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सरकारी दफ्तरों में अधिकारी बढ़े, कर्मचारी घटे, अब 'बाबू जी' किस पर झाड़ेेंगे 'रौब' Sunday 14 January 2024 04:29 AM UTC+00 सरकारी दफ्तरों में फाइलों को एक से दूसरी जगह ले जाने में सहयोग करने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की कमी होती जा रही है। दूसरी तरफ अधिकारियों की संख्या में इजाफा हुआ है। योजना और सांख्यिकीय कार्यालय की तरफ से जारी कर्मचारी नियोजन गणना के आंकड़ों में यह खुलासा हुआ है। वेतन-भत्तों का निर्धारण जिले में प्रदेश शासन के 57 विभागों में अधिकारी और कर्मचारियों की संख्या का आकलन इस गणना के माध्यम से किया जाता है। हाल ही में यह रिपोर्ट प्रदेश शासन को भेजी गई। इसी आधार पर अब सरकार कर्मचारी और अधिकारियों के वेतन और भत्तों का निर्धारण किया जाता है। कार्यालय की रहती है बड़ी जिम्मेदारी किसी भी सरकारी दफ्तर में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का बड़ा योगदान रहता है। वे अधिकारियों के सहयोगी के तौर पर काम करते हैं। इसलिए विभागों के गठन के समय से ही इनकी संख्या काफी रही है। लेकिन, अब इनकी संख्या निरंतर कम हो रही है। ज्यादातर कर्मचारी रिटायर हो रहे हैं। उनकी जगह नए कर्मचारियों की भर्ती नहीं की जा रही है। ऐसे में आने वाले समय में अधिकारी वर्ग को अपने छुटपुट काम खुद ही सम्भालने पड़ सकते हैं।
मार्च 2022 की स्थिति
मार्च 2023 की स्थिति
500 अधिकारी और कर्मचारी कम कर्मचारी नियोजन गणना हर वर्ष की जाती है। 31 मार्च 2023 की स्थिति में जिले में कुल अधिकारी एवं कर्मचारी 17 हजार 785 रह गए हैं। जबकि 2022 में इनकी संख्या 18 हजार 271 थी। यानी दोनों वर्षों की तुलना में संख्या में 486 का अंतर आया है। गणना के आंकड़ों के अनुसार जिले में अब श्रेणी एक के अधिकारियों की संख्या बढ़कर 541 हो गई है। द्वितीय श्रेणी में 1115 अधिकारी हैं। तृतीय श्रेणी कर्मचारियों की संख्या सबसे अधिक 14 हजार 144 है। वहीं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी 2012 रह गए हैं। इस बार बड़ा अंतर इस बार जो जानकारी विभागों ने दी है, उसमें बड़ा अंतर देखने को मिला है। जिले में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की संख्या में काफी कमी आई हैं। दूसरी तरफ श्रेणी एक के अधिकारी बढ़े हैं। ये भी पढ़ें : लड़कियों और महिलाओं को भूलकर भी नहीं करने चाहिएं, भगवान शिव के इस स्वरूप के दर्शन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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