कटनी. एक पखवाड़े पहले हुई तेज बारिश, ओलावृष्टि से जिले के हजारों अन्नदाता के खून-पसीने की मेहतन पर पानी फिर गया था। नुकसान के जख्म अभी भरे नहीं थे, कि फिर जिले के सैकड़ों किसानों पर मौसम की मार पड़ गई है। रविवार की शाम तेज अंधड़ के साथ शहर सहित ग्रामीण इलाकों में जमकर बारिश हुई। बारिश के साथ कई गांवों में ओले भी जमकर गिरे। ओले गिरने के कारण लगभग एक सैकड़ा गांवों में फिर किसानों की फसलें खराब हुई हैं। आधा सैकड़ा गांवों में ज्यादा नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा नुकसान विजयराघवगढ़, बरही, रीठी, बिलहरी क्षेत्र में हुआ है। एक बार फिर बिगड़े मौसम ने किसानों की कमर तोड़ दी है।
ओले गिरने के कारण चना, मसूर, सरसों, बटरी के साथ सब्जी वर्गीय फसलों को नुकसान पहुंचा है। पश्चिम विक्षोभ की वजह से जिले का मौसम एकदम बिगड़ा हुआ है। सुबह जहां हल्की ठंडक रहीं तो वहीं दोपहर में लोगों को उमस ने बेचैन किया। दोपहर में बंूदाबांधी के बाद शाम को एकदम से मौसम बदल गया। तेज आंधी के साथ बारिश व ओले गिरने से मौसम में ठंडक घुल गई। मौसम विभाग के अनुसार रविवार का रात का तापमान 16.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि दिन का तापमान 30.3 डिग्री रहा। हवा 14. 4 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चली। विभाग के अनुसार 5 मार्च से एक नया सिस्टम बन रहा है, जिसके कारण फिर बारिश के आसार हैं।
बरही क्षेत्र में बारिश
बरही नगर में तेज बारिश के साथ गिरे ओले ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। रविवार की शाम तेज बारिश के साथ ओले गिरने किसानों को नुकसान हुआ है। दलहन व तिलहन की फसलों को भारी नुकसान बताया जा रहा है। ओले की बारिश से कई गांवों में अफरा-तफरी का महौल निर्मित हो गया। बरही नगर सहित ग्रामीण क्षेत्र में भी बारिश के साथ ओले गिरे हैं। क्षेत्र के चपना में भी काफी ओले गिरे हैं।
विगढ़ क्षेत्र में ज्यादा नुकसान
ओलावृष्टि से क्षेत्र के लगभग 20 गांवों ज्यादा नुकसान हुआ है। तहसीलदार वीके मिश्रा ने बताया कि शाम 4.10 बजे विजयराघवगढ़ सहित, राखी पुरैनी, गौरहा, देवरा कला, खलवारा, नन्हवारा, बंजारी, मझगवां सहित अनेकों ग्रामो में गिरे ओले के कारण भारी नुकसान हुआ है। किसानों ने प्रशासन से शीघ्र सर्वे कराने मांग रखी है। मौसम की बेरुखी से सर्वाधिक नुकसान दलहनी फसल को हो सकता है चना। व मसूर की फसल को लेकर किसान अत्यंत चिंतित हैं। किसानों के अनुसार मौसम की अनुकूलता से सिर्फ गेहूं की फसल को ज्यादा क्षति नहीं हुई, लेकिन दलहनी फसल को नुकसान हो रहा है।
रीठी क्षेत्र में भी आफत
रीठी-बिलहरी क्षेत्र के किसानों के खेतों में भी आसमान से आफत बरही। रीठी के ग्राम बांधा, इमलाज, निटर्रा, मगरधा सहित अन्य ग्रामों में ओले के साथ बारिश हुई है। इससे गेहूं सहित चना, मसूर, सरसों की फसल खराब हो गई है। नुकसान के कारण किसान एकबार फिर सहम गए हैं।
इस कारण हुई बारिश
मौसम वैज्ञानिक संदीप कुमार चंद्रवंशी ने बताया कि एक पश्चिम विक्षोभ अफगानिस्तान व उसके आसपास के क्षेत्र में बना हुआ है व एक द्रोणिका पश्चिमी राजस्थान से लेकर पाकिस्तान तक जा रही है, जिसके चलते जिले का मौमस बिगड़ा हुआ है। सोमवार को मौसम साफ होने का अनुसार है। हालांकि हिमालय क्षेत्र में 5 मार्च से एक नया सिस्टम बन रहा है, उसके एक्टिव होने पर आगामी दिनों में फिर बारिश के आसार हैं।