>>: Weather - आंधी-ओले-पानी का अलर्ट, पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवात से 6 दिनों तक बिगड़ा रहेगा मौसम

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एमपी में मौसम फिर बिगड़ गया है। प्रदेश के कई शहरों में तेज आंधी के साथ पानी गिरा है। ग्वालियर में अरब सागर व बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण मौसम बिगड़ गया। शहर में 50 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चली जिससे बिजली भी गुल हो गई। हजीरा गुरुद्वारे पर बिजली गिरी जिससे छत क्षतिग्रस्त हो गई। मौसम विभाग ने आंधी, बारिश, ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। इधर मौसम विज्ञानियों का कहना है कि प्रदेश में अब 7 मार्च तक मौसम के तेवर यूं ही बने रहेंगे।

 

आंधी के बाद गरज-चमक के साथ बारिश शुरू

ग्वालियर में आंधी बारिश से शहर की रफ्तार थम गई। शुक्रवार दोपहर 3:30 बजे से 4 बजे के बीच आधा घंटे तक 40 से 50 किमी प्रतिघंटा की गति से आंधी चली। तेज आंधी के कारण शहर में कई जगह बिजली के तार टूट गए इससे दो घंटे के लिए बिजली सप्लाई प्रभावित रही। आंधी के बाद गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई। 6.2 मिमी बारिश दर्ज हुई। हजीरा गुरुद्वारे की छत पर आसमानी बिजली गिरने से गार्डर टूट गए। बादलों की गड़गड़ाहट से लोग सहम गए।

बारिश के कारण मौसम में ठंडक आ गई। मौसम विभाग ने 2 मार्च को भी आंधी, बारिश व ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवात के कारण मौसम में बदलाव हुआ जिसका 2 मार्च को ज्यादा असर रहेगा। हालांकि मार्च के पहले सप्ताह में मौसम में यह उतार चढ़ाव जारी रहेगा। 3 मार्च को बादल छाएंगे। 5 मार्च को नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसका असर 6 या 7 मार्च से ज्यादा होगा। इस प्रकार लगातार 6 दिनों तक मौसम बिगड़ा रहेगा।

इस कारण बिगड़ा है मौसम
-जम्मू कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। राजस्थान, बिहार व असम में चक्रवातीय घेरे बन गए हैं। इस कारण अरब सागर व बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है।
- नमी मध्य प्रदेश के ऊपर एकत्रित हो रही है। साथ ही पश्चिमी व पूर्वी हवाएं भी टकरा रही हैं। इन सभी कारणों से मौसम बिगड़ गया।

इस पर संकट
- वैसे गेंहू की फसल को पानी की जरूरत है, लेकिन आंधी व ओलावृष्टि की संभावना किसानों के लिए चिंता बन गई है। आंधी से गेंहू लेट सकता है। ओले गिरने पर सरसों, चना, गेंहू की फसल खराब हो चुकी है।
- 2015 में मार्च में बारिश, आंधी व ओलावृष्टि ने 100 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया था। जिले में फसलों को बर्बाद कर दिया था। इस बार भी मार्च में पश्चिमी विक्षोभ लगातार आ रहे हैं। यदि 2015 की स्थिति बनती है तो किसानों की फसलों पर आफत बरस सकती है।

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