>>: महिलाओं की सुरक्षा-सम्मान और समानता में सहभागी बनेंगे बच्चे

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भोपाल@मनीष कुशवाह
प्रदेश में अब हाई और हायर सेकंडरी स्कूल के विद्यार्थी 'सकारात्मक मर्दानगी' का पाठ पढ़ेंगे। इससे समाज में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के साथ ही पुरुष प्रधान मानसिकता को खत्म करने में सहायता मिलेगी। दरअसल, स्कूल शिक्षा विभाग और यूनाइटेड नेशंस पॉपुलेशन फंड (यूएनएफपीए) की मध्यप्रदेश इकाई ने कक्षा नौवीं से 12वीं तक के लिए एजुकेशन मॉड्यूल 'उज्जवलÓ तैयार किया है। इसमें 18 अलग-अलग विषयों पर न केवल शिक्षण सामग्री तैयार की है, बल्कि इसमें करवाई जाने वाली एक्टिविटी को भी बताया है।

बता दें कि मप्र देश का पहला राज्य है, जहां पहली बार किशोरों को शिक्षा के साथ ही व्यक्तित्व विकास में सहायता मिलेगी। इसका उद्देश्य किशोरों के मन में मर्दानगी (पुरुषत्व) को लेकर सकारात्मक सोच विकसित करना है, ताकि वे किशोरियों और महिलाओं के प्रति संवेदनशील बनें। उनकी भावनाओं की कद्र करें और सहयोगात्मक रवैया अपनाएं। साथ ही उनकी सुरक्षा में सहयोगी बनें।

नए सत्र से 9306 स्कूलों में शुरू होगा प्रोग्राम
आगामी शैक्षणिक सत्र 2023-24 में प्रदेश के 9306 सरकारी हाई और हायर सेकंडरी स्कूलों में 'उज्ज्वल' प्रोग्राम की शुरुआत की जाएगी। इसके लिए सप्ताह में एक दिन एक घंटे की क्लास लगाई जाएगी। इसमें 18 अलग-अलग विषयों पर विद्यार्थियों को समानता की सीख दी जाएगी। 60 मिनट के प्रत्येक सत्र में विषय से संबंधित दो एक्टिविटी कराई जाएंगी। इसके बाद पांच मिनट में शिक्षक विषय के महत्व और अगले पांच मिनट में विद्यार्थियों द्वारा किए जाने वाले प्रयासों पर बात होगी। फिलहाल नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए एक समान

प्रदेश स्तरीय मास्टर ट्रेनर तैयार, हर स्कूल में होंगे दो ट्रेनर
'उज्ज्वल' में शामिल विषयों और इसके लिए की जाने वाली एक्सरसाइज को कराने के लिए यूएनएफपीए ने 170 प्रदेश स्तरीय ट्रेनर तैयार किए हैं। ये ट्रेनर आगामी शिक्षण सत्र से पहले जिला स्तर पर शिक्षकों को ट्रेनिंग देेंगे। प्रदेश में प्रत्येक हाईस्कूल और हायर सेकंडरी स्कूल में दो शिक्षकों को ट्रेनिंग देने की तैयारी है। इस हिसाब से 13 से 15 हजार शिक्षकों को ट्रेंड किया जाएगा।

इन विषयों पर विद्यार्थियों को देंगे 'शिक्षा'
उज्ज्वल के तहत विद्यार्थियों को 18 विषयों से रूबरू कराया जाएगा। इनमें उज्ज्वल भविष्य की ओर, जेंडर आधारित सोच बदलने में लड़कों की भूमिका, लड़कों से भेदभाव को चुनौती, भूमिकाएं बदलकर देखो, घर के कामों में लड़कों की भागीदारी, क्या है मर्दानगी, सकारात्मक मर्दानगी, हिंसा में मर्दानगी नहीं, ना को स्वीकार करना, लैंगिक अपराधों से कानूनी सुरक्षा, जेंडर आधारित चयन को रोकना, दहेज से परहेज, घरेलू हिंसा रोकने में लड़कों की भूमिका, सुरक्षित स्थान बनाएं, साइबर की दुनिया, जिम्मेदारी में भागीदारी और हम हैं नए हमारा अंदाज नया शामिल है।

इसलिए 'उज्ज्वल' की दरकार
मप्र में यूएनएफपीए की मदद से स्कूल शिक्षा विभाग वर्ष 2017 से उमंग नाम से जीवन कौशल शिक्षा कार्यक्रम संचालित कर रहा है। इसके तहत कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों को जीवन बेहतर करने की सीख दी जाती है। उमंग के लिए प्रदेशभर में 380 मास्टर ट्रेनर तैयार किए गए हैं। इसी क्रम में पहली बार किशोरों में लैंगिक समानता का पाठ पढ़ाने के लिए उज्ज्वल प्रोग्राम की शुुरुआत की गई है।

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