>>: Digest for June 08, 2022

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Table of Contents

भोपाल. मध्यप्रदेश में स्कूलों में नया सत्र शुरु होने जा रहा है. प्रदेश में इस बार 13 जून से नया सत्र शुरु होगा. सत्र के साथ ही प्रदेश में इस बार स्कूलों में प्रवेश के नियम भी बदल दिए गए हैं। केंद्रीय विद्यालय संगठन की तर्ज पर प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रवेश के नियमों में ये बदलाव किए हैं। ये बदलाव इसलिए भी अहम हैं क्योंकि स्टूडेंट और उनके अभिभावकों की लगातार मांग के बाद उनकी सुविधा के लिए ये परिवर्तन किए गए हैं। इसके अंतर्गत प्रदेश के एक स्कूल से किसी अन्य स्कूल में प्रवेश के नियम बदले गए हैं।

लोक शिक्षण संचालनालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि नए सत्र में ये नियम लागू होंगे. इनके अंतर्गत राज्य में पहली से आठवीं क्लास में प्रवेश के नियम बदले गए हैं। नए नियम के अंतर्गत इन क्लासेस में प्रवेश के समय ट्रांसफर सर्टिफिकेट यानि TC जमा करने की अनिवार्यता पूर्णत: समाप्त कर दी गई है। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय ने कुछ माह पहले ही आदेश जारी कर दिए थे लेकिन अब दोबारा ये निर्देश जिला शिक्षा अधिकारियों को भेजे जा रहे हैं।

प्रवेश के समय टीसी की अनिवार्यता समाप्त करने से बच्चों और उनके अभिभावकों को खासी राहत मिली है। खास बात यह भी है कि 9वीं क्लास से लेकर 12वीं क्लास में प्रवेश के लिए नियम पूर्ववत लागू रहेंगे। विभाग ने पूरी तरह साफ किया है कि 9वीं से लेकर 12वीं क्लास में एडमिशन के लिए नियम में किसी तरह का परिवर्तन नहीं किया गया है। नए नियम केवल 8 वीं क्लास तक में प्रवेश के लिए लागू किए गए हैं।

इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी जो आदेश में कहा गया है कि स्टूडेंट्स को दूसरे स्कूल में एडमिशन लेते वक्त ही टीसी जमा करना अब अनिवार्य नहीं है. आठवीं क्लास तक के इन स्टूडेंट को टीसी जमा करनी तो होगी लेकिन वे ये काम बाद में भी कर सकेंगे। नई क्लास या नए स्कूल में एडमिशन लेने के बाद स्टूडेंट को हर हाल में सेशन खत्म होने से पहले ट्रांसफर सर्टिफिकेट जमा करना होगा।

रूपेश मिश्रा

प्रदेश के दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने साल 2019 में प्रपत्र निकाला कि नेशनल में गोल्ड, सिल्वर और ब्रांज मेडल जीत कर आने वाले खिलाड़ियों को सरकार क्रमश: एक लाख से पचास हजार तक प्रोत्साहन राशि देगी। लेकिन सरकार का ये आदेश गफलत की ऐसी भेंट चढ़ा कि कई दिव्यांग खिलाड़ी अब धनराशि पाने के लिए पिछले कई सालों से विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। जबकि खिलाड़ियों का कहना है कि खेल विभाग के जिम्मेदार अधिकारी राशि न देने पीछे कैटेगरी या फिर उस कैटेगरी में पर्याप्त दिव्यांग खिलाड़ियों का नहीं होना बता रहे हैं। अब बताइए जब कोई दिव्यांग नहीं है तो कैटेगरी भरने के लिए क्या किसी को जबरदस्ती दिव्यांग बनाया जाए। खिलाड़ियों ने बताया कि प्रदेश में प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने के लिए हमको इतना भटकना पड़ रहा। जबकि राजस्थान और हरियाणा में ऐसी कोई बाध्यता ही नहीं है। उन खिलाड़ियों की व्यथा जो वर्षों से काट रहे खेल विभाग के चक्कर

धर्मेंद अहिरवार- विक्रम आवार्डी रह चुके धर्मेंद अहिरवार ने कुल तीन गोल्ड, एक सिल्वर और दो ब्रांज मेडल चुके हैं। और सरकार द्वारा घोषित राशि पाने के लिए पिछले कई वर्षों से खेल एवं युवा कल्याण विभाग के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन जिम्मेदार कायदों के फेर में इन्हें उलझा रहे हैं। सीएम हेल्पलाइन में भी इसकी शिकायत कर दी है। लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है।

खेल- पैरा स्विमिंग

उपलब्धि- 20वीं राष्ट्रीय तैराकी प्रतियोगिता में दो गोल्ड और एक सिल्वर मेडल

21 वीं राष्ट्रीय तैराकी प्रतियोगिता में एक गोल्ड और दो ब्रांज मेडल

अरविंद रजक- एक पांव से दिव्यांग अरविंद रजक नेशनल और इंटरनेशनल में कई पदक जीत चुके अब अपने हक की राशि पाने के लिए दर बदर भटक रहे हैं। अरविंद ने बताया कि मजदूरी करके अपना खर्चा चलाता हूं। इसने मेडल जीतने के बाद राशि प्राप्त करने के लिए फॉर्म भरा लेकिन अभी तक कोई पैसा नहीं मिला। बताइए हम एक पांव से कहां- कहां चक्कर लगाएं।
खेल- आर्म रेसलिंग

उपलब्धि---

चार गोल्ड

दो सिल्वर

दो ब्रांज

इंटरनेशनल में एक सिल्वर

 


राष्ट्रीय स्तर पर मेडल लाने पर प्रोत्साहन राशि

गोल्ड मेडल----1 लाख

सिल्वर मेडल----75हजार

 


ब्रांज मेडल---50 हजार


जिम्मेदार ये बोलें

जिम्मेदार अधिकारी दिव्यांग खिलाड़ियों का दुख- दर्द नहीं समझ रहे हैं। ये कैटेगरी में 6 बच्चे लाने की बात करते हैं। अब गंभीर दिव्यांगता के मामले में कैटेगरी बनाने के लिए कहां से ऐसे बच्चे लेकर आएं। खेल मंत्री मदद करती हैं लेकिन नीचे के अधिकारी फाइल दबा कर बैठ जाते हैं।

वीके डबास, पैरा स्पोर्टस एसोसिएशन ऑफ मध्यप्रदेश

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जो नियमों में आता है वही दिया जाता है। खेल संचनालय स्तर की कमेटी तय करती है। जो नियमों में पात्र आता है उसे देते हैं जो नहीं आता है उसे नहीं देते हैं। अब किसी टूर्नामेंट में एक ही खिलाड़ी है और वो नेशनल लेवर पर मेडल लेकर आ जाएगा तो उस आधार पर तो नहीं दे सकते।

बीएस यादव, ज्वाइंट डायरेक्टर, खेल विभाग

भोपाल। कोई रातोंरात करोड़पति बनना चाहता है तो उसके लिए सबसे अच्छा मौका है। वह राख बेचकर अपनी यह मुराद पूरी कर सकता है। यह ऐसी—वैसी राख नहीं है बल्कि इसका उपयोग सीमेंट बनाने में किया जाता है. सबसे खास बात यह है कि यह कीमती राख बिल्कुल मुफ्त में मिल रही है। प्रदेश की पावर जनरेशन कंपनी के बिजली तापगृह से कोई भी ये राख अब उठा सकता है। जिन जगहों पर राख का कच्चेमाल की तरह इस्तेमाल होता है, ऐसी औद्योगिक इकाइयां तापगृह से ये राख उठा भी रही हैं।

कंपनी ने पर्यावरण का हवाला देते हुए तापगृह से निकलने वाली राख को नहीं बेचने का फैसला लिया - मप्र पावर जनरेशन कंपनी पहले ये राख बेचकर करोड़ों रुपए कमा रहीं थीं। अप्रैल के बाद तापगृहों से राख बेचना बंद कर दिया गया. अब ये राख मुफ्त में मिल रही है। बिजली कंपनी के तापगृहों से मासिक औसतन 6.5 लाख टन राख निकल रही है। दरअसल कंपनी ने पर्यावरण का हवाला देते हुए तापगृह से निकलने वाली राख को नहीं बेचने का फैसला लिया है।

बिरसिंहपुर के संजय गांधी तापगृह में 92 रुपये प्रति टन बेची जाती थी राख - बिरसिंहपुर के संजय गांधी तापगृह में 92 रुपये प्रति टन राख बेची जाती थी। इससे तापगृह करोड़ों रुपए कमाता था। यहां से रोजाना कई टन राख का परिवहन होता है। इसी तरह खंडवा के श्री सिंगाजी तापगृह में राख बेची जाती थी. यहां से 12 रुपए प्रति टन के हिसाब से राख बेची जाती थी।

तापगृहों से निकलने वाली राख दो तरह की होती है। हवा में उड़नेवाली राख जिसे फ्लाई एश कहा जाता है और पानी में गिरनेवाली राख जिसे वाटम एश कहते हैं। फ्लाई एश का सीमेंट बनाने में उपयोग किया जाता है।

कंपनी के तापगृह - पैदा हुई राख— 31 मार्च 2022 की स्थिति।
संजयगांधी तापगृह- 224953 टन
सारनी तापगृह- 88424 टन
अमरकंटक तापगृह- 27978 टन
श्रीसिंगाजी खंडवा- 308433 टन
कुल- 649788 टन

भोपाल। पंचायत चुनाव के लिए प्रदेश में पंच से लेकर जिला पंचायत सदस्य पद के लिए एक लाख 94 हजार 259 नामांकन पत्र जमा हुए हैं। नामांकन पत्र लेने की आज आखिरी तारीख को आठ घंटे के अंदर एक लाख 12 हजार से अधिक नामांकन पत्र जमा हुए हैं। शुक्रवार तक इन सभी पदों के लिए 81 हजार पांच सौ से अधिक नामांकन पत्र जमा हुए थे। जिला पंचायत सदस्यों के सबसे ज्यादा नामांकन सतना और सबसे कम हरदा जिले में जमा हुए हैं। वहीं भोपाल में 91 और इंदौर में 20 इस पद के लिए बीस नामांकन पत्र जमा हुए हैं।
प्रदेश के सभी 313 ब्लाकों में बनाए गए क्लस्टरों में नामांकन पत्र जमा करने वालों की सोमावार सुबह से भीड़ जमा हो गई थी। नामांकन पत्र जमा करने की समय सीमा 6 जून तीन बजे तक तय की गई थी, लेकिन इसमें जो लोगों ने नामांकन पत्र जमा करने वाले स्थल पर 3 बजे तक पहुंच गए थे, उन्हें टोकन दे दिया गया था। प्रत्येक जिले में दो से तीन ब्लाक ऐसे थे जहां शाम 6 बजे के बाद भी लोगों ने नामांकन पत्र जमा किया है। सचिव राज्य निर्वाचन आयोग सचिव राकेश सिंह ने जानकारी दी है कि जिला पंचायत सदस्य के लिए कुल 4718 अभ्यर्थियों में से 2182 पुरुष और 2535 महिला एवं एक अन्य अभ्यर्थी है। जनपद पंचायत सदस्य के लिए कुल 16 हजार 893 अभ्यर्थियों में से 7703 पुरुष और 9190 महिला अभ्यर्थी हैं। सरपंच के लिए कुल 81 हजार 322 अभ्यर्थियों में से 39 हजार 132 पुरुष और 42 हजार 141 महिला एवं 49 अन्य अभ्यर्थी हैं। पंच पद के लिए कुल 91 हजार 326 अभ्यर्थियों में से 46 हजार 979 पुरुष, 44 हजार 211 महिला और 136 अन्य अभ्यर्थियों ने नाम निर्देशन-पत्र प्रस्तुत किए हैं।

पंचायत चुनाव में महिलाओं ने दिखाई रुचि
पंचायत चुनाव लडऩे में महिलाओं ने जमकर अपनी रुचि दिखाई है। जिला पंचायत, जनपद पंचायत और सरपंच पद के नामांकन भरने में महिलाएं पुरुष से आगे हैं। जबकि पंच पदों में महिलाएं पुरुष से एक कदम पीछे हैं। जनपद पंचायत और सरपंच पदों के नामांकन जमा करने के मामले में पुरुषों से काफी आगे महिलाएं समाने आई हैं।
पद ----------------अभ्यर्थी पुरुष---महिला
जिला पंचायत सदस्य --------2182-----2535
जनपद पंचायत सदस्य --------7703-----9190
सरपंच -----------------39132-----42141
पंच - ------------------46979-----44211


पद ----------------अभ्यर्थी
जिला पंचायत सदस्य --4718
जनपद पंचायत सदस्य -16 893
सरपंच ---------81322
पंच - ----91326
-------------
टाप फाइव जिले जहां जिला पंचायत सदस्यों के नामांकन जमा हुए हैं

जनपद पंचायत सदस्यों के लिए
जिला -------जमा हुए नामांकन पत्र
सतना ----331
रीवा ------201
शिवपुरी ---174
मुरैना-- ---164
भिण्ड -----141

सबसे कम नामांकन पत्र जमा होने वाले पांच जिले
हरदा ----- 10
इंदौर -------20
पन्ना -------- 22
नरसिंहपुर --- 35
श्योपुर ------ 39
खंडवा -------39

आज होगी स्क्रूटनी
पंचायत निर्वाचन के लिए नाम निर्देशन-पत्रों की संवीक्षा (स्क्रूटनी) 7 जून को होगी। अभ्यर्थिता से नाम वापिस लेने की अंतिम तारीख 10 जून है। इसी दिन निर्वाचन प्रतीकों का आवंटन भी होगा। नामांकन पत्र 30 मई से जमा होना शुरू हुए थे। प्रथम चरण के लिये मतदान 25 जून को, द्वितीय चरण के लिये मतदान एक जुलाई और तृतीय चरण के लिये मतदान 8 जुलाई को सुबह 7 बजे से अपरान्ह 3 बजे तक होगा। पंच-सरपंच तथा जनपद पंचायत सदस्य के लिये निर्वाचन परिणाम की घोषणा 14 जुलाई और जिला पंचायत सदस्य के लिये 15 जुलाई को होगी।


भोपाल. उत्तरकाशी में एक और बस हादसा हुआ है। सोमवार को मध्यप्रदेश के यात्रियों से भरी एक बस का ब्रेक फेल हो गया। यमुनोत्री धाम के पास जानकी चट्टी पार्किंग में ब्रेक फेल होने से बस अनियंत्रित हो गई. इससे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। अनियंत्रित भागती बस एक ढाबे और तीन कारों से टकराते हुए रुक गई। इस हादसे में बस से टकराकर एक घोड़े की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घोड़े के पांव टूट गए। संयोगवश बस में सवार सभी तीर्थयात्री पूरी तरह सुरक्षित रहे. गौरतलब है कि उत्तरकाशी में ही रविवार को हुए हादसे में मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के 26 तीर्थयात्रियों की मौत हो गई थी.

जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश के झाबुआ के 28 तीर्थयात्री यमुनोत्री धाम के दर्शन के लिए गए थे. सोमवार को दोपहर में वे यहां दर्शन करने के बाद जानकी चट्टी पहुंचे। वे जानकी चट्टी से गंगोत्री धाम जा रही एक बस में सवार हुए। बस चालक ने जैसे ही बस आगे बढ़ाई, वह अनियंत्रित होकर भागने लगी. बस में सवार यात्री घबरा उठे. बस को अनियंत्रित भागते देख वहां खड़े अन्य लोगों ने इधर—उधर भागकर अपनी जान बचाई। हालांकि वहां खड़े दो घोड़े बस की चपेट में आ गए जिनमें से एक की मौत हो गई। इधर बस एक ढाबे को तोड़ते हुए वहां खड़ी तीन कारों से टकराकर रुक गई।

बाद में पता चला कि बस का ब्रेक काम नहीं कर रहा था। बस में सवार लोगों ने इस बात का शुक्र मनाया कि ब्रेक फेल होने का पता शुरुआत में ही चल गया। रास्ते में ब्रेक फेल होता तो बस में सवार लोगों की जान बचनी बहुत मुश्किल थी।

भोपाल. खजूरी इलाके से लापता बुजुर्ग का चूनाभट्टी थाना क्षेत्र स्थित कलियासोत डैम के करीब 13 गेट के पास शव मिला है। वह तीन दिन पहले घर पर एक लेटर छोड़कर निकले थे। वह काफी समय से बीमार चल रहे थे। पुलिस का अंदाजा है कि करीब 20 किलोमीटर का पैदल सफर कर वह यहां तक पहुंचे और पत्थरों के पास आराम करने बैठे होंगे और इस बीच उनकी भूख प्यास से मौत हुई होगी। पुलिस ने पीएम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है।

पुलिस के मुताबिक रविवार शाम 13 गेट के पास कलियासोत डैम के चौकीदार शेर सिंह ने वहां एक व्यक्ति का शव पड़ा होने की सूचना दी थी। मौके पर जाकर देखा तो शव काफी नीचे पड़ा था और वह करीब 3 दिन पुराना लग रहा था। नीचे काफी संकरा रास्ता होने के चलते क्रेन की मदद से शव को बाहर निकलवाया गया। मौके से कोई दस्तावेज नहीं मिलने के चलते शव को हमीदिया मर्चुरी भिजवाकर शिनाख्ती के लिए आसपास के थाना क्षेत्रों में सूचना दी गई। सोमवार सुबह पता चला कि उक्त हुलिए के बुजुर्ग ग्राम ईंटखेड़ी छाप, थाना खजूरी सड़क इलाके से 3 जून से लापता हैं।

घर पर छोड़कर गए थे लेटर: मेरी तलाश मत करना अपनी मर्जी से जा रहा

खजूरी थाना पुलिस ने बताया कि 65 वर्षीय रामभरोस मीना ने शादी नहीं की थी और वह कई वर्षों से ग्राम ईंटखेड़ी छाप में जीजा जीतमल मीना और भांजे उदय के पास रह रहे थे। 3 जून को वह घर से बिना बताए कहीं चले गए थे। घर से परिजनों को एक पन्ने का लेटर मिला था जिसमें वह लिखकर गए थे कि मैं अपनी मर्जी से जा रहा हूं घर वालों को कोई परेशान न करे, मैं बीमार रहता हूं इसलिए अब वापस घर नहीं आउंगा। 4 जून को परिजनों ने खजूरी थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई थी।

भोपाल। चुनावी सक्रियता के चलते मध्यप्रदेश कांग्रेस भी बदली-बदली सी नजर आने लगी है। नव नियुक्त प्रवक्ताओं फेसबुक और ट्विीटर हैंडल पर कमलनाथ नजर आएंगे। ज्यादातर प्रवक्ताओं ने इसे अपना लिया है। यानी इन्होंने अपने फोटो हटाकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का फोटो लगाया है। वहीं सोशल मीडिया पर भी सक्रियता बढ़ी है।

असल में कांग्रेस में यह बताने का प्रयास हो रहा है कि हम सब एक हैं। प्रदेश कांग्रेस में कमलनाथ ही सर्वमान्य नेता है। यह तो पहले ही तय हो चुका है कि अगला विधानसभा चुनाव कमलनाथ के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री का चेहरा भी यही होंगे। सभी को साथ रखने की रणनीति के तहत कमलनाथ भी प्रदेश के सभी दिग्गज नेताओं के साथ लगातार विमर्श करते रहते हैं, निर्णय भी सामूहिक हो रहे हैं।

पीसीसी में उपलब्ध रहेंगे प्रवक्ता
नव गठित मीडिया विभाग को सक्रियता बढ़ाई गई है। प्रवक्ताओं की उपलब्धता बनी रहे, इसके लिए व्यवस्थित कार्यक्रम तैयार किया गया है। मीडिया से मुलाकात सुचारू करने के लिए उपाध्यक्षों का रोस्टर बनाया गया। 6 उपाध्यक्ष के लिए तीन कमरे आवंटित किए गए हैं। यानी एक कक्ष में दो-दो उपाध्यक्ष बैठेंगे। दोनों उपाध्यक्षों की ड्यूटी दो-दो दिन रहेगी।

ऐसे हो रहा है बदलाव
- पीसीसी अध्यक्ष कमलनाथ के हर ट्वीट को रिट्वीट कर रहे हैं कांग्रेस के प्रवक्ता
- कमलनाथ के ट्विटर हैंडल पर भी ट्विटर इंगेजमेंट रेश्यो बढा
- एवरेज 400 रिट्वीट हो रहे हैं कमलनाथ के ट्वीट के, कुछ ट्वीट का रिट्वीट 1000 से अधिक
- सभी मीडिया व्हाट्सएप ग्रुप और प्रदेश के हर ब्लॉक तक के व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर किए जा रहे हैं कमलनाथ के ट्वीट

भोपाल। पंचायत और निकाय चुनाव (Election) जैसे-जैसे शबाव में आ रहे हैं, वैसे ही मुकाबला और रोचक होता जा रहा है। राजनीतिक दलों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हुआ है। वहीं चुनाव मैदान में किस्मत आजमाने वाले और समर्थकों में सक्रियता बढ़ी है। समर्थन और विरोध भी तेज हुआ है। इन चुनावों में साधु संतों की भी एंट्री हो गई है। मिर्ची बाबा ने कांग्रेस (congress) के पक्ष में प्रचार करने का एलान किया है। वे साधु संतों के घर-घर जाकर कांग्रेस के पक्ष में प्रचार करेंगे।

मिर्ची बाबा (Mirchi Baba) ने कहा कि जनता चाहती है मध्यप्रदेश में बदलाव होना चाहिए। इसी बदलाव के तहत कांग्रेस के पक्ष में प्रचार करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि हम फर्जी नहीं बल्कि ओरिजिनल संत लेकर घर-घर प्रचार करेंगे।हमारे साथ सभी अखाड़ों के संत धर्म संसद करेंगे। हम जनता को बताएंगे कि धर्म के नाम पर राजनीतिक रोटी सेंकने वाली बीजेपी को उखाड़ फेंकना है। कांग्रेस समर्थित मिर्ची बाबा ने भोपाल सांसद साध्वी प्रज्ञा को फर्जी साध्वी बताया। उन्होंने कहा कि प्रज्ञा अपना सर्टिफिकेट दिखाएं की किस अखाड़े से हैं। साध्वी के गुरु ने भी कह दिया है कि वह मेरी चेली नहीं है। फर्जी साधु संत पनप रहे हैं। कथावाचक बन गए हैं। ये देश का दुर्भाग्य है। एक अन्य सवाल पर उन्होंने कहा कि क्या साधुओं की ये भाषा होती है, भारत के सपूत कमलनाथ (Kamalnath) पर प्रश्न उठाए।

कौन है मिर्ची बाबा
मिर्ची बाबा वर्ष 2019 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान तब चर्चा में आए थे, जब उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार दिग्विजय सिंह की जीत सुनिश्चित करने के लिए पांच क्विंटल लाल मिर्ची का हवन किया था।

भोपाल. परमानंद भाई पटेल अंडर-22 इंटर डिवीजन क्रिकेट प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए भोपाल डिवीजन की टीम घोषित की गई है। इसमें पृथ्वीराज सिंह तोमर को कप्तान बनाया गया है। जबकि प्रंकेश राय उपकप्तान होंगे। युवराज सिंह तोमर को विकेट कीपर के तौर पर जगह मिली। इनके अलावा प्रखर शर्मा, अनिकेत वर्मा, युवराज नेमा, राजवीर सिंह, प्रियांशु शुक्ला, राहुल पटेल, सार्थक सोनी, साद बग्गड़, रितिक टाडा, अजय सौराष्ट्रा, प्रारब्ध वी मिश्रा, नवीन सिंह चौहान शामिल हैं। इनके अलावा पांच अतिरिक्त खिलाड़ी चुने गए हैं। कोच जावेद अख्तर और मैनेजर लखवीर सिंह गिल को बनाया गया है।

सरोश के शानदार प्रदर्शन से उड़ान की जीत
भोपाल. उड़ान क्रिकेट अकादमी में जारी तीन मैचों की वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में मेजबान उड़ान ने फ्यूचर अकादमी जोधपुर को 29 रन से हराया। जिससे उड़ान ने सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। पहले खेलते हुए उड़ान ने 39 ओवर में 235 रन बनाए। सरोश खलीदी ने 65 रन जोड़े। समीर जाटव ने 30, अर्णव ने 28 रन बनाए। जोधपुर से आर्यन ओझा ने 5, पुष्पेंद्र सिंह व संजय बिश्नोई ने 2-2 विकेट लिए। जवाब में फ्यूचर अकादमी 40 ओवर में 7 विकेट पर 206 रन ही बना पाई। श्रीवर्धन ने 75, रोनित 39 रन बना सके। अवनीष, अफ्फान और जसमीत सिंह को 2-2 विकेट प्राप्त हुए। सरोश को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

जय हिन्द और कपिल हाउस ने जीते खिताब
भोपाल. अरेरा प्रीमियर लीग इंटर हाउस क्रिकेट प्रतियोगिता के अंडर-14 वर्ग में जय हिन्द और अंडर-16 कपिल देव हाउस चैंपियन बने हैं। पहले अंडर-14 के फाइनल में जय हिन्द ने 9 विकेट पर 136 रन बनाए। अर्जुन शुक्ला ने 43, हर्षित इंदुलकर ने 27 रन बनाए। रुद्र और आर्य वीर ने 3-3 विकेट लिए। जवाब में सत्यमेव जयते 9 विकेट पर 115 रन बना सकी। सुजल लालवानी ने 24, रुद्र ने 21 और शौर्य 20 रन बना सके। सिद्धांत शर्मा ने 3 और शानवी मंडलोई ने 2 विकेट लिए। मैन ऑफ द मैच अर्जुन शुक्ला रहे। वहीं अंडर-16 के फाइनल में एमएस धोनी हाउस ने 173 रन बनाए। अर्जुन शुक्ला ने 47, आयुष ने 30 और अविरल पचोरी ने 20 रन बनाए। शानवी, दर्शिल और आर्यवीर ने 2-2 विकेट लिए। जवाब में कपिल देव हाउस ने 39.4 ओवर में 7 विकेट पर 174 रन बना लिए। प्रतीक शुक्ला मैन ऑफ द मैच रहे।

भोपाल। क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान के नाट्य कार्यशाला में तैयार नाटक 'आद्य नायिका' का मंचन सोमवार को किया गया। इसके लेखक डॉ. अरुणाभ सौरभ और निर्देशक निलेश दीपक हैं। प्रस्तुति बीएससीबीएड छठवें सेमेस्टर के स्टडेंट्स ने प्रस्तुति दी। नाटक में इतिहास, मिथक और वर्तमान तीनों को एक साथ प्रस्तुत कर रचनात्मक आयाम दिया गया है। नाटक में दिखाया गया कि दीदारगंज की यक्षिणी सौ साल बाद एक नई छवि के साथ सामने आती है। एक राज्य में ऐसी स्त्री के स्त्रीत्व की तलाश की जाती है, जिनमें अथाह शक्तियां हैं।

डायरेक्टर ने बताया कि यह नाटक वैभवशाली मगध और अखण्ड भारत की राजधानी पाटलिपुत्र के उत्थान और पतन की कहानी है। 'यक्षिणी ' के सहारे देवलोक, गंधर्वलोक से लेकर मृत्युलोक तक पसरी पितृसत्तात्मक संरचना को भी प्रश्नांकित करता है जिसमें स्त्रियों का सदा से ही शोषण किया जाता रहा है। जबकि स्त्री के बिना देव पुरुष हो या गंधर्व या सामान्य पुरुष, किसी के अस्तित्व की कल्पना संभव नहीं है।

मानव संग्रहालय में व्याख्यान का आयोजन
भोपाल। मानव संग्रहालय की ओर से विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मानव एवं प्रकृति के अंतर्सम्बन्ध विषय पर संवाद कार्यक्रम हुआ। इसकी अध्यक्षता प्रशासनिक अधिकारी राकेश कुमार भट्ट ने की। संग्रहालय सहायक गीतू याइखोम ने जैव सांस्कृतिक अनुकूलन पर अपने विचार साझा किए। संग्रहालय एसोसिएट गरिमा ने परम्पराओं में प्रकृति पूजा और अन्योन्याश्रिक्ता पर वक्तव्य दिया। रसायनज्ञ एसके सिंह ने वनों की कटाई और नदियों का प्रदूषण और कारक मानवीय हस्ताक्षेप पर विचार दिए। प्रशासनिक अधिकारी राकेश कुमार भट्ट ने पानी, पशु और वृक्षों जैसे प्राकृतिक संसाधनों के सीमित और विचार पूर्वक उपयोग पर बल दिया और सुझाव प्रस्तुत किए। डॉ. आर.एम.नयाल, सहायक क्यूरेटर ने पहाड़ी क्षेत्रों की परम्पराओं का उदाहरण देते हुए मानव प्रकृति के परस्पर सम्बन्धों और उनमें बदलाव पर प्रकाश डाला। एचबीएस परिहार, कैमरा मेन ग्रेड-2 ने जीवन शैली में बदलाव और प्रकृति के प्रति व्यवहार ने हमारे पर्यावरण सहित स्वास्थ्य को प्रमाणित किया। तापस बिस्वास, फोटोग्राफिक अधिकारी ने मानव प्रकृति अंतर्सम्बन्धों को गुरू शिष्य के संदर्भ में देखते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदाएं हमें हमारे सीमित और सामंजस्यपूर्ण व्यवहार का संकेत देती है।

भोपाल. उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के लापरवाह 156 प्राइवेट कॉलेजों को नोटिस थमाया है। इन कॉलेजों ने नए सत्र की ई-प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से पूर्व उच्च शिक्षा पोर्टल पर अपनी जानकारी ही अपडेट नहीं की जबकि इसके लिए दो बार मौका दिया गया। इस अनुशासनहीनता के लिए उच्च शिक्षा आयुक्त दीपक सिंह ने इनके प्राचार्य और प्रबंधन को नोटिस थमाया है तो द्विस्तरीय जांच भी बैठा दी है। रिपोर्ट के आधार पर मान्यता पर संकट या सत्र शून्य करने जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।

विभाग के ओएसडी और विवि कुलसचिव अलग-अलग करेंगे जांच
विभाग ने मई के अंतिम सप्ताह में ऑनलाइन ई-प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने से पहले सभी 1313 कॉलेजों को अपना डाटा यानी पाठ्यक्रम, वेबसाइट, अधिकृत ई-मेल और संपर्क फोन नंबर जैसा समस्त जानकारी अपडेट करने के लिए विभागीय पोर्टल खोला। पहली बार इसे 1 से 15 मई तक खोला गया। इस दरमियान जिन कॉलेजों ने अपडेशन नहीं किया, उन्हें 19 से 20 मई के लिए फिर मौका दिया गया। इसके बाद भी 156 संस्थानों ने प्रक्रिया पूरी नहीं की। इन्हें शोकॉज देने के साथ ही विभाग के क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक और संबंधित विवि के कुलसचिव को जांच के लिए कहा गया है।

कोविड काल में दो साल से गड़बड़ है शेड्यूल
कोरोना काल के दो वर्षों के दौरान उच्च शिक्षा विभाग का शेड्यूल बुरी तरह प्रभावित रहा। जैसे ही कोविड संक्रमण से निजात मिली तो विभाग ने तय किया कि आगामी सत्र 2022-23 में ई-प्रवेश, पढ़ाई और परिणाम सब समय पर करवाए जाएंगे। इसके लिए विभाग ने अप्रेल से ही सरकारी, अनुदान प्राप्त और निजी कॉलेजों को आदेश-निर्देश जारी करने शुरू कर दिए थे। 529 सरकारी और 63 अनुदान प्राप्त कॉलेजों ने तो शब्दश: पालन किया लेकिन 738 में से 156 कॉलेजों के प्रबंधन ने लापरवाही बरती।

रिपोर्ट के आधार पर कड़ी कार्रवाई संभव
इन 156 कॉलेजों के प्रकरण में यह प्रतीत होता है कि जानबूझकर लापरवाही बरती है। इस तरह की अनुशासनहीनता क्षम्य नहीं है, अत: शोकॉज के साथ दो स्तरीय जांच करवाई जा रही है। आयुक्त उच्च शिक्षा के द्वारा क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालकों और विवि के कुलसचिवों से अलग-अलग जांच करवाई जा रही है, रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। मान्यता खत्म करने या फिर एक सत्र शून्य करने जैसी कार्रवाई भी संभव है।
- डॉ. धीरेंद्र शुक्ला, ओएसडी, अकादमिक, आयुक्त कार्यालय

भोपाल. जनजातीय संग्रहालय का नौवां स्थापना दिवस समारोह का शुभारंभ सोमवार से हुआ। पांच दिवसीय समारोह के पहले दिन पद्मश्री अर्जुन सिंह धुर्वे, डिंडोरी ने बैगा जनजातीय नृत्य की प्रस्तुति दी तो पद्मश्री रामसहाय पांडेय ने राई लोक नृत्य पेश किया। मंच पर पहली बार भीली जलकथा पिथौरा पर एकाग्र समवेत नृत्य नाटिका की प्रस्तुति कोरियोग्राफर चंद्रमाधव बारिक के पुनर्संयोजन में हुई। समारोह शुभारंभ पद्मश्री भज्जू श्याम, पद्मश्री दुर्गा बाई, पद्मश्री भूरी बाई, पद्मश्री अर्जुन ङ्क्षसह धुर्वे, पद्मश्री रामसहाय पाण्डेय और पद्मश्री बाबूलाल दाहिया ने किया।

भील जनजाति में पिथौरा एक अनुष्ठानिक मिथक है
समारोह में भीली जलकथा 'पिथौरा' पर एकाग्र समवेत नृत्य नाटिका का मंचन किया गया। बैले, फोक और कंटेंपरेरी डांस शैली के जरिए पहली बार इसे मंच पर उतारा गया। प्रस्तुति के माध्यम से बताया कि निमाड़ अंचल में भील जनजाति में पिथौरा एक अनुष्ठानिक मिथक है। यह एक ऐसा चरित्र है, जो घोड़े पर सवार होकर आता है। मन्नत पूरी होने पर इसे उत्सव के तौर पर मनाया जाता है। मध्यप्रदेश के झाबुआ, अलीराजपुर सहित अन्य राज्यों के आदिवासी कलाकारों द्वारा पिथौरा चित्रांकन किया जाता है। ऐसी मान्यता है कि भील जनजाति का एक युवा पिथौरा, जल संकट को हल करने के लिए हिमालय से जल लाता है और पूरे इलाके को संपन्न करता है। तब से यह जनजाति वर्षा ऋतु में आठ दिनों का उत्सव मनाती है और पिथौरा की पूजा करती है। डायरेक्टर ने बताया कि इसे कथा को नृत्य शैली में मंचित करने के लिए एक माह तक तैयार की गई।

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मांदल की थाप पर बिखरा उल्लास
इस अवसर पर बैगा जनजातीय नृत्य प्रस्तुति में कलाकारों ने करमा नृत्य प्रस्तुति दी। नई फसल आने की खुशी में किए जाने वाले इस नृत्य का मुख्य संगीत मांदल वाद्य की थाप होती है, जिस पर अन्य साथी नृत्य करते हैं। इसके बाद कलाकारों ने लोक नृत्य राई स्वागं पेश किया। इसमें कलाकार फाग गाकर नृत्य करते हैं। राई के गीत ख्याल, स्वांग सहित अन्य कई प्रकार के होते हैं।

भोपाल। मैंने जीवन में बहुत स्ट्रगल किया है। मैं कॉर्पोरेट सेक्टर में 50 लाख सालाना सैलरी का जॉब करता था। सभी को लगता था कि इसकी जिंदगी तो सेट हो गई। मैं नौ साल तक नौकरी करता रहा, लेकिन मुझे लगता था कि मैं जॉम्बी जैसी जिंदगी जी रहा हूं। मुझे तो ये काम करना ही नहीं था। एक दिन मैंने जॉब छोडऩे का फैसला कर लिया। यह कहना था 'भाभी जी घर पर हैं' फेम एक्टर सानंद वर्मा का। वे इन दिनों भोपाल में एक फिल्म की शूटिंग करने आए हुए हैं। उन्होंने कहा कि मुझे एक चांस के लिए दर-दर की ठोकर खानी पड़ी, मेरे पास टैक्सी या ऑटो में सफर करने के पैसे तक नहीं होते थे। मैं कई किलोमीटर पैदल चलकर ऑडिशन देने जाता था ताकि ट्रेन में धक्के ना खाना पड़े।

ईएमआई नहीं भर पाया तो कार बेचना पड़ी
सानंद का कहना है कि नौकरी छोड़े के बाद घर की ईएमआई भरने के पैसे तक नहीं बचे थे, इस कारण कार बेचनी पड़ी। उन्होंने कहा कि मैं सीरियल की तरह जिंदगी में भी उतना ही बिंदास हूं, क्योंकि मैं हर काम को इतना जुनून से करता हूं कि लोग पगलेट समझने लगते। जब अनोखेलाल सक्सेना के रोल के लिए डायरेक्टर, एक एक्टर सर्च कर रहे थे तो उन्हें मुझसे बड़ा पगलेट नहीं मिला। उन्होंने कहा कि आप जीवन में हर तरह के काम कर लेंगे तो ऑनकैमरा रोल करने में आसानी होगी।

बचपन में पिता के साथ खेत में करता था काम
उन्होंने कहा कि मैं 7 की उम्र में पिता के साथ खेत में काम करता था। काम के बाद शाम को पढ़ाता था और अगले दिन पेपर देने जाता था। मैंने बुक स्टॉल पर किताबें भी बेचीं। 40-50 किलो का गठ्ठा उठाकर कई किलोमीटर चलता था, मैंने अपना बचपना तो जिआ ही नहीं। जब बढ़ा हुआ तो अखबार में रिर्पोटिंग भी की। आज भी मैं अपना बर्थ डे सेलिब्रेट नहीं करता। सेट पर डरता हूं कि लोगों को कहीं पता न चल जाए कि मेरा बर्थ डे है।

भोपाल. एमपी नगर पुलिस ने नामी कंपनी के नाम पर नकली मोबाइल एसेसरीज बेचने वाले 4 दुकानदारों पर मामला दर्ज किया है। पुलिस ने दुकान पर छापा मार कर साढ़े 4 लाख कीमत का नकली सामान जब्त किया है। थाना प्रभारी सुधीर अरजरिया ने बताया कि सोमवार दोपहर ग्रिफिन इंटेलिच्वल प्रापर्टी सर्विस प्राईवेट लिमिटेड के विशाल सिंह की कंपनी के कुछ लोगों ने सूचना दी थी कि ज्योति काम्प्लेक्स में कुछ दुकानों में एप्पल कंपनी के नाम पर लोकल प्रोडक्ट बेचे जा रहे हैं। पुलिस ने भवानी मोबाइल शॉप, मोबाइल अड्डा, शिवम मोबाइल, लिटिल मोबाइल से कुल 1070 मोबाइल कवर, बैक कवर, एडाप्टर समेत लाखों का नकली सामान जब्त किया है।

इधर वाहन गिरवी रखकर कमाए करोड़ों रुपए से 9 लग्जरी कार, प्लॉट और सोना खरीदा
एमपी नगर पुलिस ने टैक्सीडो कंपनी बनाकर लोगों से वाहन अटैच कराने के नाम पर धोखाधड़ी कर करोड़ो रुपए कमाने वाले जालसाज से 52 लाख के चेक बरामद किए हैं। आरोपी लोगों से अटैच करने के नाम पर लग्जरी कार लेकर उन्हें गिरवी रख देता था। उससे मिलने वाली रकम को व्यापारियों को ब्याज पर देता था। थाना प्रभारी सुधीर अरजरिया ने बताया कि करीब 54 लोगों ने शिकायती आवेदन देते हुए बताया था कि उनसे टेक्सिडो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के रविकांत, वरुण उर्फ राहुल बंसल, सतेन्द्र और राहुल शर्मा ने उनके लग्जरी वाहन एग्रीमेंट कर किराए पर लिए लेकिन न किराया दिया और न ही वाहन वापस किए। रविकांत और सतेंद्र को गिरफ्तार किया जा चुका, मास्टरमांड वरुण बंसल को तीन दिन गुजरात में डेरा डालकर 3 जून को गिरफ्तार किया गया। वह वाहन भिंड, मुरैना, दतिया और शिवपुरी में 5-6 लाख रुपए में गिरवी रख उस पैसे को ब्याज पर चलाता था।

पिता ने सौंपा बैग तो खुला राज

वरुण गुलमोहर क्षेत्र में कई व्यापारियों को ब्याज पर पैसे देता था और दस्तखत करवाकर चेक लिया करता था। सोमवार को वरुण के पिता ने गुजरात से लाकर पुलिस को उसका एक बैग सौंपा जिसमें पुलिस को 52 लाख रुपए के 41 चेक मिले हैं।

ब्याज के पैसे से खरीदी मर्सिडीज, कोकता में प्लाट और 14 लाख का सोना
आरोपी अगर किसी व्यापारी को 9 लाख रुपए ब्याज पर देता था तो वह इस कदर मैनेजमेंट करता था कि उससे उसे प्रति दिन के हिसाब से 10 हजार रुपए मिलें। उसने अब तक ब्याज पर दिए पैसे से मर्सिडीज समेत 9 लग्जरी कार, ट्रांसपोर्ट नगर कोकता में प्लॉट अलग-अलग नामों से खरीदे थे। साथ ही उसने 4 माह पहले 14 लाख का सोना भी खरीदा है जिसे उसने किसी बैंक में रखा है। पुलिस ने आरोपी के 4 बैंक खाते फ्रीज करवाए हैं।

भोपाल@अशोक गौतम

लंबे समय से ये माना जाता रहा है कि आने वाला विश्वयुद्ध जल को लेकर ही होगा। ऐसे में देश में मौजूद जल को शुद्ध रखना अतिआवश्यक माना जाता है। ऐेसे में तमाम प्रयासों को बावजूद देश में पानी की गुणवत्ता निरंतर खराब होती जा रही है। जलाशयों का पानी दूषित होता जा रहा है।

देश के 14.44% जलाशयों में पानी दूषित हो गया है। पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक दूषित पानी पाया गया है। इस सूची में राजस्थान दूसरे नंबर पर है।

वहीं स्वच्छ पानी की बात करें तो हिमाचल प्रदेश का पानी सबसे स्वच्छ है। इस सूची में मध्यप्रदेश तीसरे नंबर पर आता है। यह खुलासा हाल ही में जल जीवन मिशन पोर्टल की रिपोर्ट से हुआ। केंद्र सरकार के इस पोर्टल पर पानी की जांच और उसकी शुद्धता से जुड़ी जानकारी राज्यों के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के जरिए डाली जाती है। रिपोर्ट में बताया कि पानी के दूषित होने का मुख्य कारण जलाशयों के आसपास अतिक्रमण और आरओ के पानी का बढ़ता चलन है।

जल जीवन मिशन अभियान के तहत देश में 52 लाख 67 हजार जलाशयों के पानी की जांच की गई। इसमें सात लाख 55 हजार से अधिक जलाशयों के सेंपल जांच के बाद दूषित पाए गए। हालांकि इन जलाशयों के पानी को रासायनिक दवाओं के माध्यम से उपचारित कर उपयोग के योग्य बनाया गया है। वहीं जो जल स्रोत उपचारित होने के बाद भी शुद्ध जल नहीं दे रहे थे, उन्हें बंद कर दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के शुद्धता की जांच फील्ड टेस्ट किट के जरिए जांच कराई गई। इस किट के जरिए 34 लाख से अधिक नमूनों का जांच हुई।

पानी की जांच के लिए सबसे अधिक लैब पश्चिम बंगाल में
जल शुद्धता की जांच करने के लिए लैब तैयार करने के मामले में मध्य प्रदेश देश में दूसरे नंबर पर है। प्रदेश में 105 लैब हैं, जो केन्द्र सरकार की एनएबीएल से मान्यता प्राप्त हैं। प्रदेश के प्रत्येक जिले में लैब मौजूद हैं। वहीं लैब तैयार करने के मामले में पश्चिम बंगाल पहले नंबर पर है। यहां 118 मान्यता प्राप्त लैब हैं।

देश के कुल 52.67 लाख जलाशयों की जांच की गई, जिसमें 7.55 लाख सेंपल दूषित पाए गए।

जल निकायों की प्रथम गणना : देश में 19 हजार जल निकायों पर अतिक्रमण
देश में करीब 19 हजार (18802) जल निकायों पर अतिक्रमण किया जा चुका है। जल शक्ति मंत्रालय के सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है। इस सर्वेक्षण में मार्च 2022 तक के आंकड़े शामिल किए गए है। यह संख्या बढ़ भी सकती है। जल निकायों के प्रति जो सम्मान दिखाने वाले राज्य हैं वो पूर्वोत्तर यानी 'सेवन सिस्टर्स' हैं। इनके अलावा सिक्किम और चंडीगढ़ भी ऐसे राज्य हैं जहां अतिक्रमण अब तक शून्य है।

वहीं उत्तराखंड में 3096 जल निकाय हैं जिसमें मात्र पांच पर अतिक्रमण है। पहली बार इस प्रकार की गणना की जा रही है ताकि पता चल सके कि देश में उपलब्ध जल निकाय कितने हैं और वर्तमान में इनकी स्थिति क्या है।

उत्तर-पूर्वी राज्यों से सीखें-
राज्य : जल निकाय : अतिक्रमण

अरुणाचल : 993 : 0

असम : 172492 : 13
मणिपुर : 1658 : 6

मेघालय : 13332 : 6

मिजोरम : 2185 : 7

नागालैंड : 1432 : 1

इन राज्यों ने किया ज्यादा बर्बाद

तमिलनाडु : 106957 : 8366
आंध्र प्रदेश : 16012 : 3920
तेलंगाना : 64056 : 3032
पंजाब : 16012 : 1578

ये है समाधान
- भूमि रेकॉर्ड में जल निकायों का समावेश।
- शहरी योजना प्रक्रिया का महत्त्वपूर्ण भाग बनाना।
- अतिक्रमण करने वालों पर सख्त कार्रवाई।

भोपाल। प्रदेश में औद्योगिक विकास का नया आगाज होगा। मंगलवार को राज्य मंत्रालय में सीएम शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में औद्योगिक विकास से संबंधित चार प्रस्ताव रखे जाएंगे। इसके तहत उद्योगों को जमीन आवंटन से लेकर अन्य छूट के प्रस्ताव को हरी झंडी मिलेगी।

इसमें इंदौर-पीथमपुर इन्वेस्टमेंट जोन में जमीन अधिग्रहण, अचारपुरा टेक्सटाइल के लिए जमीन उपलब्ध कराने, एस्सार गु्रप की सौर ऊर्जा परियोजना के लिए जमीन आवंटन, इंदौर में खिलौना क्लस्टर व बुरहानपुर में टैक्सटाइल क्लस्टर संबंधित प्रस्ताव रखे जाएंगे।

इनके अलावा प्रदेश में बसों के टैक्स में छूट, मोटरयान अधिनियम के तहत निर्धरित शमन शुल्क की दर में संशोधन, लोक सम्पत्ति प्रबंधन के लिए योजना का प्रस्ताव भी आएगा।

इससे पहले मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मई में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में हुई थी। जहां मंत्री-परिषद ने 23वीं एवं 25वीं वाहिनी विसबल भोपाल परिसर में 50 बेड का सर्व-सुविधायुक्त पुलिस चिकित्सालय बनाये जाने के लिए 12 करोड़ 51 लाख 81 हजार रूपये और चिकित्सालय के लिये 46 मानव संसाधन के पदों के सृजन एवं उस पर 5 वर्षों में होने वाले व्यय 24 करोड़ 98 लाख 41 हजार रूपए की कार्य-योजना को स्वीकृति प्रदान की गई थी।

इसमें पुलिस चिकित्सालय भवन निर्माण एवं फर्नीचर की लागत 10 करोड़ 41 लाख 31 हजार रूपए और चिकित्सालय के मेडिकल उपकरणों के क्रय के लिए 2 करोड़ 10 लाख 50 हजार रूपए भी शामिल थे।

इस दौरान मंत्री-परिषद द्वारा लाड़ली लक्ष्मी योजना को विस्तारित स्वरूप में संचालित करने के लिए लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 के संबंध में महिला-बाल विकास विभाग के आदेश का अनुसमर्थन किया गया।

इसमें लाड़ली लक्ष्मी दिवस उत्सव के रूप में राज्य, जिला एवं ग्राम पंचायत स्तर पर प्रतिवर्ष 2 मई को आयोजन किये जाने, ग्राम पंचायतों को जिला स्तर से लाड़ली लक्ष्मी फ्रेंडली घोषित करना और लाड़ली बालिकाओं को कक्षा 12वीं के बाद स्नातक अथवा व्यवसायिक पाठ्यक्रम में (पाठयक्रम अवधि न्यूनतम दो वर्ष) प्रवेश लेने पर 25 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि दिया जाना प्रस्तावित था। यह राशि दो समान किश्त में पाठ्यक्रम अवधि के प्रथम एवं अंतिम वर्ष में दी जाने की बात भी कही गई थी।

साथ ही लाड़ली बालिकाओं को उच्च शिक्षा (स्नातक तक) का शिक्षण शुल्क शासन द्वारा वहन करना और लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 की गतिविधियों के सुचारू क्रियान्वयन के लिए पोर्टल का निर्माण एवं उन्नयन किया जाना भी इसमें शामिल रहा।

 

भोपाल। मध्यप्रदेश में होने जा रहे नगरीय निकाय चुनाव 2022 को लेकर जहां एक और दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता व नेता आपस में ही फूट का शिकार होते दिख रहे हैं। वहीं जानकारों के अनुसार दोनों पार्टियों के बड़े नेता अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को समझाने की बजाय एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप करने में व्यस्त हैं।

दअरसल अभी भाजपा व कांग्रेस दोनों पार्टियों में जहां कुछ जगह पार्टी के लोग टिकट न मिलने से नाराज हैं, तो वहीं कुछ जगह अब तक सूची नहीं आने के चलते पार्टी के कार्यकर्ता अपने नाम की संभावना के तहत प्रचार में जुट गए हैं। जबकि कुछ मामलों में तो विधायकों और उसी पार्टी के नेताओं में लगातार टकराव व बहस की सूचनाएं भी लगातार सामने आ रहीं हैं।

भाजपा और कांग्रेस में आपसी वाद विवाद के बीच ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने जहां कांग्रेस पर आरक्षण खत्म करने की बात कह कर निशाना साधा है। तो वहीं कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री व प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने भाजपा पर ओबीसी वर्ग से धोखा करने का आरोप लगाया है।

आरक्षण खत्म करने कांग्रेस कोर्ट गई-
देश के विकास में पंचायती राज की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है। पंचायत में अच्छे लोग, हमारे विचार के लोग चुनकर आएं, ऐसा प्रयास करेंगे। कोशिश है कि ऐसे कार्यकर्ता और नेतृत्व उभरकर आए, जो लोकतंत्र को सशक्त बनाने में भूमिका निभाए। निकाय चुनाव में महापौर विकास का पर्याय होता है। देश को सशक्त बनाने में यह अहम भूमिका निभाते हैं।

भाजपा ने ओबीसी वर्ग को आरक्षण दिलाया है, जबकि कांग्रेस ओबीसी वर्ग का आरक्षण खत्म करने के लिए साजिश के तहत कोर्ट गई थी। कांग्रेस का पतन तय है, क्योंकि वह देश तोडऩे वालों के साथ है। हमारी कोशिश है कि हर बूथ पर ऐसा कार्यकर्ता उभरे, जो देश को आत्मनिर्भर बनाए।
- वीडी शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा

भाजपा ने ओबीसी वर्ग से धोखा किया:
चुनाव लोकतंत्र का यज्ञ है। भाजपा इसमें धोखे व गुमराह करने का काम करती है। भाजपा ने पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण के लिए संविधान संशोधन की मांग ठुकराकर ओबीसी वर्ग के साथ धोखा किया है। ओबीसी को इस कारण पंचायत चुनाव में 9 से 10त्न आरक्षण मिल सका। ऐसी करीब 23 जगह हैं, जहां ओबीसी आरक्षण शून्य है।

फिर भी भाजपा खुद को ओबीसी का हिमायती बताती है। हमने 15 माह की सरकार में नीति-नीयत का परिचय देते हुए प्रदेश को पटरी पर लाने का प्रयास किया, पर भाजपा सरकार ने केवल झूठ और गुमराह करने की राजनीति की है। आने वाले चुनाव में जनता भाजपा को सबक सिखाएगी।
- कमलनाथ, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में मौजूद जवाहर लाल नेहरू कैंसर अस्पताल के फर्जीवाड़े की तमाम परतें अब खुलने लगी हैं। गरीब मरीजों के नाम पर फर्जीवाड़ा करने के साथ ही अस्पताल प्रबंधन ने दवा खरीदी में भी जमकर गड़बड़ी की।

अस्पताल प्रबंधन ने न केवल शेल कंपनियों का गठन किया, बल्कि महज चार महीने में ही गरीब मरीजों को 14 करोड़ रुपए की दवाएं बेच दीं। जिससे पांच करोड़ का मुनाफा भी कमाया। इस मामले में अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ लोकायुक्त में भी शिकायत दर्ज कराई गई है।

शेल कंपनियों के नाम से हुए फर्जी बिल पास: शिकायत में कहा गया कि अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा शेल कंपनियों का गठन किया गया और करीब आठ करोड़ रुपए का गबन किया।

इन कंपनियों के माध्यम से करोड़ों रुपए के आयकर और जीएसटी की चोरी की गई। आधिकारियों द्वारा दिव्यज्ञान फार्मास्युटिकल, वियोदमान इंटरप्राइजेज, पीपी इंटरप्राइजेज, गोल्ड एंड गोल्ड इंटरप्राइजेज और आशिर्वाद इंटरप्राइजेज नाम की कंपनियां तैयार कीं। इनके बिलों में भारी गड़बड़ी सामने आई है।

अवांट््स कैंसर सपोर्ट फाउंडेशन में करोड़ों की खरीद फरोख्त: शिकायकर्ता रिटा. मेजर जनरल रावत के मुताबिक अस्पताल की सीईओ ने बेटे धनंजय पाराशर के नाम से अवांट््स कैंसर सपोर्ट फाउंडेशन नाम से कंपनी का गठन किया। कंपनी ने चार महीने में ही मरीजों को करीब 14 करोड़ की दवाएं बेच कर 4.6 करोड़ रुपए का भारीभरकम मुनाफा भी कमाया।

दवा के लिए बनाई गई कंपनी में करीब तीन करोड रुपए का इनकम टैक्स तथा जीएसटी की राशि बकाया है। आशंका जताई गई है कि मामला सामने आने के बाद अवांट््स कंपनी के सारे दस्तावेज , कम्प्यूटर और अन्य सामग्री कंपनी के कार्यालय से हटाकर कहीं और रखवा दिए गए हैं।

इस तरह हुई कमाई
मद : दिसंबर 21 से जन 22 : फरवरी 22 : मार्च 22 : कुल
ओपन स्टॉक : 0.00 : 46683409.00 : 58683694.00 : 105367103.00
परचेस मेडिसिन : 96210519.00 : 44601312.00 : 14790573.00 : 155602404.00
सेल मेडिसिन : 62449450.00 : 37374085.00 : 40633440.00 : 140456975.00
क्लोज स्टॉक : 46683409.00 : 58683694.00 : 54318105.00 : 159685208.00
ग्रॉस प्रॉफिट : 12913000.00 : 4771258.00 : 29000141.00 : 46684399.00
ग्रॉस प्रॉफिट प्रतिशत में : 20.68% : 12.77% : 71.37% : 33.24%

परिवार को मिलता है एक करोड़ सालाना वेतन
शिकायत में कहा गया है कि धनंजय पाराशर ने इलेक्ट्रिक कार खरीदी जिसके चार्जिग स्टेशन के निर्माण का खर्च अस्पताल के व्यय पर किया जा रहा है। अस्पताल से प्राप्त पे स्लिप के मुताबिक दिव्या पाराशर को प्रतिमाह 2.80 लाख तो उनके भाई राकेश जोशी को 2.45 लाख रुपए प्रतिमाह वेतन दिया जा रहा है। दवाई के लिए बनाई गई कंपनी में करीब तीन करोड़ रुपए का इंनकम टैक्स अब भी बकाया है।

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देश के पहले सीडीएस जनरल रावत के भाई को दिया झांसा, धोखाधड़ी की कोशिश

भोपाल। मध्यप्रदेश में होने जा रहे पंचायत चुनाव के लिए राज्य में पंच, सरपंच, जनपद सदस्य और जिला पंचायत सदस्य पद के लिए कुल 2 लाख 939 नामांकन पत्र जमा हो चुके हैं। सोमवार को आखिरी तारीख होने के चलते 8 घंटे के भीतर राज्य में 1.19 लाख से ज्यादा नामांकन जमा हुए। शुक्रवार तक इन सभी पदों के लिए 81,500 नामांकन-पत्र जमा हुए थे।

जिला पंचायत सदस्यों के सबसे ज्यादा 331 नामांकन सतना और सबसे कम 10 नामांकन हरदा जिले में हुए हैं। भोपाल में इस पद के लिए 91 नामांकन जमा हुए। यहां सबसे ज्यादा उठापटक वार्ड 8 में दिखाई दे रही है, क्योंकि यहां से 16 नामांकन दाखिल हुए है। वार्ड 9 से 14 प्रत्याशियों ने फॉर्म भरा है। सबसे कम 4 नामांकन वार्ड 2 से आए हैं।

उधर, प्रदेश में चुनाव लडऩे में महिलाओं ने खासी रुचि दिखाई है। कुल 55,098 महिलाओं ने पर्चा दाखिल किया है। जिला पंचायत, जनपद पंचायत और सरपंच पद के नामांकन भरने में महिलाएं पुरुषों से आगे हैं। पंच पदों में महिलाएं, पुरुषों से सिर्फ एक कदम पीछे हैं।

नामांकन जमा करने की समय सीमा 6 जून को दोपहर 3 बजे तक तय थी, लेकिन भीड़ बढऩे से टोकन दिया गया। प्रत्येक जिले में 2 से 3 ब्लॉक ऐसे थे, जहां शाम 6 बजे के बाद भी लोगों ने नामांकन पत्र जमा किया है।

पद : कुल फॉर्म : पुरुष : महिला
जिला पंचायत सदस्य : 5,983 : 2,775 : 3,207
जनपद पंचायत सदस्य : 17,310 : 7,899 : 9,411
सरपंच पद के लिए : 81,951 : 39,422 : 42,480
पंच पद के लिए : 95,695 : 49,022 : 46,538

136 अन्य अभ्यर्थियों ने नामांकन पत्र जमा किए।

जिला पंचायत के लिए कहां कम-ज्यादा फॉर्म
ये हैं टॉप-5 जिले
सतना : 331
शिवपुरी : 309
रीवा : 201
ग्वालियर : 183
मुरैना : 164

ये बॉटम-5 जिले
हरदा : 10
नरसिंहपुर : 35
खंडवा : 39
अनूपपुर : 45
बुरहानपुर : 51

आज फॉर्मों की जांच
नामांकन फॉर्मों की जांच (स्क्रूटनी) 7 जून को होगी। नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 10 जून है। इसी दिन चुनाव चिह्न आवंटित होंगे। नामांकन पत्र 30 मई से जमा होना शुरू हुए थे। अब पहले चरण के लिए मतदान 25 जून को, दूसरे चरण के लिए 1 जुलाई व तीसरे चरण के लिए वोटिंग 8 जुलाई को होगी।

भोपाल। प्रदेश की नदियों को छोडिए अब तो पैसा कमाने के लिए आध्यात्मिक क्षेत्रों में तक अनेक बदलाव किए जा रहे हैं। यहां तक की धार्मिक नगरी को तक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि यहां से भी आय में इजाफा हो सके।

दरअसल ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए आध्यात्मिक क्षेत्र के वनों में पेड़ों की कटाई और पहाड़ की खुदाई का विरोध शुरू हो गया है। कहा जा रहा है कि तीर्थनगरी को पिकनिक क्षेत्र ना बनाया जाए, ओंकारेश्वर में आध्यात्मिक क्षेत्र के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ मंजूर नहीं है।

आध्यात्मिक क्षेत्रों के विकास का स्वरूप भौतिकता से मुक्त रखा जाए, ताकि तीर्थाटन के लिए आने वालों को त्याग का भाव पैदा हो। अब निर्माण कार्यों के विरोध में राजधानी भोपाल में जनजागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में भारत हित रक्षा अभियान नामक संगठन 7 जून को भोपाल के रोशनपुरा पर धरना देगा।

अभियान चलाने वाले अभय जैन व उनके साथियों का कहना है कि कई तरह के प्रयास करेंगे। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखेंगे व आम लोगों से लिखवाएंगे। हस्ताक्षर अभियान चलाकर सरकार को ज्ञापन के साथ सौंपेंगे।

12 ज्योतिर्लिंगों में से एक ओंकारेश्वर पर्वत पर ओंकारेश्वर महादेव विराजित हैं। इस क्षेत्र में 68 तीर्थ हैं। हर साल यहां लाखों भक्त दर्शन को पहुंचते हैं।

भक्तों की मांग: इन बिंदुओं पर ध्यान दे सरकार
ऊंकार पर्वत पर तोड़-फोड़ तुरंत रोकी जाए। पर्वत पर वन क्षेत्र समेत अन्य में पेड़-पौधों की कटाई बंद हो।
नर्मदा नदी वर्षभर अविरल रहे यानी पानी बहता रहे, इसके लिए प्रयास हों।
पैदल और जल परिक्रमा पथ से किसी तरह की छेड़छाड़ न हो।
आदि शंकराचार्य की प्रतिमा, संग्रहालय का निर्माण आध्यात्मिक क्षेत्र से किसी अन्य जगह हो।

पर्वत पर स्थापित हो रही प्रतिमा
बता दें, सरकार 2500 करोड़ रुपए खर्च करके पर्वत की चोटी पर आदि शंकराचार्य की विशाल प्रतिमा स्थापित करवा रही है। संग्रहालय व अद्वैत वेदांत संस्थान भी बनेगा। अंतरराष्ट्रीय वेदांतपीठ के लिए जमीन के प्रस्ताव पर वन मंत्रालय ने मुहर लगा दी है। यह प्रस्ताव करीब पांच महीने पहले भेजा गया था।

भोपाल। राजधानी से स्लम खत्म करने के नाम पर बीते 12 साल में 4000 करोड़ रुपए से अधिक राशि के खर्च पर सवाल उठ रहे हैं। कम होने की बजाय इनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्लम वासियों को पक्के मकान देने काम किया जा रहा है, लेकिन स्लम है कि खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा। यही स्थिति शहर में 50 हजार से अधिक गुमठियों की है। इनके लिए भी दिखावे का ही काम हुआ।

स्लम-अवैध कॉलोनी में 7 लाख की आबादी
भोपाल मास्टर प्लान तैयार करने के लिए किए गए सर्वे में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। शहर की 23 लाख आबादी में से सात लाख स्लम और अवैध कॉलोनियों में निवास करती है। स्लम निवासियों की बात करें तो इनकी संख्या तीन लाख से अधिक है। सात लाख की ये आबादी प्रदेश के किसी भी छोटे शहर की कुल आबादी के बराबर है।

रोज कार्रवाई, फिर भी 50 हजार गुमठियां
शहर में अतिक्रमण अमला रोजाना अलग-अलग क्षेत्रों में 40 से अधिक गुमठियां हटाता है, बावजूद इसके शहरभर में 50 हजार निगम में दर्ज गुमठियां हैं। इनकी संख्या इससे अधिक हो सकती है। हर दिन ये कम होने की जगह बढ़ रही है, जबकि गुमठी विस्थापन के लिए बीते सालों में हॉकर्स कॉर्नर व अन्य कामों पर करोड़ों रुपए खर्च हुए हैं।

ये करना चाहिए: पूर्व प्रशासनिक अधिकारी एसके गुप्ता का कहना है कि निगम व जिला प्रशासन को सबसे पहले नई झुग्गियों पर रोक लगाना चाहिए। इनके बनते ही तुरंत हटाने की व्यवस्था हो। संबंधित क्षेत्र के अफसर- इंजीनियर की जिम्मेदारी तय कर देना चाहिए। झुग्गी विकसित होने पर कार्रवाई की जाना चाहिए। सामूहिक तौर पर स्लम एरिया को खाली करवाकर शिङ्क्षफ्टग करना चाहिए, इक्का दुक्का से बात नहीं बनती है।

सफल नहीं हुईं करोड़ों की योजनाएं
: राजीव आवास योजना के तहत ईडब्ल्यूएस आवास बनाने 700 करोड़ रुपए का बड़ा बजट खर्च किया गया। स्थिति ये हैं कि भानपुर में इन योजना के अधिकांश आवास खाली पड़े हैं। इनपर कब्जा हो गया। सही आवंटित नहीं हो पाए।

: जेएनएनआरयूएम के तहत 800 करोड़ रुपए शहरी गरीबों के लिए आवास बनाने काम हुआ। शहरभर में 18 से अधिक जगहों पर आवास बनाने का दावा किया, लेकिन स्लम खत्म नहीं हुए।

: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब 1500 करोड़ रुपए से अधिक राशि से काम किया जा रहा है। यहां तय समय से दो साल देरी से काम चल रहा, गुणवत्ता भी खराब है। अभी आवंटन की कवायद की जा रही है।

इसलिए नहीं खत्म हो रही झुग्गी
: सरकारी आवास परिवार के प्रमुख सदस्य के नाम आवंटित कराने के बावजूद परिवार के कुछ सदस्य वह झुग्गी नहीं छोड़ते हैं। यदि निगम आवास आवंटन के बाद झुग्गी तोड़ भी देता है तो उसी क्षेत्र में अन्य किसी सरकारी जगह पर झुग्गी तान ली जाती है।

: सरकारी आवास 350 वर्गफीट का होता है, जबकि झुग्गी में 1000 से 1500 वर्गफीट की जमीन घेरी हुई होती है। बड़े मकान को छोड़कर पक्के आवास में जाना पसंद नहीं किया जाता।

: स्थानीय जनप्रतिनिधि वोट बैंक की राजनीति के तहत झुग्गी विस्थापन का विरोध करते हैं। ऐसे में पक्का आवंटित आवास किराए पर चलवा दिया जाता है और परिवार वहीं स्लम में रहता है।

हाउसिंग फॉर ऑल के तहत लगातार आवास तैयार हो रहे हैं और शिफ्टिंग की जा रही है। स्लम फ्री सिटी बनाना हमारा लक्ष्य है और जल्द ही इसे हम प्राप्त कर लेंगे। गुमठियां हटवाई जा रही हैं। तय हॉकर्स कॉर्नर में शिफ्ट करेंगे। नए हॉकर्स कॉर्नर भी बनाएंगे। रोड पर गुमठी नहीं लगने दी जाएंगी।
- केवीएस चौधरी, निगमायुक्त

भोपाल। सरकारी तेल कंपनियों ने सुबह 6 बजे पेट्रोल-डीजल (Petrol-Diesel) की नई कीमत जारी कर दी है। हालांकि मंगलवार 7 जून को फ्यूल के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 21 मई को केंद्र की मोदी सरकार ने वाहन ईंधन (पेट्रोल-डीजल) (Petrol Diesel Price) की कीमत कम कर आम आदमी की राहत दी थी।

सरकार द्वारा पेट्रोल पर 8 रुपये और डीजल पर 6 रुपये एक्साइज ड्यूटी कम कर दी गई। इसके बाद पेट्रोल 9.50 रुपये और डीजल 7 रुपये प्रति लीटर सस्ता हो गया है। वहीं अब ओपेक, रूस समेत अन्य सहयोगी देशों के बीच कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाकर प्रतिदिन 6.48 लाख बैरल करने पर सहमति बनी है. इस फैसले से दुनियाभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें नीचे आने की उम्मीद बढ़ी है।

मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों में रेट

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पेट्रोल की कीमत 108.45 रुपये प्रति लीटर है और डीजल के दाम 93.72 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं. इंदौर में आज पेट्रोल के रेट 108.95 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 94.21 रुपये प्रति लीटर है. ग्वालियर में पेट्रोल के रेट 108.54 रुपये प्रति लीटर और डीजल 93.80 रुपये प्रति लीटर मिलेंगे।

चारों महानगरों में पेट्रोल-डीजल के दाम

– दिल्ली पेट्रोल 96.72 रुपये और डीजल 89.62 रुपये प्रति लीटर
– मुंबई पेट्रोल 111.35 रुपये और डीजल 97.28 रुपये प्रति लीटर
– चेन्नई पेट्रोल 102.63 रुपये और डीजल 94.24 रुपये प्रति लीटर
– कोलकाता पेट्रोल 106.03 रुपये और डीजल 92.76 रुपये प्रति लीटर
– नोएडा में पेट्रोल 96.57 रुपये और डीजल 89.96 रुपये प्रति लीटर
– लखनऊ में पेट्रोल 96.57 रुपये और डीजल 89.76 रुपये प्रति लीटर
– जयपुर में पेट्रोल 108.48 रुपये और डीजल 93.72 रुपये प्रति लीटर
– तिरुवनंतपुरम में पेट्रोल 107.71 रुपये और डीजल 96.52 रुपये प्रति लीटर
– पोर्टब्‍लेयर में पेट्रोल 84.10 रुपये और डीजल 79.74 रुपये प्रति लीटर
– पटना में पेट्रोल 107.24 रुपये और डीजल 94.04 रुपये प्रति लीटर
– गुरुग्राम में 97.18 रुपये और डीजल 90.05 रुपये प्रति लीटर
– बेंगलुरु में पेट्रोल 101.94 रुपये और डीजल 87.89 रुपये प्रति लीटर
– भुवनेश्वर में पेट्रोल 103.19 रुपये और डीजल 94.76 रुपये प्रति लीटर
– चंडीगढ़ में पेट्रोल 96.20 रुपये और डीजल 84.26 रुपये प्रति लीटर
– हैदराबाद में पेट्रोल 109.66 रुपये और डीजल 97.82 रुपये प्रति लीटर

सुबह 6 बजे कीमतों में होता है बदलाव

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव रोजाना सुबह 6 बजे होता है। सुबह 6 बजे से ही नई दरें लागू हो जाती हैं। पेट्रोल व डीजल के दाम में एक्साइज ड्यूटी डीलर कमीशन और अन्य चीजें जोड़ने के बाद इसका दाम लगभग दोगुना हो जाता है। विदेशी मुद्रा दरों के साथ अंतर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड-र्व की क्या हैं, इस आधार पर रोज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है।

जानिए आपके शहर में कितना है दाम

पेट्रोल-डीजल की कीमत आप एसएमएस के जरिए भी जान सकते हैं। इंडियन ऑयल की वेबसाइट पर जाकर आपको RSP और अपने शहर का कोड लिखकर 9224992249 नंबर पर भेजना होगा। हर शहर का कोड अलग-अलग है, जो आपको आईओसीएल की वेबसाइट से मिल जाएगा।

भोपाल। मध्यप्रदेश में पोर्टल के माध्यम से किए जाने वाले अनेक कार्यों में लगातार गड़बड़ी देखने को मिल रही है, एक ओर जहां छात्र-छात्राओं की ओर से ये शिकायत आ रही है कि पोर्टल पर फीस का जो ब्योरा दिखाया जा रहा है, उसके विपरीत निजी कॉलेज उनसे दोगुनी फीस की मांग कर रहे हैं। वहीं एक अन्य मामला अतिथि शिक्षकों की ओर से आया है कि पोर्टल में गड़बड़ी के चलते उनके द्वारा नए पंजीयन में ई-केवाएसी करते ही डाटा बदल जा रहा रहा है।

माना जा रहा है कि छात्र-छात्राओं के ई-प्रवेश की प्रक्रिया शुरू होते ही कुछ निजी कॉलेज मनमानी पर उतर आए हैं। जिसकी शिकायत छात्र-छात्राओं ने उच्च शिक्षा विभाग को की है, शिकायत में कहा गया है कि पोर्टल पर जो फीस का ब्योरा है, उसे मानने के बजाय निजी कॉलेज उनसे दोगुनी फीस मांग रहे हैं।

मामला सामने आने के बाद एसीएस शैलेंद्र सिंह ने आयुक्त दीपक सिंह को निर्देश दिए हैं कि तय फीस से ज्यादा लेने संबंधी निजी कॉलेजों की शिकायत किसी भी जरिए आए, जांच करवाएं। और रिपोर्ट के आधार पर मान्यता खत्म करें साथ ही संचालन समिति को ब्लैक लिस्टेड कर दें। वहीं सामने आ रही शिकायतों को देखते हुए कॉलेजों को ई-प्रवेश में छात्र-छात्रा के चयन पर कितना शुल्क ऑनलाइन लेना है, इस संबंध में एक बार फिर पत्र जारी किया गया है।

विभाग ने जारी किए नंबर
अपर मुख्य सचिव शैलेंद्र सिंह ने निर्देश दिए हैं कि यदि कोई कॉलेज छात्रों से ज्यादा शुल्क मांगता है, तो शिकायत मिलने पर जांच कराएंगे। दोषी पाए जाने पर संंबंधित कॉलेज की मान्यता खत्म करते हुए, संचालन समिति को ब्लैक लिस्टेड कर दिया जाएगा। वहीं एसीएस के निर्देश पर छात्रों के लिए आयुक्त कार्यालय में प्रवेश नियंत्रक कक्ष के फोन नंबर फिर जारी किए गए हैं। इसके तहत छात्र 0755-2554572, 2551698 और 2554763 नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

इधर, पोर्टल में गड़बड़ी से अतिथियों के नए पंजीयन में ई-केवाएसी करते ही बदल रहा डाटा
वहीं एक अन्य मामले में राजगढ़ के विभिन्न स्कूलों में अतिथियों के रूप में शिक्षकों के कंधे से कंधा मिलाकर सेवाएं देने वाले अतिथि शिक्षकों के नवीन पंजीयन कराए जा रहे हैं।

लेकिन नए पंजीयन में जीएफएमएस के पोर्टल में सामने आ रही गड़बड़ी के कारण कई आवेदक परेशान हैं, क्योंकि जो जानकारी वह पोर्टल पर डाल रहे हैं, उस समय तो यह सही नजर आती है, लेकिन जैसे ही दोबारा संकुल के पोर्टल पर किसी जानकारी को सत्यापन के लिए खोला जाता है, तो जन्मतिथि आधार कार्ड सहित विभिन्न तरह की जानकारियां गलत आ रही है।

माध्यमिक शिक्षा मंडल के माध्यम से इस बार गेस्ट फैकेल्टी पोर्टल में सुधार कराया गया है। जिसमें आवेदकों के आवेदन में ई-केवाईसी को भी शामिल कर दिया है। ऐसे में आवेदकों को समग्र आइडी के नंबर और आधार कार्ड के नंबर अपने आवेदन के साथ ही जमा करना है।

लंबे समय बाद आवेदकों को यह अवसर मिला है, ऐसे में वह चूकना भी नहीं चाहते। जैसे ही नवीन पंजीयन की शुरुआत हुई 2 दिन में ही बड़ी संख्या में लोगों ने अपने आवेदन किए, लेकिन 10 जून तक होने वाले इन आवेदनों में 2 दिन में जो आवेदन हुए हैं, उनमें कई तरह की गड़बड़ियां सामने आ रही हैं।

किसी के आधार कार्ड 18 अंक के दिखाए जा रहे हैं, तो समग्र आइडी में भी खासा अंतर आ रहा है। यही नहीं कई आवेदकों के सरनेम भी बदलकर दिखाए जा रहे हैं। ऐसे में जब कोई भी आवेदक आवेदन करने के बाद संकुल में अपने आवेदन का सत्यापन कराने के लिए पहुंचता है तो ऑनलाइन कुछ और जानकारी नजर आ रही है और उनके दस्तावेजों में अलग जानकारी दर्ज है। यही कारण है कि आवेदनों का सत्यापन नहीं हो रहा।

दोबारा नहीं कर पा रहे
ऐसे आवेदक जिनके आवेदनों में गलती आ रही है यदि वह उसमें संशोधन या सुधार के लिए दोबारा पोर्टल पर जाते हैं और जैसे ही वह अपनी जानकारी साझा करते हैं तो उन्हें एक मैसेज मिलता है कि पहले से ही यह आवेदन दर्ज है। ऐसे में दोबारा वह व्यक्ति आवेदन भी नहीं कर पा रहा है। आवेदकों कहना है यह स्थिति उस समय निर्मित हो रही है जब ई-केवाईसी को इसमें शामिल किया गया है।

इसलिए बदली व्यवस्था
किसी भी अतिथि के आवेदन के साथ ही की ई-केवाईसी कराने के पीछे माध्यमिक शिक्षा मंडल का यही उद्देश्य है कि सारा डाटा एक बार यदि ठीक के ऑनलाइन हो जाता है तो अतिथियों की सीनियरिटी का पता लगाया जा सकता है। आने वाले दिनों में यदि कभी अतिथियों के लिए कोई सुविधा मिलती है, तो निश्चित रूप से यह पंजीयन बहुत काम आएगा।

अत्यधिक परेशान हैं
आवेदन में सभी जानकारियां सही डाली गई थी, लेकिन सत्यापन के दौरान जानकारियां अलग बताई जा रही हैं। जब हम दोबारा आवेदन करने जा रहे हैं तो समग्र आइडी पहले से डली होने के कारण आवेदन भी नहीं हो पा रहा है, इसलिए अत्यधिक परेशान हैं।
- कपिल अहिरवार, आवेदक, राजगढ़

सत्यापन कराने गए तो गलत निकली जानकारी
आवेदन किया था जिसमें आधार कार्ड से लेकर जन्मतिथि और समग्र आइडी सब सही डाली और जब उसका सत्यापन कराने के लिए गए तो सभी जानकारी गलत दर्शाई गई। जिससे सत्यापन भी नहीं हो पाया और दूसरा आवेदन भी पोर्टल नहीं ले रहा है।
- शाजीदा खान, आवेदक, खुजनेर

तकनीकी त्रुटी हो सकती है, समय पर सुधार करवाएंगे...
हो सकता कि कोई तकनीकी त्रुटि हो, यदि ऐसे कोई प्रकरण जानकारी में है तो उसके स्क्रीनशॉट या फिर जो परेशानी आ रही है वह साझा करें। ताकि भोपाल इसकी जानकारी भेजी जा सके। ताकि कुछ कमी हो तो समय पर इसका सुधार भी हो जाए।
- बीएस बिसोरिया, डीईओ, राजगढ़

भोपाल। क्राइम ब्रांच पुलिस ने शहर में लंबे समय से चल रहे एक जुए की फड़ पर दबिश दी है। आरोपी अपने घर पर ही देर रात जुआ खिलवाता था और उसने पुलिस से बचने के लिए घर के चारों तरफ कैमरे लगवा रखे थे जिनसे वह 200 मीटर दूरी से ही किसी भी आने-जाने वाले को आसानी से देख लेता था।

पुलिस ने आरोपियों को पकडऩे के लिए आस पड़ोस के घरों की छतों से जाकर मकान में दबिश दी। पुलिस जिस समय दबिश देने पहुंची उस समय घर पर मौजूद आरोपी की पत्नी ने जमकर हंगामा किया और इस दौरान चार आरोपी मौके से भाग निकले।

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त क्राइम ब्रांच शैलेंद्र चौहान ने बताया कि बड़वाली मस्जिद रोड, जहांगीराबाद इलाके में शिजान अली उर्फ शैजी द्वारा अपने घर में जुआ खिलवाने की सूचना मिल रही थी। रविवार देर रात घेराबंदी कर क्राइम ब्रांच की टीम ने दबिश दी।

गिरफ्तार कर रुपए जब्त किए : पुलिस को मौके पर 7 लोग जुआ खेलते दिखे। पुलिस ने निशातपुरा निवासी शादाब खान उर्फ माया, मोहम्मद उमर, शकील उर्फ भैया और मोहम्मद ताहिर को गिरफ्तार कर 24 हजार 580 रुपए जब्त किए। जबकि जुआ खिलवा रहा शिजान उर्फ शैजी, अरसद उर्फ तोतला, सूफियाना और उवैश अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकले।

मां रह चुकी हैं पूर्व पार्षद, जमाता था धौंस
आरोपी शैजी की कई दिग्गज नेताओं और विधायक के साथ सोशल मीडिया पर तस्वीर है। वह खुद को अगला पार्षद प्रत्याशी बताते हुए लोगों पर अपने संबंधों की धौंस बताता है। उसकी मां भी पूर्व में पार्षद रह चुकी हैं। आरोपी अपने एजेंट शादाब उर्फ माया की मदद से घर पर ही जुआ चलवा रहा था। पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

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2-निजी कॉलेज मांग रहे ई-प्रवेश में पोर्टल से दोगुनी फीस! इधर अतिथि शिक्षकों का बदल गया डाटा

भोपाल। शाहपुरा इलाके में एक रिटायर्ड अधिकारी को कार का फास्टैग एक्टिवेट करवाने के लिए ऑनलाइन नंबर सर्च करना महंगा पड़ गया। उन्होंने ऑनलाइन नंबर सर्च कर उस पर कॉल किया था लेकिन फोन अटेंड नहीं हुआ। कुछ देर बाद उन्हें तीन अलग-अलग नंबरों से फोन आया और सामने वाले ने उनसे लंबी बातचीत कर ओटीपी समेत विभिन्न जानकारी हासिल कर ली। आरोपी ने उनके और पत्नी के खाते से करीब डेढ़ लाख रुपए पार कर दिए। पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।

एएसआई रमेश दुबे ने बताया कि ए-सेक्टर शाहपुरा निवासी ओमप्रकाश चौधरी (77) जल संसाधन विभाग के रिटायर्ड अधिकारी हैं। तीन जून को उन्होंने अपनी कार का काफी समय से बंद पड़ा फास्टैग एक्टिवेट करवाने के लिए ऑनलाइन नंबर सर्च किया था। उन्होंने उस नंबर पर कॉल किया लेकिन कॉल अटेंड नहीं हुआ। उन्हें उक्त नंबर से फोन आया और सामने वाले ने खुद को फास्टैग कंपनी का अधिकारी बताते हुए कहा कि हम आपका घर बैठे ही फास्टटैग चालू कर देंगे, लेकिन इसके लिए आपको कुछ जरूरी जानकारी बतानी होगी।

जो कहेंगे बताते जाइएगा, जल्द एक्टिवेट हो जाएगा

कॉल करने वाले व्यक्ति ने अलग-अलग तीन नंबरों से कॉल कर उन्हें अपनी बातों में उलझाए रखा और ओटीपी समेत विभिन्न जानकारी उनसे पूछ ली। काफी देर बात करने के बात कॉल करने वाले व्यक्ति ने उनसे कहा कि थोड़ी देर में आपका फास्टैग एक्टिवेट हो जाएगा। करीब आधे घंटे बाद ओम प्रकाश के खाते से 5 बार में 1 लाख 9 हजार 500 जबकि पत्नी के खाते से दो बार में 45 हजार रुपए कट गए। इस बीच उन्होंने कस्टमर केयर के नंबर पर भी कॉल किया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। रविवार देर रात उन्होंने थाने पहुंचकर पुलिस को मामले से अवगत कराया। पुलिस ने उनके दोनों बैंक खातों को ब्लॉक करवा दिया।

भोपाल। मध्यप्रदेश में किसानों के हित में अहम फैसला लिया गया है। इंदौर के पीथमपुर निवेश क्षेत्र में किसानों से ली जानेवाली जमीन के संबंध में राज्य सरकार ने यह फैसला लिया है। इसके अनुसार किसानोें को बाजार मूल्य की 20 प्रतिशत राशि नकद दी जाएगी। मंगलवार को सीएम शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक हुई जिसमें अन्य कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में मोटरयान अधिनियम के तहत कई प्रस्ताव थे लेकिन अभी इसे स्थगित कर दिया गया है।

कैबिनेट बैठक में इंदौर के पीथमपुर निवेश क्षेत्र में किसानों से जमीन लेने संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा हुई. पीथमपुर निवेश क्षेत्र में किसानों की 500 हेक्टेयर भूमि ली जानी है. राज्य सरकार के अनुसार किसानों की ये जमीनें लैंड पूलिंग स्कीम के तहत ली जाएंगी। कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया कि इसके लिए किसानों को जमीन के बाजार मूल्य के बराबर राशि का भुगतान किया जाएगा। पीथमपुर निवेश क्षेत्र में जिन किसानों की भूमि ली जाएगी उन्हें जमीन के बाजार मूल्य की 20 प्रतिशत राशि नकद दे दी जाएगी। किसानों को शेष 80 प्रतिशत नकद नहीं दी जाएगी बल्कि इस राशि के बराबर विकसित भूखंड दिए जाएंगे।

कैबिनेट की बैठक में भोपाल के अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र की जमीन के संबंध में भी निर्णय लिया गया. इसके अनुसार अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र में बहु उत्पाद कंपनियों को भूखंड दिए जाएंगे। कंपनियों को भूखंड दिए जाने में भी महिलाओं को प्राथमिकता मिलेगी।

बैठक में कोरोना महामारी के दौरान बसों का परिचालन बंद रहने पर मासिक किराया शुल्क में छूट देने का निर्णय भी लिया गया है। इससे राज्य सरकार पर 130 करोड़ रुपए का वित्तीय भार आएगा। बैठक में मोटरयान अधिनियम के तहत आए प्रस्तावों को लेकर मंत्रीस्तरीय समिति बनाई गई. इसमें परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के साथ लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव और सहकारिता मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया को भी शामिल किया गया है। सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद यह समिति अपनी अनुशंसा कैबिनेट को भेजेगी।

भोपाल। अगर आप ट्रेन सफर करते हैं तो आपके लिए जरूरी खबर है। आईआरसीटीसी ने ट्रेन टिकट बुकिंग के नियमों में बदलाव कर दिया है। आईआरसीटीसी से टिकट बुक करने वालों को बड़ी सुविधा मिल रही है। इस नए नियम के अनुसार, अब आप एक महीने में पहले से ज्यादा टिकट बुक कर सकते हैं। अगर IRCTC अकाउंट यूजर आईडी व्‍यक्ति के आधार से जुड़ा है तो वो व्‍यक्ति अब एक महीने में 24 ट्रेन टिकट आईआरसीटीसी की वेबसाइट और एप पर बुक कर सकता है।

आधार लिंक न होने पर सिर्फ 12 टिकट ही ऑनलाइन खरीदे जा सकेंगे। बता दें कि अब तक, इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) ने ऐसे लोगों को एक महीने में छह टिकट बुक करने की अनुमति दी थी, जिनका अकांउट आधार से लिंक नहीं है। आधार लिंक वाले अकाउंट से हर महीने 12 टिकट बुक किए जा सकते थे।

ऐसे करें आधार से लिंक

1. इसके लिए सबसे पहले IRCTC की आधिकारिक ई-टिकटिंग वेबसाइट irctc.co.in पर जाएं.
2. अब यूजर आईडी और पासवर्ड डालकर लॉग इन कर लें.
3. अब होम पेज पर दिख रहे ' My Account section' पर जाकर 'Aadhaar KYC' पर क्लिक करें.
4. इसके बाद अगले पेज पर अपना आधार नंबर डालें और 'Send OTP' पर क्लिक करें.
5. अब आपके Aadhaar Card के साथ रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP आएगा. इस ओटीपी को दर्ज करें और वैरिफिकेशन करें.
6. आधार से संबंधित जानकारी देखने के बाद नीचे लिखे 'Verify' पर क्लिक करें.
7. इसके बाद आपके मोबाइल पर मैसेज आएगा कि KYC डिटेल को सफलतापूर्वक अपडेट कर लिया गया है.

प्रोफाइल का आधार से वैरिफाई होना जरूरी

टिकट बुक करने के लिए एक पैसेंजर का प्रोफाइल आधार से वैरिफाई होना बहुत जरूरी है. मास्टर लिस्ट के अंतर्गत 'My Profile' टैब में दिया गया है. टिकट बुकिंग से पहले यहां पैसेंजर का नाम और आधार कार्ड डिटेल देकर मास्टर लिस्ट को अपडेट कर लें।

हर किसी की जिंदगी में तनाव होता ही है। ऐसे में यदि मैं किसी के चेहरे पर जरा भी हंसी ले आता हूं तो खुद को खुशनसीब समझता हूं। सोचता हूं कि अब आगे क्या करूं, जिससे लोग मुझे देखें-सुनें, ताकि वे हमेशा मुस्कुराते रहें। यह मिशन है कॉमेडियन और डांसर नवीन पांचाल का। पत्रिका के 40 अंडर 40 में सलेक्ट हुए नवीन ऐसे बच्चों को भी डांस सिखाते हैं, जिनके पास फीस के लिए पैसे नहीं होते। आइए जानते हैं उनकी जर्नी।

प्रश्न: कॉमेडी की शुरुआत आपने कब से की?

उत्तर: बेहतरीन इंदौरी के नाम से मेरा चैनल है। मैंने वीडियो बनाने की शुरुआत साल 2017 से की थी। देखते ही देखते फिर फनी वीडियो बनाने के साथ-साथ डांस भी करने लगा।

डांस करना मुझे बचपन से पसंद था। मैं चाहता हूं कि बच्चे भी डांस सीखें और डांस को समझें क्योंकि यह बहुत अच्छा हुनर है, जो सभी में नहीं होता है।

प्रश्न: डांस की फील्ड काचुनाव करते वक्त आपके माता-पिता का क्या रिएक्शन था?

उत्तर: जब मैंने डांस शुरू किया था तब पिता मना कर कहते थे कुछ और कर। कई बार लोग कहते थे कि आपका बेटा तो नाचता है, लेकिन फिर मम्मी उन्हें समझाती थीं। जब डांसशो किए, प्राइज मिले और अखबारों में नाम आने लगा तब मम्मी-पापा को प्राउड फील हुआ। अब तोपापा-मम्मी भी मेरी मदद करते हैं।

प्रश्न: आप क्या करते हैं? और कैसे अपने काम केजरिए लोगों को हंसाते हैं?

उत्तर: मैं लोगों को हंसाने का काम कर रहा हूं। मैं एक्टिंग करता हूं, डांस करता हूं। मुझे हमेशा से लगता था कि लोग बड़े स्ट्रेस में हैं और पैसा कमाने के काफी भागदौड़ करते हैं। सोचा क्यों न लोगों को हंसाने का काम किया जाए बस इसलिए कॉमेडी वीडियो बनाने लगा। साथ ही मैं डांस भी करता हूं।

प्रश्न: आप किस तरह के कॉमेडी वीडियो बनाते हैं? औरकिसी सेलेब्स के साथ डांस परफॉर्म किया है?

उत्तर: मैं चाहता हूं मेरे वीडियो बड़े और बच्चे सभी देखें, इसलिए मैं ऐसे ही वीडियो बनाता हूं, जो सभी एक साथ में भी देख सकें। मैंने डांस की फील्ड में भी बहुत से सेलिब्रिटी के साथ भी काम किया है। रियलिटी शो भी किए हैं।

दिवंगत सरोज खान जी से भी अवॉर्ड लिया है। आइपीएल ओपनिंग में हिस्सा लिया। एक्ट्रेस मलाइका अरोरा के साथ डांस किया है। अभिनेता टाइगर श्राफ के साथ एक कॉम्पीटीशन में भाग लिया था, जिसमें मैं विनर रहा। वह अनुभव मेरे लिए बहुत अच्छा था।

प्रश्न: आप किस तरह लोगों की मदद कर रहे हैं?

उत्तर: मेरा मानना है कि ऐसे लोगों को डांस सिखाया जाए, जो डांस करना चाहते हैं, लेकिन देने के लिए फीस न हो। इसलिए मैंने कई बच्चों को स्कूलों में डांस परफॉर्म कराई। इसी क्रम में 26 जनवरी के दिन भी डांस परफॉर्मेंस की तैयारियां कराई। इस तरह मैं उनकी मदद कर पाता हूं। दरअसल, मैंने भीकभी 500 रुपए महीना देकरडांस करना सीखा था।

हर व्यक्ति के अंदर कोई न कोई टैलेंट होता ही है, इसलिए उसे पहचानें और आगे बढ़ाएं। एक दिन जब आपका नाम होगा तो आपको और आपके परिवार को आप पर गर्व होगा। इसलिए मेहनत करते रहें।
- नवीन पांचाल (पत्रिका 40 अंडर 40), कॉमेडियन और डांसर

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भोपाल. नगर निगम चुनाव के ऐलान के बाद मध्य प्रदेश में दावेदारों के बीच टिकट की होड़ मच गई है। इसी कड़ी में सूबे की राजधानी भोपाल में सोमवार को जो नजारा देखने मिला वो शर्मसार कर देने वाला है। यहां पार्षद टिकट को लेकर कांग्रेसियों में जमकर लात-घूंसे चले हैं। 'बाहरी' के मुद्दे पर कांग्रेसी एक-दूसरे पर ही टूट पड़े। झूमाझटकी, मारपीट के साथ पार्टी नेताओं के सामने दावेदारों की गाली-गलौज भी आवाजें चारों ओर गूंजरही थीं। आपको बता दें कि, वार्ड पार्षदों की दावेदारी के दौरान यह मामला सामने आया है।

मामले को लेकर भोपाल जिलाध्यक्ष कैलाश मिश्रा का कहना है कि, मीटिंग में दावेदारों से बायोडाटा प्राप्त किये जा चुके थे। मीटिंग भी संपन्न हो चुकी थी। इसके बाद कुछ कार्यकर्ताओं के बीच ये नोकझोंक हुए है।

कांग्रेस की नई रणनीति के मुताबिक, भोपाल नगर निगम के चुनाव में टिकट बांटने के फॉर्मूले में बदलाव किया गया है। नई रणनीति के तहत दावेदार को पार्टी कार्यालय बुलाकर उसका बायोडाटा तो लिया ही जा रहा है, साथ ही संबंधित वार्ड में जाकर पार्टी उम्मीदवार के संदर्भ में सर्वे भी करा रही है। इसके अलावा, मीटिंग के जरिए दावेदार की काबिलियत और काम के प्रति जुझारुता भी जांची जा रही है। ये भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि, दावेदार जिताऊ है भी या नहीं। इसी व्यवस्था के तहत सोमवार को जिलाध्यक्ष कैलाश मिश्रा समेत अन्य वरिष्ठ कांग्रेस पुराने शहर के बोगदा पुल के पास गार्डन में कार्यकर्ताओं की मीटिंग लेने पहुंचे थे, जहां ये घटना सामने आई है। मामले का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दावेदार एक दूसरे पर हमला करते दुखाई दे रहे हैं। वहीं, वीडियो को लेकर मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी इसे कांग्रेस नेट प्रेक्टिस बताया है।

 

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सोशल मीडिया पर आलोचना, वरिष्ठ नेताओं की चुप्पी

आपको बता दें कि, भोपाल में हुई बैठक में वार्ड क्मांक -40, 41, 44, 58, 59, 69, 70 और 71 के कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया था। इसी दौरान उनके बीच विवाद हो गया। हालांकि, विवाद के वीडियो सामने आने के बाद जहां एक तरफ सोशल मीडिया पर इसकी आलोचना शुरु हो गई है तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता इसपर किसी तरह की टिप्पणी करने को तैयार नहीं हैं।


बाहरी का मुद्दा उठाया, कुर्सियां फेंकी

मीटिंग के दौरान एक दावेदार के बाहरी होने का मुद्दा भी उठाया गया। इसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। लात-घूंसे चलाने के साथ साथ सामने टेबल पर रखे कागज भी बिखेर दिए गए। हॉल में गालियां गूंज रही हैं तो वहीं, कुर्सियां भी इधर से उधर उछलती नजर आ रही हैं। हालांकि, मौके पर मौजूद वरिष्ठ नेताओं की समझाइश के बाद मामला शांत हो सका।

 

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40 बायोडाटा आए

जिलाध्यक्ष मिश्रा ने बताया कि मीटिंग में दावेदारों के कुल 40 बायोडाटा आए। इन पर वरिष्ठ नेताओं के साथ मिलकर रायशुमारी की जाएगी। जीतने वाले को ही उम्मीदवारी देने पर सेहमति होगी।

कांग्रेसियों में विवाद पर गृहमंत्री का तंज

सोशल मीडिया पर कांग्रेसियों के बीच हुई झड़प के वायरल वीडियो पर संज्ञान लेते हुए मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी कांग्रेस पर तंज कसा है। मिश्रा ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, 'निकाय चुनाव में टिकट को लेकर कांग्रेस में मचा घमासान असल में पार्टी की संस्कृति का हिस्सा‌ है। प्रत्याशी चयन को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच विवाद चुनाव से पहले एक तरह की नेट प्रैक्टिस है।'

भोपाल. मध्य प्रदेश में कोरोना एक बार फिर से रफ्तार पकड़ने लगा है प्रदेश में कोरोना के पॉजीटिव केसों की संख्या लगातार बढ़ने लगी है। राज्य में मगलवार को 17 नए केस सामने आए है और 34 मरीज ठीक होकर घर भी लौटे है। इस प्रकार सक्रिय रोगियों की संख्या 6 जून को 253 हो गई है। इससे पहले 16 मई को कोरोना के एक्टिव मामलों की संख्या 250 का आंकड़ा पार कर गई थी।
आपको बता दें कि प्रदेश में 6,932 लोगों के सैंपल लिया गए थे जिसमें से 6,892 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में पॉजिटिव रेट 0.5 फीसदी है। इससे पहले राज्य में पॉजिटिव रेट 0.3 तक ही थी। राज्य में बढ़ रहे मामलों के पीछे टीकाकरण की धीमी रफ्तार को भी एक वजह माना जा रहा है।

आपको बता दे कि राज्य में अभी तक साढ़े ग्यारह करोड़ से अधिक टीके की डोज लगाई जा चुकी है। एमपी हेल्थ डिपार्टमेंट के अनुसार सोमवार को पूरे मध्यप्रदेश में 4,3446 लोगों की टीका लगाया गया है। 2679 सरकारी केंद्रों पर टीके लगाए गए हैं। प्रदेश में सबसे ज़्यादा टीके छतरपुर जिले में 3983, छिंदवाड़ा में 2464 और शाजापुर में 2162 लोगों को टीके लगाए गए हैं। इस संख्या में 12 से 14 के बच्चों को लगाए गए टीके भी शमिल है।

एमपी में बच्चों को लगने वाले टीको का अभियान 23 मार्च से ही शुरू किया गया है। इसके साथ ही एमपी में कुल वैक्सीनेशन का आंकड़ा 11 करोड़ 93 लाख 75 हजार 377 तक पहुंच गया है। गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के मुताबिक, पिछले 24 घंट में प्रदेश का कोई भी पुलिस का जवान संक्रमित नहीं हुआ है। प्रदेश में पुलिस जवानो के केवल 2 एक्टिव केस है।

भारत में कोरोना केसों में 18 प्रतिशत मामलों में गिरावट आई है। भारत में पिछले 24 घंटो में 3714 मामले सामने आए है। भारत में अब तक कुल 43,185,049 केस सामने आ चुके है और कोरोना से कुल 42,633,365 लोग ठीक भी हुए हैं। वर्तमान में भारत में एक्टिव केसों की संख्या 26, 976 है। पिछले 24 घंटे में 2, 513 लोग ठीक हुए हैं। वही देश में अब तक कुल 524,708 लोगों की मौत कोरोना से हुई है। देश में वैक्सीनेशन की धीमी रफ़्तार का आलम ये है कि 24 घंटे में 13,96,169 वैक्सीनेशन हुआ ।

भोपाल. लड़की का दिल जीतने के लिए लड़के ने फिल्मी स्टाइल में रात 12 बजे लड़की के घर पहुंचकर उससे प्यार का इजहार किया। जब लड़की भी उससे प्यार करने लगी तो उसे अपनी बातों में फंसाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा। कई दिन गुजर जाने के बाद जब लड़की ने प्रेमी से शादी के लिए कहा तो उसने साफ लफ्जों में कह दिया कि अब किस लिए शादी करेंगे और धमकी भी दी। जिसके बाद लड़की थाने पहुंची और आरोपी प्रेमी के खिलाफ रेप की शिकायत दर्ज कराई।

 

रात 12 बजे घर आकर प्यार का इजहार
मामला भोपाल के हनुमानगंज इलाके का है जहां रहने वाली 21 साल की अंजलि (बदला हुआ नाम) ने रेप की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई है। अंजलि ने पुलिस को शिकायत दर्ज करते हुए बताया कि उसकी दोस्ती कुछ महीने पहले इब्राहिमपुरा में रहने वाले मॉज कुरैशी के साथ एक परिचित के माध्यम से हुई थी। इसके बाद उसके व मॉज के बीच फोन पर बातचीत होने लगी। इसी दौरान 22 मई को रात 12 बजे मॉज उसके घर आया और फिल्मी स्टाइल में उससे प्यार का इजहार किया। बात करते करते अंजलि भी मॉज से प्यार करने लगी थी और उसने मॉज का प्रपोजल स्वीकार कर लिया। वो मॉज को अपने घर के अंदर ले गई।

 

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संबंध बनाकर बोला- अब किस लिए करें शादी
अंजलि (बदला हुआ नाम) ने बताया कि उसी के घर में आरोपी मॉज ने मौका पाकर उसे कोल्ड ड्रिंक में कुछ मिलाकर पिला दिया जिससे उसे कुछ याद नहीं रहा। इसके बाद भी वो उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा। बाद में जब अंजलि ने मॉज से शादी करने के लिए कहा तो मॉज ने साफ लफ्जों में उससे कहा कि अब किस लिए शादी करें। अंजलि ने ये भी बताया कि उसने मॉज को मनाने की काफी कोशिश की लेकिन वो शादी के लिए तैयार नहीं हुआ और उसे जान से मारने की धमकी देने लगा। जिसके बाद अब पीड़िता ने पुलिस में आरोपी प्रेमी मॉज के खिलाफ रेप व जान से मारने की धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई है। फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है वो फरार हो गया है।

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भोपाल। भारतीय जनता पार्टी में वरिष्ठता और अनुभव अब पुरानी बात हो चुकी है। चुनावों में पार्टी अब नए चेहरों को सामने लाने का मन बना चुकी है। भाजपा इसके लिए प्रमुख शहरों में बाकायदा सर्वे करा चुकी है और टिकट वितरण का मुख्य आधार भी यही सर्वे ही होगा। पार्टी ने यह भी तय किया है कि प्रदेश में नगरीय निकाय चुनावों में नगर निगमों में महापौर के पद के लिए किसी विधायक को टिकट नहीं दी जाएगी।

प्रदेश में पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव में जीत के लिए पार्टी कोई कोर कसर नहीं रखना चाहती. इसके लिए लगातार काम किया जा रहा है। सबसे ज्यादा जोर टिकट वितरण पर दिया जा रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार स्वयं मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान इस पर गहराई से नजर रख रहे हैं. सीएम ने खुद प्रदेश के सभी नगर निगमों का सर्वे कराया है और इस सर्वे रिपोर्ट के मानदंडों के आधार पर ही टिकट दिए जाएंगे।

भाजपा की प्रदेश स्तरीय चुनाव प्रबंध समिति की बैठक में मोटे तौर पर यह तय कर लिया गया है। प्रदेश प्रभारी पी मुरलीधर राव और प्रदेश संगठन महामंत्री हितांनद शर्मा के साथ इस अहम बैठक में प्रदेश चुनाव प्रबंध समिति के संयोजक भगवान दास सबनानी तथा चुनाव संचालन समिति के संयोजक उमाशंकर गुप्ता भी मौजूद थे। इस बैठक में सभी जिलों और संभाग स्तर पर चुनाव समिति का जल्द गठन करने पर सहमति बनी।

9 को अहम बैठक, विधायक-पूर्व विधायकों को टिकट पर होगा फैसला -वहीं पार्षद और महापौर की टिकट के संबंध में भी चर्चा हुई. यहां यह तय किया गया कि पार्षद और महापौर की टिकट के मानदंड 9 जून की बैठक में फायनल किए जाएंगे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक भाजपा अब उम्रदराज नेताओं से किनारा कर नए चेहरों पर दांव लगाएगी. महापौर के टिकट ऐसे ही नए और युवा कार्यकर्ताओं को दिए जाएंगे. पार्टी स्तर पर पीढ़ी परिवर्तन का यह संकेत कई बार दिया जा चुका है।

मौजूदा विधायकों को महापौर के टिकट नहीं दिए जाएंगे. इसकी एक और अहम वजह अगले ही साल होनेवाले विधानसभा चुनाव भी हैं. ऐसे में इन सभी 16 जगहों पर वर्तमान विधायकों को टिकट नहीं दी जाएगी. सबसे खास बात यह है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के सभी 16 नगर निगमों में सर्व कराया है. चुनाव में टिकट वितरण में यह सर्वे सबसे महत्वपूर्ण आधार भी होगा।

भोपाल. पर्यावरण में और सुधार लाने के लिए प्रदेश में पहली बार वायु प्रदूषण की रियलटाइम मॉनीटरिंग के साथ ध्वनि प्रदूषण की मॉनीटरिंग शुरू की है। इसमें लिए साइलेंट जोन में बैरागढ़ सिविल हॉस्पिटल, कमर्शियल भीड़ भाड़ के लिए हमीदिया रोड स्थित मृगनयनी और इंडस्ट्री के लिए गोविंदपुरा में सैटअप लगाए गए हैं। चौथा पर्यावरण परिसर में लगा है। इसमें से मृगनयनी को छोड़कर बाकी तीन शुरू हो चुके हैं। इनको लगाने के पीछे का उद्देश्य ये है कि किस क्षेत्र में किस समय और किन कारणों से ध्वनि प्रदूषण का स्तर ज्यादा और कम रहता है। इसके बाद रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को भेजी जाएगी, ताकि उस क्षेत्र में जिन कारणों से मानकों से ऊपर ध्वनि प्रदूषण जा रहा है, उस पर कार्रवाई की जा सके।


आज की भागती दौड़ती जिंदगी में कई प्रकार के प्रदूषण बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में हवा खराब होने से फेंफड़ों और सांस संबंधी बीमारी और ध्वनि प्रदूषण से सुनने व अन्य प्रकार की बीमारी होती हैं। इन दोनों का स्तर एक ही डिस्प्ले बोर्ड पर दिखेगा। इसके लिए शहर में चार स्थानों पर डिस्प्ले बोर्ड भी लगे हैं। एक एयरपोर्ट पर, दूसरा रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, तीसरा मंत्रालय और चौथा पर्यावरण परिसर में है। जिनमें वायु के साथ अब ध्वनि के प्रदूषण का स्तर भी दिखेगा। अरेरा कॉलोनी को भी इसमें शामिल किया गया है।

डीजे, हैवी वाहन, प्रेशर हॉर्न बड़े कारण
प्रदूषण विभाग के अफसरों की मानें तो शहर में डीजे, हैवी वाहनों का शोर, प्रेशर हॉर्न, बुलट के तेज आवाज वाले साइलेंसर व अन्य मोडीफायड वाहनों से भी ध्वनि प्रदूषण होता है। इन चारों सेंटरों पर कौन से कारण ज्यादा ध्वनि पैदा कर रहे हैं, उक्त डाटा को बैठक में रख उन क्षेत्रों में उन पर रोक लगाने का काम जिला प्रशासन करेगा।

वर्जन
प्रदेश में पहली बार भोपाल में ध्वनि की भी रियलटाइम मॉनीटरिंग शुरू की है। इससे पता लन सकेगा कि किन क्षेत्रों में किन कारणों से ध्वनि प्रदूषण होता है।
ब्रजेश शर्मा, रीजनल ऑफीसर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

भोपाल. केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भोपाल आ रहे हैं। गुरुवार को वे सुबह भोपाल आएंगे और यहां से वे गृहनगर ग्वालियर भी जाएंगे। भोपाल में एक बैठक में शामिल होकर ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर के लिए रवाना हो जाएंगे। वे यहां अनेक कार्यक्रमों में शामिल होंगे. इस तरह ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए गुरुवार का दिन बेहद व्यस्त साबित होगा।

सुबह 10.10 बजे केंद्रीय मंत्री सिंधिया भोपाल एयरपोर्ट आ जाएंगे और वहां से सीधे पार्टी कार्यालय पहुंच जाएंगे-आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पार्टी के काम से भोपाल आ रहे हैं। वे एयर इंडिया की फ्लाइट से नई दिल्ली से भोपाल आएंगे। सुबह 10.10 बजे केंद्रीय मंत्री सिंधिया भोपाल एयरपोर्ट आ जाएंगे और वहां से सीधे पार्टी कार्यालय पहुंच जाएंगे। भाजपा हेडक्वार्टर में ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंग करेंगे। भोपाल में ज्योतिरादित्य सिंधिया करीब 4 घंटे तक रहेंगे।

ज्योतिरादित्य सिंधिया दोपहर करीब ढाई बजे ग्वालियर के लिए रवाना हो जाएंगे-भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंग के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया दोपहर करीब ढाई बजे ग्वालियर के लिए रवाना हो जाएंगे। केंद्रीय मंत्री सिंधिया विशेष विमान से गृहनगर ग्वालियर जाएंगे. वहां पर वे कई लोकल कार्यक्रमों में शामिल होंगे. स्थानीय कार्यक्रमों में शरीक होने के बाद केंद्रीय मंत्री सिंधिया शाम को ही विशेष विमान से राजधानी भोपाल लौट आएंगे। ज्योतिरादित्य सिंधिया रात्रि विश्राम भोपाल में ही करेंगे।

भोपाल में केंद्रीय मंत्री सिंधिया अपने सरकारी बंगले में रात्रि विश्राम करेंगें. उनका यह बंगला शहर के सबसे पॉश इलाके श्यामला हिल्स में है. उन्हें सरकारी बंगला बी/5 मिला है जिसमें वे करीब एक महीने पहले ही शिफ्ट हुए हैं।

केंद्रीय मंत्री सिंधिया के एमपी के इस दौरे की तैयारियां शुरु हो गई हैं। राजधानी भोपाल और गृहनगर ग्वालियर में उनके स्वागत के लिए कार्यकर्ता तैयारियों में जुट गए हैं। सूत्रों के अनुसार भोपाल में पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक आगामी चुनाव के संबंध में रखी गई है जबकि ग्वालियर के कार्यक्रम पूर्व निर्धारित हैं।


water crisis bhopal भोपाल. सीवेज नेटवर्क बिछाने वाली अंकिता कस्ट्रक् शन ने कोलार में अलग-अलग पांच से अधिक क्षेत्रों में पानी की लाइन फोड़ दी है। बीते करीब एक सप्ताह से ये लाइनें फूटी हुई है, लेकि इन्हें दुरूस्त नहीं किया जा रहा। नतीजा संबंधित क्षेत्रों में या तो पानी बेहद कम दबाव से आ रहा या फिर बेहद गंदा पानी आ रहा है।
सीवेज नेटवर्क बिछाने वाली टीम की बेपरवाही से कोलारवासियों को शुद्ध पानी की आपूर्ति मुश्किल में पड़ गई है। इसकी निगम को शिकायत हुई है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। कोलार के जेके हॉस्पिटल क्षेत्र में तो पांच दिनों से नल से जलापूर्ति ही नहीं हुई। इसे लेकर क्षेत्रीय जलकार्य इंजीनियर अंकित रघुवंशी समेत निगमायुक्त को शिकायत हुई। गंगा हाइट्स के पास भी सीवेज की टीम ने पानी की लाइन फोड़ दी है। यहां पाइप लाइन रिपेयर करने बजाए यहां इसके उपर कांक्रीट कर दिय। जेके रोड पर लीकेज से पूरा क्षेत्र परेशान है। पानी अब भी घरों में नहीं पहुंचा है। यहां नल से जलापूर्ति नहीं होने पर सवाल जवाब में निगम से टैंकर भिजवाने की बात कही गई। राजहर्ष कॉलोनी नम्रता नगर में नल से काफी गंदा पानी आ रहा। इस क्षेत्र में सीवेज एजेंसी ने पानी की लाइन फोड़ी हुई है। यहीं से नल के पानी में गंदगी मिलकर आ रही है।

निगम ने टाला लीकेज सुधार, अब रोजाना 1000 लोगो की जरूरत का पानी बह रहा
- नर्मदापुरम रोड पर बावडिय़ा ब्रिज प्रधान मंडपम के पास नर्मदा लाइन का लीकेज सुधार निगम ने टाल दिया है। गर्मी की वजह से ऐसा नहीं करना बताया जा रहा। एक अनुमान के लिए यहां से रोजाना 1000 लोगों की जरूरत का पानी बह रहा है। यदि लीकेज सुधार बारिश तक टाला तो इस माह के आखिर तक ही सुधार शुरू हो पाएगा। ऐसे में 20 हजार से 25 हजार लोगों की जरूरत का पानी नाली में बेकार बहने की स्थिति है। बावडिय़ा ब्रिज के पास लीकेज से बड़ा गड्ढा बन गया। यहां मंगलवार को सीमेंट के ढक्कन से ढांका गया। प्रधान मंडपन की ओर से गड्ढ़ा अब भ्भी खुला हुआ ही है।

इन्हें कराना है काम
- नगर निगम की अपर आयुक्त रिजू बाफना को कोलार से लेकर होशंगाबाद तक पानी से जुड़ी दिक्कतों को दूर कराना है। उनके पास भी इसकी शिकायतें पहुंची है। वे इसे दिखाने की बात कह रही है।

सुबह दिल्ली एवं मुंबई से आने वाली उड़ानों के टर्मिनल में पहुंचने के बाद अचानक धुआं उठने की घटना के बाद एयरपोर्ट प्रबंधन ने मौके पर फायर ब्रिगेड वाहनों को रवाना किया। मौके पर पहुंचकर देखा गया कि लाइटिंग एरिया के आस-पास लगी झाड़ियों में आग फैल रही थी। दमकल कर्मियों ने तत्काल फायर फाइटिंग सिस्टम से आग पर पानी डालकर काबू किया। मौके पर मुआयना करने के दौरान यह पाया गया कि एयरपोर्ट की बाउंड्री वॉल के निकट आसपास की कालोनियों के लोगों ने कुछ कचरे का सामान फेंका था। किसी अज्ञात व्यक्ति ने यहां कुछ जलता हुआ सामान फेंक दिया था जिसके चलते सूखी झाड़ियों में आग लग गई। सबसे पहले आग लाऊखेड़ी स्थित एयरपोर्ट की बाउंड्रीवाल के निकट लगी थी। यहां किसी ने कचरे में आग लगा दी थी, जो फैलकर एयरपोर्ट के लाइटिंग जोन के पास तक चली गई। एयरपोर्ट के फायर अमले ने सूचना मिलते ही एक दमकल के साथ मौके पर पहुचकर आग बुझाना शुरू किया। नगर निगम की दमकल भी मौके पर पहुंची, कुछ ही समय में आग पर काबू पा लिया गया।

नॉन ऑपरेशनल एरिया में लगी आग

प्रबंधन ने दावा किया कि जहां आग लगी, वह नान आपरेशनल एरिया है, इसलिए किसी प्रकार के खतरे की बात नहीं थी। लाइटिंग जोन भी काफी दूर है। इस क्षेत्र पर सुरक्षा बल की लगातार निगाह बनी रहती है, इसलिए तत्काल एक्शन लिया जाता है। एयरपोर्ट पर एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से फायर स्टेशन की स्थापना भी की गई है। यहां पर आधुनिक फायर उपकरण उपलब्ध है, जो किसी भी प्रकार की आग बुझाने में सक्षम है।

भोपाल. सोमवार से रणजी ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल राउंड का आगाज हुआ। टीम इंडिया में शामिल कुछ नए खिलाड़ी भी टीम के साथ क्वार्टर फाइनल में खेलेंगे। इन खिलाड़ियों में एक तेज गेंदबाज आवेश खान भी है, जो मध्य प्रदेश क्रिकेट टीम के अहम सदस्य हैं। टीम को क्वार्टर फाइनल में पंजाब के खिलाफ आवेश के बिना ही उतरना पड़ा। आशंकाएं जताई जा रही थी, कि इसका असर एमपी के प्रदर्शन पर पड़ेगा, लेकिन पहले ही दिन सारी आशंकाएं खारिज हो गईं।

इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए पंजाब की शुरूआत ही काफी खराब रही। एक हफ्ते पहले ही गुजरात टाइटंस को आईपीएल 2022 का खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाने वाले शुभमन गिल से बड़े स्कोर की उम्मीदें थीं, लेकिन ऐसा हो न सका. एमपी के पेसर दाते ने शुभमन गिल 9 रन बनाकर आउट हो गए। टीम को अपने कप्तान अभिषेक शर्मा से बड़ी उम्मीदें थीं। बाएं हाथ के युवा बल्लेबाज अभिषेक 47 ने अनमोलप्रीत सिंह 47 के साथ दूसरे विकेट के लिये 81 रन जोड़े, ऐसा लग रहा था कि टीम पटरी पर लौट रही है, लेकिन दाते ने 24वें ओवर में शर्मा को आउट करके पंजाब को एक और झटका दिया।

एक वक्त पंजाब का स्कोर दो विकेट पर 98 रन था, जो जल्दी ही छह विकेट पर 166 रन हो गया। सनवीर सिंह और विकेटकीपर बल्लेबाज अनमोल मल्होत्रा ने क्रमश: 41 और 27 रन बनाकर पंजाब को और भी छोटे स्कोर पर सिमटने से बचाया। मध्य प्रदेश के लिए अग्रवाल ने मनदीप सिंह और सनवीर को आउट किया। वहीं दाते ने 48 रन देकर और अग्रवाल ने 36 रन देकर तीन तीन विकेट लिये, इनके अलावा ऑफ स्पिनर सारांश जैन ने 45 रन देकर दो विकेट चटकाये। जवाब में मध्यप्रदेश ने बिना किसी नुकसान के पांच रन बना लिये थे।

सोमवार को रणजी ट्रॉफी क्वार्टर फाइनल के पहले दिन बंगाल को झारखंड के खिलाफ एक विकेट पर 310 रनों पर पहुंचा दिया। युवा सुदीप घरामी ने आखिरकार प्रथम श्रेणी शतक के साथ अपनी प्रतिभा का परिचय दिया, गेंदबाजी के साथ झारखंड के खिलाफ बंगाल ने अच्छा प्रदर्शन किया। वहीं घरामी ने अपने पिछले चार मैचों में 27 का उच्चतम स्कोर बनाया था, अपनी नाबाद 106 रनों की पारी के दौरान बढिय़ा तकनीकी से छाप भी छोड़ी, जिसके चलते 204 रनों में 13 चौकों और एक छक्के की मदद भी मिली।

भोपाल. मध्यप्रदेश में अब पंचायतों में परिवारवाद चलेगा। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख दलों का राष्ट्रीय नेतृत्व परिवारवाद से तौबा करने की बात कह चुका है। इससे दोनों दलों के बड़े नेता बहुत बेचैन हैं क्योंकि उनके बेटे—बहुओं को अब विधानसभा या लोकसभा की टिकट मिलने की उम्मीदें बहुत कम हो चुकी हैं. ऐसे में इन नेताओं ने अपने परिजनों का कैरियर संवारने के लिए अपने गांव—शहर में ही नया ठौर—ठिकाना ढूंढ़ लिया है. यही वजह है कि मध्यप्रदेश के स्थानीय निकायों के चुनाव में बड़ी संख्या में वरिष्ठ नेताओं के भाई—बहन—बेटे—बहू कूद पड़े हैं। अब इन्हें गांवों या शहरों की सरकार से ही आस बची है।

मप्र में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में मंत्रियों और दोनों दलों के विधायकों से लेकर पूर्व मुख्यमंत्री तक की प्रतिष्ठा दांव पर लग गई है। बडे़ नेताओं की पत्नी, बहू, बेटे से लेकर भाई-बहन तक इन चुनावों में लड़ रहे हैं। पंचायत के चुनावों में हालांकि पार्टी के सिंबल नहीं दिए जाते, ये गैरदलीय आधार पर होते हैं लेकिन हर कोई जानता है कि कौन सा प्रत्याशी किस पार्टी से संबंधित है।

राज्य में इस बार अलग—अलग प्रदेशों के दो पूर्व सीएम की प्रतिष्ठा दांव पर लग गई है. टीकमगढ़ से मप्र की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की बहू जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ रही हैं। उमा के भतीजे खरगापुर से ‌BJP विधायक राहुल सिंह लोधी की पत्नी उमिता सिंह जिला पंचायत के वार्ड नंबर 8 से चुनाव लड़ रही हैं। साथ ही उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और मप्र के पूर्व राज्यपाल रामनरेश यादव की पौत्रवधु रोशनी यादव भी निवाड़ी जिले से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ रही हैं। रोशनी भाजपा की जिला उपाध्यक्ष भी हैं।

निवाड़ी जिले के BJP विधायक अनिल जैन की पत्नी निरंजना जैन यहां से जनपद पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ रही हैं। टीकमगढ़ से भाजपा विधायक राकेश गिरी की तो दो बहनों ने जनपद पंचायत सदस्य के लिए नामांकन पत्र जमा किया है। विधायक की बहन कामिनी गिरी अभी टीकमगढ़ जनपद पंचायत की अध्यक्ष भी हैं। मप्र के वन मंत्री विजय शाह के बेटे दिव्यादित्य शाह ने खंडवा में जिला पंचायत के वार्ड नंबर 14 से अपना नामांकन दाखिल किया है। इधर गुना जिले की चाचौड़ा से भाजपा की पूर्व विधायक ममता मीणा ने नामांकन दाखिल किया है. उनके रिटायर IPS पति रघुवीर सिंह मीणा ने भी यहां से जिला पंचायत सदस्य के लिए नामांकन दाखिल किया है।

इसी तरह सतना जिले की रैगांव के विधायक रहे स्व. जुगल किशोर बागरी के बेटे पुष्पराज बागरी जिला पंचायत सदस्य के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। पुष्पराज ने बीते विधानसभा उपचुनाव में भी बागी होकर पर्चा भर दिया था लेकिन बाद में BJP नेताओं के आश्वासन पर उन्होंने पर्चा वापस ले लिया था।

ज्ञातव्य है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वंशवाद को लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया है। उन्होंने परिवारवाद के खिलाफ जंग लड़ने की बात भी की. उन्होंने भाजपा के लिए भी यह कहा था कि अगर सांसदों के बेटों को टिकट नहीं मिला है तो उसके लिए मैं जिम्मेदार हूं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा ने भी परिवारवाद का विरोध किया है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि आगामी चुनावों में सांसद, विधायकों के परिजनों को पार्टी का टिकट नहीं मिलेगा. कांग्रेस ने भी एक परिवार से केवल एक टिकट ही देने का ऐलान किया है.

भोपाल। मध्यप्रदेश में अब बिना हेलमेट के गाड़ी चलाना और महंगा पड़ेगा. इसके लिए तय जुर्माना अब बढ़ा दिया गया है. बिना हेलमेट के गाड़ी चलाने पर अब चार सौ रुपये जुर्माना लगेगा। इसके लिए पहले मात्र ढाई सौ रुपये शमन शुल्क लिए जाते थे. इसी तरह बिना परमिट के वाहन चलाने पर जुर्माना के रूप में अब दस हजार रुपये देना पड़ेगा। मंगलवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट में इस प्रस्ताव पर मंत्रीमंडलीय समिति का गठन कर दिया गया. इस समिति की अनुशंसा के बाद प्रस्तावों पर मुहर लगेगी।

प्रदेश के परिवहन विभाग ने करीब सात साल बाद जुर्माने के प्रावधान में संशोधन किया है। केंद्र सरकार ने अधिनियम में संशोधन करके विभिन्न धाराओं में जुर्माने के जो प्रावधान किए हैं, इसके अनुसार राज्य सरकार ने भी शमन शुल्क की दर संशोधित की है।

इन प्रस्तावों के अनुसार वाहन में लदा हुआ सामान का वजह तय सीमा से अधिक होने पर हल्के यान पर एक हजार, मध्यम यान पर पांच हजार और भारी यान पर दस हजार रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। यही राशि वाहन के पीछे, ऊंचाई या साइड से बाहर सामग्री निकलने पर लागू होगी. ट्रैक्टर ट्राली पर तय सीमा से अधिक सामान होने पर दो हजार रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। मोटरयान अधिनियम 1988 (संशोधन 2019) के नियम में इस तरह के अन्य अनेक प्रावधान भी प्रस्तावित किए गए हैं।

सबसे खास बात यह है कि अभी तक आपातकालीन यानों (एंबुलेंस आदि) को गुजरने देने में बाधा करने पर कोई शमन शुल्क निर्धारित नहीं था। अब इसके लिए एक हजार रुपए शुल्क के रूप में प्रस्तावित किए गए हैं। सुरक्षा बेल्ट का प्रयोग न करने पर पांच सौ रुपए देना होगा. इसी तरह मोटर साइकिल चालक या पिछली सीट पर बैठी सवारी के लिए सुरक्षा उपायों के उल्लंघन की स्थिति में शमन शुल्क पांच सौ रुपये किया जा रहा है। राहत की बात यह है कि ये प्रस्ताव अभी लागू नहीं किए गए हैं. मंत्री मंडलीय समिति की अनुशंसा के बाद ही इसे लागू किया जाएगा.

भोपाल. धरती का तापमान 1.1 से बढ़कर 1.2 डिग्री सेंटीग्रेड हो गया है, साथ ही लगातार बढ़ रहा है। इसे रोकने के लिए वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर पर कई योजनाएं चल रही हैं, लेकिन सभी समस्या के हिसाब से काफी नहीं हैं। इसी तरह यदि पृथ्वी पर जलवायु परिवर्तन में भी इसी तरह की वृद्धि हुई तो 2070 तक प्रलय के कारण जीवों के जीवन पर बड़ा खतरा उत्पन्न हो जाएगा। हाल ही में आपने अंतरिक्ष में रहने के विकल्प की तलाश में कई कार्यक्रमों के बारे में सुना होगा, कहीं न कहीं वे सभी इसी दिशा में इशारा करते दिख रहे हैं।

सरकार व आम जनता को भी करना होगा सहयोग
भारत के सामने अभी पर्यावरण संबंधी चुनौतियां हैं, जैसे भूमिक्षरण, भूजल में गिरावट, मिट्टी की उत्पादकता में कमी, वायु-जल प्रदूषण और जैव विविधता का नुकसान। जलवायु परिवर्तन इन चुनौतियों और समस्याओं को ओर बढ़ा देगा। जल संरक्षण और पौधरोपण ही इसके प्रभाव का मुकाबला करने के लिए सबसे जरूरी हथियार है। यह बात 'जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए वैश्विक और राष्ट्रीय प्रयास' विषय पर पांचवें बुच स्मृति व्याख्यान में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस बेंगलुरु के डॉ एनएच रवीन्द्रनाथ ने कही।

2030 तक CO2 का उत्सर्जन 40 प्रतिशत लाना होगा
डॉ. रवीन्द्रनाथ ने कहा कि पृथ्वी का तापमान 1.1 से 1.2 डिग्री सेंटीग्रेड बढ़ चुका है। जलवायु परिवर्तन के संकट से निपटने जरूरी है कि वैश्विक तापमान औसत 1.5 डिग्री सेंटीग्रेड पर स्थिर हो जाए। ऐसा करने के लिए 2030 तक ग्रीन हाउस गैसों और कार्बन डाई ऑक्साइड उत्सर्जन कम कर 40 प्रतिशत तक लाना होगा। ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने और जलवायु परिवर्तन के अनुकूलन की दिशा में भारत ने स्वैच्छिक प्रतिबद्धता दर्शाई है।

डॉ. रवींद्रनाथ ने बताया कि जलवायु परिवर्तन मानव समाज और प्राकृतिक पारिस्थितिकी प्रणालियों के सामने सबसे बड़ी पर्यावरणीय और विकासात्मक चुनौतियों में से एक है। साथ ही वर्तमान नीतियां, कार्यक्रम और कार्य योजनाएं वर्तमान में होने वाले नुकसान को कम करने के लिए अपर्याप्त हैं। इसलिए राष्ट्रीय और राज्य जलवायु कार्य योजनाओं और मिशनों से परे बहुत गंभीर परिवर्तनकारी रणनीति की आवश्यकता है।

हरे पेड़ों को दिया जाए अधिक महत्व
डॉ रामप्रसाद ने कहा कि हमें पर्यावरण के अनुकूल खपत पैटर्न अपनाना होगा और पेड़ों की रक्षा करनी होगी ताकि वे कार्बन डाइ ऑक्साइड को अवशोषित कर सकें, जो ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के प्रमुख कारणों में से एक है। उन्होंने वन विभाग की कार्य योजना में बदलाव पर जोर देते हुए कहा कि सदा हरे पेड़ों को दूसरे से अधिक महत्व दिया जाए।

सूबे में इनदिनों पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर सियासी पारा परवान पर है। एक ओर जहां सियासी दल शह और मात की बिसात बिछाने में मशगूल हैं तो वहीं दूसरी ओर प्रशासन सफल चुनाव संपन्न करवाने के लिए कमर कस रहा है। लिहाजा इसी फेहरिस्त में भिंड कलेक्टर का एक फरमान सोशल मीडिया में जबरदस्त चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल भिंड कलेक्टर सतीश कुमार एस की ओर से चुनाव के समय बीमारी का प्रमाण पत्र देकर ड्यूटी से बचने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति का आदेश पारित किया गया है। बता दें सूबे में इनदिनों पंचायतों और नगरीय निकाय चुनावों की प्रक्रिया जोरों पर चल रही है।
कलेक्टर के इस आदेश के बाद कर्मचारियों में मचा हड़कंप

भिंड कलेक्टर के इस आदेश के बाद से सरकारी कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। सबसे बड़ी दुविधा उन कर्मचारियों के समक्ष खड़ी हो गई है, जो कि असल में बिमारी झेल रहे हैं। और सवाल भी यही खड़ा हो रहा है कि आखिर कलेक्टर महोदय ये कैसे तय करेंगे की कौन सही बिमार है और कौन गलत। क्योंकि ऐसे आदेश से तो सचमुच बिमार पड़े कर्मचारियों के समझ तो बड़ी दिक्कत खड़ी हो जाएगी।
रीवा कलेक्टर ने भी जारी किया था ऐसा ही आदेश

बता दें रीवा कलेक्टर ने ही सबसे पहले ऐसा अजीबोगरीब आदेश जारी किया था। जिसमें उन्होंने अस्वस्थ्य चल रहे कर्मचारियों को चेताया था कि उन्हें जबरन रिटायर कर दिया जाएगा। रीवा कलेक्टर ने ये आदेश 27 मई को जारी किया था। कलेक्टर ने आदेश में लिखा था कि ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों के विरूद्ध शासन के नियमों के अंतर्गत 20 वर्ष की सेवा एवं 50 वर्ष की आयु के तहत अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने की कार्रवाई की जाएगी।

भोपाल। नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा अपने जमीनी कार्यकर्ताओं की पत्नी को टिकट दे सकती है. इसके लिए परिवारवाद को लेकर लागू प्रतिबंधों को कुछ शिथिल किया जाएगा। हालांकि पार्टी केवल उस स्थिति में ही यह छूट देगी जब महिलाओं के आरक्षित निकाय में योग्य महिला कार्यकर्ता नहीं मिल पा रही हो. पार्टी के पास यदि जीतने लायक प्रत्याशी का अभाव होगा तो इस स्थिति में परिवारवाद की नीति में आंशिक छूट देकर पार्टी कार्यकर्ता की पत्नी को टिकट दिया जा सकता है। भाजपा संगठन फिलहाल इस बात पर विचार कर रहा है। पार्टी की कोर ग्रुप की बैठक में इसपर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष नड्डा चुनावों में परिवारवाद पर रोक लगाने की बात कह चुके हैं- गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष नड्डा चुनावों में परिवारवाद पर रोक लगाने की बात कह चुके हैं। पीएम और अध्यक्ष के बयानों के बाद पार्टी लाइन से हटना बेहद कठिन है पर निकाय चुनावों में परिवारवाद पर कुछ शिथिलता जरूर मिल सकती है. गुरूवार को होेने वाली भाजपा कोर ग्रुप की बैठक में इस मामले में अंतिम फैसला लिया जाएगा. कोर ग्रुप की बैठक में प्रदेश प्रभारी पी मुरलीधर राव के अलावा केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया व नरेन्द्र सिंह तोमर भी शामिल होंगे।

कई निकायों में संबंधित वर्ग की महिला कार्यकर्ता नहीं होने की बात सामने आ रही है-जानकारी के अनुसार कई निकायों में संबंधित वर्ग की महिला कार्यकर्ता नहीं होने की बात सामने आ रही है. ऐसी स्थिति में पार्टी इन स्थानों पर अपने मंडल अध्यक्षों या किसी भी जमीनी कार्यकर्ता की पत्नी को टिकट दे सकती है। ऐसे मामले में पार्टी के सामने अन्य कोई विकल्प भी नहीं है। कोर ग्रुप की इस बैठक में जिला एवं संभाग स्तरीय चुनाव समिति के गठन पर भी निर्णय लिया जाएगा। गठन के बाद कोर ग्रुप के यह दूसरी बैठक होगी।

भोपाल. हिन्दू धर्म की मान्यताओं में तुलसी को माता का दर्जा दिया जाता है। कहा जाता है कि भगवान विष्णु को तुलसी अति प्रिय थी इसलिए लगभग हिन्दू के घर में तुलसी का पौधा जरुर होता है और रोजाना उसकी विधि विधान से पूजा अर्चना भी की जाती है। मान्यताओं के अनुसार जिस घर में तुलसी की पूजा होती है वहां देवी लक्ष्मी का वास होता है। लेकिन क्या आपको पता है कि घर में लगे तुलसी के पौधे में होने वाले बदलाव आपके जीवन में होने वाले शुभ-अशुभ घटनाओं के संकेत होते हैं। जिन्हें आपको कभी अनदेखा नहीं करना चाहिए और अगर आप इन संकेतों के बारे में नहीं जानते हैं तो चलिए हम आपको इनके बारे में आपको बताते हैं।

 

तुलसी का पौधा सूखना होता है अशुभ संकेत
घर में लगा तुलसी का पौधा अगर सूखने लगे तो इसे अशुभ माना जाता है और ये परिवार में आने वाले संकटों का संकेत होता है। कहा जाता है कि तुलसी की पूजा करने से सुख समृद्धि आती है ऐसे में अगर पौधा सूखने लगे तो ये घर में आने वाली आर्थिक तंगी का संकेत होता है।

 

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बार-बार पौधे का सूखना भी अशुभ संकेत
अगर आप घर में बार-बार तुलसी का पौधा लगाते हैं और हर बार तुलसी का पौधा सूख जाता है तो ये भी अशुभ संकेत है। इसका मतलब होता है कि आपके घर में पितृदोष है। पितृदोष होने पर परिवार में अक्सर विवाद होते रहते हैं। पितृदोष की शांति के लिए पीपल के पेड़ पर दीपक जलाएं।

 

तुलसी के पौधे का हरा-भरा होना शुभ संकेत
घर में लगे तुलसी के पौधे का फलना-फूलना बहुत शुभ संकेत है। धार्मिक मान्यता अनुसार जिस घर में तुलसी का पौधा हरा-भरा रहता है उन घरों में माता लक्ष्मी और विष्णु की कृपा से हमेशा सुख-समृद्धि बरकरार रहती है और इन घरों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

 

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तुलसी पूजा के दौरान रखें ये सावधानियां-

1. यूं तो घर में लगे तुलसी के पौधे पर नियमित जल चढ़ाना और पूजा करना शुभ होता है, लेकिन शास्त्रों में रविवार के दिन तुलसी के पौधे में जल अर्पित करना वर्जित माना गया है। वहीं इस दिन आप शाम के समय तुलसी के पास दीपक भी न जलाएं। इसके अलावा एकादशी और सूर्य व चंद्र ग्रहण के दिन भी तुलसी के पौधे में जल चढ़ाना सही नहीं माना गया है।

2. तुलसी का पौधा बहुत पवित्र माना जाता है। इसलिए इसकी पत्तियां कभी खराब या बासी नहीं होती हैं। यानी पुरानी तुलसी की पत्तियों को फेंकना नहीं चाहिए, बल्कि आप उन्हें पूजा में इस्तेमाल कर सकते हैं।

3. धार्मिक मान्यता के मुताबिक कभी भी पूजा के लिए या भोग में तुलसी दल का इस्तेमाल करने के लिए तुलसी के पत्तों को शाम के समय नहीं तोड़ना चाहिए क्योंकि इससे पाप चढ़ता है।

4. तुलसी का पौधा कभी भी घर की दक्षिण दिशा में नहीं लगाना चाहिए क्योंकि इससे परिवार के लोगों को धन हानि हो सकती है। वहीं घर की उत्तर या ईशान दिशा में लगा हुआ तुलसी का पौधा घर में सुख-समृद्धि लाता है।

(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सूचनाएं सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। patrika.com इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह ले लें।)


भोपाल।Panchayat Election के लिए प्रदेश में पंच से लेकर जिला पंचायत सदस्य तक के 5 लाख 56 हजार से अधिक नामांकन पत्र जमा हुए हैं, कई अभ्यर्थियों ने एक से अधिक नामांकन पत्र जमा किया है। आखिरी तारीख को 4 लाख 74 हजार से ज्यादा नामांकन पत्र जमा हुए हैं, जिसकी जानकारी देर रात तक अपडेट होती रही। सोमवार को दोपहर ढाई बजे के बाद नामांकन जमा करने वालों की भीढ़ बढऩे से रात 9 बजे तक नामांकन पत्र जमा करने की कार्रवाई जारी रही। कटनी में जिला पंचायत सदस्य पद के लिए एक अन्य अभ्यर्थी ने नामांकन पत्र जमा किया है।
पंचायत चुनाव के लिए प्रदेश में पंच से लेकर जिला पंचायत सदस्य पद के लिए सोमवार की देर रात तक तक नामांकन पत्र जमा करने की प्रक्रिया जारी रही। वहीं शुक्रवार तक इन सभी पदों के लिए सिर्फ 81 हजार पांच सौ से अधिक नामांकन पत्र जमा हुए थे। मंगलवार को नामांकन पत्रों की जांच पड़ताल की गई, जिसके बाद साढ़े पांच लाख से अधिक नामांकन पत्र सही पाए गए। जिला पंचायत सदस्यों के सबसे ज्यादा नामांकन रीवा में और सबसे कम हरदा जिले में जमा हुए हैं। वहीं भोपाल में 91 और इंदौर में इस पद के लिए 78 नामांकन पत्र जमा हुए हैं।

प्रदेश के सभी 313 ब्लाकों में बनाए गए क्लस्टरों में नामांकन पत्र जमा करने वालों की सोमवार को सुबह से भीड़ जमा हो गई थी। नामांकन पत्र जमा करने का कार्यक्रम देर रात तक जारी रहा। नामांकन जमा करने की समय सीमा 6 जून को शाम तीन बजे तक तय की गई थी, लेकिन इसमें जो लोगों ने नामांकन पत्र जमा करने वाले स्थल पर 3 बजे तक पहुंच गए थे, उन्हें टोकन दे दिया गया था। प्रत्येक जिले में दो से तीन ब्लाक ऐसे थे, जहां देर शाम तक भी लोगों ने नामांकन पत्र जमा किया है।

पंचायत चुनाव में महिलाओं ने दिखाई रुचि
पंचायत चुनाव लडऩे में महिलाओं ने जमकर अपनी रुचि दिखाई है। जिला पंचायत, जनपद पंचायत और सरपंच तथा पंच पद के नामांकन भरने में महिलाएं पुरुष से आगे हैं। पंच पद के लिए भी एक लाख 97 हजार महिलाओं ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है। जिला जनपद सदस्य, जनपद सदस्य और सरपंच पद के लिए कुल 296734 महिलाओं ने अपना पर्चा दाखिल किया।
पद ----------------अभ्यर्थी पुरुष---महिला

जिला पंचायत सदस्य --------3557-----4236

जनपद पंचायत सदस्य --------15709----20311

सरपंच -----------------65624-----74476

पंच - ------------------175556-----197711
-----------------------
्रपद ----------------अभ्यर्थी

जिला पंचायत सदस्य --7794

जनपद पंचायत सदस्य -36020

सरपंच ---------140109

पंच - ----373268

टॉप फाइव जिले जहां जिला पंचायत सदस्यों के नामांकन जमा हुए हैं

जनपद पंचायत सदस्यों के लिए

जिला -------जमा हुए नामांकन पत्र
रीवा ------383
सतना ----331
शिवपुरी --309
भिंड ------301
मुरैना --238

सबसे कम नामांकन पत्र जमा होने वाले पांच जिले

हरदा ----- 47
बुरहानपुर --51
नीमच -----67
बड़वानी----71
अलीराजपुर---75

कुल पद
जिला पंचायत सदस्य ----875
जनपद पंचायत सदस्य --6771
सरपंच---------------22924
पंच ----------------363348
दस जून को नाम वापसी की तारीख
पंचायत निर्वाचन के लिए अभ्यर्थियों के नाम वापिस लेने की अंतिम तारीख 10 जून है। इसके बाद यह तय हो जाएगा कि चुनाव मैदान में कितने प्रत्याशी जमे हुए हैं। इसी दिन निर्वाचन प्रतीकों का आवंटन भी होगा। नामांकन पत्र 30 मई से जमा होना शुरू हुए थे। प्रथम चरण के लिए मतदान 25 जून को, द्वितीय चरण के लिए मतदान एक जुलाई और तृतीय चरण के लिए मतदान 8 जुलाई को सुबह 7 बजे से अपरान्ह 3 बजे तक होगा। पंच-सरपंच तथा जनपद पंचायत सदस्य के लिए निर्वाचन परिणाम की घोषणा 14 जुलाई और जिला पंचायत सदस्य के लिए 15 जुलाई को होगी।

भोपाल. राजधानी भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में मंगलवार को एक बाघ अपने बाड़े से बाहर निकल गया. 4 साल का यह नर टाइगर 'शौर्य' के नाम से जाना जाता है जोकि बाड़े से निकलकर कहीं चला गया. खतरनाक टाइगर के अपने बाड़े से बाहर निकल जाने से वन विहार में हड़कंप मच गया। इतनी बड़ी चूक सामने आते ही सबसे पहले पार्क में मौजूद टूरिस्टों को बाहर निकाला गया. इसके साथ ही टाइगर की तलाश शुरू की गई। टाइगर करीब 1 घंटे बाद बारहसिंगा के बाड़े में पेड की छांव में आराम फरमाते मिला। उसे ट्रेंक्यूलाइज करने के बाद उसके बाड़े में लाया गया।

टाइगर जब बाड़े में नहीं दिखा तो हड़कंप मच गया, करीब 65 टूरिस्ट मौजूद थे- बताते हैं कि कर्मचारी सुबह टाइगर के बाड़े में सफाई करने गए थे। इसी दौरान बाड़े के पीछे बना इन्क्लोजर गेट खुला रह गया। इससे टाइगर आराम से बाहर निकल गया। बाद में टाइगर जब बाड़े में नहीं दिखा तो हड़कंप मच गया। वन विहार में उस समय करीब 65 टूरिस्ट मौजूद थे। उन्हें तुरंत बाहर किया गया और नए टूरिस्टों की एंट्री भी बंद कर दी गई।

एक टीम को टाइगर बारहसिंगा के बाड़े में छांव में सोते हुए मिला- इधर टाइगर की तलाश के लिए 4 टीमें बनाई गईं। एक टीम को टाइगर बारहसिंगा के बाड़े में छांव में सोते हुए मिला। टाइगर के बाड़े से यह महज 500 मीटर दूर है। टाइगर सो रहा था इसलिए उसे तब ट्रेंक्यूलाइज नहीं किया जा सका. जागने के बाद वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. अतुल गुप्ता व उनकी टीम ने टाइगर को ट्रेंक्यूलाइज कर वापस उसके पिंजरे में पहुंचाया।

बाघ 'शौर्य' पहली बार बाड़े से निकला। उसे सन 2021 में हरदा से इलाज के लिए वन विहार लाया गया था। कुछ दिन बाद उसे सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में छोड़ दिया गया लेकिन बाद में पुन: सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से इसे वन विहार लाया गया।

भोपाल। मध्यप्रदेश में सीएम राइज स्कूल अगले सोमवार से खुल जाएंगे। इसके साथ ही अन्य स्कूलों का नया सत्र भी शुरू होगा। इन स्कूलों में शैक्षणिक सत्र को लेकर जोर-शोर से तैयारियां चल रही है। स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेश के चयनित सीएम राइज स्कूलों के लिए 34 करोड़ रुपये का बजट जारी किया है। राजधानी के 8 सरकारी स्कूलों को बजट जारी किया गया है। इन स्कूलों में साज-सज्जा कराने के आदेश दिए गए हैं, ताकि नए सत्र की शुरुआत की जा सके। स्कूलों में रंगाई-पुताई से लेकर शौचालयों की साफ-सफाई पर ध्यान दिया जा रहा है। शैक्षणिक सत्र की शुरआत पर स्कूलों में समारोह का आयोजित किया जाएगा।

स्‍कूलों को आवंटित बजट का उपयोग कर रिपेयरिंग, सुरक्षा गार्ड, स्टेशनरी, स्वीपर आदि की व्यवस्था की जा रही -पहले दिन स्कूल खुलने पर बच्चों का उत्साहवर्धन किया जाएगा। बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया जाएगा। इसके अलावा कोविड गाइडलाइन का पालन करने की व्यवस्था भी की जा रही है। स्कूलों में रंगाई-पुताई से लेकर शौचालयों की साफ-सफाई पर ध्यान दिया जा रहा है। स्‍कूलों में सैनिटाइजर का इंतजाम भी रहेगा। स्‍कूल के गेट पर पैडल सैनिटाइजर रखे जाएंगे। सीएम राइज चयनित स्कूलों के साथ ही राजधानी के सभी स्कूलों में नए सत्र की तैयारी चल रही है। स्‍कूलों को आवंटित बजट का उपयोग कर रिपेयरिंग, सुरक्षा गार्ड, स्टेशनरी, स्वीपर आदि की व्यवस्था की जा रही है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अभी प्रदेश के 160 स्कूलों का डिजाइन फाइनल कर लिया गया है। चार एजेंसियों को इन स्कूल भवन तैयार करने के निर्देश दे दिए गए हैं।

राजधानी के 8 सरकारी स्कूलों को बजट जारी किया गया है। इसमें शासकीय हाईस्कूल बर्रई, शासकीय उमावि कन्या कमला नेहरू स्कूल, शासकीय उमावि बालक बैरसिया, शासकीय उमावि कन्या गोविंदपुरा भेल, शासकीय उमावि महात्मा गांधी स्कूल, शासकीय उमावि निशातपुरा, शासकीय उमावि करोंद, शासकीय उमावि कन्या बरखेड़ी को एक करोड़ से ज्यादा राशि दी गई है।

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