टीके लगाने आज केम्प आयोजित करने का निर्णय लिया गया । इसका प्रचार-प्रसार करने मुनादी भी कराई गई ।

पनागर में राशन उपभोक्ताओं को लगाने उचित मूल्य दुकान पर लगाया केम्प
सुबह 11 बजे तक डेढ़ सौ लोगों ने लगवाई वेकिसीन
उन्होंने बताया कि शुरुआत के हल्के-फुल्के विरोध के बाद केम्प में वेक्सीन लगाने वालों की संख्या लगातार बढ़ती गई । आसपास के छोटे व्यापारी, फल-सब्जी विक्रेता, रिक्शा चालक तथा श्रमिक वर्ग के लोग भी यहाँ टीका लगवाने आने लगे । स्थिति ये हो गई कि यहां वेक्सीन लगाने दूसरा सेंटर भी बनाया गया तथा एक और टीम को तैनात करना पड़ा । नायब तहसीलदार के मुताबिक केम्प में 300 लोगों को वेक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया है । इस लक्ष्य को आसानी से प्राप्त हो जायेगा बल्कि इससे अधिक टीके इस केम्प में लगाये जा सकते हैं ।

जबलपुर। रिमझिम फुहारों के बीच रैंगवा वार्ड नं. 72 में युवाओं द्वारा पौधरोपण किया गया। इसमें छायादार पौधों को लगाया गया। साथ ही पूरे साल देखरेख की जिम्मेदारी भी उन्होंने ली। युवा समाजसेवी शिवम तिवारी के नेतृत्व में 12 गुलमोहर, अशोक, पाम ट्री आदि पौधे लगाए गए। शिवम ने बताया कि पत्रिका अभियान में जल्द ही 101 पौधे लगाए जाएंगे, जिसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। ऋषि पटेल ने बताया कि स्थानीय युवाओं के साथ जागरुक ग्रामीणों को साथ लेकर बारिश में बड़ी संख्या में पौधे लगाए जाने हैं। विशाल शुक्ला,प्रवीण शर्मा,अतुल पटेल,गोलू पांडे,मनोहर पटेल,मनीष पांडे द्वारा रैंगवा में पौधे लगाए गए।

 

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सुपर स्पेशिलिटी में होगा पौधरोपण
नेताजी सुभाषचंद बोस सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल में पत्रिका पौधरोपण अभियान के अंतर्गत पौधरोपण किया जाएगा। मंगलवार को डायरेक्टर डॉ. वायआर यादव, सुप्रिटेंडेंट कर्नल जितेन्द्र गुप्ता ने पौधरोपण स्थल का निरीक्षण किया। उनके साथ सुख दुख परिवार के सदस्य भी थे। तैयारी पूरी होने के बाद जल्द ही मरीजों व उनके परिजनों के लिए छायादार पौधे लगाए जाएंगे।

मनमोहन नगर में बनेगा पीपल वन
सुख दुख परिवार के संरक्षक इंद्रेश दुबे, संयोजक पवन तिवारी,मनीष विश्वकर्मा, विक्की चौधरी ने बताया कि मनमोहन नगर पार्क में ऑक्सीजन जोन बनाने का निर्णय किया गया है। यहां पीपल वन बनाया जाएगा। जिसमें 40 से ज्यादा पीपल के पौधे लगाए जाएंगे। पत्रिका अभियान के साथ 15 पीपल के पौधे लग चुके हैं, बाकी को लगाने के लिए मंगलवार को गड्ढे खोद लिए गए हैं, पौधे एकत्रित किए जा रहे हैं। जल्द ही पीपल वन में पौधरोपण किया जाएगा।

जबलपुर। मानसून के मुंबई तक पहुंचने और एक साथ कई सिस्टम बनने से मंगलवार को शहर का मौसम बदल गया। दोपहर के समय काले बादलों ने आसमान को घेर लिया। तेज हवा चली और दोपहर डेढ़ बजे के करीब झमाझम बारिश हुई। प्री मानसूनी बादल ऐसे मेहरबान हुए कि सिविक सेंटर सहित शहर के बीच कई क्षेत्रों में सडक़ों और गड्ढों में पानी भर गया। शहर के कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश हुई और कहीं-कहीं पर हल्की। कुछ हिस्से सूखे भी रहे। लेकिन बारिश के बाद चली नमी भरी और शीतल हवा से शाम सुहानी हो गई। इससे पहले मंगलवार को सुबह के समय उमस, पूर्वान्ह में कड़ी धूप और बेचैन करने वाली गर्मी रही। बूंदाबांदी के बाद गर्मी से रात को कुछ राहत रही।

दिन में 11.2 मिमी वर्षा रेकॉर्ड
अधारताल स्थित मौसम विज्ञान केन्द्र के अनुसार मंगलवार को अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस रेकॉर्ड हुआ। यह सामान्य से दो डिग्री सी नीचे रहा। न्यूनतम तापमान में सोमवार के मुकाबले दो डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। यह बढकऱ 28.4 डिग्री रेकॉर्ड हुआ। सामान्य के बराबर बना रहा। आद्र्रता सुबह के समय 55 प्रतिशत और शाम को 71 प्रतिशत थी। पश्चिमी हवा पांच किमी प्रतिघंटा की गति से चली। दोपहर के समय 11.2 मिमी वर्षा रेकॉर्ड हुई।

 

आज भी तेज हवा और बारिश के आसार
मौसम विज्ञान केन्द्र में वैज्ञानिक सहायक देवेन्द्र कुमार राजस्थान, छत्तीसगढ़ होते हुए बंगाल की खाड़ी तक द्रोणिका बनी हुई है। गुजरात के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवात बन रहा है। इनका प्रभाव से शहर में मौसम में परिवर्तन हो रहा है। अरब सागर से आ रही नमी भरी हवा से बादल बन रहे है। प्री मानूसन बूंदाबांदी हो रही है। बुधवार को सम्भाग के जिलों में कहीं-कहीं बूंदाबांदी की सम्भावना है। कुछ जगह पर गरज-चमक के साथ 30-40 किमी प्रतिघंटा की गति से हवा चलने का भी अनुमान है।

15 जून तक दस्तक दे सकता है मानसून
दक्षिण-पश्चिम मानसून आंधप्रदेश, तेलंगना होते हुए महाराष्ट्र तक पहुंच गया है। ये लगातार आगे बढ़ रहा है। मुंबई में तय समय पर मानसून का प्रवेश हुआ है। 11 जून को बंगाल की खाड़ी के उत्तरी क्षेत्र में निम्न दाब क्षेत्र विकसित होने की सम्भावना है। इसके सक्रिय होने से शहर तक मानूसन 15 जून तक पहुंच सकता है। मौमस वैज्ञानिकों के अनुसार मुंबई में मानसून के समय पर आने से प्रदेश में मानसून की दस्तक 15 जून के आसपास हो जाती है। इसी आधार पर अब यह सम्भावना जताई जा रही है कि बंगाल की खाड़ी में बन रहे सिस्टम के सक्रिय होने से जल्द ही मानसून दस्तक दे देगा।

जबलपुर/ कोरोना की दूसरी लहर में यात्रियों की कमी के कारण बंद की गई ट्रेनों को रेलवे फिर से शुरूकर रहा है। जनशताब्दी और विंध्याचल एक्सप्रेस के बाद अब शहर से होकर चलने वाली तीन टे्रनें शुरू करने का निर्णय किया है। इसमें जबलपुर-इंदौर ओवरनाइट एक्सप्रेस (02292/91) को 10 जून से फिर से संचालित करने की हरी झंडी दे दी गई है। जबलपुर-लखनऊ चित्रकूट एक्सप्रेस (05205/06) और इटारसी-जबलपुर-छिवकी-प्रयागराज (01117/18) स्पेशल टे्रन को 11 जून से संचालित करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर का कहर कम होने के बाद बंद की गई इंटरसिटी और अन्य साप्ताहिक ट्रेनों को भी फिर से चलाने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए प्रत्येक मार्ग पर यात्रियों की आवाजाही पर नजर रखी जा रही है।

ये टे्रनें भी बंद हैं
नियमित
- जबलपुर-अमरावती एक्सप्रेस

साप्ताहिक
- जबलपुर-चांदाफोर्ट सुपरफास्ट
- जबलपुर-सातरागाछी हमसफर
- जबलपुर-पुणे स्पेशल
- जबलपुर-यशवंतपुर स्पेशल
- जबलपुर-हरिद्वार स्पेशल

इंटरसिटी
- हबीबगंज-जबलपुर-हबीबगंज
- रीवा-जबलपुर-रीवा
- सिंगरौली- जबलपुर- सिंगरौली
- जबलपुर-अंबिकापुर

यात्री कम होने के कारण ट्रेनें बंद की गई थी। इन्हें धीरे-धीरे पुन: संचालित करने का निर्णय लिया जा रहा है। तीन ट्रेनों के संचालन की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इनका 10 और 11 जून से संचालन शुरू हो रहा है।
- विश्वरंजन, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, जबलपुर रेल मंडल

जबलपुर. कोरोना वैक्सीन की डोज निजी अस्पतालों में जल्द उपलब्ध होने की तैयारी के बीच बड़ा गोलमाल उजागर हुआ है। जबलपुर में जिस अस्पताल के नाम पर कोविशील्ड वैक्सीन की 10 हजार डोज खरीदी गई हैं, वह जिले में है ही नहीं। इस बात का पता तब चला, जब सीरम इंस्टीट्यूट ने प्रदेश में उन निजी अस्पतालों के नाम की सूची जारी कि जिन्हें कोविड बैक्सीन की आपूर्ति की जानी है। इसमें जबलपुर के मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट लिमिटेड के नाम से 10 हजार डोज वैक्सीन का खरीदी ऑर्डर प्लेस किया गया है।

वैक्सीन की आपूर्ति से पहले स्वास्थ्य विभाग ने मैक्स हेल्‍थ केयर इंस्टीट्यूट के बारे में छानबीन की। जांच में इस नाम का कोई अस्पताल रिकॉर्ड में पंजीबद्ध ही नहीं मिला। इससे वैक्सीन खरीद में गड़बड़ी की आशंका बन गई है। दरअसल, प्रदेश के छह निजी अस्पतालों ने सीरम इंस्टीट्यूट से वैक्सीन खरीदी का ऑर्डर दिया था। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित अस्पतालों में वैक्सीन भंडारण के लिए कोल्ड चेन और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी स्वास्थ्य अधिकारियों से मांगी थी।

इस मामले में जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. शत्रुघन दाहिया ने बताया कि 25 मई को भोपाल से आए आदेश के बाद मैक्स हेल्‍थ केयर इंस्टीट्यूट लिमिटेड के बारे में शहर में छानबीन की गई। इसका कोई पता नहीं चला तो सीएमएचओ कार्यालय में जिले में पंजीकृत सभी अस्पतालों के नाम खंगाले गए। इसमें मैक्स हेल्‍थ केयर नाम से जिले में कोई अस्पताल पंजीकृत नहीं मिला। यह जानकारी उसी दिन भोपाल भेज दी गई। वहीं, इस मामले में सीरम इंस्टीट्यूट से अस्पताल के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी गई है। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। स्वास्थ्य विभाग भी जांच में जुटा हुआ है।

वैक्सीन आबादी केस के आधार पर
केंद्र सरकार ने मंगलवार को नई टीका नीति की गाइडलाइन जारी की है। इसके अनुसार राज्यों को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि टीकों की बर्बादी हुई तो सप्लाई पर इसका नकारात्मक असर पड़ेगा। साथ ही राज्यों को आबादी, कोरोना के मामले और टीकाकरण के गति के आधार पर वैक्सीन का आवंटन होगा। नई नीति 21 जून से लागू होगी। इसके अनुसार, राज्यों को टीकाकरण केंद्रों पर ऑन साइट रजिस्ट्रेशन करना होगा। बुकिंग के लिए भी राज्य कॉमन सर्विस सेंटर या कॉल सेंटर शुरू कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा था कि केंद्र सरकार अब 18 प्लस आयु वर्ग के लोगों को भी मुफ्त टीके उपलब्ध कराएगी। राज्यों को अपने स्तर पर खरीद नहीं करनी होगी।

जबलपुर। कोरोना वैक्सीन की डोज निजी अस्पतालों में जल्द उपलब्ध होने की तैयारी के बीच एक बड़ी गड़बड़ी उजागर हुई है। शहर में जिस हॉस्पिटल के नाम पर कोविशील्ड वैक्सीन की 10 हजार डोज खरीदी गई है, वह जिले में है ही नहीं। इस बात का पता तब चला जब सीरम इंस्टीटयूट ने प्रदेश में उन निजी अस्पतालों के नाम की सूची जारी कि जिन्हें कोविड वैक्सीन की आपूर्ति की जाना है। इसमें जबलपुर के मैक्स हेल्थ केयर इंस्टीट्यूट लिमिटेड के नाम से 10 हजार डोज वैक्सीन का परचेज ऑर्डर प्लेस किया गया है। वैक्सीन की आपूर्ति से पहले स्वास्थ्य विभाग ने मैक्स हेल्थ केयर इंस्टीट्यूट के बारे में छानबीन की। जांच में इस नाम से कोई अस्पताल सरकारी रेकॉर्ड में रजिस्टर्ड ही नहीं मिला। इससे वैक्सीन खरीद में गड़बड़ी की आशंका बन गई है।

जबलपुर में जिस हॉस्पिटल के नाम पर कोविशील्ड की 10 हजार डोज खरीदी गईं, वह जिले में है ही नहीं
सीरम इंस्टीट्यूट की कोरोना वैक्सीन आपूर्ति सूची में है नाम
वैक्सीन की खरीदी में बड़ी गड़बड़ी की आशंका


25 मई को जांच में खुलासा

प्रदेश के छह प्राइवेट अस्पतालों ने सीरम इंस्टीट्यूट से वैक्सीन खरीदी का ऑर्डर दिया था। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित अस्पतालों में वैक्सीन भंडारण के लिए कोल्डचेन एवं अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी संबंधित शहर के स्वास्थ्य अधिकारियों से मांगी थी। 25 मई को भोपाल से आए आदेश के बाद मैक्स हेल्थ केयर इंस्टीट्यूट लिमिटेड के बारे में शहर में छानबीन की गई। इसका कोई पता नहीं चला तो जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में जिले में पंजीकृत अस्पतालों के नाम भी खंगाले गए। इसमें मैक्स हेल्थ केयर नाम से जिले में कोई अस्पताल पंजीकृत नहीं मिला। यह जानकारी उसी दिन भोपाल भेज दी गई।

 

2486 को पहली, 1213 लाभार्थियों को लगी दूसरी डोज
IMAGE CREDIT: patrika

मामले में जांच के निर्देश
वैक्सीनेशन एप पर दो दिन पहले जबलपुर के अस्पताल के नाम पर 10 हजार डोज आवंटित होने की सूचना अपडेट हुई। इसके बाद मामला चर्चा में आया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले के हर पहलू को जांच के दायरे में लिया है। ये भी पता लगाया जा रहा है कि किसी ने शरारत तो नहीं की है। किसी अस्पताल ने जानबूझकर गलत जानकारी तो नहीं भेजी है। मामले में सीरम इंस्टीट्यूट से अस्पताल के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी गई है। हालांकि अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक सार्वजनिक नहीं की गई है।

कुछ दिन पहले भोपाल से निर्देश प्राप्त हुए थे। मैक्स हेल्थ केयर इंस्टीट्यूट में कोविड वैक्सीन के लिए कोल्ड चेन व अन्य सुविधाओं की जानकारी भेजने कहा गया था। शहर में मैक्स नाम का कोई अस्पताल नहीं है। ये अधिकारियों को बता दिया गया है।
- डॉ. शत्रुघन दाहिया, जिला टीकाकरण अधिकारी

जबलपुर/ मनमोहन नगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अब कोरोना से ठीक होने के बाद अन्य बीमारियों की जकड़ में आए मरीजों का उपचार होगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस अस्पताल में आधुनिक पोस्ट कोविड केयर सेंटर खोला जा रहा है। इसमें पोस्ट कोविड मरीजों की जांच, परामर्श और आवश्यक होने पर भर्ती करके उपचार किया जा सकेगा। कोरोना से स्वस्थ्य हो चुके लोगों में ब्लैक फंगस के बढ़ते मामले को देखते हुए इस सेंटर में एंडोस्कॉपी की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। मरीजों को बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के लिए सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स को अनुबंधित कर रहे है। पैथोलॉजी और ऑपरेशन थिएटर शुरू करने का भी प्रस्ताव है। आइएसबीटी के नजदीक बने इस अस्पताल में नई सुविधाओं के बढऩे से शहर की बड़ी आबादी को उपचार में सहूलियत होगी।

इन तीन रोगों के उपचार पर ज्यादा फोकस
- सेंटर में कोरोना के बाद ज्यादातर लोगों को हो रही तीन बीमारियों का उपचार होगा।
- इसमें म्यूकर माइकोसिस(ब्लैक फंगस), लंग्स फायब्रोसिस और हृदय संबंधी परेशानी है।
- बेहतर उपचार के लिए शहर के तीन नामी विशेषज्ञ चिकित्सों से अनुबंधन की तैयारी।
- इसमें एक कार्डियोलॉजिस्ट, एक पलमोनरी मेडिसिन और एक इएनटी विशेषज्ञ शामिल है।
- ये डॉक्टर अपने निर्धारित समय पर अस्पताल में आकर मरीजों की जांच करेंगे।
- इनके अलावा 5 ड्यूटी डॉक्टर, 3 नर्स, 2 फॉर्मासिस्ट व अन्य कर्मियों की पदस्थाना हुई।

 

covid Care Center open

प्रथम तल पर दो वार्ड में भर्ती होंगे मरीज
पोस्ट कोविड केयर सेंटर को अस्पताल के प्रथम तल में दो वार्ड में आकार दिया जा रहा है। इसकी शुरुआत 15 बिस्तर के साथ होगी। ब्लैक फंगस से पीडि़त मरीज की यदि सर्जरी की आवश्यकता होगी तो वह जिला(विक्टोरिया) अस्पताल में होगी। सर्जरी के बाद मरीजों को केयर सेंटर में ही भर्ती रखकर बाकी उपचार किया जाएगा। अस्पताल में भूतल पर मरीजों की रुटीन बीमारियों की जांच व उपचार की योजना है।

योग और फिजियोथैरेपी भी
पोस्ट कोविड केयर सेंटर में एक फिजियोथैरेपिस्ट और एक योगा शिक्षक भी होगा। अस्पताल के हॉल को योगा कक्ष बनाया जा रहा है। भर्ती मरीजों को आवश्यकतानुसार फिजियोथैरेपी भी सेंटर में होगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के साथ मिलकर विश फाउंडेशन पोस्ट कोविड केयर सेंटर को विकसित कर रहा है।

जेडी ने ग्रीन सेंटर बनाने कहा
स्वास्थ्य विभाग के क्षेत्रीय संचालक डॉ. संजय मिश्रा मंगलवार को पोस्ट कोविड केयर सेंटर की तैयारियों का जायजा लेने के लिए अस्पताल पहुंचे। इस दौरान कुछ कमियां मिलने पर उसे पूरा करके एक-दो दिन में सेंटर ूपूरी तरीके से तैयार करने के निर्देश दिए। अस्पताल परिसर में खाली जमीन पर पौधारोपण करके इसे ग्रीन सेंटर के रुप में विकसित करने का सुझाव दिया। अधिकारियों को खाली जगह पर पौधारोपण और बागीचा तैयार करके इसे परिसर को हरा-भरा और व्यवस्थित बनाने के निर्देश दिए।


मनमोहन नगर शहरी स्वास्थ्य केंद्र में पोस्ट कोविड केयर सेंटर बनाया जा रहा है। इसमें ब्लैक फंगस सहित कोरोना के बाद हो रही अन्य समस्याओं पर मरीजों को बेहतर जांच और उपचार सुविधा मिलेगी। इसे शीघ्र शुरू करने का प्रयास है।
- डॉ. संजय मिश्रा, क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं

जबलपुर। नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन खपाने के मुख्य आरोपी सरबजीत सिंह मोखा ने राज को छिपाने की पूरी कोशिश की थी। जैसे ही उसे पता चला कि पुलिस उस पर भी शिकंजा कस सकती है, तो शातिर मोखा ने सबसे पहले अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज को पूरी तरह से खत्म करने का प्रयास किया। उसने कई सीसीटीवी कैमरों के तार तक उखड़वा डाले। जिससे पुलिस को यह पता न चल सके कि वहां सीसीटीवी लगा भी था। लेकिन एसआइटी ने जब बारीकी से जांच की, तो कई स्थानों पर तार उखड़े मिले। जिसके बाद पता चला कि सीसीटीवी से डाला डिलीट कराने के साथ ही मोखा ने उनके तार तक उखड़वा दिए थे।

छिपा दिया था डीवीआर, जांच में मिला
मामले की जांच के दौरान जब एसआइटी ने सीसीटीवी फुटेज देखे, तो कुछ ज्यादा सबूत एसआइटी के हाथ नहीं लगे। लेकिन जब आरोपियों से पूछताछ की गई, तो पता चला कि पूर्व में लगा डीवीआर मोखा के इशारे पर निकाला जा चुका है। यह पता चलते ही एसआइटी ने दोबारा से डीवीआर की तलाश शुरू की और फिर वह डीवीआर जब्त किया था, जिसे मोखा ने निकलवा दिया था। फिलहाल यह डीवीआर भोपाल स्थित साइबर सेल के पास है। जहां उसका डिलीट हुआ डाटा रिकवर किया जा रहा है।

उपयोग वॉयल बुलाए
नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन का मामला खुलने के पूर्व सोनिया अक्सर कोविड वार्ड में आती-जाती थी। लेकिन जैसे ही यह राज खुला, तो उसने कोविड वार्ड में जाना-आना कम कर दिया था। एसआइटी की माने तो फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद सोनिया ने वार्ड से उपयोग किए गए नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन के वॉयल बुला लिए थे। लेकिन इसके बावजूद उसे यह भरोसा नहीं था कि पूरे के पूरे वॉयल उसके पास आ गए हैं, इसलिए वह कोविड वार्ड पहुंची थी। जहां खुद उसने खुद चैक किया था। सोनिया ने स्टाफ को भी चेतावनी दी थी कि वह इस बारे में किसी के सामने कोई राज नहीं खोले।

आ सकते हैं तीनों आरोपी
10 जून को न्यायालय में भगवती फार्मा के संचलाक सपन जैन, इंदौर में नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन की सप्लाई देने वाले रीवा निवासी सुनील मिश्रा और गुजरात के सूरत निवासी नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन की फैक्ट्री के संचालक कपिल वोरा की पेशी है। ऐसा माना जा रहा है कि तीनों को गुजरात पुलिस जबलपुर ला सकती है। यदि दस जून को यह तीनों पेश कर दिए गए, तो उन्हें रिमांड पर लिया जाएगा।

जबलपुर. पुलिस ने एनसीआर कम्पनी के एटीएम में छेड़छाड़ कर पैसे निकालने के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी लखनऊ की इंट्रीगल यूनिवर्सिटी में बीटेके के छात्र हैं। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने मध्य प्रदेश समेत दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, बिहार, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों में इस तरह की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपियों के नाम उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित ग्राम सरसी निवासी विजय यादव, सर्वोदय नगर कानुपर निवासी गगन कटियार और डॉक्टर्स कॉलोनी वाराणसी निवासी अजीत सिंह बताए गए हैं। यह जानकारी बुधवार को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित पत्रकारवार्ता में एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने दी।
उन्होंने बताया कि आरोपियों ने संजीवनी नगर थाना क्षेत्र में दो वारदातें कीं। उनके पास से कार (यूपी 32 एफएस 4275), 65 हजार रुपए, पेंचकस सहित अन्य सामान बरामद हुआ है। आरोपी तीन वर्षों से एटीएम में छेड़छाड़ कर पैसे निकाल रहे थे। यह पहली बार है, जब पुलिस ने उन्हें दबोचा। पुलिस ने अन्य प्रदेशों को भी यह जानकारी भेज दी है।
यह है मामला
एक जून की सुबह लगभग सवा सात बजे विजय यादव गुलौआ चौक स्थित एसबीआई के एटीएम में पहुंचा। उसने पेंचकस से कैश बॉक्स खोलकर 77 हजार रुपए निकाल लिए। उसने गढ़ा बाजार स्थित एटीएम में छेड़छाड़ कर दस हजार रुपए निकाले थे।
पहले कटनी, फिर जबलपुर में वारदात
एसपी बहुगुणा के अनुसार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे यूनिवर्सिटी के छात्रावास में रहते हैं। पैसों की कमी के कारण उन्होंने यह अपराध शुरू किया। वे 30 मई को लखनऊ से गगन की कार से बनारस होते हुए रीवा और फिर कटनी पहुंचे। रास्ते में उन्हें कहीं भी एनसीआर कम्पनी का एटीएम नहीं मिला। 31 मई की रात कटनी में उन्हें एनसीआर कम्पनी के दो एटीएम मिले। अरोपी अजीत ने राजकुमार के एटीएम कार्ड, पेंचकस और चिमटी के जरिए 20 हजार रुपए निकाले। उसने दूसरे एटीएम से अजीत की पत्नी वैभवी सिंह के कार्ड से पैसे निकाले।
होटल सुकून में रुके आरोपी
एसपी ने बताया कि आरोपी 31 मई की सुबह जबलपुर पहुंचे। यहां वे तिलवारा स्थित होटल सुकून में रुके। एक जून की सुबह तीनों कार से एनसीआर कम्पनी के एटीएम की तलाश में निकले। संजीवनी नगर में उन्हें दो एटीएम मिले, जिससे उन्होंने पैसे निकाले।
46 लाख रुपए का ट्रांजेक्शन
पुलिस टीम ने आरोपी विजय के बैंक खाते की जानकारी जुटाई तो पता चला कि उसके नाम पर तीन खाते हैं। वर्ष 2018 से अब तक एक खाते में 33 लाख, दूसरे में 12 लाख और तीसरे खाते में 96 हजार रुपए (कुल 45 लाख 96 हजार रुपए) का ट्रांजेक्शन हो चुका है। गिरफ्तारी से बचने के लिए वे कभी दोस्तों, कभी रिश्तेदारों और मजदूरों का एटीएम कार्ड 500 से एक हजार रुपए में किराए पर लेते थे।

जबलपुर।
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में 12 जून से शुरू होने जा रहे ओपन बुक पद्धिति एग्जाम को लेकर आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। विषयों के प्रश्न पत्र तैयार कर लिए गए हैं। प्रश्न पत्र गुरुवार से अपलोड करने शुरू हो जाएंगे लेकिन प्रशन पत्रो की लिंक 12 जनवरी को ही खोली जाएगी। गुरुवार को विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा स्नातक छात्रों के लिए बीकाम, बीबीए, बीसीए, बीकाम ऑनर्स तृतीय वर्ष के पेपर अपलोड किए जाएंगे। यह क्रम बारी बारी से परीक्षाओं के अनुसार किया जाएगा। विश्वविद्ययालय प्रशासन ने सभी विषयों के प्रश्न पत्र तैयार करा लिए गए हैं। कोरोना से उत्पन्न परिस्थितियों एवं लॉकडाउन-2 के पश्चात स्नातक एवं स्नातकोत्तर की परीक्षाएं इस बार ओपन बुक पद्धति के माध्यम से कराए जाने का निर्णय उच्च शिक्षा विभाग ने लिया है। प्रदेश में सबसे पहले रादुविवि द्वारा यह परीक्षा आयोजित की जा रही है।

छात्र हुए वंचित तो प्राचार्य जवाबदार
विश्वविद्यालय प्रशासन से साफ कहा है कि कोई भी छात्र परीक्षा से वंचित नहीं होना चाहिए। इसकी जवाबदारी संबंधित कॉलेज प्राचार्य की होगी। प्राचार्यों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा की जानकारी संबंधित छात्र तक किसी भी माध्यम से पहुंचाई जाए। विवि प्रशासन द्वारा 10 जून को विवि के अधीन आने वाले समस्त 8 जिलों के प्राचार्यों की बैठक आहूत की गई है जिसमें आवश्यक दिशा निर्देश दिए जाएंगे।

एडमिट कार्ड आज से होंगे जारी
परीक्षा को लेकर छात्रों के एडमिट कार्ड को विश्वविद्यालय द्वारा 10 जून से जारी किए जाएंगे। इसे छात्र ऑनलाइन ही अपलोड कर सकेंगे। स्नातक स्तर के सभी छात्रों के एडमिट कार्ड ऑनलाइन तैयार कर लिए गए हैं। विश्वविद्यालय परीक्षा सेल की टीम बुधवार की देर शाम तक छात्रों के एडमिट कार्ड को तैयार करने की कवायद में जुटी रही। देरशाम तक एडमिट कार्ड तैयार कर लिए गए।

यह है परीक्षा शेड्यूल
परीक्षा- प्रश्न पत्र अपलोड की तिथि- सेंटर में कॉपी जमा की तिथि
1.स्नातक- बीकॉम, बीबीए, बीसीए, बीकॉम ऑनर्स, तृतीय वर्ष - 12 जून - 15 से17 जून
2.स्नातक- बीएससी, बीएचएससी तृतीय वर्ष,- 14 जून- 18 से20 जून
3.स्नातक- बीए तृतीय वर्ष -16 जून- 21 से 23 जून
4.बीएड, बीएड साइंस चतुर्थ सेमेस्टर-25 जून- 30 से 2 जुलाई
5.एलएलबी षष्टम सेमेस्टर -30 जून से 2 जुलाई
6.बीएएलएलबी दशम सेमेस्टर -25 जून- 30 जून से 2 जुलाई

वर्जन
-परीक्षाओं को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रदेश में सबसे पहले विवि द्वारा परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं जिसमें परीक्षा सेल का सराहनीय योगदान है।
-प्रो.कपिलदेव मिश्र, कुलपति रानी दुर्गावती विवि

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