>>: Digest for March 23, 2024

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Table of Contents

-प्रीमियर आर्चेड में चल रही कथा का समापन शुक्रवार को भंडारे के साथ होगा।
14 मार्च से 22 मार्च तक चलने वाली सात दिवसीय कथा में गुरुवार को भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं के साथ रुकमणि विवाह हुआ। शुक्रवार को भगवान कृष्ण-सुदामा चरित्र के साथ होगा समापन। कथा रोजाना शाम तीन बजे से सात बजे तक परिसर में चल रही है। बाल कथा वाचक श्रीधाम वृंदावन की देवी अर्पणा के श्रीमुख से कथा सुन लोग भक्ति में भाव विभोर होकर खूब नाचे। आयोजन समिति के उपेंद्र सिंह ने बताया कि कथा का समापन विशाल भंडारे के साथ होगा। कथा में रोजाना सैकड़ों की संख्या में भक्त शामिल हो रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि अयोध्या बायपास पर प्रीमियर आर्चेड पॉश कॉलोनियों में शुमार है। मुख्य मार्ग से कॉलोनी लगी होने के चलते यहां चल रही श्रीमदद्भागवत कथा में बड़ी संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं। आयोजन समिति के उपेंद्र सिंह ने बताया कि नई बनी कॉलोनी में हुई भागवत कथा से पूरे क्षेत्र में त्योहार जैसा महौल था।

बरखेड़ी. अनेकांत नगर बरखेड़ी में चल रही संगीतमय भागवत कथा में गुरुवार को कृष्ण रूक्मणी विवाह प्रसंग का मंचन हुआ। इस मौके पर इस प्रसंग पर आधारित आकर्षक झांकी सजाई गई। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा की और विवाह मंत्राें से पंडाल गूंज उठा। इस मौके पर कथावाचक आचार्य सिद्धांत ने कृष्ण विवाह के प्रसंग पर प्रकाश डाला। कथा का आयोजन महिला जागौरी समिति की ओर से किया जा रहा है। समिति की साधना नंदू यादव ने बताया कि शुक्रवार को बरसाने की लठमार होली की तर्ज पर होली उत्सव होगा। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल रहेंगे।

आज पीहर पहुंचेगी मां भवानी
कायस्थपुरा. बड़वाले महादेव मंदिर में चल रहे महाशिवरात्रि महोत्सव का शुक्रवार को समापन होगा। इस मौके पर परंपरा अनुसार मां भवानी ससुराल से होली पर्व मनाने पीहर पहुंचेगी। इस दौरान बड़वाले महादेव मंदिर से मां भवानी की विदाई होगी। मंदिर समिति के संजय अग्रवाल, प्रमोद नेमा ने बताया कि मां भवानी मंदिर से महिला पुरुष बैंड बाजे के साथ बड़वाले महादेव मंदिर आएंगे। यहां से लाइट से सुसज्जित रथ पर माता रानी का विराजमान किया जाएगा और शोभायात्रा के रूप में भवानी मंदिर सोमवारा पहुंचेगी।


गुरुदेव सेवा मंडल की कार्यकारिणी गठित

अरेरा कॉलोनी. गुरुदेव सेवा मंडल दत्त मंदिर अरेरा कॉलोनी के कार्यकारिणी के द्विवार्षिक चुनाव निर्विरोध हुए। इसमें रोहिणी शिंगवेकर को अध्यक्ष प्रकाश बोरकर को उपाध्यक्ष, सुभष कोचकर को उपाध्यक्ष, रविंद्र गोरे को सचिव बनाया गया। सभी निर्वाचित पदाधिकारियों को समाज के लोगों ने बधाई दी।
ब्रज की होली, इत्र और फूलों की वर्षा, उड़ाया गुलाल
श्रीजी मंदिर में होली महोत्सव
रंगभरी एकादशी के साथ ही शहर के राधा कृष्ण मंदिरों में होली उत्सव की धूम है। शहर के मंदिरों में इन दिनों रंग, गुलाल, फूलों से होली खेली जा रही है। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। ब्रज की तर्ज पर होली का आयोजन किया जा रहा है। इसी के तहत गुरुवार को श्रीजी मंदिर लखेरापुरा में गुलाल कुंड पर होली उत्सव हुआ। इस दौरान कुंड का निर्माण कर पेड़ पौधों के बीच प्रभु श्रीनाथ को विराजमान किया गया। इसके बाद फूल, इत्र, गुलाल से होली खेली गई। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने खिलौने, टॉफिया लुटाई। मंदिर के श्रीकांत शर्मा ने बताया कि होली महोत्सव के अंतर्गत शुक्रवार को लड्डू की होली होगी। इस मौके पर अबीर, गुलाल और लड्डू उड़ाए जाएंगे।

भोपाल.आने वाले दिनों में हर मतदान केंद्र को सजाने-संवारने का कार्य शुरू होगा। निर्वाचन टीमें महिलाओं में मेहंदी-रंगोली स्पद्र्धा करती नजर आएंगीं। तो गर्भवती महिलाओं के लिए स्वास्थ्य शिविर भी लगते दिखेंगे। मोटी-पतलू और चाचा-चौधरी जैसे कार्टून किरदारों के अलावा छोटा भीम जैसे लोकप्रिय कार्टून करेक्टर मतदान करने के लिए प्रेरित करते हुए गली-गली घूमेंगे। जिला निर्वाचन कार्यालय ने मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए इसी तरह के कई कार्यक्रमों का कैलेंडर तैयार किया है। बुधवार को छह मतदान केंद्रों में मतदाता जागरुकता गाडिय़ों को भी रवाना किया गया।
यहां हुआ था 75 फीसदी से कम मतदान
शहर की छह विधानसभाओं में मतदाता जागरुकता वाहनों को रवाना किया गया। यहां पिछले विधानसभा चुनाव में 75 फीसदी से कम मतदान हुआ था। हुजूर, उत्तर, मध्य, दक्षिण पश्चिम, गोविंदपुरा व नरेला में इन वाहनों को भेजा गया। इनमें ऑडियो विजुअल स्क्रीन के जरिए मतदान के लिए कहा जा रहा है।
वोटिंग एवेयरनेस के लिए ये भी पहल
-विधानसभा चुनावों में चाचा चौधरी व मोटू पतलू के कार्टून कैरेक्टर ने मतदान के लिए प्रेरित किया था, इस बार छोटा भीम और कुछ अन्य कैरेक्टर जागरूकता बढ़ाएंगे।
-लोकतंत्र उत्सव कार्यक्रम में लोगों को कार्ड देकर आमंत्रित करेंगे।
-आदिवासी कलाकारों के कार्यक्रम व महिला चौपाल और रैलियां निकालेंगे।
-सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर ट्विट व लाइक बढ़ाने की स्पद्र्धा होगी।
-सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स की भी मदद लेंगे।
-युवाओं को जोडऩे के लिए डांस प्रोग्राम और खेल गतिविधियां होंगी।
-अप्रेल माह में स्कूलों में कार्यक्रम और बूथ चलो यूथ कार्यक्रम।
-ट्रांसजेंडर जागरूकता कार्यक्रम शुरू करेंगे।
-न्यू मार्केट, १० नंबर आदि में वॉल बनाकर लोकतंत्र की रक्षा और चुनावी संदेश लिखवाएंगे।
-आओ अपना बूथ सजाएं स्पद्र्धा में लोगों को भी शामिल करेंगे।
- स्ट्रीट प्ले की गतिविधि से जागरूकता बढ़ाएंगे।
- रन फॉर डेमोक्रेसी और अपने बूथ को जानो अभियान।
- सायकिल रैली और महिला मतदाता दौड़ का आयोजन।
- महिला वोटर्स जागरूकता बढ़ाने के लिए कलश यात्रा आयोजन।
जिले में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन और निर्वाचन टीम ने पूरा कैलेंडर तय किया है। हमारी कोशिश है कि हर मतदाता मतदान के लिए घर से निकले और पूरी सुविधा के साथ मतदान करे।
कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर भोपाल

भोपाल. लोकसभा चुनाव में प्रत्याशियों के लिए वस्तुओं की कीमतें तय कर दी गई है। एक प्लेट पोहा की कीमत 10 रुपए होगी। जबकि विधानसभा में ये 12 रुपए थी। मिठाईयों की कीमतें भी विधानसभा की दर वाली ही होगीं। टोपी की कीमत डेढ़ रुपए से बढ़ाकर दस रुपए कर दी गयी है। गुरुवार जिला निर्वाचन अधिकारी कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने करीब 270 आइटमों की दरें तय कीं।
180 रु. में वीआइपी लंच पैकट, पाच रुपए में कट चाय
प्रचार के दौरान प्रत्याशियों द्वारा लंच पर किए जाने वाले खर्च जो सीमा तय की गयी है उसके मुताबिक वीआइपी लंच पैकेट 180 रुपए और सादा लंच पैकेट 100 रुपए का होगा। तीन आइटम का स्वल्पाहार 50 रुपए प्रति पैकेट, छह पूड़ी सब्जी का पैकट 44 रुपए तो आठ पूड़ी सब्जी का पैकेट 53 रुपए में पड़ेगा। इसी तरह दस पूड़ी सब्जी के पैकेट की कीमत 70 रुपए तय की गयी है। आलू बड़ा, समोसा, कचौरी व चाय दस रुपए की पड़ेगी। कट चाय पांच रुपए तो कॉफी 15 रुपए की होगी। एक किलोग्राम जलेबी या मंगोड़ा 200 रुपए प्रतिकिलो के अनुसार जुड़ेगा।
नेताजी के लिए बड़ी माला की कीमत १५०० रुपए
चुनाव प्रचार के दौरान दरी 14 रुपए में तो परदा 50 रुपए प्रति नग का होगा। प्रति गद्दा के लिए 15 रुपए, कंबल के लिए 10 रुपए नग और पलंग का चार्ज 29 रुपए होगा। गमछा पंद्रह रुपए में एक पड़ेगा। तीन रुपए प्रति पंपप्लेट की कीमत तय हुई है। बड़ी माला विधानसभा में 700 रुपए में थी अब यह 1500 रुपए में पड़ेगी। जबकि गुलाब की माला का 60 रुपए पड़ेगा। प्रत्याशी पटाखे फोड़ता है तो 1000 लड़ी पटाखा की कीमत 240 रुपए, 300 रुपए अनार पैकेट और सुतली बम की कीमत 200 रुपए पैकेट होगी।
कटआउट के लिए १०० रुपए प्रति वर्ग फीट तय
प्रचार वाहन की कीमत 9400 रुपए साउंड सहित पंद्रह दिन बिना ईंधन के तय की गयी है। गाड़ी ड्रायवर के लिए 500 रुपए रोजाना तो सीएनजी ऑटो रिक्शा के लिए एक दिन के 1000 रुपए जुड़ेंगे। प्रचार सामग्री में छह रुपए प्रति वर्ग फीट फ्लेक्स प्रिटिंग तो 12 रुपए प्रति वर्गफीट फ्लेक्स प्रिंटिंग वूडन फ्रेम में और 100 रुपए प्रति वर्गफीट कट आउट छह फीट के लिए तय है।
जानिए कितनी होगी मिठाई की कीमत
484 रुपए मिल्क केक
460 रुपए बादाम बर्फी
460 रुपए सादी बर्फी
490 रुपए डोडा बर्फी
869 रुपए काजू कतली
979 रुपए स्पेशल काजू कतली
1045 रुपए स्पेशल अंजीर
435 रुपए गुलाब जामुन
470 रुपए बंगाली मिठाई
429 रुपए बुंदी लड्डू

 

मोहन सरकार के 22 मार्च 2024 को 100 दिन पूरे हो रहे हैं। डॉ. मोहन यादव ने 13 दिसंबर 2023 को सीएम पद की शपथ ली थी। इसके बाद सीएम और सरकार ने काम शुरू किया। अब 100 दिन बाद सरकार कई अच्छे फैसलों और कई खामियों के साथ खड़ी है। एक ओर जहां मरीजों को एयर एंबुलेंस की सेवा देने जैसी योजना को लागू करने का ऐलान किया तो दूसरी ओर बार-बार के तबादलों के झंझावत से सवालों के घेरे भी बढ़े हैं। मोहन सरकार 100 दिन में संकल्प-पत्र के 100 संकल्प पूरे करने का दावा करती है, लेकिन लोकसभा चुनाव का दबाव सत्ता-संगठन पर दिखता है।

 

 

तबादले... चंद घंटों में बदले फैसले

आईएएस, आईपीएस और राज्य सेवा के अफसरों के तबादले में सरकार ने सख्ती बरती। सौ दिन में करीब 21 जिलों के कलेक्टर बदले। 20 जिलों के एसपी को हटाया। थोकबंद तबादलों में सरकार ने संकोच नहीं किया। आचार संहिता लगने के ठीक पहले करीब १५० तबादले किए। खामी ये रही कि कई अफसरों के मामले में चंद घंटों में निर्णय बदल दिए गए। कुछ का बार-बार तबादला किया गया। मसलन, पीएस संजय शुक्ला के सौ दिन में तीन बार तबादला हुआ। साठ से ज्यादा ऐसे अफसर रहे, जिन्हें इस दौरान पदस्थ करने के बाद वापस हटाकर दूसरी जगह भेजा। इससे प्रशासनिक स्तर पर निर्णय की कमजोरी सामने आई।

 

 

ये भी अहम

गेहूं पर बोनस
गेहूं पर 125 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस दिया। इससे समर्थन मूल्य 2400 हो गया। हालांकि संकल्प पत्र में 2700 रुपए प्रति क्विंटल का वादा है।

4 माह का लेखानुदान
12 फरवरी को मुख्य बजट के बजाय 1.45 लाख करोड़ का लेखानुदान चार माह के लिए पेश किया। अब सरकार जुलाई में पहला मुख्य बजट लाएगी।

मंत्रियों का प्रशिक्षण
सीएम ने सुशासन संस्थान में मंत्रियों का दो दिनी प्रशिक्षण रखा। विधानसभा सत्र संचालन की बारीकियां, बजट, विभागीय कामकाज पर टिप्स दिए गए।

हर हफ्ते कैबिनेट
सरकार ने हर हफ्ते कैबिनेट की है। तीन माह में औसत 14 बैठकें हुईं। पहली बैठक सीएम व दोनों डिह्रश्वटी सीएम के साथ हुई थी। बैठकों में करीब 200 फैसले लिए गए।

अयोध्या में श्रीरामलला के दर्शन
मोहन कैबिनेट बीती चार मार्च को अयोध्या में राममंदिर में रामलला के दर्शन को गई। इसमें मंत्रियों को परिवार संग ले जाया गया। सीएम भी खुद पत्नी सहित दर्शन को गए।

उज्जैन पर फोकस
मुख्यमंत्री मोहन के गृह जिले उज्जैन पर सरकार का फोकस है। वहां दुनिया की पहली वैदिक घड़ी की स्थापना की गई। वर्चुअल लोकार्पण पीएम नरेंद्र मोदी ने किया। रीजनल इंवेस्टर समिट की शुरुआत भी उज्जैन से की। प्रशासनिक कसावट के लिए संभागीय स्तर पर बैठकों व समीक्षा की शुरुआत भी सीएम ने उज्जैन से की थी। विक्रमोत्सव को बड़ा स्वरूप दिया गया।

 

 

सरकार के यह बड़े फैसले

  1. अवैध तरीके से लगे लाउड स्पीकर हटवाए।
  2. खुले में अवैध मांस-अंडे की बिक्री पर प्रतिबंध।
  3. स्वास्थ्य-चिकित्सा शिक्षा विभाग को मर्ज किया।
  4. भोपाल में बीआरटीएस खत्म करने का फैसला।
  5. उज्जैन में दुनिया की पहली वैदिक घड़ी।
  6. विवि के कुलपति का पदनाम कुलगुरु किया।
  7. थानों, जिलों की सीमा नए सिरे से तय होगी।
  8. हर जिले में एक्सीलेंस कॉलेज खोलने का निर्णय।
  9. आईएएस-आईपीएस की संभागीय तैनाती।
  10. मरीजों के लिए एयर एंबुलेंस की सुविधा।
  11. पीएमश्री पर्यटन वायुसेवा, हैली-सेवा की शुरुआत।
  12. अवैध कॉलोनी बनाने पर रासुका लगाने कानून बनाने का फैसला।

 

 

कई विभाग तो रूटीन के काम में भी पिछड

सरकार के विभागों की बात करें तो कामकाज में कोई भी विभाग ज्यादा कुछ नया नहीं कर सके। ज्यादातर विभाग तो प्रतिदिन के कामों में ही कई मौकों पर पिछड़ते दिखे। नतीजा सीएम हेल्पलाइन से लेकर विभागीय मंत्रियों तक शिकवाशि कायतें हुईं। यह हाल तब है जब सभी विभागों को लेखानुदान में भरपूर राशि मिली। महिला एवं बाल विकास जैसे कुछ विभाग ऐसे भी रहे जो समय पर वेतन नहीं दिलवा सके। हालांकि लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में बड़े बदलाव देखने को मिले।

प्रमुख विभागों का लेखा-जोखा गृह विभाग: धार्मिक स्थलों पर तेज ध्वनि वाले लाउडस्पीकर व खुले में मांस दुकानों पर प्रतिबंध लगाया।

राज्य विमानन विभाग: एयर एंबुलेंस की सुविधा शुरू कराई। विषम हालात में इसका फायदा गंभीर मरीजों को मिल सकेगा।

उद्योग विभाग: उज्जैन में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन।

लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग: पुराने कॉलेजों में व्यवस्था अपग्रेड, नए कॉलेज खोलने, स्वास्थ्य केंद्रों के भवन निर्माण की राशि केंद्र से लेने जैसे काम हुए।

स्कूल शिक्षा: सीएम राइज स्कलों के निर्माण की गति नहीं सुधरी। रूटीन के कामों में भी विभाग पिछड़ा।

उच्च शिक्षा: 570 कॉलेजों को पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस बनाने का काम। छात्रों को डिजि लॉकर की सुविधा के लिए मशक्कत।

पीडब्ल्यूडी: सड़क, भवन निर्माण के कार्यों में तेजी। पीएम द्वारा 24,500 करोड़ के प्रोजेक्टों का लोकार्पण व शिलान्यास में राज्य के विभाग ने ताकत झोंकी।

राजस्व विभाग: ओला-पाला प्रभावित किसानों का सर्वे किया, लेकिन 100 फीसदी किसानों को राहत नहीं मिली। कई सर्वे से छूटे।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास: ग्रामीणों को उम्मीद थी कि विधानसभा चुनाव के बाद नए और टिकाऊ काम होंगे। गतिविधियां बढ़ेंगी, पर ऐसा नहीं हुआ।

वन विभाग: तेंदूपत्ता संग्राहकों का बोनस तो बढ़ाया लेकिन पूर्व से चल रहे टाइगर रिजर्व, अभयारण्य बनाने के प्रस्तावों पर उम्मीदों भरे निर्णय नहीं हो पाए। आचार संहिता के चंद दिन पहले राज्य वन्यप्राणी बोर्ड का गठन होकर रह गया।

नगरीय विकास: भोपाल में 50 प्रतिशत से ज्यादा हिस्से में बीआरटीएस कॉरिडोर हटाने का काम किया, लेकिन जो काम चल रहे हैं, वे ही बढ़े। नवाचार देखने में नहीं आया।

वित्त विभाग: लेखानुदान को लेकर काम किया। अधिकारी, कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की। ऊर्जा विभाग: रबी सीजन में बिजली की कमी नहीं आने दी। इसके अलावा कुछ नया नहीं।

टीटी नगर स्थित मॉडल स्कूल में उत्तपुस्तिकाओं की जांच हो रही है। मूल्यांकन में आठ सौ से अधिक शिक्षक लगे हैं। उत्तर पुस्तिकाओं पर बच्चों के कई रोचक जवाब कॉपियों पर मिल रहे हैं। उत्तर न आने पर बच्चे ने अंकों के लिए प्रार्थना पत्र-लिख डाला। एक स्टूडेंट ने लिखा सर बीमार होने की वजह से पढ़ाई नहीं कर पाया। पास कर दीजिए। जिले में करीब 60 फीसदी मूल्यांकन पूरा हो चुका है।

राजधानी के मॉडल स्कूल को बोर्ड परीक्षा के लिए मूल्यांकन केन्द बनाया गया है। 22 फरवरी से उत्तरपुस्तिकाओं की जांच के लिए काम शुरू हुआ है। यहां शिक्षकों को कई अनोखे जवाबों का सामना करना पड़ रहा है। एक शिक्षक ने बताया कि प्रश्र के जवाब की बजाय बच्चे ने कॉपी पर प्रार्थना पत्र लिखा। जिसके अंकों के लिए प्रार्थना है।

 

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मंडल ने हर कॉपी को दिया बार कोड

माशिमं ने हर कॉपी को बार कोड देकर एक विशेष पहचान दी है। इसे स्कैन कर ब्योरा मिल सकता है। मंडल ने अपनी सुविधा के लिए यह व्यवस्था की है। जिला शिक्षा अधिकारी अंजनी त्रिपाठी ने बताया कि अभी तक करीब 60 फीसदी मूल्यांकन कार्य पूरा हो गया है।

 

 

कॉपी पर फूल पत्तियां बना मांगे नंबर

बताया गया कि मूल्यांकन के लिए आई एक कॉपी में फूल और पत्तियां बनी थी। पेन से बच्चे ने कई जगह ड्राइंग की थी। साथ में एक विशेष टिप्पणी भी लगी थी। इसमें फूल पत्तियों के लिए अंक मांगे गए।

 

 

गोपनीयता के चलते सेंटर में नहीं है एंट्री

मूल्यांकन केन्द्र में गोपनीयता के लिए इंतजाम किए गए हैं। मूल्यांकन केन्द्र में मूल्यांकन कर्ताओं के लिए अलावा अन्य किसी को एंट्री नहीं दी जा रही है।

 

बोर्ड परीक्षा का मूल्यांकन चल रहा है। टीटी नगर स्थित मॉडल स्कूल को मूल्यांकन केन्द्र बनाया गया है। अब तक करीब 60 फीसदी काम पूरा हो चुका है।
-अंजनी त्रिपाठी, जिला शिक्षा अधिकारी

vidisha lok sabha election 2024- मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की लोकप्रियता बरकरार है। बच्चों के मामा और लाडली बहनों के भाई नाम से चर्चित मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chuahan) का अलग अंदाज देखने को मिला। विदिशा से लोकसभा के उम्मीदवार बनाए गए शिवराज सिंह चौहान आम लोगों की तरह पेसेंजर ट्रेन से सफर करते हुए नजर आए। इस दौरान उन्होंने ट्रेन में यात्रियों से मुलाकात की। बच्चों के साथ सेल्फी ली। शिवराज के साथ उनकी पत्नी साधना सिंह (sadhana singh chauhan) भी थीं।

मामा नाम से लोकप्रिय शिवराज सिंह चौहान ने चुनाव से पहले विदिशा क्षेत्र में लोकल ट्रेन में सफर किया। वे अपडाउनर की तरह विदिशा के दौरे पर गए थे। उनके साथ पत्नी साधना सिंह भी थी। शिवराज ने सुबह गंजबासौदा पहुंचने के लिए लोकल ट्रेन में सफर किया। शाम को वापस ट्रेन से भी लौट आए। गौरतलब है कि विदिशा संसदीय सीट से भाजपा के उम्मीदवार बनाए गए शिवराज सिंह चौहान के सामने अब तक कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी का ऐलान नहीं किया है, लेकिन प्रत्याशी का नाम तय कर लिया गया है।

 

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ट्रेन में महिला खिलाड़ियों को दी शुभकामनाएं

इस दौरान लोगों को पता चला तो वे उनका स्वागत करने उमड़ पड़े। सफर के दौरान कुछ महिला खिलाड़ी भी शिवराज से मिलने पहुंची। इस दौरान शिवराज सिंह ने कहा कि आज रेल द्वारा छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में गंजबासौदा से भोपाल वापसी के दौरान छत्तीसगढ़ की बेटी, वेटलिफ्टर सोनाली यदु और एकता बंजारे से भेंट हुई। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में आयोजित (Khelo India Women's Weightlifting League) में बेटी सोनाली ने स्वर्ण पदक और बेटी एकता ने वेटलिफ्टिंग में कांस्य पदक जीतकर देश व प्रदेश का नाम रोशन किया है। आप दोनों बेटियों को बहुत-बहुत बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं।

 

 

शिवराज बोले- जहां जनता वहां मामा

ट्रेन के सफर के दौरान मीडिया से बात करते हुए शिवराज सिंह ने कहा कि मैं पांव-पांव वाला भी हूं, साइकिल वाला भी हूं और पैसेंजर वाला भी हूं। जहां जनता होती है वहां मामा होता है। विदिशा से भाजपा उम्मीदवार बनाए गए शिवराज से जब मीडिया ने पूछा कि जनता तो आपकी जीत सुनिश्चित मान रही है, फिर भी मेहनत कर रहे हैं। इस पर शिवराज चौहान ने कहा कि मेहनत तो करनी ही पड़ती है। मैं राजनीतिक पद का लालच नहीं करता। अपनों से मिलने के लिए करता हूं। यह तो मेरा अपना ही परिवार है। चौहान ने अपने अंदाज में कहा कि मन आनंद से भरा है, आज गंजबासौदा जा रहा हूं। मेरी कर्मभूमि है और जनता से मेरा परिवार का रिश्ता है।

 

 

केंद्र में मंत्री बनने पर क्या बोले

शिवराज सिंह से जब मीडिया ने केंद्र में मंत्री बनने या मुख्यमंत्री के पदों पर सवाल किया तो शिवराज ने कहा कि काम का माध्यम राजनीति है। आप राष्ट्रीय राजनीति में रहते हुए भी बहन-बेटियों के लिए काम कर सकते हैं। बच्चों के लिए, किसानों के लिए, गरीबों के लिए काम कर सकते हैं। पार्टी जो तय करती है वो करते जाना है।

 

 

मोहन अच्छा काम कर रहे हैं

जब मीडिया ने वर्तमान मुख्यमंत्री मोहन यादव के बारे में पूछा तो शिवराज सिंह ने कहा कि मोहन यादव बहुत अच्छा काम कर रहे हैं, मुझे विश्वास है कि वो राज्य को बहुत आगे ले जाएंगे। हम सब कार्यकर्ताओं का सहयोग है। पार्टी ने मुझे लगातार काम करने का अवसर दिया है पार्टी ही मेरा परिवार है।

 

 

विदिशा से पांच बार सांसद रहे शिवराज

शिवराज सिंह चौहान विदिशा संसदीय सीट से पांच बार भाजपा के सांसद रह चुके हैं। यह क्षेत्र भाजपा का गढ़ मानी जाती है। इस सीट पर 1989 से भाजपा का ही कब्जा है। जबकि 1991 से 2004 तक शिवराज सिंह चौहान खुद सांसद रहे। इसी सीट के बाद शिवराज को अचानक मुख्यमंत्री बनाया गया था।

Dates Benefits: रमजान में शहर के बाजारों में खजूर की खास डिमांड हैं। गुजरात और महाराष्ट्र के साथ ही कई खाड़ी देशों से खजूर शहर में बिकने को आई हैं। खजूर से रोजा इफ्तार सुन्नत माना जाता है। इसी के चलते इसकी खरीदी जोरों पर है। आसपास के जिलों में यहां से सप्लाई है। शहर में हर रोज करीब पांच टन खजूर की खपत हो रही है। बताया गया कि आम दिनों के मुकाबले पांच गुना ज्यादा खपत बढ़ गई है।

 

Dates Benefits: जुमेराती है खजूर की मंडी, राजधानी के आसपास भी यहां से होती है सप्लाई

रमजान में रोजों का सिलसिला जारी है। खजूर की बिक्री भी जोरों पर हैं। जुमेराती खजूर की मंडी कहा जाता है। यहां थोक और रिटेल के कारोबारी है। करीब सात साल से इस कारोबार से जुड़े शकील अहमद ने बताया कि आम दिनों के मुकाबले कई गुना ज्यादा खपत बढ़ गई है। दाम सौ रुपए किलो से शुरू होते हैं। यह दो से ढाई हजार रुपए किलो तक है। खजूर कारोबारी अनीस के मुताबिक शहर के आसपास कई जिलों से लोग खरीदी के लिए यहां आते हैं। रमजान माह की शुरुआत से पहले और पहले रोजे पर बिक्री सबसे ज्यादा थी। इसके बाद कुछ कम होती है।

 

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Dates Benefits: तीस से अधिक किस्में, अजवा खजूर खास

सबसे बेहतर खजूर अजवा खजूर कहा जाता है। यह केवल साउदी अरब के मदीना में होता है। इसकी धार्मिक मान्यता है। इसके अलावा कलमी खजूर, किमिया खजूर मुहैया है। अन्य किस्में में इराक की हलावी, खदरावी, सायर, बरही एवं जाहिदी, उत्तर अफ्रीकी देशों की डेग्लेटनूर भी बाजार में उपलब्ध है। करीब तीस से ज्यादा किस्में मुहैया है।

 

Dates Benefits: रमजान माह का दूसरा जुमा आज, दूसरा असरा भी शुरू

मुकद्दस माह रमजान में रोजे और इबादत का सिलसिला जारी है। रमजान माह का दूसरा जुमे पर नमाज के साथ विशेष दुआ की जाएगी। इस माह के दस दिन पूरे होने के साथ ही दूसरा असरा भी शुरू हो गया। यह असरा मगफिरत का रहेगा। बीस रोजे तक मगफिरत की दुआएं की जाएंगी। रमजान माह में जुमे का विशेष महत्व है। शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद अमनो आमान के लिए दुआ की जाएगी। जामा मस्जिद, ताजुल मसाजिद सहित राजधानी की कई मस्जिदों में लोग पहुंचेंगे। वहीं इस महीने का दूसरा असरा भी शुरू हो गया है।

 

खजूर से काफी एनर्जी और राहत मिलती है

खजूर से रोजा खोलने की धार्मिक मान्यता है तो वहीं वैज्ञानिक महत्व भी है। जानकार बताते हैं पैगंबर साहब खजूर से रोजा खोला करते थे। यह उनका पसंदीदा फल है। भोपाल की डायटिशियन सीमा शर्मा के मुताबिक भी इसमें हाई फाइबर और मिनिरल युक्त आहार होने के कारण इसे रमजान की शुरुआत में खाना काफी बेहतर है। रोजेदार पूरा दिन कुछ खाता पीता नहीं है। खजूर ऊर्जा देने के साथ ही शरीर में हाईड्रेशन बनाए रखने में मदद करता है। यह तुरंत एनर्जी देता है।
रोज़ाना सुबह के समय खाली पेट खजूर खाने से हमार इम्यून सीस्टम मजबूत होगा। इसमें मौजूद कैल्शियम, आयरन, विटामिन, एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-ऑक्सीडेंट जैसे गुण आपकी कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं।

 

इन देशों से सबसे ज्यादा आता है खजूर

यहां सऊदी अरब, मिस्त्र, कुवैत, मदीना, ईरान, इराक , इजराइल, अफगानिस्तान कई देशों से खजूर बिकने के लिए आते हैं।

राज्यसभा सांसद एवं मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह (digvijay singh) ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला। दिग्विजय सिंह ने इवीएम में गड़बड़ी, कांग्रेस के खाते फ्रीज करने पर सवाल उठाए हैं। दिग्विजय सिंह ने कहा कि इलेक्शन लड़ने से रोकने के लिए मोदी और शाह मिलकर साजिश रच रहे हैं। कांग्रेस का खाता फ्रीज करने के बाद चुनाव लड़ना तो दूर विज्ञापन देने के लिए भी पैसा नहीं बचा है। यह लोग चाहते हैं कि हम चुनाव ही नहीं लड़ पाए।

 

राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह (digvijay singh) शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस के खाते फ्रीज करने और इवीएम मशीन में गड़बड़ी से भाजपा की जीत पर कई सवाल उठाए।


दिग्विजय ने कहा कि कांग्रेस के अकाउंट फ्रीज कर दिए ताकि चुनाव नहीं लड़ पाए। पंपलेट न छाप पाए। प्रत्याशियों को पैसा न दे पाए। 31 साल बाद एक मामले में कांग्रेस पार्टी को नोटिस दिया गया है। अन्य किसी पार्टी को इनकम टैक्स नहीं देना, सिर्फ कांग्रेस पार्टी से इनकम टैक्स लेने का प्रावधान है। हमारे अकाउंट से सरकार के खाते में राशि जमा कराई गई है। अफसरों ने बैंक अधिकारियों का दबाव डालकर 105 करोड़ जमा कराए हैं।

 

दिग्विजय सिंह ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी इलेक्ट्रोल बांड के आंकड़ों पर खुशी जताई। दिग्विजय ने कहा कि 2018 से 2014 के बीच भाजपा को 8252 करोड़ मिले। कांग्रेस को 1950 करोड़। वो भी फ्रीज कर दिए गए हैं। मतलब पार्टी एक पैसा चुनाव में नहीं निकाल सकती। यह भी प्रकरण सामने आए हैं कि जिन कंपनियों के नाम सामने आए हैं, उनका आर्डर देख लीजिए, यह कंपनी अपने इलेक्ट्रोल बांड खरीदते हैं और उनका इडी या सीबीआई के केस वापस हो जाते हैं।

 

 

देश में अघोषित आपातकाल

दिग्विजय सिंह ने कहा कि देश में अघोषित आपातकाल की स्थिति है। इवीएम और इलेक्टोरल बांड को लेकर दिग्विजय ने सवाल उठाए और कहा कि बीजेपी के पास यही दो हथियार हैं। आज स्थिति यह है कि मुख्यमंत्रियों को जेल में डाला जा रहा है ताकि वे चुनाव में भागीदारी नहीं कर सकें। कांग्रेस पार्टी के खातों को फ्रीज कर दिया। ऐसी कंपनियों ने बीजेपी को इलेक्टोरल बांड के जरिए चंदा दिया है, जिन पर कार्रवाई हो चुकी हैं। ईडी, आइटी के नोटिस हैं।

 

 

रेड के बाद होती है वसूली

दिग्विजय ने कहा कि इन्होंने तीन तरह से चंदा वसूला किया है। ऐसे भी कई प्रकरण सामने आए हैं जहां इनकी रेड के बाद वसूली हुई है। और ऐसे 14 प्रकरण है, जहां रेड हो जाने के बाद उन्होंने बांड खरीदकर चंदा भाजपा को दिया। इसके बाद दूसरा है चंदा दो धंधा दो, चार लाख करोड़ के प्रोजेक्ट दिए गए। इसें लगभग चार हजार करोड़ का इलेक्ट्रोल बांड्स में चंदा वसूल किया। उसमें 37 बिजनेस हाउसेस के डोनेशन के हिसाब से काम हुआ है।

 

 

हफ्ता वसूली की मोदी गारंटी

दिग्विजय सिंह ने हफ्ता वसूली की मोदी गारंटी बताया। दिग्विजय सिंह ने कहा कि जिन लोगों को सबकुछ मिला, वो पार्टी छोड़कर जा रहे हैं। खुद के चुनाव लड़ने पर कहा कि लिस्ट अभी नहीं आई है, मैं तो कार्यकर्ता हूं पार्टी जो आदेश देगी वो करूंगा। देश में कहीं से भी चुनाव लड़ाएंगे तो लड़ लेंगे।

 

 

हेराफेरी करने वालों को फांसी मिलेगी

दिग्विजय सिंह ने इवीएम मशीन पर सवाल उठाते हुए गड़बड़ी के आरोप लगाए। दिग्विजय सिंह ने कहा कि मशीनों का हेरफेर न हो। मैं इतना कहना चाहता हूं कि मशीनों से हेराफेरी करने वालों को चेतावनी देना चाहता हूं, जिस दिन पकड़े जाएंगे, देशद्रोह में इन्हें फांसी दी जाएगी।

 

भोजशाला पर भी दिया बयान

दिग्विजय ने शुक्रवार से शुरू हुए धार जिले की भोजशाला के सर्वे पर भाजपा सरकारों पर निशाना साधा।भोजशाला विवाद पर दिग्विजय ने कहा कि यह लोग हर चुनाव में हिन्दू मुसलमान करते हैं। देश में संविदान का पालन होना चाहिए। इसका पालन करने की जिम्मेदारी हम सब की होती है। संविधान की शपथ लेने वालों की होती है।

कमलनाथ के करीबी दीपक सक्सेना के भाजपा में जाने की खबरों पर कहा कि उनका बेटा भाजपा में चले गया, लेकिन दीपक सक्सेना नहीं जाएंगे। मेरी उनसे बात हुई है।

दिग्विजय ने कहा कि हम सबको चेतावनी दे रहे हैं। हमारी मांग सिंपल है, इवीएम पैड में जो साफ्टवेयर डालते हैं, उसे उजागर क्यों नहीं करते हैं। जो इंजीनियर आते हैं वे कौन है। किसी ठेकेदार के कर्मचारी है, किसी कंपनी के हैं या भाजपा के कार्यकर्ता है। यह क्लीयर होना चाहिए। इंटरनेट के साथ कनेक्टिविटी नहीं है। रेंडमाइजेशन इंटरनेट से होता है। यह कौन सी विधानसभा के कौन से पोलिंग बूथ पर जाएगा यह सेंट्रल से होता है।

baba bageshwar : अपनी अतरंगी बातों से हमेशा चर्चाओं में रहने वाले बागेश्वर धाम वाले पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को लेकर एक नई खबर सामने आई है। उनसे मुलाकात कराने के नाम पर दमोह का एक युवक लगातार लोगों से वसूली कर रहा था। यह चौंकाने वाला खुलासा खुद बाबा बागेश्वर ने अपनी कथा में किया। वसूली करने वाला युवक मध्य प्रदेश के दमोह जिले का रहने वाला है, जिसे उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से पकड़ा गया।

 

बाबा ने कथा के मंच से किया खुलासा


बाबा बागेश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपनी कथा में आए लोगों से कहा कि मेरे नाम पर पैसे देकर किसी के झांसे में मत आना। हम सीधे सच्चे आदमी हैं। हर किसी के साथ फोटो खिंचवा लेते हैं, लेकिन कुछ लोग उस फोटो को दिखाकर फ्रॉड गिरी करते हैं। लोगों से कहते हैं कि हम तो गुरु जी के बगल में ही सोते हैं, उनके साथ खाना खाते हैं। आज हमने एक आदमी को पकड़ा है, जो लोगों को हमसे मिलवाने के नाम पर 5000 और 10000 रुपए लेता था। उसका नाम बृजेंद्र उर्फ पप्पू दुबे है और अब हम उसकी एफआईआर करने वाले हैं। हम उसे नहीं छोड़ेंगे।

 

 

धीरेंद्र शास्त्री का करीबी बताता था


धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हमें धन कमाने के लिए नहीं, बल्कि सनातन को बढ़ाने के लिए धर्म का मार्ग चुनना चाहिए। उन्होंने अपने शिष्यों से कहा कि जो हमारी बात सुन रहे हैं, उन्हें जांच करने के लिए एफआईआर करें। वह लोगों को धोखा दे रहे हैं। इस युवक का नाम पप्पू उर्फ बृजेंद्र दुबे हैं, जो अपने आपको धीरेंद्र शास्त्री का करीबी बताता है। पुलिस से संपर्क किया, लेकिन कोई भी जवाब नहीं मिला। हालांकि धीरेंद्र शास्त्री के शिष्यों द्वारा उसके खिलाफ एफआईआर कराई जा रही है।

Bhopal New :होली आने में केवल तीन दिन बचे हैं और ऐसे में अब होली को लेकर उत्साह बना हुआ है। मध्यप्रदेश में होली और रंगपंचमी के मौके पर शराब की दुकानें बंद करने का निर्णय लिया गया है। भोपाल जिले के कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने होली और रंगपंचमी के दिन शराब की दुकान बंद रखने के निर्देश जारी कर दिए हैं। मध्यप्रदेश में 24 मार्च शाम से 25 मार्च शाम तक दुकानें बंद रहेंगी। जबकि रंगपंचमी के मौके पर 30 मार्च को पूरे दिन दुकानें बंद रहेंगी।

भोपाल जिले के कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने होली के दिन, 25 मार्च को शाम 5 बजे तक, और रंगपंचमी के अवसर पर 30 मार्च को शाम 5 बजे तक, संपूर्ण भोपाल जिले के लिए शुष्क दिवस घोषित किया है।

 

भांग एवं भांगघोटा दुकानें खुली रहेंगी


जारी आदेश के अनुसार जिले की सभी कंपोजिट शराब दुकानें इकाईयां, वाईन आउटलेट एवं सभी प्रकार के मादक द्रव्यों के विक्रय की फुटकर एवं थोक दुकानें बंद रहेंगी। देशी तथा विदेशी शराब की दुकानें भी बंद रहेंगे। और सभी अधिकारियों को ये सुनिश्चित करना होगा कि उनके क्षेत्र में कोई शराब दुकानदान शराब न बेच पाए और यदि कोई शराब बेचते हुए मिलता है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाए। सिर्फ भांग एवं भांगघोटा दुकानें खुली रहेंगी ।

लोकायुक्त की नियुक्ति के मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट मध्यप्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार की याचिका पर दिया गया है। उमंग सिंगार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि मध्यप्रदेश के लोकायुक्त की नियुक्ति में असंवैधानिक प्रक्रिया अपनाई गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मध्यप्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार की याचिका पर नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री, मुख्य न्यायाधीश और विपक्ष के नेता के बीच परामर्श प्रक्रिया के लिए दिशा निर्देश तय करने का निर्णय लिया है।

उमंग सिंगार ने सुप्रीम कोर्ट में लोकायुक्त की नियुक्ति को इस आधार पर चुनौती दी थी कि वैधानिक रूप से उनसे परामर्श नहीं किया गया था। याचिका में यह भी कहा गया था कि मध्यप्रदेश लोकायुक्त की नियुक्ति कानून के प्रावधानों के खिलाफ गैर-पारदर्शी और मनमाने तरीके से की गई है।

 

lok sabha election 2024- मध्यप्रदेश में भाजपा ने सभी 29 सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं, अब इंतजार है कांग्रेस की अंतिम सूची का। कांग्रेस खेमे से खबर आ रही है कि कांग्रेस के बड़े नेता दिग्विजय सिंह, अरुण यादव और कांतिलाल भूरिया जैसे कद्दावर नेता भी चुनाव मैदान में उतरने वाले हैं। इनके नाम लगभग तय कर लिए गए हैं। इस बारे में जब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से पूछा तो उन्होंने कहा कि आज लिस्ट आ सकती है। पार्टी हमें देशभर में कहीं से भी चुनाव लड़ाएगी, तो हम वहां से लड़ेंगे।

मध्यप्रदेश में कांग्रेस की लिस्ट के बारे में खबर है कि आज शुक्रवार शाम तक कांग्रेस की सूची जारी हो सकती है। 12 से 15 नाम तय कर लिए गए हैं। इनमें कांग्रेस के दिग्गज नेताओं को भी मैदान में उतारा जा रहा है। इनमें पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव प्रमुख हैं।

राज्यसभा के सांसद दिग्विजय सिंह ने इस बारे में शुक्रवार को बड़ा बयान दिया है। दिग्विजय सिंह ने कहा है कि लिस्ट में लगभग सभी नाम तय है। आज शाम तक लिस्ट जारी हो सकती है। लोकसभा चुनाव लड़ने पर दिग्विजय सिंह ने कहा है कि पार्टी जहां से चुनाव लड़ाएगी मैं वहां से लड़ सकता हूं। देश में कहीं से भी चुनाव लड़ाएंगे तो भी लड़ लेंगे।

 

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33 साल बाद फिर राजगढ़

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह राजगढ़ लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे। दिल्ली में हुई कांग्रेस कमेटी की अहम बैठक में मध्यप्रदेश के उम्मीदवारों के नाम तय कर लिए गए। इसमें राजगढ़ से दिग्विजय सिंह को लोकसभा चुनाव लड़ाने पर सहमति हुई है। दिग्विजय सिंह 1984 से 1994 तक दो बार राजगढ़ से सांसद रह चुके हैं। 33 साल बाद फिर राजगढ़ जिले में दिग्विजय सिंह वापस लौट रहे हैं। हालांकि कांग्रेस इसकी औपचारिक घोषणा करने वाली है। भाजपा ने राजगढ़ से इस बार भी रोडमल नागर को रिपीट किया है। राजगढ़ जिले की विधानसभा सीटों की बात करें तो 8 सीटों में से 6 पर भाजपा का कब्जा है।

 

सिंधिया को टक्कर देंगे यादव

गुना यादव बहुल इलाका है, इसलिए यहां पहले से तय था कि किसी यादव को ही मैदान में उतारा जाए। भाजपा ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को गुना सीट से मैदान में उतारा है। जबकि कांग्रेस यहां से पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव को उतार सकती है। ओबीसी बहुल मानी जाने वाली इस सीट पर यादवों का प्रभाव है। 2019 में जब सिंधिया कांग्रेस में थे तब भाजपा की ओर से केपी यादव ने सिंधिया को हरा दिया था। ऐसे में अब कांग्रेस के अरुण यादव सिंधिया के लिए चुनौती बन सकते हैं।

 

शिवराज के सामने देवेंद्र पटेल

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भाजपा ने एक बार फिर विदिशा संसदीय सीट से मैदान में उतारा है। इसलिए भी यह सीट हॉट बन गई है। कांग्रेस इस सीट से सिलवानी के विधायक देवेंद्र पटेल को भी टिकट दे सकती है। गौरतलब है कि विदिशा से 1991 से 2004 तक पांच बार शिवराज सिंह चौहान सांसद रह चुके हैं। यह सीट पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और अटल बिहारी वाजपेयी भी चुनाव लड़ चुके हैं। वर्तमान में रमाकांत भार्गव यहां से भाजपा के सांसद हैं।

 

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वीडी शर्मा को टक्कर देगी अखिलेश यादव की पार्टी

खजुराहो संसदीय सीट से एक बार फिर वीडी शर्मा (vd sharma) मैदान में है। एक मात्र यही सीट ऐसी है जहां भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने नहीं है। कांग्रेस ने यह सीट समाजवादी पार्टी को दे दी है। सपा के प्रभाव वाले इस क्षेत्र में पिछले लोकसभा चुनाव में वीडी शर्मा चार लाख 92 हजार वोटों से जीते थे, वीडी शर्मा ने महारानी कविता सिंह को हराया था। तीसरे नंबर पर सपा के उम्मीदवार वीर सिंह 40 हजार 77 वोट हासिल कर पाए थे। यहां 26 अप्रैल को मतदान होगा।



 

ये नाम लगभग तय

  • -बालाघाट से हिना कांवरे
  • - नर्मदापुरम से संजय शर्मा
  • - राजगढ़ से दिग्विजय सिंह
  • - गुना से अरुण यादव
  • - झाबुआ से कांतिलाल भूरिया
  • - मंदसौर से दिलीप गुर्जर या भानूप्रताप
  • - उज्जैन से महेश परमार
  • - इंदौर से अक्षयकांति बम
  • - सागर से गुड्डू राजा बुंदेला
  • - रीवा से नीलम अभय मिश्रा
  • - भोपाल से अरुण श्रीवास्तव

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। जहां परीक्षा देने आई लड़की के साथ बहन के देवर ने दुष्कर्म किया। इसके बाद शादी का झांसा देकर मुंह बंद करा दिया। शादी करने की बारी आई तो आरोपी ने दहेज की डिमांड कर दी। जिसके बाद लड़की नाराज हो गई और उसने पूरे मामले की शिकायत छतरपुर पुलिस को कर दी। यह घटना भोपाल में हुई थी इसलिए हबीबगंज पुलिस को केस सौंपा गया है।

 

क्या है पूरा मामला

 


यह मामला छतरपुर का है लेकिन घटना को अंजाम हबीबगंज थाने के अंतर्गत दिया गया था। साल 2023 में लड़की एग्जाम देने भोपाल आई थी। इसी दौरान वह अपनी बहन के यहां रूकी थी। लड़की की बहन के देवर ने बहला-फुसलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया है। जब लड़की ने पुलिस ने पुलिस में शिकायत करने की बात कही तो आरोपी देवर ने उससे शादी करने की बात कही। लड़की ने अपने घरवालों को जानकारी दी कि वह बहन के देवर ब्रजबारी साहू के साथ शादी करेगी।इस पर उसके घर वाले भी राजी हो गए। बता दें कि यह घटना एक साल पहले की बताई जा रही है।

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शादी के लिए मांगा दहेज

 


आरोपी ब्रजबारी साहू ने शादी करने के लिए लड़की से दहेज मांगा। इसी दौरान उसके दोस्तों ने दहेज लेने के हामी भर दी। इस पर ब्रजबारी का कहना था कि शादी करने के लिए 4 लाख रूपए दहेज लेंगे,इसके बाद ही करूंगा। ये बात सुनकर पीड़िता नाराज हो गई है और घटना की शिकायत छतरपुर पुलिस थाने में कर दी। छतरपुर से भोपाल केस को शिफ्ट किया गया। यह केस हबीबगंज थाने को दिया गया है। अब पूरे मामले की जांच हबीबगंज पुलिस ही करेगी। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

Kejriwal arresting - Kejriwal partnership with Digvijay Singh दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी की देशभर में चर्चा हो रही है। कोई इस कार्रवाई पर दुख जता रहा है तो कोई कानून का हवाला देते हुए इसे उचित भी ठहरा रहा है। शराब घोटाला केस में केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद एमपी के पूर्व सीएम और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दिग्विजयसिंह ने चौंकानेवाली बात कही है। दिग्विजयसिंह ने कहा कि इंडिया पार्टनरशिप के कारण केजरीवाल गिरफ्तार हुए हैं।

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अरविंद केजरीवाल को ईडी द्वारा गिरफ्तार कर लिए जाने के बाद केंद्र सरकार विपक्षियों के निशाने पर है। दिग्विजयसिंह ने भी इस मामले में बीजेपी की केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने इसे केजरीवाल की इंडिया पार्टनरशिप का नतीजा बताया।

दिग्विजय का कहना है कि केजरीवाल को इसलिए गिरफ्तार किया गया क्योंकि वे हमारे पार्टनर बन गए। इंडिया गठबंधन में कांग्रेस का पार्टनर बनने के कारण केजरीवाल को यह सजा दी जा रही है। दिग्विजय ने केजरीवाल की गिरफ्तारी पर दुख जताया और इसे केंद्र सरकार का षडयंत्र भी करार दिया।

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दिग्विजय सिंह का कहना है कि बीजेपी की केंद्र सरकार लोकतंत्र का गला घोंट रही है। अरविंद केजरीवाल इंडिया गठबंधन में कांग्रेस के पार्टनर हो गए है जिससे बीजेपी डर गई है। केजरीवाल दिल्ली में कांग्रेस के साथ गठबंधन कर चुके हैं। इसके साथ ही कई अन्य दूसरे राज्यों में भी कांग्रेस से समझौता कर चुनाव लड़ रहे हैं। यही कारण है कि केजरीवाल को गिरफ्तार किया गया है।

दिग्विजय सिंह ने बीजेपी पर ईवीएम से छेड़छाड़ का भी आरोप लगाया।
उन्होंने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में जानेवाले नेताओं को लालची कहा। उन्होंने इन नेताओं के बारे में कहा कि कांग्रेस ने उन्हें सबकुछ दिया लेकिन जब पार्टी को जरूरत है तब ये चले गए। उन्होंने धार भोजशाला मुद्दे को भी लोकसभा चुनाव में राजनैतिक लाभ लेने का हथकंडा करार दिया।

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-पूर्व मुख्यमंत्री ने इसे गोद लिया था, 16 करोड़ का बजट भी दिया, इसका नाम जीवन ज्योति कॉलोनी रखा।
आज मल्टी स्टोरी के तीन-तीन मंजिला ब्लॉकों में पांच सेक्टरों में बटी इस कॉलोनी में गंदगी का अम्बार है। सडक़ और नालियों को मुख्य मार्ग की बनी हैं,लेकिन सभी ब्लॉकों के पीछे का हिस्सा कचरा घर बन चुका है। इतना ही नहीं सीवेज लाइने भी यहां की जर्जर हो चुकी है। चैम्बर कई जगह टूटने से गंदा पानी, कचरे में पनपते मच्छर और बदबू से लोग खासे परेशान है। यहां साफ-सफाई को लेकर बड़े स्वच्छता अभियान की जरुरत है।
-मकान भी दम तोड़ रहे
लोगों ने बताया कि कई मकानों की अंदर से भी हालात खराब हो चुकी है। छतें टपक रही है। छज्जे गिर रहे हैं। घरों के अंदर की दीवारों का प्लास्टर तक गिरने लगा है। इसके मेंटेनेंस और सफाई को लेकर कई बार रहवासी शिकायत कर चुके हैं,लेकिन अब कोई इस ओर ध्यान तक नहीं दे रहा है।
-कॉलोनी एक नजर
-मकानों की संख्या-2486
-रहवासियों की संख्या-करीब 12.5 हजार
-क्षेत्र पांच सेक्टरों में तीन मंजिला मल्टी स्टोरियों में बना है।
-समस्या-सभी ब्लॉक के पीछे का हिस्सा कचराघर बन चुका है। जिसकी सफाई तक नहीं होती है। सीवेज की लाइनें जगह-जगह से टूट चुकी है। चैम्बर भी कई जगह जर्जर पढ़े है। 2010 में सीवेज लाइन और अन्य विकास पर 16 करोड़ किए जा चुके खर्च, फिर भी हाल नहीं सुधरें।

-पूर्व मुख्यमंत्री ने इसे गोद लिया था
क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने बताया कि गैस पीडि़तों की इस कॉलोनी को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे कॉलोनी को गोद लेने के साथ 2010 में सीवेज लाइन,सडक़ के साथ मकानों के मेंटेनेंस के लिए 16 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की थी। इस कॉलोनी को जीवन ज्योति कॉलोनी नाम दिया गया। उस समय ऑनन-फॉनन में विकास के बाद कॉलोनी को लाबारिश छोड़ दिया गया।

-भू-माफिया सक्रिय
स्थानीय लोगों ने बताया कि हाउसिंग बोर्ड द्वारा छोड़ी खाली जगह पर लोग कब्जाकर अपने नाम से रजिस्ट्रियां तक करवाकर बेच रहे हैं। यहां भू-माफिया सक्रिय होने से कई जगह लोगों ने कब्जाकर लिया है। जिससे कॉलोनी का स्वरुप ही बदलता जा रहा है।

सीवेज लाइन और उसके चैम्बरों के टूटने से पहले ही यहां समस्या थी। अब भी सीवेज लाइन की दिक्कत लाइन पर लोड बढऩे के कारण रहती है। जिसके चलते क्षेत्र में गंदगी बढ़ी हुई है।
-शेख उमर- रहवासी
स्वच्छता अभियान का प्रशासन द्वारा खूब डंका पीटा जाता है,लेकिन यहां घरों के पीछे बन गए कचराघरों को साफ नहीं किया जा रहा है। कचरों के ढेर के कारण शाम के समय यहां मच्छरों की भरमार रहती है।
-साजिद अली-रहवासी
मकानों की छतें, छज्जे, दीवारे तक जर्जर हो चुकी है। मल्टी आवास होने के कारण लोग अपने-अपने घरों को तो दुरुस्त कर लेते है। मल्टी का मेंटेनेंस तो जिम्मेदारों का करना चाहिए।
-अनिस सलमानी, रहवासी
पूर्व मुख्यमंत्री की गोद ली कॉलोनी में गंदगी की अम्बार है। पहले इसे गैस पीडि़त कॉलोनी कहां जाता था। अब सफाई के अभाव में इसे गंदगी पीडि़त कॉलोनी कहना उचित होगा।
-कमरुउद्दीन दाहौदी, रहवासी व समाजसेवी

MP High Court decision on reservation in civil judge recruitment- एमपी में प्रदेशभर की अदालतों के लिए हो रही सिविल जजों की भर्ती में आरक्षण पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला सामने आया है। सिविल जज भर्ती परीक्षा पर हाईकोर्ट ने अहम आदेश देते हुए दिव्यांगों को आरक्षण लाभ देने को कहा है। सिविल जज भर्ती में दिव्यांगों को आरक्षण नहीं दिया जा रहा था जिसपर हाईकोर्ट ने सख्त ऐतराज जताया। मुख्य परीक्षा के लिए दिव्यांग वर्ग की अलग सूची नहीं बनाने पर जबाव भी मांगा।

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सिविल जज जूनियर डिवीजन की मुख्य परीक्षा 30 और 31 मार्च को आयोजित की गई है। इसमें शारीरिक रूप से दिव्यांगों को आरक्षण नहीं दिया गया जिसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी। इस पर कोर्ट ने याचिकाकर्ता सभी दिव्यांगों को राहत दी। कोर्ट ने 100 से ज्यादा दिव्यांगों अलग मेरिट लिस्ट बनाकर उन्हें मुख्य परीक्षा में शामिल करने का आदेश दिया।

हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ के साथ जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने यह फैसला सुनाया। युगलपीठ ने प्रारंभिक परीक्षा में न्यूनतम अंक प्राप्त करने वाले सभी ऐसे अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा में शामिल करने का आदेश दिया है।

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इस संबंध में हाईकोर्ट में दायर याचिका में बताया गया था कि सिविल जज जूनियर डिवीजन (प्रवेश स्तर) परीक्षा 2022 में दिव्यांगों के लिए कोई श्रेणी तय नहीं की गयी है। उन्हें सामान्य और अनारक्षित श्रेणी में ही रखा गया है जबकि ऐसे अभ्यर्थियों को प्रारंभिक चरण में भी आरक्षण का प्रावधान है।

मुख्य परीक्षा 30 और 31 मार्च को - इस पर युगलपीठ ने याचिकाकर्ता सभी दिव्यांगों को राहत प्रदान करते हुए मुख्य परीक्षा में शामिल करने को कहा। मुख्य परीक्षा 30 और 31 मार्च को आयोजित की गई है।

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Harda MLA RK Dogne Facebook post on former minister Kamal Patel - एमपी के हरदा के विधायक फेसबुक पोस्ट पर फंस गए हैं। हरदा के विधायक आरके दोगने ने पूर्व मंत्री कमल पटेल को जन्मदिन की बधाई देते हुए कुछ ऐसा लिख दिया जिसे लेकर बवाल मच गया। यहां तक कि उनके खिलाफ थाने में एफआईआर भी दर्ज हो गई। इस पुराने मामले में अब पुलिस ने चालान पेश कर दिया है। इधर विधायक दोगने ने मामले में जमानत भी ले ली है।

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बीजेपी के वरिष्ठ नेता कमल पटेल का पिछले साल यानि 2023 में 4 अक्टूबर को जन्मदिन था। वे उस समय मध्यप्रदेश सरकार के कृषि मंत्री भी थे। तब पूर्व विधायक आरके दोगने ने उन्हें जन्मदिन की बधाई देते हुए एक फेसबुक पोस्ट की। इस पोस्ट में कमल पटेल की फोटो के नीचे लिखा—करप्शन पटेल।

इस पोस्ट के वायरल होते ही तत्कालीन कृषि मंत्री कमल पटेल के साथ उनके समर्थक भी भड़क उठे। एक बीजेपी कार्यकर्ता ने मामले की पुलिस को शिकायत कर दी जिसके बाद दोगने पर मामला दर्ज कर लिया गया। इसी मामले में हरदा पुलिस ने भोपाल में विशेष न्यायालय में दोगने के खिलाफ चालान पेश किया है।

पोस्ट के बाद हुए विधानसभा चुनाव में कमल पटेल, कांग्रेस के आरके दोगने से हार गए थे। इस प्रकार दोगने अब विधायक हो चुके हैं। दोगने के खिलाफ हरदा की सिविल लाइन पुलिस ने फेसबुक पोस्ट मामले में चालान प्रस्तुत कर दिया। मामले में फंसे विधायक आरके दोगने ने कोर्ट से अगली सुनवाई तक जमानत ले ली है।

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व्यापम द्वारा 2009 में आयोजित पीएमटी परीक्षा में सॉल्वर की मदद से परीक्षा उत्तीर्ण कर एमबीबीएस करने वाले आरोपी 7 डॉक्टरों को विशेष न्यायालय सीबीआई (व्यापम केस भोपाल) ने 7-7 वर्ष का सश्रम करावास और 10-10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। मामले की शिकायत एसटीएफ से की गई थी। जांच के बाद डॉक्टर प्रशांत मेश्राम खेरलांजी बालाघाट, अजय टेगर बामोर मुरैना, अनिल चौहान ग्राम पल्या बड़वानी, हरिकिशन जाटव गंगाराम का पुरा बामोर मुरैना, शिवशंकर प्रसाद त्योंथर रीवा, अमित बड़ौले ग्राम फत्यापुर बड़वानी, सुलवंत सिंह मौर्य विवेकानंद काॅलोनी झाबुआ के खिलाफ म.प्र. मान्यता प्राप्त परीक्षा अधिनियम पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया था। इस पर शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश सीबीआई (व्यापमं केस भोपाल) नीतिराज सिंह सिसोदिया की कोर्ट ने इन सातों को 7-7 वर्ष सश्रम कारावास और 10-10 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।


नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी और सहयोगी को 20-20 साल की सजा


नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी और उसका साथ देने वाली महिला को कोर्ट ने 20-20 साल की सजा और दो-दो हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया है। 30 अक्टूबर 2019 को पीडि़ता ने चूनाभट्टी थाने पहुंंचकर शिकायत दर्ज कराई थी कि करीब 11 बजे काम की तलाश में ललिता नगर गई थी, वहां मंजू आंटी मिलीं। वे पुरानी परिचित थी, उन्होंने खड़े होने का कराण पूछा तो काम की तलाश करना बताया। उन्होंने मुझे 6 बजे मिलने को कहा। शाम को ललिता नगर पहुंची तो वहां मंजू आंटी और उनके दोस्त दिलीप मिले। वहां से गाड़ी पर बैठाकर कलियासोत डैम की ओर ले गए। इस दौरान मंजू ने मेरी आंख पर कुछ लगा दिया, जिससे आंख में जलन होने लगी। मुझे गाड़ी से उतारकर खाली जगह पर ले गए, मंजू ने मेरा मुंह दबा लिया और दिलीप ने मेरे कपड़े फाड़ते हुए सीने मे दांत से काटा और गलत काम (बलात्संग) किया। इसके बाद दोनों वहां से भाग गए। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को जांच में लिया और जांच के बाद अभियोग पत्र न्याायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। न्यायालय तृप्ती पाण्डेय विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने दुष्कर्म करने वाले आरोपी दिलीप उर्फ जितेन्द्र और मंजू राव को पॉक्सो एक्ट में दोष सिद्ध पाते हुए दोनों को 20- 20 वर्ष का सश्रम कारावास और 2000- 2000 रुपए अर्थदंड से दंडित किया है।

एम्स भोपाल में बीते साल 36 हजार 643 कैंसर रोगी इलाज के लिए पहुंचे। यह आंकड़ा साल 2021 में आए 6 हजार 626 रोगियों के मुकाबले 6 गुना अधिक है। यानी बीते साल मोटे तौर पर 65 दिन छुट्टियों के हटा दिए जाएं तो हर दिन 120 से 125 कैंसर रोगी एम्स पहुंचे हैं। इसमें भोपाल समेत पास के जिलों रायसेन, होशंगाबाद व सीहोर के मरीजों की संख्या अधिक है।
यही नहीं भोपाल से दूर के जिले सीधी, पन्ना, रीवा, ललितपुर समेत अन्य से भी रोजाना मरीज एम्स पहुंच रहे हैं। यह आंकड़े प्रदेश के मरीजों को घर के पास इलाज मुहैया कराने के स्वास्थ्य विभाग के दावों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

फरवरी में आए सबसे ज्यादा कैंसर रोगी
अब तक एक माह में सबसे ज्यादा मरीज साल 2024 के फरवरी माह में आए। बीते माह करीब चार हजार मरीज पहुंचे। मरीजों की संख्या एम्स में लगातार बढ़ रही है। जिससे मरीजों को लंबी वेटिंग का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सौ से तीन सौ किमी दूर से आए मरीजों के पास रात बिताने के लिए छत तक नहीं होती है। वे कई दिनों तक रैनबसेरा से लेकर फुटपाथ तक पर सोते हुए नजर आते हैं।

एम्स में इलाज की यह सुविधाएं

एम्स के डायरेक्टर डॉ अजय सिंह ने कहा कि हम स्वास्थ्य देखभाल आवश्यकताओं को पूरा करने में प्रयासरत है। विभाग के पास एडवांस्ड लीनियर एक्सेलरेटर आईएमआरटी, वीएमएटी, आईजीआरटी,
एसआरएस, एसआरटी जैसी तकनीक उपलब्ध है। रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. मनीष गुप्ता ने कहा कि कैंसर के आखिरी स्टेज के मरीजों के लिए पैलिएटिव वार्ड है। इसके साथ

कीमोथेरपी के लिए आनेवाले मरीजों के लिए डे केयर वार्ड भी शुरू किया गया है।

एम्स में आए कैंसर रोगी
साल - ओपीडी के आंकड़े

2021 - 6,626
2022 - 18,470

2023 - 36,643

महिलाओं में कैंसर की स्थिति

कैंसर - मामले - कितना बढ़ा
ब्रेस्ट - 33.9 फीसदी - 2.3 फीसदी बढ़ा

सर्विक्स - 12.1 फीसदी - 2.1 फीसदी कम
ओवरी - 7.9 फीसदी - 1.8 फीसदी बढ़ा

पुरुषों में कैंसर की स्थिति

कैंसर - मामले - कितना बढ़ा
मुंह - 16.3 फीसदी - 3.8 फीसदी बढ़ा

जीभ - 8.8 फीसदी - 0.1 फीसदी बढ़ा
लंग्स - 12.1 फीसदी - 0.1 फीसदी बढ़ा

स्रोत - आंकड़े आईसीएमआर के कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम के अनुसार दो साल के

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