इंदौर संभाग के वेयर हाउस में 100 करोड़ रुपए से अधिक कीमत का गेहूं खराब हो गया। यह गेहूं इंदौर, खंडवा, धार और झाबुआ के अलग-अलग 25 वेयर हाउस में रखा हुआ है। खराब गेहूं की मात्रा 3.55 लाख क्विंटल है। विभागीय अधिकारी अपग्रेडेशन कराकर पीडीएस में सप्लाई की तैयारी में है। इसका खुलासा एफसीआई की रिपोर्ट में हुआ है। बुधवार को शासन की वीसी के दौरान मुद्दा उठा तो अधिकारियों ने कहा है कि खराब गेहूं की साफ-सफाई कराकर अच्छे अनाज को पीडीएस में आपूर्ति कराना सुनिश्चित किया जाए।
इंदौर संभाग के वेयर हाउस में वर्ष 2020-21 से लेकर 2022-23 तक पीडीएस का गेहूं भंडारित है। वेयर हाउस में गेहूं के भंडारण का बेतरतीब रखरखाव के चलते 35,525 टन यानी 3.55 लाख क्विंटल गेहूं खराब हो गया। समर्थन मूल्य 2275 रुपए प्रति क्विंटल की दर से इसकी कीमत करीब 100 करोड़ रुपए होती है। इसकी जानकारी शासन तक पहुंची। प्रारंभिक जांच में 14,554 टन गेहूं की मात्रा गैर-एफएक्यू मिली है। 20971 टन गेहूं घुन के साथ आटा बन गया है। दोनों को मिलाकर साढ़े तीन लाख क्विंटल खराब हो गया है। शासन ने इसकी जांच शुरू कराई है। जांच में एक दूसरे जिले के अधिकारियों को क्रॉस चेकिंग के लिए भेजा गया है।
इंदौर संभाग के इन वेयर हाउस व साइलो बैग में भंडारित
इंदौर एलएमएनआर सीडब्ल्यूसी-4 कवर में रखे बैगों में गेहूं आटा हो गया है। बेतरतीब ढंग से स्टैक (पैच) में भी रखा गया है। जिसे अलग नहीं किया जा सकता। इसी तरह रुनिझा, गुलाबचन-डी चतुर्भुज-जे डब्ल्यूएच कवर, इंदौर मारुति, इंदौर अन्नपूर्णा,इंदौर पनवार, धार तुलसी नारायण एएन गर्ग साइलो, पीपलखेड़ा साइलो बैग, इंदौर मेघनगर आरएच, झाबआ, श्री साई गोदाम सारंगी, पेटलावद कवर, इंदौर एमजीजी इंदौर विशाल गोदाम, इंदौर आदर्श शकरी समिति, इंदौर ज्योति, इंदौर श्री नाथ कृषि बनेड़िया कवर, इंदौर श्री नाथ तार्किक कवर, इंदौर विक्रम नगर, धार में एमपी डब्ल्यू एलसी सेजवानी ( ए-1 ) आदि वेयर हाउस व साइले बैग में भंडारित किया गया था।
खंडवा में पुराने की सफाई नहीं
सेंट्रल वेयर हाउस में सिहोर जिले से वर्ष 2021 में आए गेहूं का उठाव नहीं हो सका है। नान को सूचना दी गई है कि 2500 क्विंटल गेहूं रखा हुआ है। लंबे समय से सफाई नहीं हो सकी हैै। गेहूं घुन के साथ आटा फॉर्मेशन में हो गया है।
फैक्ट फाइल
गैर-एफएक्यू मात्रा 14554 टन
गेहूं बना आटा की मात्रा 20971 टन
वर्जन
वेयर हाउस में भंडारित अनाज के गुणवत्ता की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा किस स्तर पर चूक हुई है। दवा का अधिक छिड़कांव हुआ है या फिर अन्य कारण से खराब हुआ है। अपग्रेडेशन के बाद अच्छा अनाज पीडीएस में सप्लाई किया जाएगा। शेष बचने पर नियम के तहत कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।
-डीएस कटारे, एरिया प्रबंधक इंदौर, नान