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लोकसभा चुनाव के बीच कन्हैया कुमार ने भारत निर्वाचन आयोग में विधानसभा चुनाव की जानकारी के ल लिए आरटीआई लगाई है। इसमें मध्य प्रदेश और राजस्थान में वर्ष 2023 में हुए विस चुनाव की जानकारी मांगी है। जानकारी का जवाब तैयार करने में दोनों राज्यों के चुनाव अधिकारियों की माथापच्ची बढ़ गई है। आयोग के पत्र के आधार पर कुछ जिले के चुनाव अधिकारियों ने जानकारी देने से पहले कन्हैया कुमार से खर्च जमा करने के लिए पत्र भेजा है। प्रत्येक जिले ने प्रति पेज दो रुपए की दर से शुल्क जमा करने का पत्र आरटीआई के मेल पर भेजा है।

विधानसभा चुनाव की जानकारी मांगी गई

आरटीआई में बिहार के रहने वाले कन्हैया कुमार ने भारत निर्वाचन आयोग से वर्ष 2023 में मध्य प्रदेश और राजस्थान में हुए विधानसभा चुनाव की जानकारी मांगी गई है। आरटीआई में विस चुनाव में प्रारूप 17-ग की जानकारी मांगी है। इसमें प्रत्येक विधानसभा में कुल डाले गए मत और प्रत्याशियों को मिले मतों की संख्या आदि शामिल है। इस दौरान विस चुनाव की जानकारी मांगे जाने से चुनाव अधिकारियों में ही नहीं बल्कि राजनीतिक दलों में भी हलचल पैदा हो गई है। मप्र के कुछ जिलों ने इसकी जानकारी भेजने से पहले आरटीआई लगाने वाले से शुल्क जमा करने के लिए पत्र भेजा है। दोनों राज्यों में 100 से अधिक जिले के चुनाव अधिकारियों को विस चुनाव में डाले गए मत व प्रत्याशियों को मिले वोटों की सत्यापित जानकारी तैयार करने में माथापच्ची बढ़ गई है।

हर जिले में पांच से दस हजार का खर्च
कन्हैया कुमार की विधानसभा स्तर पर प्रत्याशियों की जानकारी भेजने के लिए हर जिले में औसत पांच से दस हजार रुपए खर्च करने होंगे। आरटीआई के जवाब के लिए जिला निर्वाचन अधिकारियों ने राशि जमा करने पत्र भेजा है। मप्र में कुछ जिले के चुनाव अधिकारियों ने आरटीआई लगाने वाले को पत्र भेजकर खर्च जमा करने को है। खंडवा में चार विस क्षेत्र में प्रत्याशियों की जानकारी देने में 6 हजार 782 रुपए का खर्च आ रहा है। इस हिसाब से दोनों राज्यों में जानकारी देने में लाखों रुपए चुकाने पड़ेंगे।

खंडवा का दस्तावेज स्ट्रांग रूम में सील

-उप जिला निर्वाचन अधिकारी खंडवा ने आरटीआई के तहत विधानसभा चुनाव की मांगी गई है, अभी मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। जवाब में भेजे गए पत्र में कहा है कि वर्तमान समय में खंडवा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र का मामला न्यायालय जबलपुर में विचाराधीन होने से विधानसभा निर्वाचन 2023 संबंधी महत्वपूर्ण दस्तावेज दृढ़ कक्ष में सुरक्षित रखे गए हैं। इस लिए मांगी गई जानकारी उच्च न्यायालय के याचिका प्रकरण क्रमांक 02 / 2024 में अंतिम आदेश के उपरांत प्रदाय की जाएगी।

इनका कहना...खंडवा विधानसभा की उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है। दृढ़ कक्ष में इवीएम मशीनें व दस्तावेज सीलकर चाबी कोषालय में जमा है। कोर्ट के अंतिम आदेश के बाद आरटीआई में मांगी गई जानकारी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

आरसी खेतड़िया, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, खंडवा

विधानसभा चुनाव-2023 में कांग्रेस के प्रत्याशी रहे कुंदन मालवीय ने भाजपा की विधायक कंचन तनवे की जाति को चुनौती देने के लिए हाइकोर्ट में याचिका दायर की है। इस याचिका ने इससे बिहार के नेता कन्हैया कुमार के आरटीआइ आवेदन की जानकारी रोक दी गई है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने इस संदर्भ में पत्र भेजकर कन्हैया कुमार को अवगत करवाया है। मालवीय ने इससे पहले तत्कालीन विधायक देवेन्द्र वर्मा के जाति प्रमाण पत्र के खिलाफ भी याचिका दायर की थी, हालांकि विधायक वर्मा का मामला उच्च स्तरीय जांच कमेटी के स्तर पर लंबित है। इस मामले में मालवीय अवमानना याचिका तक गए थे लेकिन वर्मा की जाति का मामला हाइपॉवर कमेटी के समक्ष चला गया।

विधायक का चुनाव जीतने वाली कंचन तनवे के खिलाफ

अब पिछले चुनाव में विधायक का चुनाव जीतने वाली कंचन तनवे के खिलाफ याचिका दायर की है। याचिका हाइकोर्ट ने दर्ज कर ली है लेकिन अभी तक बेंच की लिङ्क्षस्टग नहीं हो पाई है। याचिका में दावा किया गया है कि उनके प्रमाण-पत्र में पिता के स्थान पर पति का नाम लिखा है। इतना ही नहीं उन्होंने नई गाइडलाइन के तहत जाति प्रमाण-पत्र नहीं बनवाया है। पुराना प्रमाण-पत्र ही चुनाव के दौरान जमा किया गया, यह नियमों विपरीत है। खंडवा उप जिला निर्वाचन अधिकारी आरसी खेतडिय़ा ने बताया कि उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है। इस लिए खंडवा विस क्षेत्र में चुनाव के दौरान उपयोग इवीएम व अन्य दस्तावेज ²ढ़ कक्ष में सीलकर चाबी कोषालय के डबल लॉक में रखी गई है। कोर्ट के आदेश के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।



आयोग में लगाई आरटीआइ, मप्र-राजस्थान की मांगी जानकारी
बिहार के कन्हैया कुमार ने चुनाव आयोग से वर्ष 2023 में मध्य प्रदेश और राजस्थान में हुए विधानसभा चुनाव में प्रारूप 17-ग की जानकारी मांगी है। इसमें प्रत्येक विस में कुल डाले मत और प्रत्याशियों को मिले मतों की संख्या पूछी है। खंडवा में 4 विस क्षेत्र में प्रत्याशियों की जानकारी देने में क्र-6 हजार 782 खर्च आ रहा है। इस हिसाब से दोनों राज्यों में जानकारी देने में लाखों रुपए चुकाने पड़ेगे।

खंडवा का दस्तावेज स्ट्रांग रूम में सील
खंडवा विस चुनाव का मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। इसके चलते विस निर्वाचन 2023 संबंधी महत्वपूर्ण दस्तावेज ²ढ़ कक्ष में सुरक्षित रखे हैं। इसलिए मांगी गई जानकारी उच्च न्यायालय के याचिका प्रकरण क्रमांक 02 / 2024 में अंतिम आदेश के उपरांत ही प्रदाय की जाएगी।

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