>>: जिम्मेदारों की लापरवाही में सड़ गई 6400 क्विंटल चावल, 19 करोड़ का नुकसान

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अनूपपुर। प्रदेश के खाद्य मंत्री बिसाहूलाल सिंह के गृह जिले अनूपपुर में अनाजों के भंडारण और देखभाल में विभागीय अधिकारियों की लापरवाही बरकरार है। जहां पूर्व में सजहा वेयरहाउस से ७ करोड़ १५ लाख रुपए के चावल के खुदबुर्द का मामला तीन साल बाद कोतवाली थाने में दर्ज हुआ। वहीं ९०० क्विंटल चावल के लोडिंग-अनलोडिंग सहित करोड़ों के अन्य कई प्रकरण पर कार्रवाई के अभाव में कागजों में दम तोड़ रहे हैं। वहीं अब बिजुरी स्थित शुभ वेयरहाउस में भंडारित ६४०० क्विंटल चावल के सडऩे का मामला सामने आया है। वेयरहाउस में पिछले पांच साल से भंडारित चावलों की चार लॉट में दो लॉट के १२००० से अधिक बोरी चावल खराब हो गए हैं। यहां खराब हुए चावल काले पड़ गए हैं। क्वालिटी के अनुसार देखा जाय तो इसे जहरीला चावल भी कहा जा सकता है। अब विभाग इन चावलों की लॉट में छंटनी कर सड़ गए चावल को बाहर निकालने और शेष को अपग्रेडेशन की तैयारी कर रही है। हालंाकि विभागीय अधिकारी ने इस सम्बंध में भोपाल को पत्र लिखकर निराकरण की अपील है। जिला नागरिक आपूर्ति अधिकारी एके रावत ने बताया कि यहां वर्ष २०१७-१८ और वर्ष २०१९-२० के चावल भंडारित हैं। यहां तीन मिलों आयशा, अन्नपूर्णा और गजानंद मिल से चावल के खेप वेयरहाउस में भंडारण के लिए पहुंचे थे। लेकिन यहां वेयरहाउस प्रबंधक की लापरवाही में करोड़ों की चावल खराब हो गए हैं। आरएम सतना ने इस सम्बंध में पत्र भेजा था, जहां १३ जुलाई में गोदाम की जांच में गोदाम खुलवाने पर चावल खराब होने की मात्रा सामने आई।
विभागीय और वेयरहाउस प्रबंधक की लापरवाही में १९ करोड़ के चावल खराब
विभागीय सूत्रों के अनुसार मिलों से वर्ष २०१७-१८ और वर्ष २०१९-२० में यहां तीन मिलों से चावल का भंडारण हुआ था। जिसमें संभावना है कि मिलरों ने अमानक चावल का भंडार किया। हालंाकि जिला नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से मिलर को एफएक्यू किया गया है, यानी मानक चावल। लेकिन बाद में उसका उठाव नहीं होने पर इनमें कीड़े लग गए। इस दौरान यहां से कुछ चावल की बोरियों का उठाव कराते हुए द्वार प्रदाय योजना के तहत आसपास के कुछ दुकानों पर भेजा गया। जिसकी शिकायत जिला खाद्य आपूर्ति विभाग के पास आई। यहां जिला खाद्य आपूर्ति विभाग ने चावल की जांच पड़ताल कर इसे अमानक बताते हुए वितरण नहीं किए जाने और अपग्रेडेशन के लिए जिला नागरिक आपूर्ति विभाग को पत्र लिखा। बावजूद जिला नागरिक आपूर्ति विभाग ने न तो वेयरहाउस के खिलाफ कार्रवाई कर इसके प्रबंधन के लिए जिम्मेदारी सौंपी और ना ही उसका अपग्रेडेशन कराया। जिसका परिणाम यह हुआ है कि अब यह ६४०० क्विंटल लगभग १९ करोड़ २ लाख की चावल खराब हो गई है।
आरएम सतना ने पूर्व में भी अपग्रेडेशन के लिए लिखा था पत्र, विभाग ने की अनदेखी
जिला नागरिक आपूर्ति विभाग के अनुसार इस सम्बंध में आरएम सतना ने दो साल पूर्व अमानक हुए चावल को देखते हुए तत्कालीन अधिकारी को पत्राचार कर अपग्रेडेशन के लिए पत्र लिखा था। इसके अलावा जिला खाद्य आपूर्ति विभाग ने भी पत्र जारी किया था। जिसमें नागरिक आपूर्ति विभाग ने चावल का अपग्रेडेशन नहीं कराया। वहीं विभागीय अधिकारियों ने वेयरहाउस के साथ सांठगांठ करते हुए चावल का उठाव तक नहीं कराया और उसे गोदाम में ही भंडारित कर फ्यूमीनिगेशन कर दिया।
दवा के छिडक़ाव के बाद नहीं हटाया कवर, काले पड़ गए चावल, हो गया जहरीला
तत्कालीन वेयर हाउस कोतमा के शाखा प्रबंधक ने भी गोदाम में भंडारित चावल की सुरक्षा मानको की अनदेखी कर दी। यहां कीड़ों से बचाव में गोदाम प्रबंधक ने दवाई का छिडक़ाव कर छोड़ दिया। समय पर कवर नहीं हटाने से चावल अब काले पड़ गए हैं, यानी सल्फर की मात्रा चावल के दानों के भीतर तक पहुंच गई है, जो अब जहरीला कहा जा सकता है। ये अब खाने योग्य भी नहीं बचा है।
वर्सन:
वेयरहाउस प्रबंधक और तत्कालीन अधिकारियों की लापरवाही में यह चावल सड़ा है। इसके लिए हमने निराकरण के लिए भोपाल पत्र लिखा है। वसूली की जाएगी।
एके रावत, प्रबंधक जिला नागरिक आपूर्ति अनूपपुर।
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