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Mahadev Mela - कई क्विंटलों का त्रिशूल लेकर 1326 मीटर ऊंचा पहाड़ चढ़ रहे लाखों लोग Friday 08 March 2024 09:15 AM UTC+00 Mahashivratri Mahadev Mela - महाशिवरात्रि पर एमपी के पचमढ़ी में लाखों शिवभक्त आ जुटे हैं। ये चौरागढ़ की ऊंची चोटी चढ़कर महादेव मेला में पहुंच रहे हैं। शिव भक्ति का ऐसा जुनून है कि कई क्विंटल वजनी त्रिशूल लेकर हंसते हंसते 1326 मीटर ऊंचा पहाड़ चढ़ रहे हैं। बम भोले और ओम नम: शिवाय की धुन गूंज रही है। चौरागढ़ को एमपी का कैलाश पर्वत भी कहा जाता है। यहां सतपुड़ा की दूसरी सबसे ऊंची चोटी है जहां हर साल महाशिवरात्रि के अवसर पर महादेव मेला आयोजित किया जाता है। चौरागढ़ में लगनेवाले इस मेले में नर्मदापुरम, छिंदवाडा, बालाघाट, सिवनी, मंडला सहित देशभर से शिवभक्त आते हैं। यहां महाराष्ट्र से सबसे ज्यादा महादेव की पूजा करने आते हैं। महादेव की पूजा करने से पहले छिंदवाड़ा में भूरा भगत भी जाते हैं। किवदंतियों के अनुसार भूरा भगत शिवभक्त थे और साधना करते रहते थे। उन्हें चौरागढ़ की पहाडि़यों में ही महादेव के दर्शन हुए। मान्यता है कि भूराभगत में वे एक शिला के रूप में उपस्थित हैं। नर्मदापुरम जिले के आनेवाले पचमढ़ी में महाशिवरात्रि के अवसर पर इस बार 10 दिवसीय मेला लगाया गया है। दुनियाभर में प्रसिद्ध यह महादेव मेला 9 मार्च तक चलेगा। इस बार मेले में अभी तक 8 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। एमपी के नर्मदापुरम के साथ ही बैतूल, पांढुरना और छिंदवाडा की ओर से श्रद्धालु चौरागढ़, बड़ा महादेव भूरा भगत, गुप्त महादेव, जटाशंकर आदि के दर्शन करने जा रहे हैं। इसके साथ ही महाराष्ट्र के नागपुर, अमरावती, अकोला, भुसावल, चंद्रपुर के श्रद्धालुओं का भी यहां मेला लगा हुआ है। सबसे खास बात यह है कि चौरागढ़ आनेवाले भक्त अपने साथ त्रिशूल लेकर आते हैं। कई त्रिशूल तो क्विंटलों वजनी रहते हैं। इसके बाद भी भक्त थकते नहीं हैं और वजनी त्रिशूल लेकर 1326 मीटर ऊंचा पहाड़ चढ़ जाते हैं। |
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