कटनी. माधवनगर के पंचायत चौराहा के समीप समदरिया कॉलोनी के सामने सोनू कारड़ा, गंगाराम कटारिया, राजेश कटारिया व अन्य के द्वारा नगर निगम से बगैर नक्शा पास करा लगभग 6400 वर्गफीट जमीन पर व्यावसायिक निर्माण किया जा रहा था। निर्माणकर्ताओं के द्वारा नगर निगम से नक्शा पास नहीं कराए जाने पर सोमवार को नगर निगम द्वारा काम बंद कराया गया था व सामग्री जब्त की गई थी। इन दोनों ठिकानों पर व इनके ठीक बाजू में एक पुनर्वास नजूल की करोड़ों रुपए कीमती भूमि पर हुए अतिक्रमण पर कार्रवाई करने के लिए मंगलवार सुबह एसडीएम प्रदीप मिश्रा, तहसीलदार वीके मिश्रा, नगर निगम के कार्यपालन यंत्री राहुल जाखड़, अतिक्रमण अधिकारी संजय सोनी, उपयंत्री पवन श्रीवास्तव सहित नगर निगम अतिक्रमण दस्ता की टीम व भारी पुलिस बल, पांच जेसीबी मशीन, बज्र वाहन, फायर ब्रिगेड लेकर के कार्रवाई करने के लिए पहुंची। जैसे ही गंगाराम कटारिया के निर्माणाधीन भवन में कार्रवाई शुरू की वैसे ही निर्माणकर्ताओं सहित क्षेत्रीय रहवासियों ने विरोध करना शुरू कर दिया गया। लगभग आधे घंटे तक चली कार्रवाई में कुछ पिलर, टीन शेड आदि को अलग किया गया, लेकिन विरोध के चलते कार्रवाई थम गई।

इस दौरान लोग पूरे शहर में हुए अवैध निर्माण व कब्जा पर कार्रवाई करने के बाद माधवनगर में कार्रवाई करने की मांग पर अड़े रहे। विरोध के आगे नगर निगम व प्रशासनिक अमला निष्क्रिय हो गया। निर्माणकर्ताओं ने कार्रवाई रुकवाने के लिए महापौर प्रीति सूरी व उनके पति संजीव सूरी को सूचना दी। मौके पर पहुंचीं महापौर व उनके पति ने अवैध निर्माण व कब्जा को संरक्षण देते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को खरी खोटी सुनाने लगे। जमकर लताड़ते हुए कहा कि बगैर नोटिस दिए व मेरे से पूछे आप लोग कैसे यहां पर कार्रवाई करने के लिए पहुंच गए। महापौर पति संजीव सूरी एसडीएम पर झल्लाते हुए कहा कि आप कौन होते हैं, कार्रवाई करने वाले। महापौर प्रीति सूरी हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि हम अवैध निर्माण तोडऩे नहीं देंगे। यहां पर ही इतनी मुस्तैदी क्यों दिखाई जा रही है। महापौर पति ने कहा कि जिसका भवन बन गया है वह नहीं तोडऩे देंगे।

कर्मचारियों को ललकारते हुए मशीनों को लौटाया
महापौर पति संजीव सूरी के आक्रोश के आगे प्रशासन नतमस्तक हो गया। बगैर कार्रवाई के ही वहां से पांचों जेसीबी मशीन, फायर ब्रिगेड कर्मचारियों को ललकारते हुए लौटा दिया। महापौर पति गुस्से में आग बबूला दिखे और नगर निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों का नाम लेकर बुलाते हुए सभी को मशीनें वापस भेजने कहा। महापौर पति के इस रवैये के आगे अधिकारी-कर्मचारी ठंडे पड़ गए और मशीनों को वापस भिजवा दिया।

बीमार हूं नहीं तो लेट जाता मशीन के नीचे
कार्रवाई के दौरान कांग्रेस नेता गंगाराम कटारिया पहुंचे और उन्होंने कहा कि उनके पास 5100 वर्गफीट का पट्टा है। 2023-24 का भू-भाटक जमा है। पुराने कब्जे को सुरक्षित करने के लिए नया मकान बना रहे हैं। उनके द्वारा नगर निगम में नक्शा पास कराया जाता, लेकिन नगर निगम व प्रशासन द्वारा कार्रवाई किया जाना नाजायज है। नगर निगम ने बेरहमी के साथ पक्के कॉलम को बिना किसी सूचना व नोटिस के तोडऩे का प्रयास किया सुबह 6 बजे किया है। इस दौरान उन्होंने कहा कि बीमार हैं, नहीं तो वे मशीन के नीचे लेट जाते। कार्रवाई रोकने के लिए काफी देर तक अधिकारियों से चर्चा करते रहे।

करोड़ों की जमीन से हटाया कब्जा, तोड़ा टीन शेड
नगर निगम व प्रशासन द्वारा नगर निगम उप कार्यालय के बाजू में करोड़ों रुपए कीमती जमीन में हुए कब्जे पर भी कार्रवाई की है। सामने लीग टीन शेड को जेसीबी से अलग कराया है, हालांकि विरोध के चलते पूरी तरह से अतिक्रमण नहीं हट पाया। इस मामले में पंकज आहूजा का कहना है कि तहसीलदार द्वारा 15 मार्च की डेट का नोटिस दिया गया कि आप अपना पक्ष रखें, लेकिन कार्रवाई 12 मार्च को ही कर दी गई, यह समझ के परे है। उन्होंने कहा कि हमें पहले भी नोटिस आया था उसमें जवाब देकर हमने बताया कि न तो हमारा कब्जा है और ना ही निर्माण किया जा रहा है, फिर भी पंकज आहूजा के नाम पर नोटिस जारी किया गया।

मशीनों को घेर कर बंद कराई कार्रवाई
जब नगर निगम टीम व प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जा रही थी तो यहां पर विरोध कर रहे लोगों ने जेसीबी मशीन को घेर लिया। जमकर नारेबाजी की और काम बंद कराया। विरोध के आगे टीम ठंडी पड़ गई।
कई बार बनी गहमागहमी की स्थिति
सुबह 6 बजे से लेकर 10 बजे तक यहां पर ड्रामा चलता रहा। जैसे ही टीम कार्रवाई शुरू करती, अलग-अलग लोग आकर विरोध जताने लगते थे। निर्माणकर्ता, उनके परिजन व स्थानीय रहवासियों द्वारा कार्रवाई में व्यवधान उत्पन्न किया गया। इस दौरान टीम व पुलिस के साथ कई बार गहमा-गहमी की स्थति बनी।

महिला थाना प्रभारी की दो-टूक
इस दौरान महिला थाना प्रभारी मधु पटेल ने विरोध व काम रुकवा रहे लोगों को दो टूक कहा कि कार्रवाई में अब व्यवधान उत्पन्न करेंगे तो वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान भी विरोधकर्ताओं ने लोकतंत्र में अपनी बात रखने की बात कहकर पुलिस को शांत करा दिया।

एकांत में चर्चा, फिर रुक गई कार्रवाई
मशीनों को मौके से महापौर पति संजीव सूरी द्वारा खदेड़े जाने के बाद एकांत में महापौर प्रीति सूरी, पति संजीव सूरी ने एसडीएम प्रदीप मिश्रा से कुछ चर्चा की, जिसके बाद एसडीएम एकांत में जाकर बैठ गए और फिर कार्रवाई रुक गई।
खास-खास:
- कार्रवाई के बाद विधायक संदीप जायसवाल भी पहुंचे, निर्माणकर्ताओं व स्थानीय लोगों से की बात।
- पार्षद श्याम पंजवानी ने बरगवां सहित शहरभर में हो रहे अवैध निर्माण व कब्जा पर कार्रवाई करने उठाई मांग।
- कांग्रेस नेता राजा जगवानी ने कहा कि ब्लैकमेलरों की शिकायत पर सिंधी समाज को किया जा रहा टारगेट।
- निर्माणकर्ता लगातार उग्र होकर करते रहे कार्रवाई का विरोध, पुलिस-प्रशासन बना रहा मूकदर्शक।
- पूर्व पार्षद राजू माखीजा ने भी जमकर दर्ज कराया विरोध, पूरे शहर में अवैध निर्माण पर कार्रवाई करने रखी मांग।
वर्जन
नगर निगम द्वारा की जा रही कार्रवाई मेरे संज्ञान में नहीं थी, यदि होती तो सहयोग करते। जेसीबी मशीनें शायद नगर निगम की ही लगी थीं। यहां का मामला मेरे संज्ञान में नहीं था। यदि कोई निर्माण कार्य हो रहा है तो लोग नक्शा पास कराने के बाद ही कराएं। एक दिन पहले नगर निगम द्वारा की गई जब्ती कार्रवाई की मुझे जानकारी नहीं है।
प्रीति सूरी, महापौर।
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माधवनगर में अवैध अतिक्रमण की शिकायत हो रही थी। कलेक्टर के आदेश पर अतिक्रमण व अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई की गई है। पंकज आहूजा द्वारा 10 करोड़ की जमीन पर किए गए अतिक्रमण को हटा दिया गया है। नगर निगम ने तीन अवैध निर्माण पर कार्रवाई के लिए सहयोग मांगा था वह किया गया। महापौर के पति द्वारा जो बर्ताव किया गया वह सही नहीं है। उनके द्वारा नगर निगम की मशीनें लौटाई गई हैं। अब यहां कि 6 जमीनें जिनकी कीमत लगभग 50 करोड़ रुपए है, उनकी नीलामी होगी।
प्रदीप मिश्रा, एसडीएम।
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